• संता का हौंसला!

    एक बार संता की पत्नी बीमार हुई तो संता ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया।

    कुछ देर तक ऑपरेशन थियेटर में संता की पत्नी का मुआयना करने के बाद जब डॉक्टर बाहर आया तो संता ने डॉक्टर से पूछा , "क्या हुआ डॉक्टर साहब सब ठीक तो है ना?"

    डॉक्टर: संता एक बहुत ही बुरी खबर है।

    संता: क्या हुआ डॉक्टर साहब?

    डॉक्टर: तुम्हारी पत्नी अब बस पांच घंटों की ही मेहमान है।

    संता : कोई बात नहीं डॉक्टर साहब अब जहां पांच साल बर्दाश्त किया है तो पांच घंटे और सही।
  • महिलाओं की खूबसूरती का बखान!

    कुदरत ने औरतों को हसीन बनाया;
    खूबसूरती दी;
    चाँद सा चेहरा दिया;
    हिरनी सी आँखे;
    मोरनी सी चाल;
    रेशम जैसे बाल!
    कोयल जैसे मीठी आव़ाज!
    फूलों सी मासुमियत दी;
    गुलाब से होंठ;
    शहद सी मिठास दी;
    प्यार भरा दिल दिया;
    फिर जुबान दी;
    और फिर इन सबका सत्यानाश हो गया।
    जब भी इन्होंने अपना मुंह खोला, बस हर वक़्त टे टे टे टे टे टे टे टे टे...
  • संता की खरीदारी!

    एक बार संता एक दुकान पर गया और दुकानदार से बोला।

    संता: साबुन है ?

    दुकानदार: नहीं।

    संता: सिगरेट है ?

    दुकानदार: नहीं।

    संता: माचिस है ?

    दुकानदार: नहीं।

    संता: अच्छा चीनी तो होगी?

    दुकानदार: नहीं भाईसाहब वो भी नहीं।

    संता (गुस्से से): ताला है ?

    दुकानदार: हाँ, है।

    संता: तो फिर दुकान को लगा दे और घर बैठ।
  • संता का रोमांस!

    एक बार संता अपनी प्रेमिका के साथ पार्क में बाहों में बाहें डाल कर बैठा हुआ था और कुछ बड़ी ही रूमानी बातें कर रहा था कि तभी अचानक वहां एक हवलदार आया और संता से बोला, " आपको शर्म नहीं आती आप एक समझदार व्यक्ति होकर खुलेआम पार्क में ऐसी हरकत कर रहे हैं"।

    संता: देखिये हवालदार साहब आप गलत समझ रहे हैं, जैसा आप सोच रहे हैं वैसा कुछ भी नहीं है।

    हवलदार: तो कैसा है?

    संता: जी हम दोनों शादीशुदा हैं।

    हवालदार: अगर तुम शादीशुदा हो तो फिर अपनी ये प्यार भरी गुटरगूं अपने घर पर क्यों नहीं करते।

    संता: हवालदार साहब कर तो लें पर वहां मेरी पत्नी और और इसके पति को शायद अच्छा नहीं लगेगा।