• मन की भड़ास!

    नासपिटे, हरामखोर आतंकवादियों सिर्फ तुम्हारी वजह से हम मासूम औरतों की मेहनत की कमाई मिट्टी में मिल गई।

    कालाधन जमा करके रखने वालों तुम्हारा भी सत्यानाश हो। तुम्हारे करोड़ों के रूपयों के पीछे हमारे 5-10 हजार रुपए भी कालाधन घोषित हो गये।

    हमने कभी कपडे़ धोते हुए पैसे चुराऐ थे, अपना मासूम चेहरा बना कर पतियों को वो पैसे भुलवाऐ थे, वो भी तुम नामुरादों के कारण बर्बाद हो गए।

    मन तो कर रहा है कि आज हम औरतें मिलकर पूरे आतंकवाद को जड़ से मिटा दें और कालाधन जमा करने वालों तुम्हें भी मिटा दें। तुम लोगों को गरम चिमटे से मारने का मन कर रहा है।

    ~ भड़की हुयी गृहलक्ष्मीया!
  • मोदी चालीसा!

    जय नरेन्द्र ग्यान गुन सागर |
    जय मोदी तिहुँ लोक उजागर ||

    राष्ट्रदूत अतुलित बलधामा |
    दामोदर पुत्र नरेन्दर नामा ||

    तुम उपकार राष्ट्र पर कीन्हा |
    कच्छ संवारि स्वर्ग सम कीन्हा ||

    माया, मुलायम थर थर काँपैं |
    काँग्रेस को चिंता व्यापै ||

    नासहि सपा मिटैं बसपाई |
    खिलै कमल फूलैं भजपाई ||

    साधु संत के तुम रखबारे |
    असुर निकंदन राष्ट्रदुलारे ||

    संत रसायन तुम्हरे पासा |
    सदा रहहु भारत के दासा ||

    भारत विश्वगुरु बन जावै |
    जब मोदी दिल्ली मैं आवै ||

    चीन पाक दोउ निकट न आवै |
    जब मोदी को नाम सुनावै ||

    नासहिं दुष्ट और अपराधा |
    भ्रष्टाचार मिटावहिं बाधा ||

    करहि विकास स्वर्ग सम सुंदर |
    बनहि राम को सुंदर मंदिर ||

    असुर निवारि सुरन्ह कौ थापैं |
    राहुल सोनिया कबहुँ न व्यापै ||

    मोदी मंत्र एक सम जाना |
    करहि विकास राष्ट्र सनमाना ||

    भारत राष्ट्र पराक्रमशाली |
    होहि सिद्ध यह शंशय नाही ||

    || जय मोदी ||
  • स्माइल प्लीज!

    तीन मरे हुए राजनीतिज्ञों के शव शमशान में उठ खड़े हुए सभी के मुहं में बड़ी मुस्कान थी, पुलिस ने डाक्टर को बुलाया ये देखने के लिए की क्या हो गया है, एक जासूस पुलिस वाले को भी बुलाया गया की देखें क्या हुआ है!

    पहले शव को देखकर डाक्टर ने कहा, ये बी.जे.पी का नेता है जो हर्ट अटैक से मरा जब ये अपनी नौकरानी के साथ प्यार कर रहा था इसीलिए बड़ी हंसी हंस रहा है डाक्टर ने कहा!

    पुलिस ने दूसरा शव बाहर निकाला तो डाक्टर ने कहा ये सतासीन पार्टी का नेता है, इसकी उम्र 70 साल है सरकारी कोष में घोटाले करके सारा पैसा शराब में उड़ाया लीवर ख़राब होने से मरा फिर भी मुस्करा रहा है ये कुछ खास नहीं है!

    पुलिस ने सोचा और तीसरे शव को देखा, डाक्टर ने कहा ये सबसे अनोखा है, बिहार का सांसद, उम्र 60 साल ये आसमानी बिजली के गिरने से मर गया!

