• मनुष्य के विकास की विभिन्न अवस्थाएं!

    शादी से पहले: हीरो नंबर 1।

    शादी के बाद: कुली नंबर 1।

    शादी से पहले: मैंने प्यार किया।

    शादी के बाद: ये मैंने क्या किया?

    शादी से पहले: जानेमन मत जाओ।

    शादी के बाद: जान मत खाओ।

    शादी से पहले: तुम बिन रहा ना जाये।

    शादी के बाद: तुमको सहा ना जाये।
  • बीमा कंपनी!

    बीमा कंपनी के तीन सेल्समैन अपनी अपनी कंपनी की तेज सर्विस के विषय में बातें कर रहे थे!

    पहला कहने लगा यार हमारी कंपनी की सर्विस इतनी तेज है कि जब हमारी कंपनी द्वारा बीमाकृत व्यक्ति की सोमवार को अचानक मृत्यु हो गयी, हमें इस बात का पता उसी शाम को चला और हमारी कंपनी ने बुधवार को ही मुआवजे की सारी रकम उनके घर पहुंचा दी!

    दूसरा आदमी बोला अरे यार, जब हमारी कंपनी द्वारा बीमाकृत व्यक्ति मरा था तो, जैसे ही हमारी कंपनी को पता चला तो हमारी कंपनी ने उसी शाम को उनके घर जाकर मुआवजे की सारी रकम दे दी!

    आखिरी सेल्समैन ने कहा अरे ये तो कुछ भी नही!

    हमारा ऑफिस एक बिल्डिंग के 20वें माले पर है और उस बिल्डिंग में लगभग 70 मंजिलें है हमारी कंपनी का बीमाकृत व्यक्ति 70 वें माले पर खिड़की साफ़ कर रहा था उसका पैर फिसला और वह नीचे गिर गया!

    जब वह हमारे ऑफिस तक पहुंचा तो हमने उसके मुआवजे वाला चैक उसके हाथ में ही पकड़ा दिया!
  • इंजीनियर!

    एक पादरी, वकील और इंजीनियर को विद्रोह के कारण मौत की सजा मिली। जब सजा देने का वक़्त आया तो अपराधियों को आखिरी ख्वाहिश की प्रथा बताई तो उन्हें गर्दन ऊपर और नीचे रखने के विकल्प मिले।

    पादरी ने ऊपर देखना स्वीकारा ताकि भगवान को देख सके और जैसे ही बटन दबाया गया तो आरी, गर्दन से सिर्फ दो इंच ऊपर रुक गई। अधिकारियों ने इसे ईश्वर की मर्जी समझ के उसे छोड़ दिया।

    वकील ने भी ऊपर देखा और जब आरी रुकी तो वह बोला कानूनन एक व्यक्ति को दो बार सजा नहीं दी जा सकती और वह भी छूट गया।

    इंजीनियर ने भी ऊपर ही देखने का फैंसला किया। जब बटन दबाया जा रहा था तो वो चिल्लाया, "एक मिनट रुको, अगर आप उस हरे और लाल तार को आपस में बदल देंगे तो काम हो जायेगा।"

    बस काम तमाम हो गया।
  • बेचारा पति!

    पत्नी को किसी किटी पार्टी में जाना था तो उसने अपने पति से पूछा, "सुनो जी मैं कौन सी साड़ी पहनूं? ये नीली वाली या लाल वाली?

    पति: नीली वाली पहन लो।

    पत्नी: लेकिन नीली वाली तो मैंने परसो भी पहनी थी।

    पति: अच्छा तो फिर लाल ही पहन लो।

    पत्नी: अच्छा अब यह बताओ, लाल साड़ी के साथ सैंडल कौन से अच्छे लगेंगे? ये फूल वाले या प्लेन?

    पति: प्लेन वाले।

    पत्नी: अरे मैं पार्टी में जा रही हूँ, किसी कथा में नहीं। थोड़ी तड़क -भड़क तो दिखनी चाहिए ना।

    पति: ताे ठीक है फूल वाले पहन लो।

    पत्नी: अच्छा बिंदी कौन सी अच्छी लगेगी? ओवल या ये बड़ी या ये छोटी सी?

    पति: मेरे ख्याल से तो ओवल ठीक रहेगी।

    पत्नी: तुम्हें फैशन का जरा भी आइडिया नहीं है। मैंने जो साड़ी पहनी है ना, उसके साथ तो ये छोटी ही अच्छी लगेगी।

    पति: तो ठीक है, छोटी बिंदी ही लगा लो।

    पत्नी: अच्छा, पर्स कौन सा जमेगा? यह क्लच या बड़ा हैंडबैग।

    पति: क्लच ले लो।

    पत्नी: अाजकल तो बड़े हैंडबैग का फैशन है।

    पति: ताे अरे बाबा, वही ले जाओ, मुझे क्या करना है। बस पार्टी को एंजॉय करना।

    पत्नी जब पार्टी से लौटकर आई तो बड़े गुस्से में थी।

    पति: अरे क्या हुआ?

    पत्नी: तुम एक भी काम ढंग से नहीं कर सकते क्या?

    पति: क्यों मैंने क्या गलत कर दिया?

    पत्नी: पार्टी में सब मेरा मजाक उड़ा रहे थे कि कैसी साड़ी पहनकर आ गई, कैसी बिंदी लगाई है, पर्स और सैंडल पर भी कमेंट पास कर रहे थे।

    पति: तो इसमें मेरा क्या दोष है?

    पत्नी: सब मैंने तुमसे ही पूछ कर किया था न? ढंग से नहीं बता सकते थे क्या? इससे तो अच्छा था कि मैं खुद ही डिसाइड कर लेती।