• शैतान बच्चा!

    एक बार पप्पू एक अनजान नंबर से संता को कॉल करता।

    संता: हेल्लो।

    पप्पू: उल्लो, पुल्लो, कुल्लो।

    संता: कौन है बे?

    पप्पू: एक इंसान।

    संता: वो तो पता है नाम बोल?

    पप्पू: मैं एक गंदा बच्चा हूँ।

    संता: तेरी तो ऐसी की तैसी, कहाँ रहता है तू?

    पप्पू: पृथ्वी पर।

    संता: वो तो पता है, फोन क्यों किया?

    पप्पू: तुझे परेशान करने के लिए।

    संता: रुक कम्बखत, अपने बाप को बुला, गधे की औलाद।

    पप्पू: हेल्लो पापा, मैं पप्पू।
  • संता कहाँ गया?

    संता अपने दोस्त बंता के घर आया हुआ था, रात को खाना खा कर जब वह वापस अपने घर जाने लगा तो देखा की बाहर बहुत तेज़ बारिश हो रही थी।

    बंता ने ये देखा तो बोला, "आज मेरे पास ही रुक जाओ बारिश बहुत तेज है।"

    संता: "ठीक है।"

    बंता ने बिस्तर लगाया और देखा तो संता को गायब पाया।

    एक घंटे बाद संता ने बंता के घर का दरवाजा खटखटाया।

    बंता ने हैरानी से पूछा, "ओये तू किधर गया था?"

    संता: "यार, वो मैं घर वालों को बताने गया था, के आज बारिश की वजह से मैं घर नहीं आ सकूँगा।"
  • शर्मीली बुढिया!

    एक बार एक बूढी महिला अपने घर के आँगन मैं बैठी स्वेटर बुन रही थी कि तभी अचानक एक आदमी उसकी आँख बचाते हुए उसकी कुर्सी के नीचे बम रख कर भाग गया।

    आदमी को इतनी जल्दी में भागते हुए देख, कुछ लोगों को शक हुआ तो उन्होंने आँगन में झाँक कर देखा तो उनकी नज़र बुढिया की कुर्सी के नीचे रखे बम पर पड़ी।

    यह देख कर उन लोगों ने बुढिया को आगाह करने के लिए घर के बाहर से ही चिल्लाना शुरू कर दिया "बुढिया बम है, बुढिया बम है।"

    यह शोर-गुल सुन कर बुढिया एक पल के लिए चौंकी और फिर शर्माते हुए बोली, " अरे अब वो बात कहाँ, बम तो मैं जवानी में होती थी।"
  • यह कैसी इंसानियत?

    एक चोर एक अमीर आदमी के घर में चोरी करने के लिए जाता है।

    जब वह चोर तिजोरी के पास पहुंचता तो उसने देखा कि तिजोरी पर लिखा था, तिजोरी को तोड़ने की जरुरत नहीं है।

    452 नंबर प्रेस करके सामने वाला बटन दबाओ, तिजोरी अपने आप ही खुल जायेगी।

    उस चोर ने जैसे ही बटन दबाया जोर से अलार्म बजा और पुलिस आ गई।

    चोर जाते-जाते सेठ से बोला, तुम्हारी वजह से आज से मेरा इंसानियत से विश्वास उठ गया है।