• प्याज़ के रुलाने का कारण!

    जब भगवान सारी सब्जियों को उनके गुण और सुगंध बांट रहे थे तब प्याज चुपचाप उदास होकर पीछे खड़ी हो गई। सब चले गए प्याज नहीं गई। वहीँ खड़ी रही। तब विष्णुजी ने पूछा, "क्या हुआ तुम क्यों नही जाती?"

    तब प्याज रोते हुए बोली, "आपने सबको सुगंध और सुंदरता जैसे गुण दिए पर मुझे बदबू दी। जो मुझे खाएगा उसका मुँह बदबू देगा। मेरे साथ ही यह व्यवहार क्यों?"

    तब भगवान को प्याज पर दया आ गई। उन्होने कहा, "मैं तुम्हे अपने शुभ चिन्ह देता हूँ। यदि तुम्हें खड़ा काटा जायेगा तो तुम्हारा रूप शंखाकार होगा और यदि आड़ा काटा गया तो चक्र का रूप होगा। यही नहीं सारी सब्जियों को तुम्हारा साथ लेना होगा, तभी वे स्वादिष्ट लगेंगी और अंत में तुम्हे काटने पर लोगों के वैसे ही आंसू निकलेंगे जैसे आज तुम्हारे निकले हैं। जब जब धरती पर मंहगाई बढ़ेगी तुम सबको रुलाओगी।

    दोस्तों इसीलिए प्याज आज इतना रुला रही है उसे वरदान जो प्राप्त है।

    परम ज्ञानी गुरु बाबा बकवास नंद के प्रवचनों से साभार!
  • परीक्षा के दौरान!

    अध्यापिका पप्पू से: तुम इतने परेशान क्यों हो?

    पप्पू ने कोई जवाब नहीं दिया।

    अध्यापिका: क्या हुआ, क्या तुम अपना पेन भूल आये हो?

    पप्पू फिर चुप।

    अध्यापिका ने फिर से सवाल किया: रोल नंबर भूल गए हो?

    पप्पू इस बार भी चुप।

    अध्यापिका फिर से: हुआ क्या है, कुछ तो बताओ क्या भूल गए?

    पप्पू गुस्से से: ओये! चुप कर मेरी माँ, यहाँ मैं पर्ची गलत ले आया हूँ और तुझे पेन-पेंसिल और रोल नंबर की पड़ी हुई है।
  • गहराई की सच्चाई!

    एक बार संता और बंता एक कोयले की खदान में नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जाते हैं तो मैनेजर पहले बंता को बुलाता है और उसका इंटरव्यू लेता है।

    मैनेजर: क्या तुमने इस से पहले भी कभी खदान में काम किया है?

    बंता: जी हाँ।

    मैनेजर: अच्छा तो मुझे यह बताओ की उसकी गहराई कितनी थी?

    बंता: जी 20 फुट।

    बंता की बात सुन मैनेजर को गुस्सा आ जाता है तो वह उस से कहता है, "क्या बकवास कर रहे हो 20 फुट गहरी भी कोई खदान होती है, तुम झूठ बोल रहे हो इसीलिए मेरे कमरे से बहार निकल जाओ।"

    मैनेजर की बात सुन बंता बहार आ जाता है और संता को अन्दर हुई सारी बात बताता है और कहता है, "अगर मैनेजर अन्दर तुमसे खदान की गहराई के बारे में पूछे तो ज्यादा से ज्यादा बताना।"

    उसके बाद संता की बारी आती है तो मैनेजर फिर उस से वही सवाल पूछता है।

    मैनेजर: क्या तुमने इस से पहले कभी खदान में काम किया है?

    संता: जी हाँ।

    मैनेजर: अच्छा तो उस खदान की गहराई कितनी थी?

    संता: जी 20,000 हज़ार फुट।

    मैनेजर: बहुत बढ़िया तो एक बात और बताओ कि इतनी गहराई में काम करते वक्त तुम किस तरह की लाईटों का प्रयोग करते थे?

    संता: जी मुझे कभी लाईटों की ज़रूरत नहीं पड़ी क्योंकि मेरी दिन की शिफ्ट होती थी।
  • सेर पर सवा सेर!

    एक बार संता और बंता दोनों एक दुकान पर गए। वहाँ सब लोगों को अपने काम में व्यस्त देख कर बंता ने 3 चॉकलेट चुरा लिए।

    जब दोनों बाहर आये तो बंता अपनी ढींगे हांकने लगा कि वो बहुत चालाक है। उसने 3 चॉक्लेट चुराए और किसी को पता भी नहीं लगने दिया। तुम ऐसा नहीं कर सकते।

    यह सुनकर संता को भी गुस्सा आ गया और बोला, "चलो मैं तुम्हें इससे भी बढ़िया चीज़ दिखाता हूँ।"

    वो दोनों वापिस अंदर चले गए। अंदर जाकर संता ने दुकानदार से कहा, "क्या तुम जादू देखना चाहते हो?"

    दुकानदार ने कहा, "हाँ, ठीक है।"

    संता: तो फिर मुझे एक चॉकलेट दो।

    दुकानदार ने संता को चॉकलेट दी और संता ने वो चॉकलेट खा ली और दूसरी चॉकलेट मांगी। दुकानदार ने दूसरी चॉकलेट भी दे दी तो संता ने उसे भी खा लिया। अब संता ने दुकानदार से तीसरी चॉकलेट मांगी और वो भी खा ली।

    दुकानदार ने पूछा, "इसमें जादू कहाँ है?"

    संता: मेरे दोस्त की जेब देखो तो तुम्हें तुम्हारी तीनों चॉकलेट वापिस मिल जाएँगी!