• पागलखाना!

    एक पागलखाने में एक डॉक्टर सुबह सुबह मरीजों के चैकअप के लिए निकल पड़ा उसने देखा संता ऐसे दिखा रहा है कि वह लकड़ियाँ काटने का काम कर रहा है और बंता सीलिंग के साथ उल्टा लटका हुआ है!

    डॉक्टर ने पूछा अरे संता क्या कर रहे हो?

    संता ने कहा दिखाई नहीं देता लकड़ियाँ काट रहा हूँ!

    डॉक्टर ने संता से फिर पूछा और ये बंता क्या कर रहा है?

    संता ने कहा ये तो पागल हो गया है ये समझ रहा है कि ये बल्ब है इसलिए उल्टा लटका है!

    डॉक्टर ने उल्टे लटके हुए बंता को देखा तो उसका चेहरा पूरा लाल हो गया था डॉक्टर ने संता से कहा अरे, ये तुम्हारा दोस्त है इस से पहले कि इसके साथ कुछ गलत हो तुम्हें इसे नीचे उतारना चाहिए!

    संता फिर में अँधेरे में काम कैसे करूँगा?
  • काश देर ना होती!

    एक बार एक औरतो से भरी बस का बहुत ही बुरी तरह से एक्सीडेंट हो गया, और उसमे सवार सभी औरतें मर गयी।

    यह खबर सुन कर उन सभी औरतों के पति घटनास्थल पर पहुंचे और बड़ी जोर जोर से रोने लगे।

    यह सब देख संता जोकि उन आदमियों के साथ घटनास्थल पर गया था वह भी रोने लगा।

    परन्तु कुछ देर बाद जब वे सभी आदमी रो कर चुप हो गए तो संता फिर भी रोता रहा, यह देख कर एक आदमी संता के पास आया और उससे बोला," क्या हुआ भाई क्या तुम्हारी पत्नी भी इस एक्सीडेंट में मर गयी है क्या?"

    संता: नहीं?

    आदमी: तो फिर तुम क्यों इतनी जोर-जोर से रो रहे हो?

    संता: क्योंकि मेरी बीवी की यही बस बस छूट गयी थी।
  • संता की शानपट्टी!

    संता बाज़ार में दरी बेचने वाली दुकान पर गया और साथ पप्पू को भी ले गया।

    संता: मुझे एक बढ़िया दरी चाहिए।

    दुकानदार: जी ज़रूर।

    दुकानदार ने तरह-तरह की दरियां दिखाई।

    अंत में संता को एक दरी पसंद आ गयी।

    संता: मुझे यह वाली पसंद है, मैं इसे अभी अपने साथ ले जाता हूँ। यदि यह कमरे में ठीक-ठीक आ गयी तो रख लूंगा नहीं तो वापिस भेज दूंगा।

    दुकानदार ने विश्वास कर लिया और बोला: अगर आपने वापिस करनी है तो कल शाम तक वापिस भेज दीजियेगा।

    इतने में पप्पू बोला: कोई दिक्कत नहीं अंकल, हमारे यहाँ पार्टी तो आज रात को है।
  • मछली पकड़ने का लाइसेंस!

    बंता मछलियाँ पकड़ने में काफी माहिर था और बड़ी बड़ी मछलियाँ पकड़ने के लिए मशहूर था, एक दिन वो बड़ी सी मछली पकड़कर टोकरी में लेकर घर की तरफ आ रहा था तभी मत्स्य अधिकारी ने उसे रोका और पूछा क्या तुम्हारे पास मछली पकड़ने का लाइसेंस है!

    बंता ने जवाब दिया लाइसेंस? कैसा लाइसेंस?

    लाइसेंस की तो कोई जरुरत ही नहीं है ये तो मेरी पालतू मछली है!

    पालतू मछली? मत्स्य अधिकारी ने पूछा!

    बंता ने जवाब दिया जी हाँ सर 'पालतू' हर रात को मैं इसे इस झील में डाल देता हूँ और थोड़ी देर के बाद मैं एक सीटी बजाता हूँ और ये कूदकर झील के किनारे पर आ जाती हैं और टोकरी में डालकर घर ले जाता हूँ!

    ये तो तुम मेरा सरेआम बेवकूफ बना रहे हो मछली ऐसा कर ही नहीं सकती!

    बंता ने अधिकारी से कहा कि आप ये चाहते हैं कि मैं आपको ये सब करके दिखाऊँ!

    मत्स्य अधिकारी ने उत्सुकता से कहा कि बिल्कुल जरुर देखना चाहूँगा!

    बंता ने मछली को पानी में डुबो दिया और वहीँ खड़ा हो गया थोड़ी देर वहीँ रुकने के बाद मत्स्य अधिकारी ने बंता से कहा: फिर?

    बंता: फिर क्या?

    अधिकारी ने पूछा तो तुम अपनी मछली को वापिस नहीं बुला रहे हो!

    बंता ने कहा: मछली?... कौन सी मछली?