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    संता और जीतो की शादी हो गयी, संता ने सोचा ये एक नए ज़माने की शादी है इसलिए दोनों की जिम्मेवारियां बराबर होनी चाहिए।

    इसलिए हनीमून से लौट कर पहली ही सुबह संता जीतो के लिए बिस्तर पर ही ब्रेकफास्ट लाया।

    जीतो उसकी पाक कला से ज्यादा प्रभावित नहीं हुई, उसने बड़े अनादर से ट्रे की तरफ देखा और सूंघकर कहा,"उबला हुआ अंडा, मुझे तो तला हुआ अंडा चाहिए था।"

    अगली सुबह संता पूरे जोश में अपनी पत्नी की पसंद का तला हुआ अंडा ले आया, जीतो ने वो भी नहीं खाया,"तुम्हें पता नहीं मुझे अलग अलग किस्म के अंडे पसंद है? आज मुझे उबला हुआ अंडा चाहिए था।"

    अपनी पत्नी को खुश करने के लिए अगले दिन सुबह बंता ने उसकी पसंद के दो अंडे बनाये, एक उबला हुआ एक तला हुआ और कहा लो मेरी जान खाओ।

    जीतो एकदम गुस्से हो गयी, "तुम मूर्ख हो! तुमने गलत अंडा तल दिया और गलत उबाल दिया।"
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