• आदमी और औरत की खोजें और अविष्कार!

    आदमी ने रंग की खोज की, और चित्रकला का अविष्कार किया महिला ने रंग की खोज की, और मेक-अप का अविष्कार किया।

    आदमी ने शब्द की खोज की, और भाषा का अविष्कार किया औरत ने भाषा का खोज की, और गप्पों का अविष्कार किया।

    आदमी ने जुए की खोज की, और कार्डस का अविष्कार किया औरतों ने कार्डस की खोज की, और टोने, टोटके और चुगलियों का अविष्कार किया।

    आदमी ने खेती बाड़ी की खोज की, और भोजन का अविष्कार किया औरतों ने भोजन की खोज की, और डायटिंग का अविष्कार किया।

    आदमी ने दोस्ती की खोज की, और प्यार का अविष्कार किया औरत ने प्यार की खोज की, और विवाह का अविष्कार किया।

    आदमी ने व्यापार की खोज की, और पैसों का अविष्कार किया औरत ने पैसों की खोज की, और खरीददारी का अविष्कार किया।

    वैसे तो आदमी ने बहुत सारी चीजों की खोज कर ली. .. जबकि औरत अभी भी खरीददारी में ही फंसी हुई है।
  • लालू से चीटिंग!

    एक बार इंद्रदेव ने पृथ्वीलोक के तीन नेताओ को सही उत्तर बताने पर स्वर्ग जाने का न्योता भेजा। जिसमें तीन नेता चुने गए।
    1. सोनिया गाँधी
    2. नरेन्द्र मोदी
    3. लालू प्रसाद यादव

    इंद्रदेव का पहला सवाल - सोनिया से- RAT की स्पेलिंग बताओ।
    सोनिया: R. A. T

    मोदी से- CAT की स्पेलिंग।
    मोदी: C. A. T

    लालू जी से - चकोस्लोवाकिया की स्पेलिंग।
    लालू: धत बुर्बक इ सबसे चुहा, बिल्ली। आ हमरा से चकोस्लोवाकिया। ई सब नए होगा फेर से पुछिये।

    तब इंद्र देव बोले ठीक है अगला सवाल।
    सोनिया से- यह एक लडका है का अंग्रेजी बताओ।
    सोनिया: This is a boy.

    मोदी से- वह एक लडकी है का अंग्रेजी बनाओ।
    मोदी: That is a girl.

    लालू से- हरा पेड़ चर्रर्रर्र से गिर गया का अंग्रेजी बनाओ।
    लालू: ई का उ सबसे लड़का लड़की आ हमरा से चर्रर्र पर्रर्र। फेर से फेर से नै नै फेर से, फेर से होगा।

    तब इंद्रदेव बोले लालू जी आप तो बच्चो की तरह जिद कर रहे हैं। ये आखिरी मौका दे रहा हूँ बस।
    सोनिया से- जलियावाला बाग हत्याकांड कब हुआ था?
    सोनिया: 1919 ई.मे।

    ठीक है स्वर्ग मे जाओ।

    मोदी से- उस हत्याकांड मे कितने लोग मरे थे?
    मोदी: यही कोई दस हजार लोग।

    ठीक है स्वर्ग मे जाओ।

    लालू से- उन दस हजार के नाम बताओ।

    लालू - अरे साफ़ साफ़ बोलिए न जी की हमको नरक भेजने का प्रोगराम फिट करके बैठल है। बोलिए नरक किधर है?
  • बढ़ती प्याज की कीमतों के हिसाब फिल्मों के डायलॉग्स!

    बढ़ती प्याज की कीमतों के हिसाब से जल्दी ही फिल्मों के डायलॉग्स इस प्रकार के होंगे।

    मेरे करण अर्जुन आयेंगे... और दो किलो प्याज़ लायेंगे।

    ये ढाई किलो के प्याज़ जब आदमी लेता है ना तो आदमी उठता नहीं उठ जाता है।

    मेरे पास बंगला है गाड़ी है बैंक बैलेंस है पैसा है, तुम्हारे पास क्या है?
    मेरे पास प्याज़ है।

    जिनके घर प्याज़ के सलाद होते हैं वो बत्ती बुझा कर खाना खाते हैं।

    चिनॉय सेठ, प्याज़ बच्चों के खेलने की चीज़ नहीं होती कट जाए तो खून निकल आता है।

    मैं आज भी फेंके हुए पैसे नहीं उठाता प्याज़ हो तो अलग बात है।

    सारा शहर मुझे प्याज़ के नाम से जानता है।

    प्याज़ को खरीदना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है।

    आपके प्याज देखे, बहुत हसीन हैं, इन्हें ज़मीन पे मत उतारियेगा मैले हो जायेंगे।

    चल धन्नो, आज दस किलो प्याज़ का सवाल है।
  • सपने का मतलब!

    रात में एक चोर घर में घुसा। कमरे का दरवाजा खोला तो बरामदे पर एक बूढ़ी औरत सो रही थी। खटपट से उसकी आंख खुल गई। चोर ने घबरा कर देखा तो वह लेटे लेटे बोली, ''बेटा, तुम देखने से किसी अच्छे घर के लगते हो, लगता है किसी परेशानी से मजबूर होकर इस रास्ते पर लग गए हो। चलो कोई बात नहीं। अलमारी के तीसरे बक्से में एक तिजोरी है। इस का सारा माल तुम चुपचाप ले जाना। मगर पहले मेरे पास आकर बैठो, मैंने अभी-अभी एक ख्वाब देखा है। वह सुनकर जरा मुझे इसका मतलब तो बता दो।"

    चोर उस बूढ़ी औरत की रहमदिली से बड़ा अभिभूत हुआ और चुपचाप उसके पास जाकर बैठ गया।

    बुढ़िया ने अपना सपना सुनाना शुरु किया, ''बेटा, मैंने देखा कि मैं एक रेगिस्तान में खो गइ हूँ। ऐसे में एक चील मेरे पास आई और उसने 3 बार जोर जोर से बोला अभिलाष! अभिलाष! अभिलाष! बस फिर ख्वाब खत्म हो गया और मेरी आँख खुल गई। जरा बताओ तो इसका क्या मतलब हुआ?''

    चोर सोच में पड़ गया। इतने में बराबर वाले कमरे से बुढ़िया का नौजवान बेटा अभिलाष अपना नाम ज़ोर ज़ोर से सुनकर उठ गया और अंदर आकर चोर की जमकर धुनाई कर दी।

    बुढ़िया बोली, ''बस करो अब यह अपने किए की सजा भुगत चुका है।"

    चोर बोला, "नहीं-नहीं, मुझे और मारो सालों, ताकि मुझे आगे याद रहे कि मैं चोर हूँ, सपनों का मतलब बताने वाला नहीं।"