• मैं औऱ मेरी तनहाई!

    मैं औऱ मेरी तनहाई,
    अक्सर ये बाते करते हैं;

    ज्यादा पीऊं या कम,
    व्हिस्की पीऊं या रम;

    या फिर तौबा कर लूं,
    कुछ तो अच्छा कर लूं;

    हर सुबह तौबा हो जाती है,
    शाम होते होते फिर याद आती है;

    क्या रखा है जीने में,
    असल मजा है पीने में;

    फिर ढक्कन खुल जाता है,
    फिर नामुराद जिंदगी का मजा आता है;

    रात गहराती है,
    मस्ती आती है;

    कुछ पीता हूं,
    कुछ छलकाता हूं;

    कई बार पीते पीते,
    लुढ़क जाता हूं;

    फिर वही सुबह,
    फिर वही सोच;

    क्या रखा है पीने में,
    ये जीना भी है कोई जीने में;

    सुबह कुछ औऱ,
    शाम को कुछ औऱ;

    मैं औऱ मेरी तनहाई,
    अक्सर ये बाते करते हैं।
  • पीने की समस्या!

    एक आदमी एक बार में गया और उसने एक जिन और सोडा मंगवाया उसने इसमें से आधा पिया और बाकि बार वाले के ऊपर गिरा दिया!

    बार वाले को काफी गुस्सा आया उसने उस शराबी को कॉलर से पकड़ा और खींच कर उसे अपने सामने लाया और पूछा, तुमने ऐसा क्यों किया?

    शराबी ने माफ़ी मांगते हुए कहा मुझे माफ़ कर दीजिये सर मैं माफ़ी मांगता हूँ, मैं इसमें कुछ नहीं कर सकता, ये एक बीमारी है जिससे मुझे छुटकारा नहीं मिल रहा है मैं बहुत शर्मिंदा हूँ! बार वाले ने कहा क्या तुम्हें कोई और नजर नहीं आया इस समस्या के लिए!

    शराबी ने कहा मैंने ऐसा कभी नहीं सोचा था की ये मैं आप पर फेकूंगा!

    बार वाले ने कहा जाओ अब तब तक मत आना जब तक तुम अपना इलाज न करवा लो और वो शराबी वहां से चला गया!

    लगभग तीन महीने बाद वापिस उसी बार मैं आया और जिन और सोडा लाने को कहा, शराबी ने इसे आधा पी लिया और बाकि बार वाले पर फेंक दिया!

    बार वाला जोर से चिल्लाया, मुझे याद है मैंने तुम्हें कहा था कि जब तक अपना इलाज न करवा लो तब तक यहाँ नहीं आना!

    शराबी ने कहा, मुझे याद है, पर अब मुझे शर्म नहीं आती!
  • दारु असरदार!

    पहले मैं बहुत परेशान रहता था हमेशा सोता रहता था। मुझसे कोई काम नही हो पाता था। घर वालों के ताने सुनकर रो दिया करता था। फिर मैंने इस नए प्रोडक्ट के बारे में सुना, जिसका नाम है 'दारू'।

    यह सच में बहुत लाजवाब है। अब मैं अपनी नींद केवल 3-4 घंटे में ही पूरी कर लेता हूँ और हर तरह का काम कर लेता हूँ। दुनिया भर के ताने और गलियाँ हँसते-हँसते सह लेता हूँ। कितनी भी मुसीबत आए हमेशा खुश रहता हूँ। दुःख सुख की फिक्र से ऊपर उठ गया हूँ। नरक और स्वर्ग यहीं है इसका भेद समझ गया हूँ। मुझे अपने दुश्मनों से भी प्यार हो गया है।

    सच में दारू असरदार है। इसलिए दारू का क्वार्टर हमेशा अपने पास रखो और जब भी तुम्हें किसी प्रकार की कोई घबराहट हो तो अपनी दारू पी लो। तुम ज़रूर कामयाब हो जाओगे।

    क्योंकि अगर तुम दारू को सह सकते हो तो कुछ भी कर सकते हो। इसलिए आज ही दारू का सेवन शुरू करें और मुझे बुलाना मत भूलें।
  • शराबी की होशियारी!

    एक बार एक शराबी रात के 12 बजे शराब की दुकान के मालिक को फ़ोन करता है और कहता है, "तेरी दुकान कब खुलेगी?"

    दुकानदार: सुबह 9 बजे।

    शराबी फिर थोड़ी देर बाद दोबारा दुकानदार को फ़ोन करके पूछता है, "तेरी दुकान कब खुलेगी?"

    दुकानदार: कहा ना सुबह 9 बजे।

    कुछ देर बाद शराबी फिर से दुकानदार को फ़ोन कर देता है और पूछता है,"भाई साहब आपकी दुकान कब खुलेगी?"

    दुकानदार: अबे तुम्हें कितनी बार बताऊँ सुबह 9 बजे खुलेगी इसीलिए सुबह 9 बजे आना और जो भी चाहिए हो ले जाना।

    शराबी: अबे, मैं तेरी दुकान के अन्दर से ही बोल रहा हूँ।

    दुकानदार जल्दी से दुकान पर गया और दुकान खोल कर चेक करने लगा। तभी पीछे से शराबी अाया और बोला, "चलो अब दुकान खोल ही ली है तो एक बोतल व्हिस्की की ही दे दो।"