•  

    चूँकि मैं एक पुरुष हूँ, जब मैं अपनी कार की चाबी कार के अंदर भूल जाता हूँ तो मैं बजाये इसके कि सर्विस सेंटर वालों को बुलाऊँ मैं खुद ही कपडे सुखाने वाले हेंगर के तार से कार का दरवाज़ा खोलने की तब तक कोशिश करता रहूँगा जब तक कि दरवाज़े का ताला पूरी तरह से खराब नहीं हो जाता या मैं पूरी तरह से पस्त नहीं हो जाता।

    चूँकि मैं एक पुरुष हूँ, अगर मेरी कार ठीक से स्टार्ट नहीं होती तो मैं उसका बोनट खोल कर उसके इंजन में तांक-झांक करता हूँ। इस बीच कहीं से कोई दूसरा पुरुष प्रकट होता है और वो भी इंजन में इधर-उधर हाथ लगा कर देखता है, फिर हममें से कोई एक बोलता है कि मैं इन चीज़ों को बड़े आराम से ठीक कर लेता था पर आज कल सारी चीज़ें कम्प्युटराइज़ आ रहीं हैं तो पता ही नहीं चलता कि कहाँ से शुरू करूँ और फिर आखिरकार हम मैकेनिक का इंतज़ार करते हैं।

    चूँकि मैं एक पुरुष हूँ, अत: घर में अगर कोई उपकरण खराब हो जाता है तो मैं उसे तुरंत खोल कर ठीक करने बैठ जाता हूँ। जबकि मेरे पुराने अनुभवों में मेरे द्वारा खोले गए उपकरण कभी ठीक नहीं हुए बल्कि हमेशा मैकेनिक ने उसे ठीक करने के लिए दोगुणा पैसे वसूलें हैं क्योंकि छोटी सी खराबी को मैं बहुत बड़ा देता हूँ।

    चूँकि मैं एक पुरुष हूँ, अत: टीवी देखते हुए रिमोट कंट्रोल हमेशा मेरे हाथ में ही होना चाहिए। हाँ, यह अलग बात है कि मुझे चैनल बदलने के लिए इज़ाज़त लेनी पड़ती है।

    चूँकि मैं एक पुरुष हूँ, इसलिए मुझे किसी से रास्ता पूछने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि मैं समझता हूँ कि मैं कभी रास्ता भूल ही नहीं सकता। चाहे इस चक्कर में मैं कितना भी खो जाऊं।

    चूँकि मैं एक पुरुष हूँ और यह इक्कीसवीं सदी है अत: घेरलू कार्य में मैं तुम्हारा बराबर का हाथ बटाऊंगा। तुम कपडे धोना, खाना बनाना, घर की सफाई करना और घर के लिए शॉपिंग करना बाकी का सारा काम मैं अख़बार पढ़ते या टीवी देखते निपटाऊंगा!
  • राज की बात! लक्ष्मी जी नाराज हो गयी - और चली गयी स्विट्जरलैंड के बैंक में।
    सरस्वती माता नाराज होकर चली गयी जापान...
  • एक भयानक सत्य कथा! भारत में प्रथम श्रेणी में पास होने वाले विद्यार्थी टेक्नीकल में प्रवेश लेते हैं और वह डॉक्टर या इंजिनियर बनते है...
  • पक्की सरकार! देश में चाहे किसी की भी सरकार चले पर एक मुख्य सरकार है जो कभी नहीं बदलेगी और वो है...
    .
    .
    .
    .
    .
  • अजब मसला! रात का समय था, सुनसान सड़क पर शर्मा जी अकेले चले आ रहे थे।
    अचानक सामने से दो व्यक्ति शर्मा जी के आगे आ गए...
  • वही ज़माना! एक आदमी ने हॉस्टल में रहने वाले लड़के के कमरे का दरवाज़ा खटखटाया। थोड़ी देर बाद लड़के ने दरवाजा खोला...