• आरक्षण और ऑफर!

    अगर आरक्षण का यही हाल रहा तो हो सकता है कि एक दिन ऐसा आएगा जब मोबाइल कंपनियां ऐसे ऑफर देंगी।
    Genral - ₹249 में 1 GB (2G)
    OBC - ₹149 में 1.5 GB (3G)
    S.C - ₹99 में 4 GB (3G)
    S.T - ₹50 में 3G अनलिमिटेड

    भला हो रेलवे रिजर्वेशन पर इन आरक्षण मांगने वालो की नज़र नहीं पड़ी नहीं तो सीट भी इस प्रकार होती
    S.C - अपर बर्थ
    S.T - मिडिल बर्थ
    O.B.C.- लोअर बर्थ
    Genral - अपनी दरी साथ लेकर जाएँ।

    कुछ दिनों में विवाह हेतु भी स्कीम चलेगी
    S.C - 3 पत्नी
    S.T -2 पत्नी
    OBC - 1 पत्नी
    Genral - एक भी नहीं क्योंकि नौकरी नहीं तो छोकरी नही
  • शराब के नुकसान!

    एक आदमी ने अपनी सास पर गोली चला दी। उसकी सास ने उसे गिरफ्तार करवा दिया।

    केस अदालत में पहुंचा तो जज ने उस आदमी से कहा, `मुझे मालूम हुआ है कि तुम शराब पीते हो और तुमने यह हरकत शराब के नशे में की थी। इसी से तुम्हें सबक लेना चाहिए कि शराब कितनी नामुराद चीज है। शराब की वजह से ही तुम आपे से बाहर हो गए। शराब की वजह से ही तुम्हारे मन में छुपी अपनी सास के लिए नफरत की भावना भड़क उठी। शराब की वजह से ही तुमने अपनी सास को मारने की नीयत से रिवाल्वर खरीदी। शराब की वजह से ही तुमने अपनी सास पर रिवाल्वर तानी और घोड़ा दबाया। और सबसे बड़ी बात शराब की वजह से ही तुम्हारा निशाना चूका।"
  • भारत और महाभारत!

    दुर्योधन और राहुल गांधी - दोनों ही अयोग्य होने पर भी सिर्फ राजपरिवार में पैदा होने के कारन शासन पर अपना अधिकार समझते हैं।

    भीष्म और आडवाणी - कभी भी सत्तारूढ़ नही हो सके फिर भी सबसे ज्यादा सम्मान मिला। उसके बाद भी जीवन के अंतिम पड़ाव पे सबसे ज्यादा असहाय दिखते हैं।

    अर्जुन और नरेंद्र मोदी - दोनों योग्यता से धर्मं के मार्ग पर चलते हुए शीर्ष पर पहुचे जहाँ उनको एहसास हुआ की धर्म का पालन कर पाना कितना कठिन होता है।

    कर्ण और मनमोहन सिंह - बुद्धिमान और योग्य होते हुए भी अधर्म का पक्ष लेने के कारण जीवन में वांछित सफलता न पा सके।

    जयद्रथ और केजरीवाल - दोनों अति महत्वाकांक्षी एक ने अर्जुन का विरोध किया दूसरे ने मोदी का। हालांकि इनको राज्य तो प्राप्त हुआ लेकिन घटिया राजनीतिक सोच के कारण बाद में इनकी बुराई ही हुयी।

    शकुनि और दिग्विजय - दोनों ही अपने स्वार्थ के लिए अयोग्य मालिको की जीवनभर चाटुकारिता करते रहे।

    धृतराष्ट्र और सोनिया - अपने पुत्र प्रेम में अंधे है।

    श्रीकृष्ण और कलाम - भारत में दोनों को बहुत सम्मान दिया जाता है परन्तु न उनकी शिक्षाओं को कोई मानता है और न उनके बताये रास्ते का अनुसरण करता है।
  • यमराज से मस्ती!

    यमलोक के दरवाजे पर दस्तक हुई तो यमराज ने जाकर दरवाजा खोला।

    उन्होंने बाहर झांका तो एक मानव को सामने खड़ा पाया। यमराज ने कुछ बोलने के लिए मुंह खोला ही था कि वह एकाएक गायब हो गया।

    यमराज चौंके और फिर दरवाज़ा बंद कर लिया। यमराज अभी वापस मुड़े ही थे कि फिर दस्तक हुई। उन्होंने फिर दरवाजा खोला। उसी मानव को फिर सामने मौजूद पाया, लेकिन वह आया और फिर गायब हो गया।

    ऐसा तीन-चार बार हुआ तो यमराज अपना धैर्य खो बैठे और अबकी बार उसे पकड़ ही लिया और पूछा, "क्या बात है भाई, क्या ये आना-जाना लगा रखा है। मुझसे पंगा ले रहे हो?"

    मानव ने बड़ी सहजता पूर्वक जवाब दिया, "अरे नहीं महाराज, दरअसल मैं तो वैंटीलेटर पर हूं और यह डॉक्टर लोग ही हैं जो आपसे मस्ती कर रहे हैं।"