• पत्नी के फायदे!

    पहले मैं बहुत प्रेशान रहता था हमेशा सोता रहता था। मुझसे काम नही हो पाता था। घर वालों के ताने सुनकर रो दिया करता था।

    फिर मैंने इस नए प्रोडक्ट के बारे में सुना, जिसका नाम है 'पत्नी'।

    यह सच में बहुत लाजवाब है। अब मैं अपनी नींद केवल 2-3 घंटे में ही पूरी कर लेता हूँ और हर तरह का काम कर लेता हूँ। दुनिया भर के ताने और गलियाँ हँसते-हँसते सह लेता हूँ। कितनी भी मुसीबत आए हमेशा खुश रहता हूँ। दुःख सुख की फिक्र से ऊपर उठ गया हूँ। नरक और स्वर्ग यहीं है इसका भेद समझ गया हूँ। मुझे अपने दुश्मनों से भी प्यार हो गया है। सच में पत्नी असरदार है।

    इसलिए अपनी पत्नी की फोटो हमेशा अपने पास रखो और जब भी तुम्हें किसी प्रकार की कोई घबराहट हो तो अपनी पत्नी की फोटो देख लो। तुम ज़रूर कामयाब हो जाओगे क्योंकि अगर तुम अपनी पत्नी को सह सकते हो तो सच में तुम कुछ भी कर सकते हो।
  • प्रकाश की तीव्रता बढ़ाने की अर्ज़ी!

    सेवा में,

    माननीय सूर्य देवता,
    ब्रह्माण्ड उर्जा मंत्रालय,

    विषय: प्रकाश की तीव्रता (intensity) बढ़ाने बाबत।

    आदरणीय महोदय,

    निवेदन है कि सर्दी से सभी निवासियों का बुरा हाल है। सुबह सुबह इतना कोहरा रहता है कि वाहनों का परिचालन बाधित रहता है। बहुत सारी ट्रेन भी समय से 12 घंटे पीछे चलती हैं। हम लोगों को अपने नित्य कार्य करने में भी परेशानी होती है। कभी-कभी तो इतना ज्यादा बुरा हाल हो जाता है कि नहाना तो दूर पानी को देखना भी अच्छा नहीं लगता।

    अतः निवेदन है कि प्रकाश की किरणों की तीव्रता बढ़ाने का कष्ट करें, ताकि आम जन को सर्दी से राहत मिले और जनजीवन सामान्य हो।

    धन्यवाद सहित,
    आपका पृथ्वी वासी।
  • दरियादिली!

    गाँव से एक मुसाफिर गुज़र रहा था उसने एक बच्चे को खेलते देखा और बोला, "बेटा क्या आप मुझे थोड़ा सा पानी पिला देंगे?"

    बच्चा: अगर लस्सी हो जाये तो।

    मुसाफिर: तब तो बहुत ही अच्छा होगा।

    बच्चा भाग कर गया और लस्सी ले आया। मुसाफिर ने 5 लोटे लस्सी पीने के बाद बच्चे से पूछा, "क्या तुम्हारे घर में कोई लस्सी नही पीता?"

    बच्चा: पीते तो सब हैं लेकिन आज लस्सी में चूहा गिर गया था और उसी में मर गया था।

    मुसाफिर ने गुस्से में लोटा ज़मीन पर दे मारा।

    बच्चा रोते हुए बोला, "मम्मी इन्होने लोटा तोड़ दिया। अब हम टॉयलेट क्या लेकर जायेंगे?"
  • जानलेवा ख़ुशी!

    90 वर्षीय एक सज्जन की दस करोड़ की लाटरी लग गई। इतनी बड़ी खबर सुनकर कहीं दादाजी खुशी से मर न जाएं, यह सोचकर उनके घरवालों ने उन्हें तुरंत जानकारी नहीं दी। सबने तय किया कि पहले एक डॉक्टर को बुलवाया जाए फिर उसकी मौजूदगी में उन्हें यह समाचार दिया जाए ताकि दिल का दौरा पड़ने की हालत में वह स्थिति को संभाल सके।

    शहर के जानेमाने दिल के डॉक्टर से संपर्क किया गया।

    डॉक्टर साहब ने घरवालों को आश्वस्त किया और कहा, "आप लोग चिंता ना करें, दादाजी को यह समाचार मैं खुद दूंगा और उन्हें कुछ नहीं होगा, यह मेरी गारंटी है।"

    डॉक्टर साहब दादाजी के पास गए कुछ देर इधर उधर की बातें कीं फिर बोले, "दादाजी, मैं आपको एक शुभ समाचार देना चाहता हूं। आपके नाम दस करोड़ की लाटरी निकली हैं।"

    दादाजी बोले, "अच्छा! लेकिन मैं इस उम्र में इतने पैसों का क्या करूंगा पर अब तूने यह खबर सुनाई है तो जा, आधी रकम मैंने तुझे दी।"

    यह सुन डॉक्टर साहब धम् से जमीन पर गिरे और उनके प्राण पखेरू उड़ गए।