• शराबी की होशियारी!

    एक बार एक शराबी रात के 12 बजे शराब की दुकान के मालिक को फ़ोन करता है और कहता है, "तेरी दुकान कब खुलेगी?"

    दुकानदार: सुबह 9 बजे।

    शराबी फिर थोड़ी देर बाद दोबारा दुकानदार को फ़ोन करके पूछता है, "तेरी दुकान कब खुलेगी?"

    दुकानदार: कहा ना सुबह 9 बजे।

    कुछ देर बाद शराबी फिर से दुकानदार को फ़ोन कर देता है और पूछता है,"भाई साहब आपकी दुकान कब खुलेगी?"

    दुकानदार: अबे तुम्हें कितनी बार बताऊँ सुबह 9 बजे खुलेगी इसीलिए सुबह 9 बजे आना और जो भी चाहिए हो ले जाना।

    शराबी: अबे, मैं तेरी दुकान के अन्दर से ही बोल रहा हूँ।

    दुकानदार जल्दी से दुकान पर गया और दुकान खोल कर चेक करने लगा। तभी पीछे से शराबी अाया और बोला, "चलो अब दुकान खोल ही ली है तो एक बोतल व्हिस्की की ही दे दो।"
  • बीयर पंचमी!

    रविवार को बीयर पंचमी है। जब सूर्य वृषभ राशि में रहता है आैर गर्मी अपनी पूर्ण यौवन पर होती है ताे हर साल यह पर्व बड़े हीं उल्लास के साथ मनाया जाता है। इसे कहीं-कहीं "बीयर तीज" भी कहा जाता है। इसका शुभ मुहूर्त संध्या 6 बजे से रात 12 बजे तक है। इस दिन घर पर या दोस्तों की महफ़िल में बीयर पीने-पिलाने से साल भर बीवी से किच-किच नहीं होती है। जो जातक बीयर नहीं पीते फिर भी पत्नी की रोज की किच-किच से परेशान रहते हैं, उन्हें शुभ मुहूर्त में 9 बीयर चढ़ाकर दोस्तों को पिला कर मात्र चखना से पूर्ण पुण्य मिलता है।

    नोट: बीयर पिलाने में जात धर्म का कोई बंधन नही रहता।

    बीयर पंचमी मनाने की विधि:

    1. संध्या काल स्नान आदि के बाद हलके वस्त्रो में A.C. चला कर बैठें।

    2. समयानुसार पृष्ठभूमि में "मुन्नी बदनाम हुई" जैसे भजन की सीडी लगा लें।

    3. बीयर को फ्रिज से निकाल कर टेबल पर सजा लें।

    4. प्रसाद के लिए कुछ नमकीन, फ्राई काजू, दालमोठ इत्यादि का प्रबंध करें।

    5. पूर्वी और दक्षिण भारत में फ्राई की हुई मछली से भी प्रसाद चढ़ाया जाता है। कुछ न होने पर भूँजा अथवा सादा पापड़ भून कर प्रसाद चढ़ायें।

    6. बीयर को गिलास में डालें पर ध्यान रहे कि बीयर का झाग टेबल पर न गिरे। टेबल पत्नी को साफ़ करनी है, और आज के दिन पत्नी की अप्रसन्नता पूर्णत: वर्जित है।

    7. श्रद्धानुसार आैर क्षमतानुसार एक, दो, तीन, चार, पाँच... बीयर के गिलास पीते जाएँ। तब तक पीयें, जब तक पत्नी का चेहरा लाल न हो जाये।
  • गर्व की बात!

    हिंदी भाषी राज्यों में, दुकानों आदि के जितने भी बोर्ड दिखाई देते हैं, उनमें लिखे हुए पूरे बोर्ड में एक आधा शब्द तो अंग्रेजी का जरूर रहता है। जैसे:

    संजय सर्विस स्टेशन
    अजय मेडिकल स्टोर
    विजय कॉपी सेंटर
    जय बुक शॉप
    संजना माॅल
    बबलू हेयर कटिंग
    शिवा बार एंड होटल
    गणेश लॉज
    ज्योति हॉस्पिटल आदि।

    सिर्फ एक ही बोर्ड ऐसा नजर आया जो हमेशा पूर्ण हिंदी में ही लिखा हुआ होता है जिससे हिंदी भाषी होने का अभिमान महसूस किया जा सकता है एवं हमें भारतीय होने का गर्व महसूस होता है।

    "ठेका देशी शराब"!
  • कुछ घरेलू नुस्खे!

    कुछ ऐसे आयुर्वैदिक उपाय जो आप घर पर ही कर सकते हैं।

    1. कमजोरी: दारू में एक चम्मच शहद और दो बूँद गुलाब जल मिलाकर पिएँ।

    2. खाँसी: दारू में शहद, काली मिर्च और गरम पानी मिलाकर पिएँ।

    3. सर्दी: गरम पानी ब्रांडी मिलाकर पिएँ।

    4. गैस: दारू में थोड़ी हींग मिलाकर पिएँ।

    5. भूख बढ़ाने के लिए: भोजन से एक घंटे पहले, एक गिलास वाइन पिएँ।

    6. उल्टी: दारु में नींबू का रस मिलाकर पिएँ।

    7. और अगर आप पूरी तरह फिट हैं तो दारू में दो आइस क्यूब, थोड़ा सोडा और थोड़ा पानी मिलाकर पिएँ और साथ में मूँग दाल खाएँ।