• उड़ान!

    उड़ान!
    जूतों में पंख तो आ गए बस अब उड़ना बाकी है!
  • व्रत वाली दारू!

    व्रत वाली दारू!
    अब नवरात्रों में भी नहीं छोड़नी पड़ेगी शराब, क्यों यह है व्रत के लिए ख़ास!
  • मात्र एक शब्द!

    मात्र एक शब्द!
    मात्र एक शब्द मगर अपने आप में संपूर्ण महाकाव्य... जीवन का सार एवं अथाह भावार्थ समेटे हुए!