• दुःख भरी दास्तान!

    कल पापा ने मुझे बिजली बिल के रुपये दिए लेकिन मैंने उन पैसों को लाटरी में लगा दिया।

    फिर घर आया तो पापा ने पूछा कि बिल भर दिया तो मैंने डरते हुए पापा को बता दिया कि मैंने पैसे लाटरी में लगा दिया। हम लाटरी में गाड़ी जीत सकते हैं।

    पापा ने बहुत मारा लेकिन जब पापा ने अगले दिन सुबह दरवाजा खोला तो सामने एक नयी महिंद्रा बोलेरो गाडी खड़ी थी। सब की आँखों में आँसू थे सबसे ज्यादा मेरे थे।

    क्योंकि वो गाडी बिजली विभाग से थी, वो घर की बिजली लाइन काटने आए थे।

    पापा ने फिर बहुत मारा।
  • नींद ना आने का इलाज़!

    एक दिन संता थका हारा डॉक्टर के पास आता है और डॉक्टर से कहता है डॉक्टर साहब मेरे पड़ोस में बहुत सारे कुत्ते है जो रात दिन भौंकते रहते है जिस कारण में एक घड़ी के लिए भी नहीं सो पाता।

    डॉक्टर ने कहा इसमें कोई चिंता की बात नहीं है मैं तुम्हें कुछ नींद की गोलियां दे देता हूँ वे इतनी असरदार है कि तुम्हें पता ही नहीं चलेगा कि तुम्हारे पड़ोस में कोई कुत्ता है भी या नहीं। ये दवाइयाँ तुम ले जाओ और अपनी परेशानी दूर करो।

    कुछ हफ्ते बाद संता वापस डॉक्टर के पास आया और पहले से ज्यादा परेशान लग रहा था और डॉक्टर से कहने लगा डॉक्टर साहब आपकी योजना ठीक नहीं थी अब तो मैं पहले से ज्यादा थक गया हूँ।

    डॉक्टर मैं नहीं जानता कि ये कैसे हो गया पर जो दवाईयां दी थी वे नींद आने की सबसे बढ़िया गोलियां थी चलो फिर भी आज मैं तुम्हें उससे भी ज्यादा असरदार गोलियां देता हूँ।

    संता: क्या ये सचमुच असर करेंगी पर मैं सारी रात कुतों को पकड़ने में लगा रहता हूँ और मुश्किल से अगर एक-आध को पकड़ भी लूँ तो उसके मुहं में गोली डालना बहुत मुश्किल हो जाता है।
  • सरकारी बैंक की भर्ती!

    बैंक में इंटरव्यू चल रहा था। ब्रांच मैनेजर पहले सवाल का जवाब सुनकर ही 200 से ज्यादा लोगो को रिजेक्ट कर चूके थे।

    अब अंतिम 3 बचे थे...

    मैनेजर: तुम्हारा नाम क्या है?
    पहला कैंडिडेट
    कैंडिडेट 1: सुरेश सिंह

    मैनेजर: Get out.

    दूसरा कैंडिडेट
    मैनेजर: तुम्हारा नाम क्या है?

    कैंडिडेट 2: मेरा नाम गिरीश चंद्र है।

    मैनेजर: दफा हो जाओ।

    तीसरा कैंडिडेट
    मैनेजर: तुम्हारा नाम क्या है?

    तीसरा कैंडिडेट कुछ नहीं बोला

    मैनेजर: मैंने पूछा What's your name?

    कैंडिडेट फिर चुप

    मैनेजर: अबे अपना नाम बता

    कैंडिडेट अभी भी चुप
    मैनेजर: सर कृपया अपना नाम बताइये।

    कैंडिडेट 3: मुझे नहीं पता, काउंटर नंबर 4 में पूछिये।

    मैनेजर: बहुत खूब तुम इस पद के लिए एकदम सही हो...तुम्हारी नौकरी पक्की।
  • गर्व की बात!

    हिंदी भाषी राज्यों में, दुकानों आदि के जितने भी बोर्ड दिखाई देते हैं, उनमें लिखे हुए पूरे बोर्ड में एक आधा शब्द तो अंग्रेजी का जरूर रहता है। जैसे:

    संजय सर्विस स्टेशन
    अजय मेडिकल स्टोर
    विजय कॉपी सेंटर
    जय बुक शॉप
    संजना माॅल
    बबलू हेयर कटिंग
    शिवा बार एंड होटल
    गणेश लॉज
    ज्योति हॉस्पिटल आदि।

    सिर्फ एक ही बोर्ड ऐसा नजर आया जो हमेशा पूर्ण हिंदी में ही लिखा हुआ होता है जिससे हिंदी भाषी होने का अभिमान महसूस किया जा सकता है एवं हमें भारतीय होने का गर्व महसूस होता है।

    "ठेका देशी शराब"!