• तकनीकी मदद!

    एक महिला ने IT टेक्नीकल सपोर्ट को फोन किया।

    महिला: मुझे 'हस्बैंड' प्रोगाम में मुश्किल हो रही है।

    टेक्नीकल सपोर्ट: कब से है यह दिक्कत?

    महिला: देखिए, पिछले साल मैंने अपने 'बॉयफ्रेंड' को अपडेट कर 'हस्बैंड'' इंस्टॉल किया था। उसके बाद से ही पूरा सिस्टम स्लो हो गया है। खासतौर पर 'फ्लॉवर' और 'ज्वेलरी' एप्लीकेशन ने काम करना बंद कर दिया है। ये एप्स 'बॉयफ्रेंड' में अच्छी चलती थीं। इसके अलावा 'हस्बैंड' ने 'रोमांस' प्रोग्राम भी अनइंस्टॉल कर दिया है। इसकी जगह 'न्यूज' 'मनी' और 'क्रिकेट' जैसे फालतू प्रोग्राम इंस्टॉल हो गए हैं। अब मैं इसे कैसे सुधारूं?

    टेक्नीकल सपोर्ट: जी, 'हस्बैंड' इंस्टॉल करने के बाद ऐसी समस्या होती रहती है। सबसे पहले इस बात का ध्यान रखें कि 'बॉयफ्रेंड' एक एंटरटेनमेंट डेमो पैकेज था, जबकि 'हस्बैंड' ऑपरेटिंग सिस्टम है। इसे सुधारने के लिए 'आंसू' प्रोगाम डाउनलोड करें। इससे 'ज्वेलरी' और 'फ्लॉवर्स' एप्लीकेशन अपने आप इंस्टॉल हो जाएंगी। हालांकि याद रखें 'आंसू' ज्यादा इस्तेमाल करने पर 'हस्बैंड' हमेशा के लिए 'साइलेंस' या 'बियर' मोड़ पर चला जाएगा। साथ ही 'हस्बैंड' के ओरिजनल पैकेज को डिस्टर्ब न करें। ऐसा करने पर नया वायरस 'गर्लफ्रेंड' डाउनलोड हो जाता है। इसके अलावा 'बॉयफ्रेंड' को दोबारा इंस्टॉल करने की कोशिश भी न करें। ऐसा करने पर आपका लाइफ ऑपरेटिंग सिस्टम क्रैश हो जाएगा।

    धन्यवाद!
  • क्या नाम है?

    मैडम (स्कूल में): ओय इधर आ... कुछ काम है।

    लड़का (गुस्से से): मैडम आप प्लीज़ मुझे मेरे नाम से बुलाया करें।

    मैडम: अच्छा... क्या नाम है तुम्हारा?

    लड़का: प्राणनाथ।

    मैडम: ये नाम रहने दो, घर पर तुम्हें सब किस नाम से बुलाते हैं?

    लड़का: बालम।

    मैडम: ओ हो... मोहल्ले वाला नाम बताओ।

    लड़का (शर्माते हुये): साजन कहते हैं सब मुझे।

    मैडम: छोड़ो ये सब, मैं तुम्हें तुम्हारे सर नेम से बुलाऊंगी, सर नेम क्या है बताओ?

    लड़का: स्वामी।

    मैडम बेहोश!
  • GST सार!

    हे पार्थ, परिवर्तन संसार का नियम है।

    जो कल Sales Tax था, आज VAT है, कल GST होगा।
    तुम्हारा क्या गया जो तुम रोते हो।

    जो लिया ग्राहक से लिया।

    जो दिया देश की सरकार को दिया, जो बचा वो घर आकर पत्नी (घर की सरकार) को दे दिया।

    तुम्हारे पास तो पहले भी कुछ नही था, अभी भी कुछ नही रहेगा।

    अतएव, हे वत्स, व्यर्थ विक्षोभ एवं विलाप मत करो। निष्काम भाव से कर्म किये जाओ। रण दुन्दुभि बज गई है।

    उठ, आॅख - नाक पोंछ, हे भारत माता के लाल, वीर योद्धा की तरह हथियार संभाल।

    गोदाम मे जितना भी है माल है सारा 30 जून से पहले पहले निकाल, बाकी बाद मे देखेंगे!
  • हर तरफ युवतियां!

    अगर बारिश हो तो
    बारिश में नहाती युवतियां;

    अगर गर्मी हो तो
    धूप में तपती युवतियां;

    अगर एग्जाम हो तो
    परीक्षा देती युवतियां;

    अगर ट्रैफिक हो तो
    जाम में फंसी युवतियां;

    अगर मौसम अच्छा हो तो
    मौसम का लुत्फ उठाती युवतियां;

    साला अखबार वालों को पता नहीं कभी हम लड़के नजर क्यों नही आते।