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    क्यों बीवी के जन्मदिन का तोहफ़ा हर साल का सबसे बड़ा सवाल होता है?
    आईये जानते हैं:

    तोहफे में घड़ी दी।
    बीवी: समय देखने से क्या मिलेगा... मेरा समय तो तभी से खराब हो गया जब मैंने तुमसे शादी की थी।

    तोहफे में गहने दिए।
    बीवी: फालतू पैसों की बर्बादी करी... पुरानी डिजाइन के है। वैसे भी मैं कौन सा कुछ पहन पाती हूँ, आखिरी बार तो तुम्हारी बहन की शादी में 2 महीने पहले पहने थे।

    तोहफे में मोबाइल दिया।
    बीवी: मेरे पास तो पहले से है, और वैसे भी तुम्हारे वाला ज्यादा अच्छा है।
    मैं: ठीक है, तो मैं बदल कर मेरे जैसा ला देता हूँ।
    बीवी: रहने दो, महंगा होगा। वैसे भी मुझे उसके फंक्शन्स समझ नहीं आते।

    तोहफे में परफ्यूम दिया।
    बीवी: ये नहीं नहाने वालों के चोचले हैं... और ये मुझे देकर साबित क्या करना चाहते हो?

    तोहफे में रेशमी साड़ी दी।
    बीवी: ये कौन पहनता है आजकल? कभी कभार किसी त्योहार या शादी ब्याह में पहनेंगे फिर रखी रहेगी।

    तोहफे में सूट दिया।
    बीवी: फिर पैसों की बर्बादी... इतने सारे सूट पड़े पड़े सड़ रहे हैं। इसको भी रखने का सर दर्द ले आए।

    तोहफे में फूलों का गुलदस्ता दिया।
    बीवी: ये फूल पत्ती में क्यों पैसे बहा आए? इससे अच्छे फूल तो बाहर गमले में लगे है।
    मैं बाहर गमले से फूल ले आया।
    बीवी: ये क्यों तोड़ दिया? दिखने में कितने अच्छे लगते थे और वैसे भी मैंने इसे कल सुबह की पूजा के लिए छोड़ा था।

    तोहफे में कुछ नहीं दिया।
    बीवी: आज क्या दिन है?
    मैं: सोमवार
    बीवी: ऊहुँ... तारीख?
    मैं: 17 अगस्त।
    बीवी: तो?
    मैं: तो, हैप्पी बर्थडे।
    बीवी: बस, मेरा तोहफ़ा कहाँ है?
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