• क्‍लास का फूफा!

    कॉलेज में एक लड़की ने दाखिला लिया तो सारे लड़के-लड़कियों ने उसे चिढ़ाने के लिए बुआ कहना शुरू कर दिया।

    कुछ दिनों तक तो उस बेचारी ने सहन किया।

    अंत में उसने तंग आकर प्रिंसिपल से शिकायत कर दी।

    लड़की की बात सुन कर प्रिंसिपल को बड़ा क्रोध आया तो वह क्लास रूम में पहुंचे और बोले, "जो भी इसे बुआ कहता है वह तुरन्त खड़ा हो जाये।

    एक-एक करके सारी क्लास खड़ी हो गई।

    केवल पप्पू बैठा रहा तो प्रिंसिपल ने बड़ी हैरानी के साथ उस से पूछा, "क्यों पप्पू तुम क्यों बैठे हो?"

    क्या तुम इसे बुआ नहीं कहते?

    पप्पू ने ठंडी सांस भरकर कहा, "सर! मैं इस क्लास का फूफा हूं।"
  • मुसीबत!

    गर्लफ्रेंड: आई लव यू बेबी।
    पप्पू धीरे से बोला, `मैं भी तुमसे प्यार करता हूँ।`

    गर्लफ्रेंड: ऐसा क्यों?
    पप्पू: बस थोड़ा सा मूड़ ख़राब था।

    गर्लफ्रेंड: दोस्तों के साथ तो बड़े खुश रहते हो, मेरे साथ ही ड्रामे।
    पप्पू (प्यार से): ऐसा कुछ नहीं जानू, तबियत थोड़ी नहीं ठीक है।

    गर्लफ्रेंड: हाँ, दोस्त अभी फोन कर देगा तो 2 सेकंड में तबियत ठीक हो जायेगी।
    पप्पू: दोस्त कहाँ से आये, मेरा मूड़ थोड़ा परेशान है बस।

    गर्लफ्रेंड: मेरे साथ ही ये सब होता है, दोस्तों के साथ मज़े करते हो, या कोई और लड़की पसंद आ गई?
    पप्पू और ज्यादा प्यार से, `अरे, कहाँ से कहाँ बात ले जा रही हो?`

    गर्लफ्रेंड: आज सब साफ़-साफ़ होगा।
    पप्पू: क्या साफ़ करना है जानू, ऐसा क्या हो गया है?

    गर्लफ्रेंड (खुद कंफ्यूज): जब तुम खुद साफ़ नहीं, तुम्हें कुछ पता नहीं तो मैं क्या बोलूं।
    पप्पू समझदार बनने की नक़ल करते हुए, `तुम्हे क्या हुआ है, किस बात पर परेशान हो, बताओ?`

    गर्लफ्रेंड: तुम्हारी संगत खराब है।
    पप्पू: मेरे साथ तो तुम हो।

    गर्लफ्रेंड: अब बहुत हो गया, अब और नहीं।
    पप्पू (चिल्लाते हुए): हुआ क्या है, ये तो बताओ?

    गर्लफ्रेंड: हम अब साथ नहीं रह सकते।
    पप्पू: ये बात कहाँ से आई?

    गर्लफ्रेंड: मैं इसे तोड़ना चाहती हूँ।
    पप्पू (चिढ़कर): हमसे, ठीक है।

    गर्लफ्रेंड (गुस्सा होते हुए): हाँ, यही चाहते हो तुम तो, फिर तुम जो मर्ज़ी कर सको।
    पप्पू: अरे खुद ही बोला अभी, मैंने क्या गलत कहा?

    गर्लफ्रेंड: इतनी तकलीफ़ थी तो बोला, क्यों नहीं, मैं खुद बिना बोले चली जाती तुम्हारी जिन्दगी से।
    पप्पू अपने बाल पकड़कर, `मुझे मेरी गलती तो बता दो?`

    गर्लफ्रेंड: वक़्त आने पर पता चलेगी तुम्हें अपने आप, जब मैं चली जाऊँगी (कभी नहीं जायेगी)।
    पप्पू: अच्छा, तो मैं इंतज़ार करता हूँ, सही वक़्त का।

    गर्लफ्रेंड: तुम सिरियस कब हो गए?
    पप्पू: अब क्या हॉस्पिटल में भर्ती हो जाऊं सिरियस होने के लिए।

    गर्लफ्रेंड: भाड़ में जाओ।
    पप्पू: दोबारा मुझे फोन मत करना।

    3 घंटे बाद
    गर्लफ्रेंड: तुम्हें पता है न, मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकती जानू, सॉरी आई लव यू मेरे बेबी।
    पप्पू (सब भूलकर): अच्छा फिर, मैं भी तुमसे प्यार करता हूँ।

    गर्लफ्रेंड: इतनी उदास आवाज में क्यों?
  • होनहार विद्यार्थी!

    शिक्षक: इंडिया गेट क्या है?
    पप्पू: इंडिया गेट बासमती राइस है सर!

    शिक्षक: चारमीनार क्या हैं?
    पप्पू: चारमीनार सिगरेट है सर!

    शिक्षक: ताजमहल क्या है?
    पप्पू: ताजमहल चाय की पत्ती है सर!

    शिक्षक: हरामखोर, फालतू उत्तर देकर राष्ट्रीय स्मारकों का अपमान करता है! कल अपने पिताजी का Signature लेकर ही स्कूल आना!
    पप्पू: ओके सर!

    (दूसरे दिन शिक्षक टेबल की और देखते हुये)

    शिक्षक: पप्पू, ये व्हिस्की का बोतल किस लिए लाया तू?
    पप्पू: सर, आपने ही तो कल कहा था, पिताजी की Signature लाने के लिये इसीलिए मैं आपके लिए, उनकी Signature की पूरी बोतल ही ले आया!

    (शिक्षक ने खुशी के आँसू बहाते हुए, पप्पू को अपनी बाहों में भर लिया)
  • पप्पू का व्यापार!

    पढाई में अच्छा ना होने की वजह से संता अपने बेटे पप्पू को हमेशा डांटता रहता था।

    एक दिन जब दोनों इकट्ठे बैठ कर टीवी देख रहे थे तो अचानक से पप्पू, संता से बोला, "पापा मैं जब अपना व्यापार करूँगा तो देख लेना अच्छे-अच्छो के हाथ में कटोरा पकड़ा दूंगा"।

    संता ने ये सुना और हैरानी से पप्पू से पूछा, "बेटा वो कैसे?"

    बेटा मुस्कुराते हुए बोला, "गोल-गप्पे बेचकर"।