• बगुले की टांग!

    एक बार एक शिकारी अपने नौकर के साथ शिकार पर गया। वहाँ उन्होंने पानी में एक जंगली बगुला देखा।

    नौकर एक दम से चिल्लाया, "मारिये साहब, वो एक टाँग वाला बगुला है, उड़ नहीं पायेगा।"

    शिकारी ने मुस्कुराते हुए हुश किया और बगुले ने अपनी दूसरी टाँग निकाली और उड़ने लगा। शिकारी ने तुरंत उसे गोली मार दी।

    जब नौकर ने शाम को बगुले को पकाया तो उसका मन हुआ कि उसका स्वाद चख लिया जाये। उसे इतना स्वादिष्ट लगा कि वो पूरी टाँग खा गया।

    खाने के वक़्त शिकारी ने देखा कि बगुले की एक टाँग गायब है। लेकिन खाने के समय मूड ना बिगड़े इसलिए शिकारी ने चुप-चाप खाना खा लिया। खाना खत्म करने के बाद शिकारी ने अपने नौकर से पूछा कि तुमने जो बगुला पकाया था, उसकी एक टाँग गायब थी।

    नौकर ने झट से उत्तर दिया, "नहीं साहब, अगर आप सुबह की तरह हुश करते तो वो अपनी दूसरी टाँग भी निकाल लेता!"
  • जानलेवा ख़ुशी!

    90 वर्षीय एक सज्जन की दस करोड़ की लाटरी लग गई। इतनी बड़ी खबर सुनकर कहीं दादाजी खुशी से मर न जाएं, यह सोचकर उनके घरवालों ने उन्हें तुरंत जानकारी नहीं दी। सबने तय किया कि पहले एक डॉक्टर को बुलवाया जाए फिर उसकी मौजूदगी में उन्हें यह समाचार दिया जाए ताकि दिल का दौरा पड़ने की हालत में वह स्थिति को संभाल सके।

    शहर के जानेमाने दिल के डॉक्टर से संपर्क किया गया।

    डॉक्टर साहब ने घरवालों को आश्वस्त किया और कहा, "आप लोग चिंता ना करें, दादाजी को यह समाचार मैं खुद दूंगा और उन्हें कुछ नहीं होगा, यह मेरी गारंटी है।"

    डॉक्टर साहब दादाजी के पास गए कुछ देर इधर उधर की बातें कीं फिर बोले, "दादाजी, मैं आपको एक शुभ समाचार देना चाहता हूं। आपके नाम दस करोड़ की लाटरी निकली हैं।"

    दादाजी बोले, "अच्छा! लेकिन मैं इस उम्र में इतने पैसों का क्या करूंगा पर अब तूने यह खबर सुनाई है तो जा, आधी रकम मैंने तुझे दी।"

    यह सुन डॉक्टर साहब धम् से जमीन पर गिरे और उनके प्राण पखेरू उड़ गए।
  • भगवान् भरोसे!

    एक लड़की अपने होने वाले मंगेतर को अपने मम्मी पापा से मिलाने के लिए घर लेकर आयी, खाना खाने के बाद लड़की की माँ ने अपने पति से कहा,"कुछ लड़के के बारे में पता करो।"

    लड़की के पिता ने लड़के को अकेले में बुलाया और उससे बातचीत करने लगे।

    लड़की के पिता ने पूछा, "तो तुम्हारा प्लान क्या है?"

    लड़का: मैं रिसर्च स्कॉलर हूँ!!

    "रिसर्च स्कॉलर बहुत अच्छे तो तुम मेरी बेटी को एक सुन्दर सा घर कैसे दे पाओगे जिसकी उसे आदत है?", लड़की के पिता ने पूछा।

    लड़का: मैं पढ़ाई करूँगा और भगवान हमारी मदद करेंगे।

    लड़की का पिता: और तुम किस तरह उसके लिए सगाई कि अंगूठी खरीदोगे जिसके योग्य वो है?

    "मैं और ज्यादा ध्यान से पढ़ाई करूँगा बाकि भगवान हमारी मदद करेंगे", लड़के ने कहा।

    "और बच्चे उन्हें कैसे पालोगे?", लड़की के पिता ने कहा।

    लड़का:चिंता मत कीजिये सर भगवान कोई न कोई रास्ता निकाल ही लेगा।

    और हर बार जितनी बार लड़की के पिता ने कुछ भी पूछा, तो लड़के ने कहा कि कोई न कोई रास्ता भगवान निकाल ही लेगा।

    बाद में लड़की की माँ ने लड़की के पिता से कहा, " ये सब कैसे होगा जी?"

    लड़की के पिता ने कहा, "पता नहीं, उसके पास न कोई नौकरी है न कोई प्लान पर अच्छी खबर ये है कि वो मुझे भगवान समझ रहा है।"
  • घोड़े की दवा!

    एक बार संता के घोड़े को कब्ज़ हो जाती है तो वह जानवरों के डॉक्टर के पास जाता है और उस से कहता है," डॉक्टर साहब मेरे घोड़े को बहुत ही बुरी तरह से कब्ज़ हो गयी है, जिस वजह से वह ठीक तरह से शौच भी नहीं जा पा रहा है।

    संता की बात सुन कर डॉक्टर उसे एक गोली देता है और कहता है, " यह लो यह पेट साफ़ करने की गोली है, तुम इसे पशुओं को दवाई देने वाली नली में रख कर इसका एक सिरा घोड़े के मुंह में डाल देना और दूसरी तरफ से फूंक मार देना ताकि गोली घोड़े के पेट में चली जाए, और कुछ देर बाद ही तुम देखोगे की घोड़े के शौच एकदम सामान्य हो जायेंगे और उसका पेट भी बिल्कुल साफ़ हो जाएगा।"

    डॉक्टर की बात सुन संता दवा लेकर घर चला जाता है।

    कुछ देर बाद जब डॉक्टर अपने चिकित्सालय में बैठा होता है तो संता बदहवास सा अपना पेट पकडे डॉक्टर के पास आता है जिसे देख कर डॉक्टर उस से पूछता है।

    डॉक्टर: अरे संता क्या हुआ तुम्हारी तो हालत बड़ी ही खराब लग रही है?

    संता : अरे डॉक्टर साहब क्या बताऊँ ये सब घोड़े को दवाई देने के चक्कर में हो गया।

    संता की बात सुन डॉक्टर हैरान सा होकर पूछता है, "वो कैसे?"

    संता: अरे डॉक्टर साहब आपने घोड़े को दवाई देने का जो तरीका बताया था, मैंने बिल्कुल वैसा ही किया बस किस्मत ही खराब थी की मेरे से पहले घोड़े ने फूँक मार दी।