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    एक बार एक बादशाह को एक लड़की पसंद आ गयी। उस लड़की का बाप सुनार था, बादशाह ने सुनार को दरबार में आने के लिए बुलावा भेजा।

    चार दिन गुजरने के बाद भी सुनार बादशाह के दरबार में नहीं आया तो बादशाह ने सुनार को गिरफ्तार करने के लिए अपने सिपाही भेज दिए।

    जब सिपाही सुनार के घर पहुंचे तो घर को ताला लगा हुआ था। बादशाह ने सिपाहियों को हुक्म दिया कि सुनार को ढूँढो।

    सिपाहियों ने सुनार को हर जगह ढूँढा, लेकिन वो उनको कहीं नहीं मिला, फिर उन्होंने एक तरकीब निकाली और ऐलान किया कि जो भी सुनार को ढूँढने में मदद करेगा उसे एक किलो सोना दिया जाएगा, फिर भी सुनार नहीं मिला।

    फिर ऐलान किया गया कि जो भी सुनार को छुपने में मदद करेगा उसे फांसी पर चढ़ा दिया जाएगा, फिर भी सुनार नहीं मिला, और सिपाहियों का सुनार को ढूँढने में सारा वक़्त ऐसे ही बर्बाद हुआ जैसे आप का इस को पढने में हुआ.... जिस का कोई मतलब नहीं है।

    हँसना मत, गुस्सा भी मत करना मेरे साथ भी ऐसे ही हुआ था। आप भी किसी और के साथ ऐसा करके बदला ले सकते हैं।
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