• वैक्यूम क्लीनर!

    एक औरत ने दरवाजा खोला तो दरवाजे पर उसने देखा कि सामने एक आदमी है जो एक वैक्यूम क्लीनर को हाथ में उठाये हुए है!

    गुड मॉर्निंग मैडम! मेरा नाम बंता है मैं आपका थोड़ा समय लेना चाहूँगा, मैं आपको एक बिल्कुल नया, उच्च गुणवत्ता और बहुत शक्तियुक्त वैक्यूम क्लीनर दिखाना चाहता हूँ!

    औरत ने कहा चले जाओ यहाँ से! मेरे पास इतने पैसे नही है और वह मुड़कर दरवाजा बंद करने लगी!

    बंता ने जल्दी से दरवाजे के बीच में अपनी टांग को रखा और दरवाजे को खोलते हुए बोला देखिये मैडम मेरी बात तो सुनिए बस एक बार मैं आपको इसका नमूना न दिखा दूँ और यह कहते हुए उसने पास में पड़ा हुआ घोड़े की लीद से भरा हुआ डिब्बा फर्श पर उड़ेल दिया सारे फर्श पर लीद को उड़ेल कर उस औरत से बोला:

    मैडम देखिएगा अगर ये वैक्यूम क्लीनर इसको पूरा साफ़ नही कर पाया तो मैं बचे हुए मल को अपने मुहं से चाटकर साफ़ करूँगा!

    औरत थोड़ी देर चुप रही फिर कहा मुझे लगता है आज तुम्हारी भूख अच्छी तरह से शांत हो जाएगी .......क्योंकि आज सुबह से शाम तक बिजली बंद है!
  • भारत का नया राष्ट्रगीत

    आओ बच्चों तुम्हे दिखायें,
    शैतानी शैतान की।

    नेताओं से बहुत दुखी है,
    जनता हिन्दुस्तान की।

    बड़े-बड़े नेता शामिल हैं,
    घोटालों की थाली में।

    सूटकेश भर के चलते हैं,
    अपने यहाँ दलाली में।

    देश-धर्म की नहीं है चिंता,
    चिन्ता निज सन्तान की।

    नेताओं से बहुत दुखी है,
    जनता हिन्दुस्तान की।

    चोर-लुटेरे भी अब देखो,
    सांसद और विधायक हैं।

    सुरा-सुन्दरी के प्रेमी ये,
    सचमुच के खलनायक हैं।

    भिखमंगों में गिनती कर दी,
    भारत देश महान की।

    नेताओं से बहुत दुखी है,
    जनता हिन्दुस्तान की।

    जनता के आवंटित धन को,
    आधा मन्त्री खाते हैं।

    बाकी में अफसर-ठेकेदार,
    मिलकर मौज उड़ाते हैं।

    लूट-खसोट मचा रखी है,
    सरकारी अनुदान की।

    नेताओं से बहुत दुखी है,
    जनता हिन्दुस्तान की।

    थर्ड क्लास अफसर बन जाता,
    फर्स्ट क्लास चपरासी है।

    होशियार बच्चों के मन में,
    छायी आज उदासी है।

    गंवार सारे मंत्री बन गये,
    मेधावी आज खलासी है।

    आओ बच्चों तुम्हें दिखायें,
    शैतानी शैतान की।

    नेताओं से बहुत दुखी है,
    जनता हिन्दुस्तान की।
  • दिखावों पे ना जाओ अपनी अक्ल लगाओ!

    एक शरीफ लड़के की सगाई एक बहुत ख़ूबसूरत लड़की से हुई।

    पर वो लड़का उस लड़की से कभी नहीं मिला था, ना ही उस से बात की थी।

    बस सब लोगो से उसकी खूबसूरती की तारीफ ही सुनी थी।

    अपनी सुहाग रात पर लड़का बड़ा ख़ुशी-ख़ुशी अपने कमरे में गया और बड़े स्टाइल से अपनी पत्नी का घूंघट उठा कर उससे बोला।

    लड़का: "तुम सच में बहुत ख़ूबसूरत हो, समझ नहीं आता की तुम्हे क्या तोहफा दूँ?"

    लड़की शर्माती हुई बोली, "दो आप ता दिल तले, वो देदो।"

    कहानी का मूल:दिखावों पे ना जाओ, अपनी अक्ल लगाओ।
  • युद्ध की शुरुआत!

    बेटा: पिताजी, युद्ध कैसे शुरू होते हैं?

    पिताजी: मान लो अमेरिका और इंग्लैंड में किसी बात पर मतभेद हो गया...

    माँ: लेकिन अमेरिका और इंग्लैंड में मतभेद हो ही नहीं सकता।

    पिताजी: अरे भई मैं तो सिर्फ उदाहरण दे रहा था...

    माँ: मगर तुम गलत उदाहरण देकर बच्चे को बहका रहे हो।

    पिताजी: मैं नहीं बहका रहा हूँ...

    माँ: ये बहकाना नहीं तो और क्या है?

    पिताजी: चुप रहो.. एक बार कह दिया न कि नहीं बहका रहा हूँ, मतलब नहीं बहका रहा हूँ।

    माँ: मैं क्यों चुप रहूँ, ये मेरे बच्चे की पढ़ाई का सवाल है। आज ये बॊल रहे हो कल को कुछ और गलत बोलोगे...

    बच्चा: प्लीज... आप लोग झगड़ा मत करिये... मैं समझ गया कि युद्ध कैसे शुरू होते हैं।