• सुखी जीवन के 10 सूत्र:

    1) जानवरों से प्यार करो, वो स्वादिष्ट भी होते हैं।

    2) पानी बचाओ दारू पियो।

    3) फल और सलाद बहुत स्वास्थ्य प्रद होते हैं, उन्हें बीमारों के लिए रहने दो।

    4) किताबें पवित्र होती हैं, उन्हें मत छुओ।

    5) कक्षा में हंगामा नहीं करना चाहिए, जो सो रहे हैं वो जाग सकते हैं।

    6) पड़ोसियों से प्यार करो, लेकिन पकडे मत जाओ।

    6) ज़िंदगी से कोई चीज़ ऐसे मांगो जैसे तुम्हारे बाप की हो। अगर नहीं मिले तो दुखी मत हो, कौनसी तुम्हारे बाप की थी।

    8) शराब पीने से ज़िंदगी की मुश्किलें हल नहीं होती जूस पीने से भी नहीं होती। इसलिए पियो और पीने दो।

    9) अगर कोई हमे अच्छा लगता है तो अच्छा वो नहीं हम हैं और अगर कोई बुरा लगता है तो बुरे हम नहीं वो है, क्योंकि हम तो अच्छे हैं।

    10) अगर आप अपनी उँगलियाँ को इस्तेमाल अपनी गलतियां गिनने में करेंगे तो दूसरों को ऊँगली करने का वक़्त ही नहीं मिलेगा।
  • बुड्ढा बुड्ढी की कहानी!

    एक बुड्ढा आया साथ में एक बुढिया लाया;

    होटल में जाकर वेटर को बुलाया;

    दोनों ने अपना अपना आर्डर मंगवाया;

    पहेले बुड्ढ़े ने खाया;

    बुढिया ने बिल चुकाया;

    फिर बुढिया ने खाया;

    बुड्ढ़े ने बिल चुकाया;

    ये देख वेटर का सिर चकराया;

    वो उनके पास आया और बोला, "जब तुम दोनों में इतना प्यार है तो खाना एक साथ क्यों नही खाया?"

    इस पर बुड्ढ़े ने फरमाया, "जानी तेरे सवाल तो नेक है पर हमारे पास दांतों का सेट सिर्फ एक है।"
  • मेहनत करे मुर्गी अण्डा खाए फ़क़ीर!

    एक बार एक किसान का घोडा बीमार हो गया। उसने उसके इलाज के लिए डॉक्टर को बुलाया। डॉक्टर ने घोड़े का अच्छे से मुआयना किया बोला, "आपके घोड़े को काफी गंभीर बीमारी है। हम तीन दिन तक इसे दवाई देकर देखते हैं, अगर यह ठीक हो गया तो ठीक नहीं तो हमें इसे मारना होगा। क्योंकि यह बीमारी दूसरे जानवरों में भी फ़ैल सकती है।"

    यह सब बातें पास में खड़ा एक बकरा भी सुन रहा था।

    अगले दिन डॉक्टर आया, उसने घोड़े को दवाई दी चला गया। उसके जाने के बाद बकरा घोड़े के पास गया और बोला, "उठो दोस्त, हिम्मत करो, नहीं तो यह तुम्हें मार देंगे।"

    दूसरे दिन डॉक्टर फिर आया और दवाई देकर चला गया।

    बकरा फिर घोड़े के पास आया और बोला, "दोस्त तुम्हें उठना ही होगा। हिम्मत करो नहीं तो तुम मारे जाओगे। मैं तुम्हारी मदद करता हूँ। चलो उठो"

    तीसरे दिन जब डॉक्टर आया तो किसान से बोला, "मुझे अफ़सोस है कि हमें इसे मारना पड़ेगा क्योंकि कोई भी सुधार नज़र नहीं आ रहा।"

    जब वो वहाँ से गए तो बकरा घोड़े के पास फिर आया और बोला, "देखो दोस्त, तुम्हारे लिए अब करो या मरो वाली स्थिति बन गयी है। अगर तुम आज भी नहीं उठे तो कल तुम मर जाओगे। इसलिए हिम्मत करो। हाँ, बहुत अच्छे। थोड़ा सा और, तुम कर सकते हो। शाबाश, अब भाग कर देखो, तेज़ और तेज़।"

    इतने में किसान वापस आया तो उसने देखा कि उसका घोडा भाग रहा है। वो ख़ुशी से झूम उठा और सब घर वालों को इकट्ठा कर के चिल्लाने लगा, "चमत्कार हो गया। मेरा घोडा ठीक हो गया। हमें जश्न मनाना चाहिए। आज बकरे का गोश्त खायेंगे।"

    शिक्षा: मैनेजमेंट को भी कभी पता नहीं चलता कि कौन सा कर्मचारी कितना योग्य है।
  • तीन सवाल!

    एक बार एक लड़के ने एक बुजुर्ग से पूछा, "बाबा, जब एक दिन दुनिया से जाना है तो फिर लोग पैसे के पीछे क्यों भागते हैं?"

    "जब जमीन जायदाद जेवर यहीं रह जाते हैं तो लोग इनको अपनी जिंदगी क्यों बनाते हैं?"

    "जब रिश्ते निभाने की बारी आती है तो दोस्त ही दुश्मनी क्यों निभाते हैं?"

    बुजुर्ग ने गौर से तीनों सवाल सुने। फिर उसने माचिस की डिब्बी से तीन तीलियां निकालीं। दो तीलियां उसने फेंक दीं और एक तीली को आधा तोड़कर उसका ऊपर वाला भाग फेंक दिया। उसके बाद नीचे वाले भाग को नुकीला बनाकर अपना दांत कुरेदते हुए बोला,
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    "चल भाग यहाँ से, मुंझे नहीं पता।"