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    संता व्यापार के लिए विदेश गया था, वहाँ भाग्य से उसकी होटल के एक बार में एक सुंदर युवती से जान-पहचान हो गई जो बात करती-करती उसके कमरे तक चली गई। एक पैग के बाद युवती उसकी गोद में आ बैठी।

    उसने प्यार से पुछा: क्या तुम मुझसे अलिंगन करना चाहोगे?

    संता: जरुर, यह कहकर युवती को लिपटा लिया।

    युवती: क्या तुम मुझे चूमना चाहोगे?

    संता: क्यों नहीं डार्लिंग।

    संता ने दो मिनट वाला चुंबन मारा।

    युवती: और अब संभल जाओ डियर, अब पैसों का सवाल आ रहा है।
  • बुरा मान गयी! हम ने जुर्रत जो दिखाई तो बुरा मान गयी;
    हद हर एक मिटाई तो बुरा मान गयी;
    खुद ही कहती थी कोई तालुक ना रखो;
    कोई दूसरी फंसाई...
  • खुद का जुगाड़! एक बार एक मरीज़ बड़ी दुखी सी हालत में डॉक्टर के पास आया।

    मरीज: डॉक्टर साहब, मेरा खड़ा नहीं होता...
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    बाप: तेरी माँ घर चलाती है उसे सरकार मान लो, मैं कमाता हूँ मुझे कर्मचारी मान लो, कामवाली काम करती है उसे मजदूर मान...
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    चूची तेरी नर्म-नर्म और निप्पल पे आई जवानी,
    गदराये से चूतड़ तेरे...