• मरवा दिया पठान ने!

    पठान अपनी बैलगाडी में अनाज के बोरे लादकर शहर ले जा रहा था। अभी गाँव से निकला ही था कि एक खड्डे में उसकी गाड़ी पलट गई। पठान गाड़ी को सीधी करने की कोशिश करने लगा। थोड़ी ही दूर पर एक पेड़ के नीचे बैठे एक राहगीर ने यह देखकर आवाज़ दी, "अरे भाई, परेशान मत हो, आ जाओ मेरे साथ पहले खाना खा लो फिर मैं तुम्हारी गाड़ी सीधी करवा दूंगा।"

    पठान: धन्यवाद, पर मैं अभी नहीं आ सकता। मेरा दोस्त बशीर नाराज़ हो जायेगा।

    राहगीर: अरे तुझसे अकेले नहीं उठेगी गाड़ी। तू आजा खाना खा ले फिर हम दोनों उठाएंगे।

    पठान: नहीं, बशीर बहुत गुस्सा हो जायेगा।

    राहगीर: अरे मान भी जाओ। आ जाओ तुम मेरे पास।

    पठान: ठीक है आप कहते हैं तो आ जाता हूँ।

    पठान ने जमकर खाना खाया फिर बोला, "अब मैं चलता हूँ गाड़ी के पास और आप भी चलिए। बशीर गुस्सा हो रहा होगा।"

    राहगीर ने मुस्कुराते हुए कहा, "चलो पर तुम इतना डर क्यों रहे हो? वैसे अभी कहाँ होगा बशीर?"

    पठान: गाड़ी के नीचे।
  • अक्ल बड़ी या भैंस!

    एक बार पठान जहाज़ में एक सीट पर बैठ गया और वहाँ से उठने का नाम ही नहीं ले रहा था।

    लोगों ने बहुत मिन्नत की लेकिन वो न माना और बोला, "पठान का ज़ुबान एक है, हम अपना फैंसला नहीं बदलेगा।"

    तभी एक आदमी आया और पठान के कान में कुछ बोला तो पठान एकदम उठकर अगली सीट पर बैठ गया।

    सब लोग हैरान हो गए और उस आदमी से पूछा कि उसने ऐसा क्या कहा जो पठान मान गया।

    आदमी ने कहा कि मैंने पठान से पूछा कि आप कहाँ जाओगे?

    पठान ने मुझे कहा, "दुबई।"

    तो मैंने पठान से कहा, "दुबई की सीट अगली है, यह तो अमेरिका की सीट है।"
  • पठान की बहादुरी!

    एक बार पठान अपनी बेगम के साथ मेला देखने गया। मेले में हवाई जहाज की सैर भी करवाते थे।

    पठान ने सोचा कि चलो हम भी हवाई जहाज की सैर कर लेते हैं लेकिन 200 रुपये की टिकट सुनकर पठान का मुंह लटक गया।

    यह देखकर चालक बोला, "आप हवाई जहाज में आधा घंटा सैर कर सकते हैं। इस दौरान अगर आप के मुंह से आवाज़ निकली तो मैं आप से टिकट के पैसे लूंगा, नहीं तो यह सैर आप के लिए मुफ्त।"

    पठान सुन कर खुश हो गया और मान गया।

    दोनों जहाज में बैठ गए और चालक ने अपने करतब दिखाने शुरू कर दिए। चक्कर बनाया, उल्टा घुमाया और कभी डाइव लगायी।

    आखिर में उसने जहाज नीचे उतारा।

    नीचे उतरने के बाद चालक बोला, "मान गए पठान साहब आपको, इस तरह के करतबों के साथ तो किसी की भी चीखें निकल जाती लेकिन आपने तो एक आवाज़ नहीं निकाली।"

    पठान ने अपने माथे से पसीना पोंछा और बोला, "अब आपको कैसे बताऊँ कि किस तरह मैंने अपने आप को रोका यहाँ तक कि बेगम के बाहर गिरने पर भी मैं नहीं बोला क्योंकि 200 रुपये का सवाल था।"
  • असरदार इलाज़!

    एक दिन पठान थका हारा डॉक्टर के पास आया और डॉक्टर से बोला, "डॉक्टर साहब मेरे पड़ोस में बहुत सारे कुत्ते है जो रात दिन भौंकते रहते हैं जिस कारण मैं एक घड़ी के लिए भी नहीं सो पाता।"

    डॉक्टर: इसमें कोई चिंता की बात नहीं है मैं तुम्हें कुछ नींद की गोलियां दे देता हूँ वे इतनी असरदार है कि तुम्हें पता ही नहीं चलेगा कि तुम्हारे पड़ोस में कोई कुत्ता है भी या नहीं। ये दवाइयाँ तुम ले जाओ और अपनी परेशानी दूर करो।

    कुछ हफ्ते बाद पठान वापस डॉक्टर के पास आया और पहले से ज्यादा परेशान लग रहा था और डॉक्टर से कहने लगा, "डॉक्टर साहब आपकी योजना ठीक नहीं थी अब तो मैं पहले से ज्यादा थक गया हूँ।"

    डॉक्टर: मैं नहीं जानता कि ये कैसे हो गया पर जो दवाईयां दी थी वे नींद आने की सबसे बढ़िया गोलियां थी। चलो फिर भी आज मैं तुम्हें उससे भी ज्यादा असरदार गोलियां देता हूँ।

    पठान: पता नहीं ये सचमुच असर करेंगी या नहीं क्योंकि मैं सारी रात कुतों को पकड़ने में लगा रहता हूँ और मुश्किल से अगर एक-आध को पकड़ भी लूँ तो उसके मुँह में गोली डालना बहुत मुश्किल हो जाता है।