• एक भयानक सत्य कथा!

    भारत में प्रथम श्रेणी में पास होने वाले विद्यार्थी टेक्नीकल में प्रवेश लेते हैं और वह डॉक्टर या इंजिनियर बनते है।

    द्वितीय श्रेणी में पास होने वाले MBA में एडमिशन लेते हैं और व्यवस्थापक/प्रबंधक बनते है तथा प्रथम श्रेणी वालों को हैंडल करते हैं।

    तृतीय श्रेणी में पास होने वाले कहीं पर भी प्रवेश नहीं लेते हैं। वह राजनीती में जाते है और प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी वालो को हैंडल करते हैं।

    फेल होने वाले भी कहीं पर भी प्रवेश नहीं लेते हैं और वह अंडरवर्ल्ड में जा कर तीनों पर कंट्रोल करते है।

    और जो कभी स्कूल में गए ही नहीं वह बाबा-साधू बनते हैं और उपर लिखे चारों उनके पैर पढ़ते है।
  • पक्की सरकार!

    देश में चाहे किसी की भी सरकार चले पर एक मुख्य सरकार है जो कभी नहीं बदलेगी और वो है...
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    तीनों लोक की सरकार।

    राष्ट्रपति - शिव जी

    प्रधानमंत्री - विष्णु जी

    गृह मंत्री - श्री ब्रह्मा जी

    महिला एवं बाल विकास मंत्री - पार्वती माता जी

    रक्षा मंत्री - हनुमान जी

    वित्त मंत्री - लक्ष्मी माता जी

    खाद्य मंत्री - माता अन्नपूर्णा जी

    शिक्षा मंत्री - श्री सरस्वती माता जी

    कृषि मंत्री - मेघराज जी

    सिंचाई मंत्री - इंद्र जी

    भूमि विकास मंत्री - विश्वकर्मा जी

    स्वास्थ मंत्री - सुमंत जी

    सूचना और प्रसारण मंत्री - नारद जी

    नया है किसी और को भेजो।
  • अजब मसला!

    रात का समय था, सुनसान सड़क पर शर्मा जी अकेले चले आ रहे थे।

    अचानक सामने से दो व्यक्ति शर्मा जी के आगे आ गए।

    उनमे से एक आदमी बोला: श्रीमान क्या आपके पास एक रुपये का सिक्का है?

    शर्मा जी पहले तो घबरा गए फिर अपने-आप को संभालते हुए बोले, "हाँ-हाँ, है बिलकुल है। लेकिन आप एक रुपये के सिक्के का क्या करेंगे?"

    आदमी: जी हम बस सिक्का उछालकर अपना एक छोटा सा विवाद निपटाना चाहते हैं।

    शर्मा जी (थोडा उत्साहित होकर): ऐसा कौन सा विवाद है जो बातचीत से हल नहीं हो रहा और सिक्का उछाल कर हल हो जायेगा।

    आदमी: जी बात यह है कि आपके पैसे तो हम आपस में बराबर बाँट लेंगे बस यह फैंसला नहीं कर पा रहे कि आपकी घड़ी कौन रखेगा!
  • वही ज़माना!

    एक आदमी ने हॉस्टल में रहने वाले लड़के के कमरे का दरवाज़ा खटखटाया। थोड़ी देर बाद लड़के ने दरवाजा खोला।

    आदमी: क्या मैं अंदर आ सकता हूं? मैं सन 82 में इसी कॉलेज में पढ़ता था और इसी कमरे में रहता था।

    लड़का: हां, हां जरूर।

    आदमी अपने कॉलेज टाइम को याद करते हुए कहने लगा, "आह, वही पुराना कमरा, वही पुराना फर्नीचर और वही पुरानी अलमारी।"

    लड़का उसे अलमारी की तरफ बढ़ने से रोकने ही वाला था कि उस आदमी ने अलमारी का दरवाजा खोल दिया।

    अलमारी के अंदर लड़के की गर्लफ्रेंड छिपी हुई थी।

    लड़का हड़बड़ा कर बोला, "सर ये मेरी कजिन (Cousin) है।

    इस पर ठण्डी सांस भरते हुए वह आदमी बोला, "आह, वही पुराना बहाना।"