• सब गोलमाल है!

    एक व्यक्ति बढ़िया सा कपड़ा खरीदा और सूट सिलवाने के लिेए एक दर्जी के पास गया। दर्जी ने कपड़ा लेकर नापा और कुछ सोचते हुए कहा, "कपड़ा कम है। इसका एक सूट नहीं बन सकता।"

    वह दूसरे दर्जी के पास चला गया। उसने नाप लेने के बाद कहा, "आप दस दिन बाद सूट ले जाइए।"

    वह निश्चित समय पर दर्जी के पास गया। सूट तैयार था। अभी सिलाई के पैसे दे रहा था कि दुकान में दर्जी का पांच साल का लड़का प्रविष्ट हुआ। उस व्यक्ति ने देखा कि लड़के ने बिल्कुल उसी कपड़े का सूट पहन रखा है। थोड़ी सी बहस के बाद दर्जी ने बात स्वीकार कर लिया।

    वह व्यक्ति पहले दर्जी के पास गया और फुंकारते हुए कहा, "तुम तो कहते थे कि कपड़ा कम है, पर तुम्हारे साथ वाले दर्जी ने उसी कपड़े से न केवल मेरा, बल्कि अपने लड़के का भी सूट बना लिया।"

    दर्ज़ी ने हैरान होकर पूछा, "ऐसा कैसे हो सकता है?"

    आदमी: ऐसा ही हुआ है अगर यकीन नहीं तो साथ चल के देख लो।

    दर्जी फिर कुछ सोचते हुए बोला, "अच्छा लड़के की उम्र क्या है?"

    आदमी: पाँच वर्ष।

    दर्जी: तभी तो।

    आदमी: क्या तभी तो?

    दर्ज़ी: अरे श्रीमान मेरे लड़के की उम्र 18 वर्ष है तो उसका सूट कैसे बनता?
  • मज़ा नहीं आएगा!

    एक दिन एक कंजूस आदमी के घर कोई मेहमान आ गया। अब कंजूस को यह चिंता सताने लगी कि इस मेहमान की मेहमान नवाज़ी में बेकार का खर्चा हो जायेगा तो उसने अपने अंदाज़ में हालात को कुछ यूँ संभाला।

    कंजूस: भाईसाहब, ठंडा लेंगे या गरम?

    मेहमान: ठंडा।

    कंजूस: जूस या कोल्ड ड्रिंक?

    मेहमान: कोल्ड ड्रिंक ले लूँगा।

    कंजूस: स्टील के गिलास में लेंगे या काँच के गिलास में?

    मेहमान: काँच के गिलास में ले आओ।

    कंजूस: प्लेन या डिजाइन वाला?

    मेहमान (परेशान होते हुए): अरे यार, डिजाइन वाले में ही ले आओ।

    कंजूस: ओके, कौन सी डिजाइन पसंद है? लाइनों वाली या फूलों वाली?

    मेहमान: फूलों वाली।

    कंजूस: कौन से फूल? गुलाब के या चमेली के?

    मेहमान: गुलाब के।

    कंजूस (अपनी बीवी से): अरे ज़रा देख तो गुलाब के फूलों की डिजाइन वाला गिलास अपने घर में है या नहीं?

    बीवी: नहीं है जी।

    कंजूस: ओ तेरी नहीं है, चल फिर कोल्ड ड्रिंक रहने दे। भाईसाहब को मजा नहीं आएगा।
  • ख़बरों के टुकड़े!

    कई दुकानदार अख़बारों को काट कर लिफाफे बना लेते हैं लेकिन कई बार जोड़ लगाते समय दो अखबारों की खबरें इस तरह जुड़ जाती हैं कि उनके मतलब कुछ और के और ही बन जाते हैं।

    कुछ नमूनें देखें:

    1. अमरीका के राष्ट्रपति... कानपुर के पास चोरी की भैंसों समेत गिरफ्तार

    2. अमरीकी फौजों द्वारा इराक की जेलों में... चमेली बाई के साथ भंगड़े की क्लासें 23 जुलाई से शुरू

    3. अफगानिस्तान की जेलों में छिपे लादेन को... पंजाब सरकार की ओर से बुढ़ापा पेंशन देने का ऐलान

    3. मुख्यमंत्री के घर पर... भैंस ने छ: टाँगों वाले बच्चे को जन्म दिया

    4. अपने हरमन प्यारे नेता को वोट डालकर... मर्दाना ताकत हासिल करें

    5. अटल बिहारी वाजपेयी ने ज़ोर देकर कहा... एक सुन्दर और सुशील कन्या की ज़रूरत

    6. तिहाड़ जेल से छ: कैदी फरार... भारत को ओलंपिक्स में सोने के तमगे की उम्मीद

    7. क्या आपकी नज़र कमज़ोर है? आज ही आयें... ठेका देशी शराब

    8. बे-औलाद दंपत्ति परेशान न हों... 7 तारीख को आ रहे हैं लालू प्रसाद आपके शहर में
  • आदत से मज़बूर!

    एक आदमी की शादी में जब फेरे लेने की बारी आई तो पहले फेरे के वक्त ही दूल्हा दौड़कर दुल्हन से आगे निकल गया।

    पंडित जी ने दूल्हे को पीछे रहने को कहा।

    दूसरे फेरे के वक्त दुल्हन आगे हुई तो दूल्हा फिर दौड़कर आगे निकल गया।

    दूल्हा बार-बार ऐसे ही तेजी से दुल्हन के आगे निकल जाता।

    बार-बार ऐसा होता देख दुल्हन के पिता को गुस्सा आ गया और वे बोले, "यह कैसा दूल्हा है जो फेरे भी ढंग से नहीं ले सकता। ऐसे यह शादी नहीं हो सकती।"

    दूल्हे के चाचा ने समझाते हुए कहा, "माफ करना भाईसाहब, दरअसल लड़का हरियाणा रोडवेज की बस का ड्राईवर है इसलिए इसे बार - बार ओवरटेक करने की आदत है।