• तंग जूते!

    एक आदमी शराबी कि तरह चल रहा था, उसके चहेरे पर साफ़ गुस्सा नजर आ रहा था शायद उसके जूते तंग थे एक हरयाणवी पास से गुजर रहा था वह रुका और उसने उस आदमी को पूछा तुमने ये तंग जूते कहाँ से ख़रीदे?

    हे तुम्हें, इससे से क्या, अपने काम से मतलब रखो, जब उसने दोबारा पूछा तो उसने चिढ़कर कहा, मैंने इन्हें पेड़ से तोड़ा है!

    बस अब अपना रास्ता देखो!

    पर मुझे हैरानी है कि तुम्हें ये सब करने कि क्या जरुरत थी, हरयाणवी ने कहा!

    कुछ नहीं तुम्हें इससे क्या!

    मेरे दोस्त तुमने एक गलती कर दी अगर तुम इन्हें दो तीन महीने बाद तोड़ते तो पक्का ये तुम्हारे पाँव के लिए सही होते, हरयाणवी ने हँसते हुए कहा!
  • एक आदमी बार में!

    एक व्यापारी एक शराबखाने में गया वह बार में बैठा और उसने एक डबल स्कॉच का पैग मंगवाया पैग पीने के बाद उसने अपनी कमीज की जेब को देखा, और उसने डबल स्कॉच का एक और पैग मंगवाया उसने इसे पीने के बाद फिर अपनी जेब की तरफ देखा और एक और डबल स्कॉच का ऑर्डर किया!

    आखिर बारवाले ने पूछ ही लिया, अरे दोस्त! मैं तुम्हें पूरी रात शराब पिलाऊंगा!

    पर तुम मुझे बस इतना बता दो की जब तुम ड्रिंक मँगा रहे हो, उससे पहले अपनी जेब में क्या देख रहे हो?

    तो उस शराबी ने कहा कि मैं अपनी पत्नी की फोटो को देख रहा हूँ, जब वो मुझे अच्छी दिखने लगेगी, तब मैं समझूंगा की अब घर जाने का समय हो गया है!