• स्मार्ट वकील!

    वैलेंटाइन डे के पहले दिन गिफ्ट शॉप पर वकील साहब मिल गए। वो 40 कार्ड ले रहे थे। सब पर उन्होंने भेजने वाले की जगह लिखा -

    `तुम्हारी जान !! पहचान गए ना? शाम को मिलो। लव यू।`

    पूछने पर बताया - पिछले वैलेंटाइन डे पर आस पास की कालोनी में ऐसे ही 20 कार्ड भेजे थे। कुछ ही दिन में तलाक के चार केस मिल गए थे। इस बार 40 कार्ड भेज रहा हूँ।

    धन्धे में सब जायज है।
  • वकील से पंगा!

    वो एक्सप्रेस ट्रेन करीब करीब खाली ही थी। वकील साहब जिस ऐसी 3 कोच में बैठे थे उसमें भी बहुत कम यात्री थे और उनके वाले पोर्शन में उनके अलावा दूसरा कोई पैसेंजर नहीं था।

    तभी एक महिला कोच में उनके वाले पोर्शन में आई और वकील साहब से बोली, "मिस्टर, तुम्हारे पास जो भी मालपानी रुपया, पैसा, सोना, घड़ी, मोबाइल है सब मुझे सौंप दो नहीं तो मैं चिल्लाऊँगी कि, तुमने मेरे साथ छेड़ छाड़ की है।"

    वकील साहब ने शांति से अपने ब्रीफकेस से एक कागज निकाला और उस पर लिखा, "मैं मूक बधिर हूँ, ना बोल सकता हूँ और ना ही सुन सकता हूँ। तुम्हें जो कुछ कहना है, इस कागज पर लिख दो।"

    महिला ने जो भी कहा था वो उसी कागज पर लिख कर दे दिया।

    वकील साहब ने उस कागज को मोड़कर हिफाजत से अपनी जेब में रखा और बोले, "हाँ, अब चिल्लाओ कि, मैंने तुम्हारे साथ छेड़ छाड़ की है। अब मेरे पास तुम्हारा लिखित बयान है।"

    यह सुनते ही महिला वहाँ से यूँ भागी जैसे उसने भूत देख लिया हो।
  • वकील से शादी!

    एक लड़की ने सिर्फ एक वकील से शादी करने में रूचि दिखाई। जब उस लड़की से पूछा गया कि तुम एक वकील पति ही क्यों चाहती हो तो उसने ये उत्तर दिए:

    वो कमरे में घुसने के पहले और कमरे से निकलते समय सर झुकाता है।

    वो हर शब्द बोलने से पहले Your Honour (श्रीमान) या My Lord (मेरे स्वामी/ईश्वर) कहता है।

    उसे पुरुष होने का कोई घमण्ड नहीं होता, क्योंकि वो गाऊन पहनता है।

    वो उस BAR (बार) में जाता है जहां शराब नहीं परोसी जाती।

    और सबसे महत्वपूर्ण बात ये कि वो कभी भी किसी निर्णय पर निर्णय देने वाले के सामने कोई प्रश्न नहीं उठाता, चाहे वो निर्णय उसके खिलाफ ही क्यों न हो। एक पत्नि को इससे ज्यादा क्या चाहिए?
  • ख़ुशी मिलती है!

    एक आदमी ने एक वकील के ऑफिस में फ़ोन किया और वकील का नाम लेकर कहा कि मैं अपने वकील से बात करना चाहता हूँ।

    रिसेप्शन वाले ने कहा, "जी माफ़ कीजिये, पिछले हफ्ते ही उनका देहांत हो गया।"

    अगले दिन फिर से उस आदमी ने उसी तरह पूछा, "जी, क्या मैं अपने वकील के साथ बात कर सकता हूँ?"

    रिसेप्शन वाले ने फिर से वही बात कही कि माफ़ कीजिये उनका पिछले हफ्ते देहांत हो गया।

    अगले दिन फिर से उस आदमी ने फोन किया, "क्या मैं अपने वकील से बात कर सकता हूँ?"

    रिसेप्शन वाले ने उस दिन दुखी होकर उसे पूछ ही लिया, "सर आज ये आपका तीसरा दिन है, लगातार मैं आपको बता रहा हूँ कि आपके वकील मर चुके हैं। आप फिर भी बार-बार फोन करके क्यों पूछ रहे हैं?"

    उस आदमी ने बड़ी सहजता से जवाब दिया, "क्योंकि यह सुनकर मुझे बहुत ख़ुशी मिलती है कि अब मेरे पैसे बच जायेंगे।"