• पति - पत्नी और झगड़ा!

    पति: डार्लिंग कल सुबह क्या तुम मेरे साथ योग क्लास में चलना चाहोगी?

    पत्नी: तुम कहना क्या चाहते हो, मैं क्या मोटी हो गयी हूँ?

    पति: अरे ऐसी बात नहीं है, नहीं जाना चाहती तो मत चलो।

    पत्नी: तुम्हारा मतलब मैं आलसी हूँ।

    पति: तुम ऐसे गुस्सा क्यों कर रही हो?

    पत्नी: अब तुम्हें लग रहा है कि मैं हमेशा झगड़ती रहती हूँ।

    पति: अरे मैंने ऐसा कब बोला?

    पत्नी: अच्छा, मतलब अब मैं झूठ बोल रही हूँ।

    पति: अच्छा बाबा, मैं भी नहीं जाता।

    पत्नी: अब समझी मैं, दरअसल तुम खुद मुझे ले जाना नहीं चाहते थे और अब बहाने बना रहे हो। तुम्हारा तो हमेशा से यही काम है। सारी गलती मेरी ही है।

    पत्नी बस लगातार पति को कोसती रही और पति बेचारा चुपचाप बैठा सारी रात यह सोचता रहा कि आखिर उसने ऐसा क्या पूछ लिया जो उसकी यह हालत कर दी गयी।
  • मन्नत मांगो जन्नत नहीं!

    एक बार एक आदमी की अपनी पत्नी से बहुत घमासान लड़ाई हो गयी तो वह गुस्से में घर छोड़ कर चला गया और जंगल में समाधि लगा कर बैठ गया।

    कईं महीनो की घोर तपस्या के बाद भगवान् उस पर प्रसन्न होकर उसके समक्ष प्रकट हुए और उससे बोले।

    भगवान्: आँखे खोलो वत्स।

    आवाज़ सुन कर उस आदमी ने आँखे खोली तो अपने सामने भगवान् को देख वह आदमी भगवान् से बोला, " हे प्रभु मेरे दुखों का निवारण करो।"

    भगवान्: बोलो वत्स तुम्हारी क्या इच्छा है।

    आदमी: प्रभु मैं अपनी पत्नी से बहुत परेशान हूँ और मैं चाहता हूँ या तो आप उसे गूंगा कर दो या मुझे फिर से कुंवारा बना दो।

    भगवान: वत्स मैंने तुम्हे मन्नत मांगने को बोला था जन्नत मांगने को नहीं।
  • गुटर-गुं

    एक बार एक आदमी अपनी प्रेमिका के साथ पार्क में बाहों में बाहें डाल कर बैठा हुआ था और कुछ बड़ी ही रूमानी बातें कर रहा था कि तभी अचानक वहां एक हवलदार आया और बोला, "आपको शर्म नहीं आती आप एक समझदार व्यक्ति होकर खुलेआम पार्क में ऐसी हरकत कर रहे हैं"।

    आदमी: देखिये हवालदार साहब आप गलत समझ रहे हैं, जैसा आप सोच रहे हैं वैसा कुछ भी नहीं है।

    हवलदार: तो कैसा है?

    आदमी: जी हम दोनों शादीशुदा हैं।

    हवालदार: अगर तुम शादीशुदा हो तो फिर अपनी ये प्यार भरी गुटरगूं अपने घर पर क्यों नहीं करते।

    आदमी: हवालदार साहब कर तो लें पर वहां मेरी पत्नी और और इसके पति को शायद अच्छा नहीं लगेगा।
  • रंग ने मरवा दिया!

    जज: एक पकडे हुए चोर स पूछताछ करते हुए," अच्छा तो तुम चार बार एक ही दुकान का ताला तोड़ते हुए पकड़े गए?"

    चोर: जी हाँ साहब।

    जज: तुमने क्या चुराया था?

    चोर: साहब मैंने एक ड्रेस चुराई थी।

    जज: जब तुम एक बार ड्रेस चुरा चुके थे तो फिर चार बार वहां आने की क्या जरुरत थी?

    चोर: साहब जो पहले तीन ड्रेस चुराई उनका रंग मेरी बीवी को पसंद नही आया।