• समझदारी के नुक्सान!

    एक बार दो दोस्त गोरखपुर से दिल्ली जा रहे थे।

    डिब्बे में भीड़ ज्यादा थी तो उन्हें सीट नहीं मिल रही थी तो सीट के लिए उन्हें शरारत सूझी।

    उन्होंने अपने बैग से रबड़ का एक सांप निकाला और चुपके से डिब्बे में छोड़ दिया और चिल्लाने लगे।

    सांप... सांप!

    थोड़ी देर में डिब्बा खाली हो गया और उन्होंने जल्दी से बिस्तर जमाकर जगह रोक ली।

    सुबह जब आंख खुली, तो पांच बजे थे और गाड़ी किसी स्टेशन पर खड़ी थी।

    उन्होंने खिड़की से बाहर झांककर रेलवे के कर्मचारी से पूछा: यह कौन सा स्टेशन है?

    जवाब मिला: गोरखपुर।

    उन्होंने पूछा: क्या गाड़ी दिल्ली नहीं गई?

    कर्मचारी बोला: गाड़ी दिल्ली गई, लेकिन गाड़ी में सांप निकलने के कारण इस डिब्बे को काट दिया गया।
  • नयी पड़ोसन!

    एक नवविवाहित जोड़ा शादी के बाद रहने के लिए शहर में आया वहां उन्होंने एक कमरा लिया और नए पड़ोसियों के साथ रहने लगे।

    एक सुबह महिला ने देखा कि उनकी पड़ोसन ने कपड़े धोकर बाहर सुखाने के लिए डालें है।

    उसने कपड़ों की तरफ देखा और कहा,"लगता है इसे कपड़े साफ़ करना नही आते देखो कितने गंदे रखे हैं उसे कपड़े धोने का अच्छा साबुन इस्तेमाल करना चाहिए उसके पति ने भी देखा और उस वक्त चुप ही रहा।"

    इसके बाद लगातार दो तीन सप्ताह तक वह महिला उसी प्रकार उस महिला के बारे में बोलती रही।

    फिर एक महीने बाद एक सुबह जब महिला ने देखा तो हैरानी के साथ अपने पति से कहने लगी, "देखो लगता है आज इसने अच्छे साबुन का इस्तेमाल किया है और अब इसे कपड़े धोने भी आ गए है, मुझे हैरानी है कि इसे ये सब किसने सिखाया होगा?"

    उसके पति ने कहा, "आज सुबह मैं जल्दी उठ गया था और मैंने अपने कमरे की खिड़कियाँ साफ़ की है।"
  • पत्नी की शायरी!

    पत्नी जब मायके जाती है और फिर जब पति कि याद आती है तो कैसे रोमांटिक मैसेज भेजती है:

    "मेरी मोहब्ब्त को अपने दिल में ढूंढ लेना;
    और हाँ, आटे को अच्छी तरह गूँथ लेना!

    मिल जाए अगर प्यार तो खोना नहीं;
    प्याज़ काटते वक्त बिलकुल रोना नहीं!

    मुझसे रूठ जाने का बहाना अच्छा है;
    थोड़ी देर और पकाओ आलू अभी कच्चा है!

    मिलकर फिर खुशियों को बाँटना है;
    टमाटर जरा बारीक़ ही काटना है!

    लोग हमारी मोहब्ब्त से जल न जाएं;
    चावल टाइम पे देख लेना कहीं गल न जाएं!

    कैसी लगी हमारी ग़जल बता देना;
    नमक कम लगे तो और मिला लेना!
  • काम वाला फ़ोन!

    फ़ोन का बहुत अधिक बिल आने पर एक आदमी ने अपने घर के सभी लोगों को बुलाया और कहने लगा।

    आदमी: देखो, मुझे इस बात पर बिल्कुल भी यकीन नही हो रहा है कि फ़ोन का इतना अधिक बिल कैसे आ सकता है? जबकि मैं तो सारे फ़ोन अपने ऑफिस के फ़ोन से करता हूँ।

    पत्नी: बिल्कुल, मैं भी! मैं तो कभी भी इस फ़ोन से फ़ोन नही करती क्योंकि मेरे पास तो अपना ऑफिस वाला फ़ोन है।

    बेटा: मुझे तो मेरी कंपनी वालों ने बिल्कुल नया फ़ोन दिया है मैं तो उसी से फ़ोन करता हूँ।

    नौकरानी: तो इसमें दिक्कत क्या है साहब? सभी अपने काम वाले फ़ोन से ही फ़ोन करते हैं।