• दयालु संता!

    एक दिन संता ऑफिस जाने के लिए जब बस में चढ़ा तो कंडक्टर ने हँसते हुए पूछा, "कल रात आप ठीक-ठाक घर पहुँच गए थे? कहीं गिरे तो नहीं या रास्ता तो नहीं भूले थे घर का?"

    संता (गुस्से से): क्यों, कल रात को मुझे क्या हुआ था?

    कंडक्टर: कल रात आप नशे में टुन्न थे।

    संता: तुम कैसे कह सकते हो कि कल रात मैं नशे में था। हमने तो आपस में कोई बात भी नहीं की थी।

    कंडक्टर: जी, वो ऐसा है कि कल रात जब आप बस में बैठे हुए थे तब एक मैडम बस में चढ़ी थी और आपने उन्हें उठकर अपनी सीट पर बैठने के लिए कहा था।

    संता (हैरानी से): तो क्या किसी महिला को सीट देना कोई गुनाह है?

    कंडक्टर (हँसते हुए): गुनाह तो नहीं है पर जब आप ने उनको सीट के लिए पूछा उस समय बस तो पहले से ही खाली थी।
  • कार नई है या बीवी?

    एक दिन संता और बंता घर के बाहर पार्क में बैठे थे कि इतने में वहाँ पर एक कार आकर रुकी जिसमे से एक आदमी उतरा है और अपने साथ बैठी हुई अपनी पत्नी के लिए दरवाज़ा खोला, उस आदमी को ऐसा करते देख बंता, संता से बोला, "यार लगता है यह आदमी अपनी बीवी से बेहद प्यार करता है?"

    संता: अरे यार ऐसा कुछ नहीं है।

    संता का जवाब सुन बंता ने हैरानी से उसकी तरफ देखा और बोला, "यार अगर ऐसा कुछ नहीं है तो उसने अपनी बीवी के लिए इतनी इज्ज़त से कार का दरवाज़ा क्यों खोला?"

    संता: यार देख यदि आदमी अपनी बीवी के लिए खुद कार का दरवाजा खोले तो उससे दो बातें साफ हो जाती हैं।

    बंता: कौन सी दो बातें?

    संता: यही कि या तो उसकी कार नई है या फिर बीवी।
  • संता का जवाब!

    पप्पू की शैतानियों से तंग आ कर संता और जीतो ने फैंसला लिया कि उसे हॉस्टल में भेज दिया जाये। इसलिए पप्पू का सामान बाँध कर उसे हॉस्टल छोड़ आये।

    अभी हॉस्टल में पप्पू का केवल एक हफ्ता भी नहीं गुज़रा था कि उसके हॉस्टल से उसके वार्डन का संता को फ़ोन आ गया और वार्डन बोला,"जी क्या मैं पप्पू की पिता जी से बात कर सकता हूँ?"

    संता: जी हाँ कहिये मैं बोल रहा हूँ।

    वार्डन: जी आपके बेटे पप्पू ने अपनी शैतानियों से सारे हॉस्टल की नाक में दम कर रखा है।

    वार्डन की बात सुन कर संता तुरंत बोला, "अरे जी वाह आपने तो एक हफ्ते में ही फ़ोन कर दिया, हम भी तो इतने सालों से उसे पाल रहे हैं हम ने तो कभी किसी से शिकायत नहीं की।"
  • ख़ुशी मिलती है!

    एक आदमी ने एक वकील के ऑफिस में फ़ोन किया और वकील का नाम लेकर कहा कि मैं अपने वकील से बात करना चाहता हूँ।

    रिसेप्शन वाले ने कहा, "जी माफ़ कीजिये, पिछले हफ्ते ही उनका देहांत हो गया।"

    अगले दिन फिर से उस आदमी ने उसी तरह पूछा, "जी, क्या मैं अपने वकील के साथ बात कर सकता हूँ?"

    रिसेप्शन वाले ने फिर से वही बात कही कि माफ़ कीजिये उनका पिछले हफ्ते देहांत हो गया।

    अगले दिन फिर से उस आदमी ने फोन किया, "क्या मैं अपने वकील से बात कर सकता हूँ?"

    रिसेप्शन वाले ने उस दिन दुखी होकर उसे पूछ ही लिया, "सर आज ये आपका तीसरा दिन है, लगातार मैं आपको बता रहा हूँ कि आपके वकील मर चुके हैं। आप फिर भी बार-बार फोन करके क्यों पूछ रहे हैं?"

    उस आदमी ने बड़ी सहजता से जवाब दिया, "क्योंकि यह सुनकर मुझे बहुत ख़ुशी मिलती है कि अब मेरे पैसे बच जायेंगे।"