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    कुछ प्रसिद्ध मुहावरों का सही प्रयोग के लिये विस्तार में विवरण

    देवर को नहीं देगी पड़ोसी से फड़वा लेगी - मतलब किसी अपने का भला नहीं सोचने वाला जो किसी वस्तु को व्यर्थ बर्बाद कर देगा पर किसी अपने को नहीं देगा।

    इतने तो चुदाई के ना मिले जितने का लहंगा फट गया - इसका अर्थ किसी ऐसे काम से है जिसमें बहुत मेहनत हो और प्रतिफल बहुत कम।

    गाण्ड मराये बेगम, दण्ड भरे गुलाम - मतलब किसी के गुनाह की सजा किसी दूसरे को देना यानि चोरों का दण्ड फकीरों को।

    पकड़ने का पता नहीं और मुठ का ठेका - यह वाक्य उस वक्त के लिए है जब कोई बिना अनुभव वाला किसी अनुभव की आवश्यकता वाले की जगह को ले लेता है।

    साथ भी सोये और गांड भी छुपाये - मतलब बिना कुछ खोये कुछ पाने की आशा करना।

    शेर का लण्ड पकड़ना - यानि किसी ऐसे काम में उलझना जिससे छुटकारा पाना भी मुश्किल और करना भी मुश्किल

    झाँट उखाड़ने से मुर्दे हल्के नहीं होते - यानि किसी भारी काम को बहुत थोड़ा प्रयास करने से कुछ नहीं होता जैसे ओस चाटने से प्यास नहीं बुझती।
  • एक पागल! एक पागल रोज कहता था - गुलेल बनाउंगा, कबूतर मारूंगा तो उसका इलाज शुरू किया गया!
    6 महीने के इलाज के बाद -
    डाक्टर: अब क्या करोगे?
    पागल: शादी करूंगा...
  • पांच सौ रूपए दूंगा! एक बार बंता संता के घर गया, उसने डोरबेल बजाई, संता की पत्नी ने दरवाजा खोला तो बंता ने पूछा जी, क्या संता जी घर पर है? ...
  • भूत या... लेक्चर के बीच में प्रोफेसर ने पूछा- कितने छात्र भूत में यकीन करते हैं?
    करीब 50 छात्रों के हाथ खड़े हो गये।
    प्रोफेसर - बहुत अच्छे, अब यह बताओ कि...
  • घंटे का राज! शादी के बाद हनीमून पर गोवा गये जोड़े ने वहाँ दिन भर घूम फिर कर बिताया, शाम को होटल के कमरे मे बैठकर दोनों ने तय किया कि रात भर चर्च के बजने...
  • शराब का खेल! एक साहब सुबह ऑफिस जाने के लिए बस में सवार हुए तो कन्डक्टर ने सवाल किया रात ठीक-ठाक घर पहुंच गए थे!
    क्यों? उसने हैरानी से पूछा...