फिल्म समीक्षा:  उम्दा फिल्म है 'पीके'
Saturday, December 20, 2014 14:02 IST
By Santa Banta News Network
अभिनय: आमिर खान, अनुष्का शर्मा, संजय दत्त और सुशांत सिंह राजपूत

निर्देशक: राजकुमार हिरानी

रेटिंग: *** 1/2

अब तक 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' और '3 इडियट्स' जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके राजकुमार हिरानी ने 'पीके' से एक बार फिर अपनी फ़िल्मी समझ और दर्शकों की नब्ज पर अच्छी पकड़ होने का सबूत दे दिया है। फिल्म पूरी तरह से मनोरंजक है और देखने लायक है। साथ ही हर बार की तरह इस बार भी आमिर एक नए किरदार में नजर आएं हैं, जिसके लिए उन्होंने दर्शकों के मन में काफी उत्सुकता पहले ही बना दी थी।

फिल्म की कहानी एक ऐसे प्राणी की है जिसका यान गलती से भटक कर पृथ्वी पर आ गया है और उसका सम्पर्क उसके ग्रह से छूट गया है। यानी की फिल्म की कहानी भी काफी मनोरंजक है। वहीं फिल्म में आमिर खान, अनुष्का शर्मा, संजय दत्त और बोमन ईरानी जैसे कलाकारों ने अपने अभिनय से और भी जान डाल दी है। साथ ही फिल्म सिर्फ एक मनोरजंन का पैकेज ही नहीं है बल्कि श्रद्धा और धार्मिक अराजकता को भी चुनौती देती है।

एक बार फिर से आमिर खान ने यह साबित कर दिया है कि वह हर काम को बेहद पूर्णता से करते हैं। आमिर खान ने अब तक अपनी फिल्मों की अलग-अलग पृष्टभूमि के संबंध में अभिनय का लोहा मनवाया है। लेकिन इस बार आमिर ने जो फिल्म 'पीके' में जो अभिनय किया है वह नायाब है। उन्होंने चरित्र में आत्मा डाल दी है। उन्होंने अपने किरदार के साथ पूरी तरह से न्याय किया है। आमिर इस बार अपने चाहने वालों को और भी ज्यादा प्रभावित कर गए हैं और उन्होंने प्रशंसकों के दिल में और भी गहरी पैठ बनाने लायक अभिनय किया है। फिल्म में वह एक भोजपुरी बोलने वाले मासूम बच्चे के जैसे लग रहे हैं। उन्होंने अपने हाव-भाव इतने अच्छे से दर्शाए हैं कि कोई भी उन्हें देख कर प्रभावित हो जाएगा।

​अनुष्का शर्मा ने जगत जननी उर्फ़ जग्गू का किरदार बहुत ही अच्छे से निभाया है और वह सुबह की ओस की बूँद के जैसे ताजगी से भरी लग रही हैं। वहीं संजय दत्त, सौरभ शुक्ला और बोमन ईरानी ने भी फिल्म में अपने हिस्से का कार्य बेहद वास्तविकता से निभाया है। सुशांत सिंह राजपुर फिल्म में कैमियो में नजर आ रहे हैं और उन्होंने भी ठीक-ठाक अभिनय किया है।

​हालाँकि 'पीके' ​में शायद सारा कुछ नया सा ना लगे और फिल्म ​और फिल्म में अक्षय कुमार की फिल्म 'ओह माय गॉड' और 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' की झलक मारती हो लेकिन इसके बावजूद फिल्म पूरी तरह से ताजगी भरी लगती है और पूरी तरह मनोरंजक फिल्म है।
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