• कैलकुलेटर का लफड़ा!

    एक डॉक्टर के पास एक बेहाल मरीज़ गया।

    मरीज़: डॉ. साहब पेट में बहुत दर्द हो रहा है।

    डॉ: अच्छा, ये बताओ आखिरी बार खाना कब खाया था..??

    मरीज़: खाना तो रोज ही खाता हूँ।

    डॉ: अच्छा-अच्छा, (2 ऊँगली उठाते हुए ) आखिरी बार कब गए थे..??

    मरीज़: जाता तो रोज ही हूँ पर होता नहीं है।

    डॉकटर समझ गए कि कब्ज़ है। अन्दर बहुत सारी बोतलें पड़ी थी उस में से एक उठा लाये और साथ ही केल्क्युलेटर भी लेते आये।

    फिर पूछा, "घर कितना दूर है तुम्हारा..??"

    मरीज़: 1 किलोमीटर।

    डॉक्टर ने केलकुलेटर पे कुछ हिसाब किया और फिर बोतल में से चार चम्मच दवाई निकाल कर एक कटोरी में डाली।

    डॉ: गाडी से आये हो या चल कर..??

    मरीज़: चल कर।

    डॉ: जाते वक्त भाग के जाना।

    डॉक्टर ने फिर से केलकुलेटर पे हिसाब किया फिर थोड़ी दवाई कटोरी में से बाहर निकाल ली।

    डॉ: घर कौन सी मंज़िल पे है..??

    मरीज़: तीसरी मंज़िल पे।

    डॉक्टर ने फिर से केलकुलेटर पे हिसाब किया फिर थोड़ी दवाई कटोरी में से और बाहर निकाल ली।

    डॉ: लिफ्ट है या सीढियाँ चढ़ के जाओगे..??

    मरीज़: सीढियां।

    डॉक्टर ने फिर से केलकुलेटर पे हिसाब किया फिर थोड़ी दवाई कटोरी में से और बाहर निकाल ली।

    डॉ: अब आखिरी सवाल का जवाब दो।

    घर के मुख्य दरवाजे से टॉयलेट कितना दूर है..??

    मरीज़: करीब 20 फुट।

    डॉक्टर ने फिर से केलकुलेटर पे हिसाब किया फिर थोड़ी दवाई कटोरी में से और बाहर निकाल ली।

    डॉ: अब मेरी फीस दे दो मुझे पहले फिर ये दवाई पियो और फटाफट घर चले जाओ, कहीं रुकना नहीं और फिर मुझे फोन करना। मरीज़ ने वैसा ही किया।

    आधे घंटे बाद मरीज़ का फोन आया और एकदम ढीली आवाज में बोला, "डॉक्टर साहब, दवाई तो बहुत अच्छी थी आपकी

    पर आप अपना केलकुलेटर ठीक करवा लेना।
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    हम 10 फुट से हार गये।
  • कहाँ तक की पढाई?

    एक बै शगाई आले लड़का देखण आ रे थे।

    लड़की के बाप ने लड़के के दादा ते पुछेया: चौधरी शाब, छोरा कौथी (किस) जमात में पढ़ै सै?

    ताऊ: भाई, न्यूं तै बेरा ना अक कौथी में पढ़ै सै, पर छोरा पूरी सौ जमात पढ़ रहया सै।

    "सौ जमात? न्यूं किक्कर चौधरी?"

    "भाई आठ जमात तै म्हारे गाम के श्कूल (Middle School) में पाश करी। फेर बड्डे श्कूल (High School) में दस जमात (Matric) पाश करी। अठारह जमातां तो यो हो गी।"

    "ओर बाकी?"

    "भाई रे, बाकी ब्याशी (B.Sc) जमातां उसनै हिशार के जाट कालेज ते पाश करी। न्यू हो गया पूरा सैंकड़ा।"
  • भजन और भोजन!

    आज सुबह मेरे पड़ोस में रहने वाले बंगाली बाबू मेरे घर आये और बोले, "आज हमारे घर भोजन है। आप भी आइएगा।"

    मैंने भी माँ से कह दिया कि मेरा खाना मत बनाना।

    11 बजे मैं पहुँच गया बंगाली बाबू के घर पर। वहाँ 4-5 बंगाली ढोलक बाजा लिए वहाँ मौजूद थे, दोपहर 2 बजे तक साले न जाने क्या क्या गाते रहे।

    फिर बंगाली बाबू खडे होकर बोले, "आज का भोजन समाप्त हुए, कोल फिर भोजन है टाईम से आ जाना। आपका बहुत बहुत धोन्यबाद।"

    साले के भजन के चक्कर मुझे भोजन नहीं मिला।
  • कर भला हो बुरा!

    एक बार एक एक बुज़ुर्ग आदमी ने देखा कि एक बच्चा घर के दरवाज़े पर लगी घंटी बजाने कि कोशिश कर रहा होता परन्तु उसका हाथ घंटी तक नहीं पहुँच पा रहा होता है, यह देख बुज़ुर्ग आदमी उस बच्चे के पास जाता है और उस से पूछता है;

    बुज़ुर्ग: क्या हुआ बेटा?

    बच्चा: कुछ नहीं मुझे यह घंटी बजानी है पर मेरा हाथ नहीं पहुँच रहा तो क्या आप मेरे लिए ये घंटी बजा देंगे!

    यह सुन बूढ़ा आदमी तुरंत हाँ कर देता है और घंटी बजा देता है, और घंटी बजाने के बाद बच्चे से पूछता है;

    बुज़ुर्ग: और बताओ बेटा क्या मै तुम्हारे लिए कुछ और कर सकता हूँ?

    यह सुन बच्चा जवाब देता है;

    बच्चा: हाँ अब मेरे साथ भाग बुढ्ढे वरना तू भी पिटेगा अगर मकान का मालिक बाहर आ गया तो!