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    एक आदमी कश्ती से कहीं जा रहा था कि अचानक एक ज़ोरदार तूफ़ान की वजह से उसकी कश्ती पलट गयी। उसे तैरना नहीं आता था। वो प्रार्थना करने लगा, "भगवान अगर तुम मुझे बचा लिया तो मैं गरीबों में 21 किलो लड्डू बाटूंगा।"

    फिर ज़ोर से हवा चली और एक बड़ी से लहर के साथ एक लकड़ी की शाख आई और उसने उसका सहारा लेकर तैरने लग गया और चिल्लाया, "कौन से लड्डू, कैसे लड्डू?"

    फिर ज़ोर से एक लहर आई और उसने आदमी के साथ से लकड़ी छुड़वा दी।

    आदमी: मैं तो पूछ रहा हूँ कौन से लड्डू, बेसन के या बूंदी के?
  • दिखावों पे ना जाओ अपनी अक्ल लगाओ! एक ट्रेन मेँ एक पंडित एक गुज्जर एक बनिया और एक जाट सफर कर रहे थे।
    पंडित ने रौब झाडते हुऐ 100 का नोट निकाला और उस पर तम्बाकू डाल कर...
  • आज - कल कुछ लोग जब रात को अचानक फोन का बैलेंस ख़त्म हो जाता है इतना परेशान हो जाते हैं कि जैसे सुबह तक वो इंसान जिंदा ही नहीं रहेगा जिससे बात करनी थी।
    कुछ लोग जब...
  • गाली की परिभाषा! एक प्रोफेसर हिंदी की कक्षा में "गाली" की परिभाषा बताओ:
    पप्पू: अत्याधिक क्रोध आने पर शारीरिक रूप से...
  • बज गयी सीटी! एक आदमी को गैस की बीमारी थी। वो बहुत परेशान था, ना कही आता था ना कही जाता था।
    एक बार किसी वजह से उसे अपने बहन के घर जाना पड़ा। बहन के घर जाते समय रास्ते मे सोचने लगा कि एक 5 साल का भांजा है उसके लिए क्या...
  • नादान बहु! पर्दा प्रथा का पालन करने वाले घर में शहर की एक अल्हड़ कन्या का विवाह हो गया।
    एक दिन बहु आंगन में सास के साथ बैठकर बातें कर रही थी कि अचानक ससुर जी को किसी काम से आंगन की ओर...