• राजनैतिक ज्ञान!

    नेता का बेटा अपने पिता से बोला, "पापा मुझे भी राजनीति में आना हैं, मुझे कुछ टिप्स दो।"

    नेता: बेटा, राजनीति के तीन कठोर नियम होते हैं।

    "चलो पहला नियम समझाता हूँ", यह कहकर नेता जी ने बेटे को छत पर भेज दिया और ख़ुद नीचे आकर खड़े हो गए।

    नेता जी: छत से नीचे कूद जाओ।

    बेटा" पापा, इतनी ऊंचाई से कुदूंगा तो हाथ पैर टूट जायेंगे।

    नेता जी: बेझिझक कूद जा, मैं हूँ ना, पकड़ लूँगा।

    लड़के ने हिम्मत की और कूद गया, पर नेताजी नीचे से हट गए।

    बेटा धड़ाम से ओंधे मुंह गिरा और कराहते हुए बोला, "आपने तो कहा था मुझे पकड़ोगे, फिर हट क्यों गए?"

    नेता जी: ये हैं पहला सबक "राजनीति में अपने बाप का भी भरोसा मत करो।"
  • मोदी की चाय!

    आज पूरा देश मोदी जी कि चाय पी रहा है हालांकि किसी ने मोदी जी को चाय बेचते नहीं देखा पर वो ऐसे बेचते होंगे...

    मोदी: भाइयो-बहनो...बोलो चाय चाहिए की नहीं चाहिए?
    ग्राहक: हाँ भाई एक बना दो।

    मोदी: और जोर से बोलिये चाहिए की नहीं चाहिए?
    ग्राहक: हाँ-हाँ भाई चाहिए।

    मोदी: बोलो भाइयो बहनो चाय के लिए पतीला गैस पर रखना चाहिए या नहीं रखना चाहिए?
    ग्राहक: हाँ-हाँ भाई रख दो।

    मोदी: मेरे साथ बोलिये मित्रो पतीले में पानी डालना चाहिए या नहीं डालना चाहिए?
    ग्राहक: हाँ भाई डाल दो।

    मोदी: पीछे वाले बोलिये पतीले में दूध डालना चाहिए या नहीं डालना चाहिए?
    ग्राहक: अरे यार... डाल दो भाई।

    मोदी: मेरे साथ बोलिये इसमें चाय पत्ती और अदरक डालना चाहिए या नहीं डालना चाहिए?
    ग्राहक: अरे यार तुम करो यार जल्दी।

    थोड़ी देर के बाद:
    ग्राहक: भाई बन गई चाय?
    मोदी: मित्रो... मुझे माफ़ कर दो। मैं गैस जलाना भूल गया था।
  • मन की भड़ास!

    नासपिटे, हरामखोर आतंकवादियों सिर्फ तुम्हारी वजह से हम मासूम औरतों की मेहनत की कमाई मिट्टी में मिल गई।

    कालाधन जमा करके रखने वालों तुम्हारा भी सत्यानाश हो। तुम्हारे करोड़ों के रूपयों के पीछे हमारे 5-10 हजार रुपए भी कालाधन घोषित हो गये।

    हमने कभी कपडे़ धोते हुए पैसे चुराऐ थे, अपना मासूम चेहरा बना कर पतियों को वो पैसे भुलवाऐ थे, वो भी तुम नामुरादों के कारण बर्बाद हो गए।

    मन तो कर रहा है कि आज हम औरतें मिलकर पूरे आतंकवाद को जड़ से मिटा दें और कालाधन जमा करने वालों तुम्हें भी मिटा दें। तुम लोगों को गरम चिमटे से मारने का मन कर रहा है।

    ~ भड़की हुयी गृहलक्ष्मीया!
  • मोदी चालीसा!

    जय नरेन्द्र ग्यान गुन सागर |
    जय मोदी तिहुँ लोक उजागर ||

    राष्ट्रदूत अतुलित बलधामा |
    दामोदर पुत्र नरेन्दर नामा ||

    तुम उपकार राष्ट्र पर कीन्हा |
    कच्छ संवारि स्वर्ग सम कीन्हा ||

    माया, मुलायम थर थर काँपैं |
    काँग्रेस को चिंता व्यापै ||

    नासहि सपा मिटैं बसपाई |
    खिलै कमल फूलैं भजपाई ||

    साधु संत के तुम रखबारे |
    असुर निकंदन राष्ट्रदुलारे ||

    संत रसायन तुम्हरे पासा |
    सदा रहहु भारत के दासा ||

    भारत विश्वगुरु बन जावै |
    जब मोदी दिल्ली मैं आवै ||

    चीन पाक दोउ निकट न आवै |
    जब मोदी को नाम सुनावै ||

    नासहिं दुष्ट और अपराधा |
    भ्रष्टाचार मिटावहिं बाधा ||

    करहि विकास स्वर्ग सम सुंदर |
    बनहि राम को सुंदर मंदिर ||

    असुर निवारि सुरन्ह कौ थापैं |
    राहुल सोनिया कबहुँ न व्यापै ||

    मोदी मंत्र एक सम जाना |
    करहि विकास राष्ट्र सनमाना ||

    भारत राष्ट्र पराक्रमशाली |
    होहि सिद्ध यह शंशय नाही ||

    || जय मोदी ||