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    सिंधी के घर के बाहर पठान ने आवाज लगाई।

    अंदर से सिंधी सिर्फ तौलिया लपेटे बाहर आया और हाथ जोडकर बोला, "बाबा 5 साल से आप मैरे घर भिक्षा मांगने आ रहे हैं और मैंने बिना कुछ दिये आपको कभी नही लौटाया, पर आज मेरे पास कुछ नही है। रात को डाकू आये और मेरे जीवन भर की कमाई ले गये। यहाँ तक कि बदन पे कपडे भी नही छोडे। अब मैं नंगा आपको क्या दूँ और खुद क्या खाऊँ?"

    यह कहते हुए सिंधी रोने लगा।

    यह देख पठान की आँख मे भी आँसू आ गये। पठान ने सिंधी के सिर पर हाथ रखा और बोला, "रो मत बेटा, सब ऊपर वाले की मर्जी है। पगले अब दुख मत कर नंगा है तो क्या हुआ? चल अंदर आज गांड ही दे दे।"
  • चस्का किसको है? एक औरत ने शिकायत की कि उसके सामने वाले मकान में एक आदमी (पप्पू) नंगा होकर नहाता है, जो कि उसकी खिडकी में से साफ़ साफ़ नजर आता है।
    पुलिस आयी और सीधा औरत के...
  • छेदा बड़ा है! एक गाँव में एक चौधरी के बेटे छेदामल की बड़ी मुश्किल से 40 वर्ष की आयु में 20 वर्ष की लड़की से शादी हो गयी। शादी के बाद छेदामल जी दुल्हन को घर ले आये किन्तु...
  • कुछ दिन तो गुजारो बैंगकॉक में! डालो अपनी चाबी किसी और के लॉक में;
    आओ, कुछ दिन तो गुजारो बैंगकॉक में;
    डाले रहेते हो हाथ अपनी...
  • बेगम की नाराज़गी! एक बार पठान अपनी बेगम के साथ अपने कमरे में लेटा हुआ था। तभी अचानक वह बड़े प्यार से अपनी पत्नी की तरफ देख कर बोला," क्या हुआ क्या हमारी जान हमसे नाराज़ है?"
    बेगम: तौबा-तौबा खां साहब...
  • शेख चिल्ली की सोच! एक बार संता को कहीं जाना था। दरवाजा खोला तो देखा हल्की बारिश हो रही है। जाना पैदल है और बारिश बढ़ भी सकती है।

    सोचने लगा कि क्या करूँ फिर ख्याल आया कि...