• समझदार कुत्ता!

    एक महिला ने एक बहुत उम्दा नसल का कुत्ता खरीदा। पहले ही दिन उसने घर में ड्राइंगरूम में बिछे कालीन पर पॉटी कर दी।

    अगर तुमने दोबारा कालीन पर पॉटी की तो मैं तुझे खिड़की से बाहर फेंक दूंगी।

    कुत्ते ने दोबारा कालीन पर पॉटी कर दी।

    महिला ने उसे खिड़की से बाहर फेंक दिया।

    दस दिन ऐसा ही सिलसिला चला। कुत्ता कालीन पर पॉटी करता था और महिला उसे खिड़की से बाहर फेंक देती थीं।

    ग्यारहवें दिन कुत्ते के व्यवहार में आखिरकार तब्दीली आयी। आख़िरकार वो कुछ सीख गया। उस रोज उसने पॉटी की और खुद खिड़की से बाहर छलांग लगा दी।
  • सभी ठग हैं!

    क्लास में टीचर: सुनो बच्चो कल तुम लोगों का ग्रुप फोटो लिया जायेगा। सब लोग अपने-अपने घर से 50 रुपये ले कर आना।

    पप्पू, बंटी से: साला ये सब टीचर लोगों की मिली-भगत होती है। एक फोटो के 20 रुपये लगते हैं और हम लोगों से 50-50 रुपये लिए जा रहे हैं, मतलब एक बच्चे से 30 रुपये बचेंगे। अब अपनी ही क्लास में 60 बच्चे हैं तो 60 x 30 = 1800 रुपये, खुली लूट मचा रखी है इन लोगों ने। फिर हमारे पैसों से यह सब स्टाफ रूम में बैठ कर समोसे खाएंगे। चल भाई घर चलते हैं, कल मम्मी से 50 रुपये लेकर आना।

    घर जाकर पप्पू अपनी मम्मी से: मम्मी कल स्कूल में ग्रुप फोटो लेना है तो टीचर ने 100 रुपये मंगवाए हैं।
  • देहाती की नम्रता!

    गॉंव का एक आदमी पहली बार अपने गाँव से कहीं बाहर जाने के लिए बस में सवार हुआ।

    कंडक्टर ने ठीक ड्राइवर के पास वाली सीट पर उसे बैठा दिया।

    बस चलते समय वह आदमी बड़े आश्चर्य से इतनी विशाल बस को चलाते ड्राइवर को ही देखता रहा।

    एक घंटे बाद चाय पानी के लिए एक ढाबे के सामने बस रुकी और ड्राइवर भी चाय पीने चला गया।

    वापस लौटा तो देखा कि गियर चेंज करने वाली रॉड गायब थी।

    वो गुस्से से चिल्लाया, "यहाँ लगी गियर रॉड किसने निकाली?"

    उसके पास की सीट पर बैठा वो देहाती आदमी बड़ी नम्रता से बोला, "साहब नाराज क्यों होते हो, रास्ते भर मैं कब से देख रहा हूँ कि, आप बस चलाते चलाते बार बार ये रॉड निकालने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन निकाल नही पाए बस आप हिला ही पाए... मैंने अपनी पूरी ताकत से निकाल दी। ये लो।"

    ड्राईवर अभी कोमा में है और होश आते ही फिर बेहोश होने की सम्भावना है।
  • अच्छी आदत!

    आज शक्कर छोड़े एक महीना पूरा हुआ!
    प्रतिदिन नाश्ते से पहले पाँच किलोमीटर तेजी से चलना और फिर कम से कम बीस मिनट योग करने का रूटीन हो गया है!
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    ना कोई चाय और ना ही कॉफी, केवल फल और हरी ताज़ी सब्ज़ियां, वो भी ऑर्गेनिक!
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    दोपहर को दहीं की लस्सी और बेसन की रोटी ताजे मक्खन के साथ, शाम को थोड़े से ड्राई फ्रूट और काफ़ी सारे सीजनल फ़्रेश फ्रूट
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    एल्कोहल तो बिलकुल बंद, सब गलत आदतें छोड़ दी हैं! अब बस जैसे - तैसे
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    इस झूठ बोलने की आदत पर कंट्रोल करना है!