• चाँद है या सूरज?

    दो शराबी साथ में चले हुए थे, एक शराबी ने कहा, कितनी सुन्दर रात है, जरा चाँद को तो देखो!

    दूसरा शराबी रुका और अपने शराबी दोस्त को देखने लगा, अरे तुम गलत बोल रहे हो, ये चाँद नहीं सूरज है!

    दोनों आपस में बहस करने लगे, तभी एक और शराबी वहां से जा रहा था उन दोनों ने उसे रोका और कहा सर क्या आप हमारी बहस का हल निकालेंगे, आप हमें बताएं कि जो चीज ऊपर आसमान पर चमक रही है वो क्या है, ये चाँद या सूरज?

    तीसरा शराबी आसमान की ओर देखने लगा, फिर उसने उन दोनों की ओर देखा और कहा, जी माफ़ कीजिये, मैं इस शहर में नया हूँ!
  • किसने शराब छोड़ दी?

    हर दोपहर एक आदमी एक बार में जाता और डबल स्कॉच के 4 पैग मंगवाता और एक एक कर एक ही समय पर चारों पी जाता,एक दिन बार वाले ने उससे पूछा, वो चारों पैग एक ही बार क्यों पी जाता है?

    तो उसने कहा कि उसके तीन भाई और है जो इसी समय पर शराब पीते हैं, तब हम सभी एक ही समय पर पीते हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम कहाँ कहाँ है,एक दिन वो आदमी आया और उसने तीन ही पैग मंगवाए, बार वाले ने सोचा उसका एक भाई मर गया होगा पर ये पूछना उसे अच्छा नहीं लगा!

    पर वो आदमी खुद ही कहने लगा कि मैंने शराब छोड़ दी है!
  • नशे में टून!

    एक आदमी बार से निकला अपनी गाड़ी घुसा और गाड़ी चलने लगा अभी 500 मीटर ही गया होगा पुलिस वाले ने उसे रोक लिया!

    पुलिस अफसर: सर प्लीज हमें जांच करनी है कहीं आप पीकर तो गाड़ी नहीं चला रहे हैं!

    क्या आप अपनी सांस इस मशीन पर छोड़ेंगे?

    आदमी: जी माफ़ कीजिये मैं ऐसा नहीं कर सकता मुझे दमा है, अगर मैंने इस मशीन पर सांस छोड़ी तो मुझे सांस लेने में परेशानी होगी!

    अफसर: प्लीज हमारे साथ ब्लड टेस्ट के लिए अन्दर चलिए!

    आदमी: मैं ये भी नहीं कर सकता क्योंकि मुझे अनीमिया है, अगर आपने मेरा ब्लड निकालने के लिए सुई डाली तो मैं ब्लड निकलने से मर जाऊंगा!

    अफसर: तब आपको बाहर उतार कर 20 मीटर उस सफ़ेद लाइन तक चलना पड़ेगा!

    आदमी: मैं ये भी नहीं कर सकता?

    अफसर: क्यों?

    आदमी: क्योंकि मैं (नशे में) टून हूँ, मैं चल भी नहीं सकता!
  • तंग जूते!

    एक आदमी शराबी कि तरह चल रहा था, उसके चहेरे पर साफ़ गुस्सा नजर आ रहा था शायद उसके जूते तंग थे एक हरयाणवी पास से गुजर रहा था वह रुका और उसने उस आदमी को पूछा तुमने ये तंग जूते कहाँ से ख़रीदे?

    हे तुम्हें, इससे से क्या, अपने काम से मतलब रखो, जब उसने दोबारा पूछा तो उसने चिढ़कर कहा, मैंने इन्हें पेड़ से तोड़ा है!

    बस अब अपना रास्ता देखो!

    पर मुझे हैरानी है कि तुम्हें ये सब करने कि क्या जरुरत थी, हरयाणवी ने कहा!

    कुछ नहीं तुम्हें इससे क्या!

    मेरे दोस्त तुमने एक गलती कर दी अगर तुम इन्हें दो तीन महीने बाद तोड़ते तो पक्का ये तुम्हारे पाँव के लिए सही होते, हरयाणवी ने हँसते हुए कहा!