• मेड इन इंडिया!

    एक जापानी पर्यटक भारत की सैर पर आया हुआ था। आखिरी दिन उसने एयरपोर्ट जाने के लिए एक टैक्सी ली और ड्राइवर को चलने के लिए कहा।

    यात्रा के दौरान एक 'होण्डा' बगल से गुज़री। जापानी ने उत्तेजित होकर खिड़की से सिर निकाला और चिल्लाया‚ `होण्डा‚ वेरी फास्ट! मेड इन जापान!`

    कुछ देर बाद एक 'टोयोटा' तेज़ी से टैक्सी के पास से गुज़री‚ और फिर जापानी बाहर झुका और चिल्लाया‚ `टोयोटा‚ वेरी फास्ट! मेड इन जापान!`

    और फिर एक 'मित्सुबिशी' टैक्सी की बगल से गुज़री। तीसरी बार जापानी खिड़की की ओर झुकते हुए चिल्लाया‚ `मित्सुबिशी‚ वेरी फास्ट! मेड इन जापान!`

    ड्राइवर थोड़ा ग़ुस्से में आ गया मगर चुप रहा और कई सारी कारें गुज़रती रहीं।

    आखिरकार टैक्सी एयरपोर्ट तक पहुँच गयी। किराया 800 रु. बना। जापानी चीखा‚ `क्या? इतना ज़्यादा!`

    तो ड्राइवर चिल्लाया, `मीटर‚ वेरी फास्ट! मेड इन इंडिया।`
  • मोबाइल और लड़की!

    मोबाईल बना हैँ हर लड़की की शान,
    मिस कॉल करके लड़कों को करती हैँ परेशान;

    SMS मेँ लिखती Miss You मेरी जान,
    तुम्हारी आवाज़ सुनने को तरसे मेरे कान;

    4-5 Boyfriend बना कर कहती हैँ एक,
    तुम्हीं तो हो मेरी जान;

    अपने राज सहेलियोँ को बताकर करती हैँ हैरान,
    कहती हैँ लड़को को उल्लू बनाना है आसान;

    होश मेँ आओ मेरे भाई लो इनको पहचान,
    मत पड़ो इनके चक्कर मेँ लड़कियाँ होती हैं शैतान;

    लड़को के जनहित मेँ जारी, लड़कियाँ हैँ बड़ी अत्याचारी!
  • आदमी और औरत की खोजें और अविष्कार!

    आदमी ने रंग की खोज की, और चित्रकला का अविष्कार किया महिला ने रंग की खोज की, और मेक-अप का अविष्कार किया।

    आदमी ने शब्द की खोज की, और भाषा का अविष्कार किया औरत ने भाषा का खोज की, और गप्पों का अविष्कार किया।

    आदमी ने जुए की खोज की, और कार्डस का अविष्कार किया औरतों ने कार्डस की खोज की, और टोने, टोटके और चुगलियों का अविष्कार किया।

    आदमी ने खेती बाड़ी की खोज की, और भोजन का अविष्कार किया औरतों ने भोजन की खोज की, और डायटिंग का अविष्कार किया।

    आदमी ने दोस्ती की खोज की, और प्यार का अविष्कार किया औरत ने प्यार की खोज की, और विवाह का अविष्कार किया।

    आदमी ने व्यापार की खोज की, और पैसों का अविष्कार किया औरत ने पैसों की खोज की, और खरीददारी का अविष्कार किया।

    वैसे तो आदमी ने बहुत सारी चीजों की खोज कर ली. .. जबकि औरत अभी भी खरीददारी में ही फंसी हुई है।
  • प्याज़ के रुलाने का कारण!

    जब भगवान सारी सब्जियों को उनके गुण और सुगंध बांट रहे थे तब प्याज चुपचाप उदास होकर पीछे खड़ी हो गई। सब चले गए प्याज नहीं गई। वहीँ खड़ी रही। तब विष्णुजी ने पूछा, "क्या हुआ तुम क्यों नही जाती?"

    तब प्याज रोते हुए बोली, "आपने सबको सुगंध और सुंदरता जैसे गुण दिए पर मुझे बदबू दी। जो मुझे खाएगा उसका मुँह बदबू देगा। मेरे साथ ही यह व्यवहार क्यों?"

    तब भगवान को प्याज पर दया आ गई। उन्होने कहा, "मैं तुम्हे अपने शुभ चिन्ह देता हूँ। यदि तुम्हें खड़ा काटा जायेगा तो तुम्हारा रूप शंखाकार होगा और यदि आड़ा काटा गया तो चक्र का रूप होगा। यही नहीं सारी सब्जियों को तुम्हारा साथ लेना होगा, तभी वे स्वादिष्ट लगेंगी और अंत में तुम्हे काटने पर लोगों के वैसे ही आंसू निकलेंगे जैसे आज तुम्हारे निकले हैं। जब जब धरती पर मंहगाई बढ़ेगी तुम सबको रुलाओगी।

    दोस्तों इसीलिए प्याज आज इतना रुला रही है उसे वरदान जो प्राप्त है।

    परम ज्ञानी गुरु बाबा बकवास नंद के प्रवचनों से साभार!