• बुढ़िया कहाँ गई!

    एक बार एक बुढ़िया मर गयी तो उसकी बेटी जोर-जोर से रोने लगी और बोली।

    बेटी: "अम्मा कहाँ गयी तू, जहां ना धूप-ना छाँव, ना रोटी-ना सब्जी, ना बिजली ना पानी।

    साथ में ही संता और बंता भी शोक मनाने गये हुए थे।

    संता ने साथ में बैठे बंता को कोहनी मारी और बोला, "अबे देख बुढ़िया कहीं हमारे घर पे तो नहीं चली गयी?"
  • शादी या बर्बादी!

    एक बार संता और बंता एक पार्क में बैठे हुए बातें कर रहे होते हैं तो संता, बंता से कहता है।

    संता: यार मैंने प्यार-मोहब्बत से तौबा कर ली है, अब आगे से किसी हसीन लड़की की तरफ आंख उठाकर भी नहीं देखूंगा।

    बंता: क्यों? क्या किसी लड़की ने तुम्हें ठुकरा दिया?

    संता: नहीं यार।

    बंता: तो फिर क्या हुआ?

    संता: यार, उसने मुझसे शादी कर ली।
  • चोट का राज़!

    एक बार संता को सिर में चोट लग गयी तो उसे लहुलुहान हालत में अस्पताल लाया गया जो देख कर भर्ती काउंटर पर खड़े डॉक्टर ने उस से चंद सवाल पूछने शुरू किये।

    डॉक्टर: नाम?

    संता: जी संता।

    डॉक्टर: पिता का नाम?

    संता: करनैल।

    डॉक्टर: जन्म की तारीख?

    संता: 1 मार्च।

    डॉक्टर: शादीशुदा?

    संता: जी नहीं, कार एक्सीडेंट।
  • नर्क और स्वर्ग!

    एक बार संता की प्रेमिका ने संता से बड़े ही रूमानी अंदाज़ में कहा।

    प्रेमिका: जानू एक बात पूछूं तो क्या तुम उसका सही-सही जवाब दोगे?

    संता: हाँ-हाँ पूछो।

    प्रेमिका: अच्छा तो बताओ, अगर जोड़ियां स्वर्ग में बनती हैं तो शादी भी वहीं क्यों नहीं हो जाती?

    संता कुछ देर सोचता रहा और बोला,"अरे बेवकूफ अगर वहां भी शादियां होने लगीं तो स्वर्ग, नर्क नहीं बन जाएगा क्या?"