• भलाई का ज़माना नहीं!

    एक साहब सुबह ऑफिस जाने के लिए बस में सवार हुए तो कंडक्टर ने सवाल किया, "रात ठीक-ठाक घर पहुंच गए थे?"

    आदमी ने बड़ी हैरानी से कंडक्टर की तरफ देखा और पूछा, "क्यों, मुझे क्या हुआ था रात को?"

    कंडक्टर ने जवाब दिया, "कल रात आप शराब पीकर टुन्न थे ना इसलिए।"

    आदमी: तुम्हें कैसे पता चला? मैंने तो तुम से बात तक नहीं की थी।

    कंडक्टर: आप जब बस में बैठे हुए थे तो एक मैडम बस में चढ़ी थीं, जिन्हें आपने उठकर अपनी सीट ऑफर की थी।

    आदमी: तो इसमें मैंने क्या गलत किया?

    कंडक्टर: अरे उस समय बस में केवल आप दो ही पैसेन्जर थे साहब।
  • दरियादिली!

    कल शाम मैं ऑफिस से घर जा रहा था। रास्ते में मोड़ पर एक वृद्ध भिखारी ने आवाज़ दी, "सवेरे से भूखा हूँ बेटा, कुछ दया करो।"

    मेरा दिल भर आया और मैंने अपने नाश्ते के लिए रखा चिप्स का पैकेट बैग से निकालकर उस वृद्ध भिखारी को दे दिया और आगे बढ़ने लगा।

    तभी भिखारी ने मुझे आवाज दी। वैसे तो मुझे जल्दी थी पर उसके आवाज देने पर मैं रुक गया और पलटकर उसके पास आया।

    वृद्ध भिखारी ने मुझे स्नेह से देखा और अंदर की चोर पाकेट से 140/-रुपये निकालकर मेरी हथेली पर धर दिए।

    मैं हकबका कर बोला, "बाबा ये क्या?"

    वृद्ध भिखारी ने ममतापूर्ण स्वर में कहा, "बेटा! तुमने इतने प्यार से मुझे नमकीन का पैकेट दिया तो मेरा भी मूड बन गया। बस सामने के ठेके से एक क्वार्टर ला दो। भगवान् तुम्हारा भला करेंगे।"
  • शराबियों की दावत!

    एक शराबी ने दोस्तों की दावत का प्रोग्राम बनाया, और अपने ही घर से रात को बकरा चोरी किया। रात को अपने दोस्तों के साथ खूब दावत का मजा लिया और सुबह जब घर पहुंचा तो बकरा घर में ही था। यह देख उसने बीवी से पूछा, "ये बकरा कहाँ से आया?"

    बीवी बोली, "बकरे को मारो गोली, ये बताओ रात को तुम चोरों की तरह कुत्ते को कहाँ ले गए थे?"
  • सबसे बड़ा कौन!

    एक बार एक शराबी, शराब पी कर एक मंदिर के बाहर जाता है और पुजारी से बहस करने लगता है।

    शराबी: इस दुनिया में मैं सबसे बड़ा।

    पुजारी: भाई साहब आप कैसे बड़े ? आपसे बड़ा तो भगवान् है।

    शराबी: भगवान् बड़ा तो मंदिर में क्यों पड़ा ?

    पुजारी: अच्छा मंदिर बड़ा।

    शराबी: मंदिर बड़ा तो धरती पे क्यों पड़ा ?

    पुजारी: अच्छा धरती बड़ी ।

    शराबी: धरती बड़ी तो शेषनाग क फन पर क्यों पड़ी ?

    पुजारी: अच्छा शेषनाग बड़े ।

    शराबी: शेषनाग बड़े तो शिवजी के गले में क्यों पड़े ?

    पुजारी: अच्छा शिवजी बड़े।

    शराबी: अच्छा शिवजी बड़े तो पर्वत पर क्यों पड़े?

    पुजारी: अच्छा पर्वत बड़ा ।

    शराबी: पर्वत बड़ा तो हनुमान जी के हाथ पर क्यों पड़ा ?

    पुजारी: अच्छा हनुमान जी बड़े |

    शराबी: हनुमान जी बड़े तो राम जी चरणों में क्यों पड़े ?

    पुजारी: अच्छा राम जी बड़े ।

    शराबी: राम जी बड़े तो सीता जी के पीछे क्यों पड़े ?

    पुजारी: अच्छा तो सीता जी बड़ी

    शराबी: सीता जी बड़ी तो अशोक वाटिका में क्यों पड़ी ?

    पुजारी: अरे भाई आप ही बताइए कौन बड़ा ?

    शराबी: वो सबसे बड़ा जो दो बोतल पी कर भी सीधा खडा।