बुढ़िया कहाँ गई!

एक बार एक बुढ़िया मर गयी तो उसकी बेटी जोर-जोर से रोने लगी और बोली।

बेटी: "अम्मा कहाँ गयी तू, जहां ना धूप-ना छाँव, ना रोटी-ना सब्जी, ना बिजली ना पानी।

साथ में ही संता और बंता भी शोक मनाने गये हुए थे।

संता ने साथ में बैठे बंता को कोहनी मारी और बोला, "अबे देख बुढ़िया कहीं हमारे घर पे तो नहीं चली गयी?"
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बंता: अरे यार संता तुम जो तोता लाये थे, कैसा है वो?
संता: क्या बताऊँ यार कल हमारा तोता पेट्रोल पी गया।
बंता: अरे, फिर क्या हुआ?
संता: होना क्या था...
एक दिन संता ऑफिस जाने के लिए जब बस में चढ़ा तो कंडक्टर ने हँसते हुए पूछा, "कल रात आप ठीक-ठाक घर पहुँच गए थे? कहीं गिरे तो नहीं या रास्ता तो नहीं भूले थे घर का?"
संता (गुस्से से): क्यों, कल रात...
एक दिन बंता जब संता से मिलने गया तो उसने देखा कि संता बहुत परेशान है। उसने संता से उसकी परेशानी का कारण पूछा।
बंता: क्या हुआ बड़ा परेशान लग रहा है?
संता: हाँ यार थोड़ी तबियत...
एक आदमी ने मोटर साइकिल पर बैठ कर सिनेमा हाल के सामने संता से एक सवाल पूछा।
आदमी: भाईसाहब, मोटर साइकिल का स्टैंड कहाँ है?
संता: भाईसाब, पहले आप अपना नाम बताइये?
आदमी: रमेश।
संता: आपके माता-पि...
एक बार एक गाँव में तीर-अंदाज़ी की प्रतियोगिता चल रही रही थी। 3 नकाबपोश आदमी उसमे भाग लेने के लिए आये।
पहले नकाबपोश ने तीर चलाया और तीरा लक्ष्य के ठीक बीचों-बीच जाकर लगा। आदमी ने अपना नक़ा...