• कुत्तों को जलेबी!

    शहर में एक सेठ जी के घर पर इनकम टैक्स का छापा पड़ गया। सब कुछ देखने के बाद इनकम टैक्स अधिकारी बोला, "सेठ जी सब कुछ ठीक है लेकिन आप ने एक कुत्ता जलेबी खाता बनाया है, जिसमे आपने पांच लाख रूपये से अधिक खर्च किये हैं। इसका ब्यौरा देना होगा।"

    सेठ बोला, "भाया मेरे पास तो कोई कागज पत्तर न है।"

    तब अधिकारी ने कहा, "ठीक है मामला रफा दफा कर लेते हैं। आप दस हजार रुपये दे दो।"

    सेठ ने मुनीम को आवाज दी और बोले, "मुनीम जी इनको रूपए दे दो और खाते में लिख देना कि कुत्तों को दस हजार की जलेबी और खिलाई।"
  • ग्रुप सार!

    हे एडमिन!

    तु व्यर्थ ही चिंता करता है
    तू क्या ले कर आया था इस ग्रुप में?
    तु क्या ले कर जायेगा?

    तेरा क्या था इस ग्रुप में?
    तुमने जो लिया इन ग्रुप के सदस्यों से लिया,
    जो दिया इस ग्रुप के सदस्यों को दिया,
    तेरा तो इस ग्रुप में कुछ है ही नहीं,
    यहाँ जो पोस्ट होती हैं,
    यहाँ जो संदेश आते हैं,
    तेरा उन पर कोई अधिकार नहीं,
    तू व्यर्थ ही उन पोस्ट पर हा-हा ही-ही करता है,
    तू व्यर्थ ही एडमिन बना बैठा है

    जिस प्रकार नेट ना हो तो फेसबुक और व्हाट्सएप्प का कोई महत्त्व नहीं
    उसी प्रकार ग्रुप के सदस्यों के बिना तेरे ग्रुप का कोई महत्त्व नहीं,

    ग्रुप के सदस्यों के कारण ही तू ग्रुप का एडमिन बना हुआ है,
    ग्रुप में सदस्य ना रहे तो तू क्या करेगा?

    किसके पोस्ट को हटा कर के खुद को उच्च समझेगा?

    तू ग्रुप का महज एक एडमिन है,
    तू खुद कोई ग्रुप नहीं है,
    ये जो सदस्य आज तेरे ग्रुप के हैं,
    ये कल किसी और ग्रुप के थे,
    कल फिर किसी और ग्रुप के होंगे।

    इसीलिए हे एडमिन, तू उन्हें हटाने की धमकी देना छोड़ दे। उन को पोस्ट करने दे।
    तू पोस्ट के बाद रिएक्शन की चिंता मत कर, फिर देख इन ग्रुप के सदस्यों का तू और ये सदस्य भी तेरे हो जायेंगे!
  • फेसबुक की हकीकत:

    काली-कलूटी लड़की
    फेसबुक पर नाम White Angel,

    मोटा गैंडा लड़का
    फेसबुक पर नाम Smart Guy,

    अँधेरे से भी डरने वाला लड़का
    फेसबुक पर नाम The Killer,

    मोहल्ले की सबसे देसी लड़की
    फेसबुक पर नाम Princess Rocks

    45 साल की आंटी
    फेसबुक पर नाम The Doll Returns

    60 साल का बाबा
    फेसबुक पर नाम The King

    ऐसे फेसबुक नामों से सावधान क्योंकि हो सकता है कि आप भी इनका शिकार हो जायें।
  • मज़बूरी की मार!

    बचपन में मेरे गाँव में 5 - 6 तगड़े कुत्ते थे। उन की आपस में ज़बरदस्त दुश्मनी थी। सब एक दूसरे के खून के प्यासे। लेकिन जब कई सालों बाद मैं गांव गया तो देखा वो कुत्ते एक दूसरे को चाट रहे थे, साथ में अठखेलियां कर रहे थे।

    एक बुजुर्ग से जब इस बारे में बात की तो बुजुर्ग ने बड़ा ही मज़ेदार ज़वाब दिया। उन्होंने कहा, "गली के कुते, जवानी के दिनों में भले ही एक दूसरे के कट्टर शत्रु हों, किन्तु बुढ़ापे में दाद - खुजली‬ से ग्रस्त बेदम और बेकार होते ही वे दोस्त बनकर एक दूसरे के सारे ज़ख्म चाटने लगते हैं।"

    नोट: इस कहानी का लालू, नितीश, मुलायम, शरद यादव या देवगौड़ा आदि से कोई संबंध नही है पर फिर भी आप जोड़ना चाहें तो मेरी तरफ से पूर्ण स्वतंत्रता है।