• ख़ास सेवा!

    एक बार एक पुजारी और वकील मर गए और दोनों स्वर्ग के दरवाजे पर खड़े हो गए, यमदूत ने उन दोनों को अन्दर भेजा और दोनों अन्दर चले गए।

    अन्दर एक और यमदूत खड़ा था जो उन दोनों को उनके कक्ष तक ले गया।

    पहले पुजारी को उसके कक्ष तक छोड़ा जो एक छोटा सा कमरा था जिसमें एक बिस्तर और छोटा सा मेज़ लगा था। पुजारी ने यमदूत को धन्यवाद कहा और यमदूत वकील को लेकर उसके कक्ष कि तरफ चल पड़ा।

    जब वो दूसरे कक्ष के पास पहुँचा तो ये एक बहुत बड़ा कमरा था जिसमे डबल बेड, एक बड़ी अलमारी, किताबों से भरा हुआ रैक और एक सुन्दर औरत और भी बाकी सभी प्रकार की सुविधाओं से वो कमरा भरा हुआ था।

    वकील ने कहा कि मुझे यह समझ नहीं आया कि आपने पुजारी को एक छोटा सा कमरा दिया और मुझे सारी सुविधाओं से भरा ये इतना बड़ा कमरा?

    इस पर यमदूत बोला, "साहब हमारे पास यहाँ स्वर्ग में बहुत से पुजारी हैं पर वकील आप पहले हैं इसलिए।"
  • होशियार वकील!

    एक डॉक्टर साहब एक पार्टी में गए तो अपने बीच शहर के एक प्रतिष्ठित डॉक्टर को पाकर लोगों ने उन्हें घेर लिया। किसी को जुकाम था तो किसी के पेट में गैस, इसीलिए सभी मुफ्त की राय लेने के चक्कर में डॉक्टर के पास पहुँच गए। डॉक्टर साहब भी किसी को मना नहीं कर पा रहे थे।

    उसी पार्टी में शहर के एक नामी वकील भी आए हुए थे, मौका मिलते ही डॉक्टर साहब वकील साहब के पास पहुंचे और उन्हें एक ओर ले जाकर बोले, "यार, मैं तो परेशान हो गया हूं, सभी फ्री में इलाज कराने के चक्कर में हैं, तुम्हें भी ऐसे लोग मिलते हैं क्या?"

    वकील: बहुत मिलते हैं।

    डॉक्टर: तो फिर उनसे कैसे निपटते हो?

    वकील: बिलकुल सीधा तरीका है, मैं उन्हें सलाह देता हूं जैसा कि वो चाहते हैं, बाद में उनके घर बिल भिजवा देता हूँ।

    यह बात डॉक्टर साहब को कुछ जम गई, अगले रोज उन्होंने भी पार्टी में मिले कुछ लोगों के नाम बिल बनाए और उन्हें भिजवाने ही वाले थे कि तभी उनका नौकर अन्दर आया और बोला, "साहब, कोई आपसे मिलना चाहता है।"

    डॉक्टर: कौन है?

    नौकर: वकील साहब का चपरासी है, कहता है कल रात पार्टी में आपने वकील साहब से जो राय ली थी उसका बिल लाया है।
  • वकालत!

    एक वकील को यह देख कर हैरत हुई कि अंदर के कमरे में बैल कोल्हू खींच रहा है और तेली बाहर बैठा चिलम पी रहा है।

    वकील ने तेली से कहा, "अगर बैल रुक जाये तो तुम्हें पता ही नहीं चलेगा।"

    तेली: पता चल जायेगा वकील साहिब, उसके गले में बंधी घंटी भी रुक जाएगी।

    वकील ने एक मिनट सोचा और फिर बोला, "अच्छा अगर यह एक जगह खड़ा होकर बस अपना सिर हिलाता रहे तो घंटी बजती रहेगी और तुम समझोगे कि बैल चल रहा है।"

    तेली ने बड़ी शांति से जवाब दिया, "हमारे बैल ने वकालत नहीं पढ़ी है।"
  • वकीलों की फितरत!

    एक आदमी एक गाड़ी के ऐक्सिडेंट का चश्मदीद गवाह था। उसे अदालत बुलाया गया। वकील और गवाह के बीच सवाल-जवाब का सिलसिला शुरू हुआ।

    वकीलः क्या तुमने सच में ऐक्सिडेंट देखा?

    गवाहः जी हां।

    वकीलः जब ऐक्सिडेंट हुआ, तो तुम उस जगह से कितनी दूरी पर खड़े थे?

    गवाहः 30 फुट और सवा 6 इंच।

    वकीलः क्या तुम बता सकते हो कि तुम इस दूरी को इतनी प्रमाणिकता से कैसे कह सकते हो?

    गवाहः क्योंकि जब ऐक्सिडेंट हुआ, तो मैंने उसी वक्त उस दूरी को इंच टेप से नाप लिया था। मैं जानता था कि कोर्ट में कोई बेवकूफ वकील इस प्रश्न को जरूर पूछेगा।