• हरियाणवी मेट्रो!

    मेट्रो हरियाणा में प्रवेश करने जा रही है तो फिर Anouncement भी हरियाणवी में होनी चाहिए। कैसी होगी Announcement:

    🔹आगला टेसन बहादुरगढ़ "सै, किवाड ओले हाथ नै, खुल्लैंगे, गाड्डी में तै सुथरी ढाल उतरियो अर उतरती हाण एक-दुसरे कै ख्स्सन की कोय जरुत ना है।

    🔹गाड्डी में जो भी माणस होक्का-बीड़ी पींता पाया, तो पकड़ के तोड्या जागा, कदै पाछै न्यू कहो अक बताई ना थी।

    🔹खागडां तै निवेदन है बडे-बूढ्ढ्यां नै अर बालक आली बीरबानियां ताईं सीट छोड दें।

    🔹चालती गाड्ड़ी की सूध में पहलडा डिब्बा लुगाईयां ताईं है, मलंग भिरड के छत्ते की ढाल उडै ना मंडरावैं।

    🔹गाड्डी में चोर-डाकुवां तै चौकस रहियो ।
  • जाट और बाबा!

    जाट को खेत में टयूबवेल लगवाना था। सोचा कि बाबा जी से पूछ लूँ कि पानी कहाँ होगा? बाबा जी ने सारे खेत में घूम कर एक कोने में हाथ रख दिया और बोला कि यहाँ टयूबवेल लगा ले और 1100/- रु. ले लिये।

    जाट बेचारा भुरभुरे स्वभाव का था। बाबा जी से बोला, "मैं बहुत खुश हूँ... आप मेरे घर खाना खाने आओ।"

    बाबा ने सोचा कि फंस गई मुर्गी आज तो और हाँ कर दी।

    जाट घर जा कर अपनी पत्नि से बोला, "बाबा जी जिम्मण आवेंगे पकवान बना ले और एक कटोरी में नीचे देसी घी और उपर चावल डाल दिये।"

    पत्नि बोली कि घी तो उपर होता है।

    जाट बोला कि आज तू घी नीचे रखिये।

    बाबा जी आ गये और चावल वाली कटोरी देख कर बोले, "बेटा इस में घी तो है ही नहीं।"

    जाट ने चप्पल निकाल के एक धरी बाबा के कान के नीचे और बोला, "तन्नै खेत में 250 फुट नीचे का पानी देख लिया, कटोरी में 2 इंच नीचे घी नी दिक्खया?"
  • भावुक हो गया ताऊ!

    एक बार ताऊ फिल्म देखण गया, फिल्म का नाम था बॉबी, अर गाणा चाल रया था, "मैं मायके चली जाऊंगी"।

    Dimple: मैं मायके चली जाऊंगी, तुम देखते रहियो।

    ताऊ: न्यू क्यूकर चली ज्यागी, यो तेरी टांग ने तोड़ देगा।

    Rishi Kapoor: मैं दूजा ब्याह रचाउंगा

    ताऊ: येह्ह्ह्ह बात .. छोरे ने कट्या रोग

    Dimple: मैं कुवें में गिर जाउंगी।

    ताऊ: छोरे बहकाए में मत आ ज्याइये .. पाखण्ड कर रिह सै।

    Rishi Kapoor: मैं रस्सी से खिंचवाऊंगा।

    ताऊ: अरे क्या ने खिंचवावे सै..... आगे फेर सेधेगी।

    Dimple: मैं पेड़ पर चढ़ जाउंगी।

    ताऊ: टंगी रहन्दे सासु की नै।

    Rishi Kapoor: मैं आरी से कटवाऊंगा

    ताऊ: अरे तू भी मैंने तो किमे नकली सा ए लाग्या... खामखाँ अपनी बुआ नै सिर पै चढ़ा रया सै।

    Dimple: मैं मायके नहीं जाउंगी, मैं मायके नहीं जाउंगी।

    ताऊ: तावलिये होश ठिकाणे आगे
  • चौधरी का हिसाब!

    एक बै एक चौधरी साहब की लाटरी लाग गी, अर लाटरी भी थोड़ी नहीं, पूरे 50 करोड़ की लागी। पूरे गोहान्ड मै रुक्का पङग्या अर मीडिया आले चौधरी कै पाच्छै पाच्छै चक्कर काटैं। एक मीडिया आला चौधरी कै मुह आगै माईक लगा कै बोल्या, 'चौधरी साहब। आप नै के बेरा लाग्या के इस नम्बर पै ऐ लाटरी लागै गी?"

    चौधरी: जब मैं पहली रात नै सोया तो मन्नै सूपने मैं 8 दिख्या। अर दूसरी रात नै सोया तो सूपने मै 9 दिख्या। मन्नै 8 अर 9 की गुणा करकै 53 नम्बर पै लाटरी लगा दी।
    मीडिया आला ( अचम्भे मै ): रै चौधरी साहब। यो के कर्या आप नै। 8 अर 9 की गुणा तो 72 होव सै।

    चौधरी: रै बावलीबूच। तेरै हिसाब तै चालदा तो लाग ली थी लाटरी।