    पुलिस वाले ने पूछा पर ये हंस क्यों रहा है?

    तो डाक्टर ने कहा, ये अभी भी यही सोच रहा है की इसकी फोटो खिंची जा रही है!
  • राजा और मलाई!

    एक राजा को मलाई रबड़ी खाने का शौक था। उसे रात में सोने से पहले मलाई रबड़ी खाए बिना नीद नहीं आती थी। इसके लिए राजा ने सुनिश्चित किया कि खजांची (जो राज्य के धन का लेखा जोखा रखता है) एक नौकर को रोजाना चार आने दे मलाई लाने के लिए।

    यह क्रम कई दिनों तक चलता रहा। कुछ समय बाद खजांची को शक हुआ कि कहीं नौकर चार आने की मलाई में गड़बड़ तो नहीं कर रहा। उसने चुपचाप नौकर पर नजर रखनी शुरू कर दी। खजांची ने पाया कि नौकर केवल तीन आने की मलाई लाता है और एक आना बचा लेता है। अपनी चोरी पकड़ी जाने पर नौकर ने खजांची को एक आने की रिश्वत देना शुरू कर दिया।

    अब राजा को दो आने की मलाई रबड़ी मिलती जिसे वह चार आने की समझ कर खाता। कुछ दिन बाद राजा को शक हुआ कि मलाई की मात्रा में कमी हो रही है। राजा ने अपने खास मंत्री को अपनी शंका बतलाई और असलियत पता करने को कहा। मंत्री ने पूछताछ शुरू की। खजांची ने एक आने का प्रस्ताव मंत्री को दे दिया।

    अब हालात ये हुए कि नौकर को केवल दो आने मिलते जिसमें से एक आना नौकर रख लेता और केवल एक आने की मलाई रबड़ी राजा के लिए ले जाता। कुछ दिन बीते। इधर हलवाई जिसकी दुकान से रोजाना मलाई रबड़ी जाती थी उसे संदेह हुआ कि पहले चार आने की मलाई जाती थी अब घटते घटते एक आने की रह गई।

    हलवाई ने नौकर को पूछना शुरू किया और राजा को बतलाने की धमकी दी। नौकर ने पूरी बात खजांची को बतलाई और खजांची ने मंत्री को। अंत में यह तय हुआ कि एक आना हलवाई को भी दे दिया जाए।

    अब समस्या यह हुई कि मलाई कहां से आएगी और राजा को क्या बताया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी मंत्री ने ले ली। इस घटना के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि राजा को मलाई की प्रतीक्षा करते नींद आ गयी। इसी समय मंत्री ने राजा की मूछों पर सफेद चाक(खड़िया) का घोल लगा दिया।

    अगले दिन राजा ने उठते ही नौकर को बुलाया तो मंत्री और खजांची भी दौड़े आए। राजा ने पूछा , "कल मलाई क्यों नही लाऐ ?"

    नौकर ने खजांची और मंत्री की ओर देखा। मंत्री बोला, "हुजर यह लाया था, आप सो गए थे इसलिए मैने आपको सोते में ही खिला दी। देखिए अभी तक आपकी मूछों में भी लगी है।"

    यह कहकर उसने राजा को आईना दिखाया। मूछों पर लगी सफेदी को देखकर राजा को विश्वास हो गया कि उसने मलाई खाई थी।

    अब यह रोज का क्रम हो गया, खजाने से चार आने निकलते और बंट जाते। राजा के मुंह पर सफेदी लग जाती।

    बचपन की सुनी यह कहानी आज के समय में भी सामयिक है। आप कल्पना करें कि आम जनता राजा है, मंत्री हमारे नेता हैं और अधिकारी व ठेकेदार क्रमश: खजांची और हलवाई हैं। पैसा भले कामों के लिए निकल रहा है और आम आदमी को चूना दिखाकर संतुष्ट किया जा रहा है।