• सयाना पति!

    एक बार एक पति अपनी पत्नी को एक SMS भेजता है और उसमे लिखता है, " जानू आज मुझे घर पहुँचने में देर हो जायेगी इसीलिए तुम ज़रा मेरे सारे गंदे कपडे धो कर रखना और मेरे घर पहुँचने से पहले मेरा मनपसंद खाना बना कर रखना।

    कुछ देर के बाद वह फिर अपनी पत्नी को एक और SMS करता है जिसमे लिखता वह है कि, " जानू एक और बात जो मैं तुम्हे बताना भूल गया वह यह की मेरी कंपनी ने मेरी तनख्वा बढ़ा दी है और इसीलिए मैंने इस महीने के अंत में तुम्हे एक नयी गाडी दिलाने का सोचा है।

    पति जैसे ही यह SMS भेजता है उसके तुरंत बाद दूसरी तरफ से पत्नी का जवाब आता है, वाह यह तो बड़ी अच्छी खबर है, तुम सच बोल रहे हो ना?

    पत्नी का SMS पढ़ पति जवाब भेजता है, " नहीं मैं तो बस यह चेक कर रहा था की तुम्हे मेरा पहला SMS मिला या नहीं।
  • पत्नी का प्यार!

    पत्नी जब मायके जाती है और फिर जब पति कि याद आती है तो कैसे रोमांटिक sms भेजती है देखिये।

    "मेरी मोहब्ब्त को अपने दिल में ढूंढ लेना;
    और हाँ, आंटे को अच्छी तरह गूँथ लेना!

    मिल जाए अगर प्यार तो खोना नहीं;
    प्याज़ काटते वक्त बिलकुल रोना नहीं!

    मुझसे रूठ जाने का बहाना अच्छा है;
    थोड़ी देर और पकाओ आलू अभी कच्चा है!

    मिलकर फिर खुशियों को बाँटना है;
    टमाटर जरा बारीक़ ही काटना है!

    लोग हमारी मोहब्ब्त से जल न जाएं;
    चावल टाइम पे देख लेना कहीं गल न जाएं!

    कैसी लगी हमारी ग़जल बता देना;
    नमक कम लगे तो और मिला लेना!
  • उपयोगी और टिकाऊ जिन्न!

    जूठे बरतनों के ढेर से घबराकर महिला बोली, "हे ईश्वर! यह अलादीन का जादुई चिराग पुरुषों को मिलता है, किसी महिला को क्यों नहीं मिलता? कोई जिन्न होता जो हमारा भी हाथ बंटा दिया करता।"

    महिला की यह पुकार सुन ईश्वर स्वयं प्रकट हुए और बोले, "नियम के अनुसार एक महिला को एक बार में एक ही जिन्न मिल सकता है और हमारा रिकॉर्ड कहता है तुम्हारी शादी हो गयी है। तुम्हें तुम्हारा जिन्न मिल चुका है। उसे अभी-अभी तुमने सब्जी मंडी भेजा है, रास्ते में टेलर से तुम्हारी साडी लेते हुए, मकान मालिक को किराया देते हुए, तुम्हारे लिये झंडु बाम लायेगा, फिर काम पर जायेगा। वो मिनी जिन्न अर्थात पति थोड़ा टाइम खाऊ है, मगर चिराग वाले जिन्न से ज्यादा उपयोगी और टिकाऊ है।"
  • अदालत की तौहीन!

    एक आदमी को पत्नी के साथ मारपीट करने के जुर्म में अदालत में पेश किया गया। जज ने पति की जबानी पूरी घटना ध्यान से सुनी और भविष्य में अच्छा व्यवहार करने की चेतावनी देकर छोड़ दिया।

    अगले ही दिन आदमी ने पत्नी को फिर मारा और फिर अदालत में पेश किया गया।

    जज ने कड़क कर पूछा, "तुम्हारी दोबारा ऐसा करने की हिम्मत कैसे हुई? अदालत को मजाक समझते हो?"

    आदमी ने अपनी सफाई में जज को बताया, "नहीं हुजूर, आप मेरी पूरी बात सुन लीजिए। कल जब आपने मुझे छोड़ दिया तो अपने आप को ताज़ा करने के लिए मैंने थोड़ी सी शराब पी ली। जब उससे कोई फर्क नहीं पड़ा तो थोड़ी-थोड़ी करके मैं पूरी बोतल पी गया। पीने के बाद जब मैं घर पहुंचा तो पत्नी चिल्लाने लगी 'हरामी, आ गया नाली का पानी पीकर'?

    हुजूर, मैंने चुपचाप सुन लिया, और कुछ नहीं कहा। फिर वह बोली, 'कमीने, कुछ काम धंधा भी किया कर या केवल पैसे बर्बाद करने का ही ठेका ले रखा है'।

    हुजूर, मैंने फिर भी कुछ नहीं कहा और सोने के लिए अपने कमरे में जाने लगा। वह पीछे से फिर चिल्लाई, 'अगर उस जज में थोड़ी सी भी अकल होती तो तू आज जेल में होता'।

    बस हुजूर, अदालत की तौहीन मुझसे बर्दाश्त नहीं हुई और मैंने इसे पीट दिया।"

    बस फिर क्या था जज ने केस ख़ारिज किया और पति को बा-इज्ज़त बरी।