• ज्ञान की बात!

    एक लड़का एक कोचिंग सेंटर में प्री-मेडिकल-टेस्ट की तैयारी कर रहा था।

    फिजिक्स उस लड़के को बिलकुल समझ में नहीं आता था और सारे लेक्चर उसके सिर के ऊपर से निकल जाते थे।

    एक दिन उसने टीचर से पूछा, `सर, हम लोग यहाँ डॉक्टर बनने की तैयारी करने आए हैं वैज्ञानिक बनने की नहीं, फिर हमें फिजिक्स क्यों पढ़ना पड़ता है?`

    टीचर ने मुस्कुरा कर कहा, `फिजिक्स मेडिकल साइंस के लिए बड़ा उपयोगी विषय है। यह लोगों की ज़िन्दगी बचाने में मदद करता है।`

    लड़के ने हलके से व्यंग्यात्मक अंदाज़ में कहा, `अच्छा, वो कैसे सर? ज़रा हमें भी तो बताईये कि फिजिक्स से लोगों की जिंदगी कैसे बचाई जा सकती है?`

    `अरे वो फिजिक्स ही तो है जो तुम जैसे गधों को मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने से रोकता है ...`, टीचर ने समझाते हुए कहा!
  • सही कीमत!

    जुम्मन मियां की बाजार की एक गली में छोटी सी मगर बहुत पुरानी कपड़े सीने की दुकान थी।

    उनकी इकलौती सिलाई मशीन के बगल में एक बिल्ली बैठी एक पुराने गंदे कटोरे में दूध पी रही थी।

    एक बहुत बड़ा कला पारखी जुम्मन मियां की दुकान के सामने से गुजरा। कला पारखी होने के कारण जान गया कि कटोरा एक एंटीक आइटम है और कला के बाजार में बढ़िया कीमत में बिकेगा।

    लेकिन वह ये नहीं चाहता था की जुम्मन मियां को इस बात का पता लगे कि उनके पास मौजूद वह गंदा सा पुराना कटोरा इतना कीमती है। उसने दिमाग लगाया और जुम्मन मियां से बोला,- 'बड़े मियां, आदाब, आपकी बिल्ली बहुत प्यारी है, मुझे पसंद आ गई है। क्या आप बिल्ली मुझे देंगे? चाहे तो कीमत ले लीजिए।'

    जुम्मन मियां ने पहले तो इनकार किया मगर जब कलापारखी कीमत बढ़ाते-बढ़ाते दस हजार रुपयों तक पहुंच गया तो जुम्मन मियां बिल्ली बेचने को राजी हो गए और दाम चुकाकर कला पारखी बिल्ली लेकर जाने लगा।

    अचानक वह रुका और पलटकर जुम्मन मियां से बोला- `बड़े मियां बिल्ली तो आपने बेच दी। अब इस पुराने कटोरे का आप क्या करोगे? इसे भी मुझे ही दे दीजिए। बिल्ली को दूध पिलाने के काम आएगा। चाहे तो इसके भी 100-50 रुपए ले लीजिए।'

    जुम्मन मियां ने बड़े प्यार से कटोरे को सहलाते हुए जवाब दिया, `नहीं साहब, कटोरा तो मैं किसी कीमत पर नहीं बेचूंगा, क्योंकि इसी कटोरे की वजह से आज तक मैं 50 बिल्लियां बेच चुका हूं।
  • चोरी ऊपर से सीनाज़ोरी!

    एक बार एक आदमी बड़ी आराम से अपनी गाड़ी में जा रहा था कि अचानक सामने से आ रही एक महिला की गाड़ी आ कर उसकी गाड़ी से टकरा गयी, पर एक्सिडेंट के बाद दोनों सुरक्षित बच गए।

    जब दोनों गाड़ी से बाहर आये तो महिला ने पहले अपनी गाड़ी को देखा जो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी, फिर वो सामने की तरफ गयी जहाँ आदमी भी अपनी गाड़ी को बड़ी गौर से देख रहा था।

    तभी वह महिला उससे रूबरू होते हुए बोली, "देखिये कैसा संयोग है कि गाड़ियाँ पूरी तरह से टूट-फूट गयी पर हमें चोट तक नहीं आई। यह सब भगवान की मर्जी से हुआ है ताकि हम दोनों मिल सकें। मुझे लगता है कि अब हमें आपस में दोस्ती कर लेनी चाहिए।"

    आदमी ने भी सोचा कि इतना नुक्सान होने के बाद भी गुस्सा करने के बजाय दोस्ती के लिए कह रही है तो कर लेता हूँ और बोला, "आप बिल्कुल ठीक कह रही हैं कि ये सब भगवान की मर्जी से हुआ है।"

    तभी महिला ने कहा, "एक चमत्कार और देखिये कि पूरी गाड़ी टूट-फूट गयी पर अंदर रखी शराब की बोतल बिल्कुल सही है।"

    आदमी ने कहा, "वाकई यह तो हैरान करने वाली बात है।"

    महिला ने बोतल खोली और बोली, "आज हमारी जान बची है, हमारी दोस्ती हुई है तो क्यों न थोड़ी सी ख़ुशी मनाई जाए।"

    महिला ने बोतल को उस आदमी की तरफ बढ़ाया उसने भी बोतल को पकड़ा और मुहं से लगाया और आधी करके बोतल वापस महिला को दे दी।

    फिर कहने लगा, "आप भी लीजिये।"

    महिला ने बोतल को पकड़ा उसका ढक्कन बंद किया और एक तरफ रख दी।

    आदमी ने पूछा, "क्या आप शराब नहीं पियेंगी?"

    महिला बड़े आराम से बोली, "नहीं ...मुझे लगता है मुझे पुलिस का इंतज़ार करना चाहिए ताकि मैं बता सकूँ कि इस शराबी ने मेरी गाडी ठोक दी है।"
  • जैविक सब्जियों के फायदे!

    एक बार जीतो ने संता को जैविक खाद द्वारा उगाई गयी सब्जियों के ऊपर एक लंबा चौड़ा भाषण दे डाला और कहा की अब से तुम जब भी सब्जी लाओ तो जैविक खाद द्वारा उगाई सब्जी ही लाना।

    अगले दिन संता सब्जी लेने सब्जी मंडी गया और एक दुकान पर जाकर सब्जी वाले से बोला।

    संता: अरे भाई मुझे अपनी पत्नी के लिए सब्जी ले जानी है, तो क्या तुम मुझे बताओगे की इन सब्जियों पर किसी रासायनिक या ज़हरीले पदार्थ का छिडकाव तो नहीं किया हुआ है ना?

    सब्जीवाला: नहीं साहब, यह काम आपको खुद ही करना पडेगा।