• पागलों का अस्पताल!

    एक पागलों के अस्पताल में बहुत भीड़ हो चुकी थी, डाक्टर ने फैसला किया की जो मरीज कुछ ठीक हैं उन्हें यहाँ से भेज दिया जायेगा, इसलिए उन्होंने सभी मरीजों को एक बड़े हॉल में इक्कट्ठा किया!

    वहां पहले से ही पूरी दिवार पर ब्लैकबोर्ड के आकर का दरवाजा बनाया था डाक्टर ने कहा जो भी मरीज इस दरवाजे को खोलेगा उसे एक आईसक्रीम दी जाएगी!

    ऐसा सुनते ही सारे मरीज उस दिवार पर टूट पड़े, मरीजों ने दिवार को खरोंच दिया, और दरवाजे पर जो हैंडल लगाया था उसे भी तोड़ दिया!

    डाक्टर को बहुत दुःख हुआ, तभी उसने देखा की एक मरीज कुर्सी पर बैठा दबी हंसी हंस रहा था, और अपने साथियों को देख रहा था!

    डाक्टर को थोड़ा हौंसला आया की चलो आज एक मरीज तो है जिसे भेजा जाये, डाक्टर ने उससे पूछा, तुम दरवाजा खोलने की कोशिश क्यों नहीं कर रहे हो?

    मरीज जो अपनी हंसी को ज्यादा देर तक नहीं रोक पाया, जोर से चिल्लाया, दरवाजा कैसे खुलेगा 'चाबी तो मेरे पास है'
  • बिस्तर के नीचे!

    जिमी एक मनोचिक्त्सक के पास गया उसने कहा डाक्टर मैं बहुत मुसीबत में हूँ मैं जब भी बिस्तर पर जाता हूँ मुझे ऐसा लगता है जैसे कोई बिस्तर के नीचे है मैं तो पागल ही हो जाता हूँ!

    मनोचिकित्सक ने कहा तुम एक साल तक अपने आप को मेरे हवाले कर दो एक हफ्ते में तीन बार मेरे पास आया करो और मैं तुम्हारे डर को दूर कर दूंगा!

    सर आपकी फीस कितनी है?

    एक बार की 100 डॉलर!

    कोई बात नहीं मैं उस पर ही सो जाऊंगा, जिमी ने कहा!

    6 महीने बाद वही डाक्टर जिमी को एक गली में मिला मनोचिक्त्सक ने पूछा, तुम उसके बाद मुझसे मिलने क्यों नहीं आये?

    जिमी ने कहा, अरे आपकी फीस एक बार की 100 डॉलर थी, जब की बार वाले ने सिर्फ 30 डॉलर और एक ही बार में मुझे ठीक कर दिया!

    ऐसा कैसे हुआ!

    उसने मुझ से कहा की अपने बिस्तर की टाँगे काट दो, फिर उसके नीचे कोई नहीं रहेगा!
  • औरत के कान!

    एक आदमी ने दुर्घटना में दोनों कान खो दिए, कोई भी प्लास्टिक सर्जन उसका समाधान नहीं कर पाया, उसने किसी से सुना कि स्वीडन में कोई सर्जन है जो इसे ठीक कर सकता है और वो उसके पास गया!

    नए सर्जन ने उस कि जांच की, थोड़ी देर सोचा और फिर कहा, मैं तुम्हें ठीक कर दूंगा!

    ओप्रशन के बाद पट्टियां खोली गयी, टांके भी खोल दिए गए और वो वापिस अपने होटल चला गया!

    अगली सुबह उसने बहुत गुस्से में सर्जन को फ़ोन किया और जोर से चिल्लाया कमीने तुमने मुझ में औरत का कान लगाया है!

    सर्जन ने कहा, तो क्या हुआ कान तो कान है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, औरत का हो या मर्द का!

    ऐसा नहीं है, आप गलत बोल रहे हैं, मैं सुन तो सब कुछ सकता हूँ, पर समझ में कुछ भी नहीं आ रहा है!