• जानलेवा ख़ुशी!

    90 वर्षीय एक सज्जन की दस करोड़ की लाटरी लग गई। इतनी बड़ी खबर सुनकर कहीं दादाजी खुशी से मर न जाएं, यह सोचकर उनके घरवालों ने उन्हें तुरंत जानकारी नहीं दी। सबने तय किया कि पहले एक डॉक्टर को बुलवाया जाए फिर उसकी मौजूदगी में उन्हें यह समाचार दिया जाए ताकि दिल का दौरा पड़ने की हालत में वह स्थिति को संभाल सके।

    शहर के जानेमाने दिल के डॉक्टर से संपर्क किया गया।

    डॉक्टर साहब ने घरवालों को आश्वस्त किया और कहा, "आप लोग चिंता ना करें, दादाजी को यह समाचार मैं खुद दूंगा और उन्हें कुछ नहीं होगा, यह मेरी गारंटी है।"

    डॉक्टर साहब दादाजी के पास गए कुछ देर इधर उधर की बातें कीं फिर बोले, "दादाजी, मैं आपको एक शुभ समाचार देना चाहता हूं। आपके नाम दस करोड़ की लाटरी निकली हैं।"

    दादाजी बोले, "अच्छा! लेकिन मैं इस उम्र में इतने पैसों का क्या करूंगा पर अब तूने यह खबर सुनाई है तो जा, आधी रकम मैंने तुझे दी।"

    यह सुन डॉक्टर साहब धम् से जमीन पर गिरे और उनके प्राण पखेरू उड़ गए।
  • गर्लफ्रेंड बनाने के 5 फायदे

    1. दोस्तों में आपकी इज़्ज़त बढ़ जाती है।
    यह जीवन का एक कड़वा सच है दोस्तो। आज कल उसी लड़के की हर कोई इज़्ज़त करता है जिसकी गर्लफ्रेंड होती है। बिना गर्लफ्रेंड वालों को कोई नहीं पूछता।

    2. आप अपने दिल का दर्द उस से बाँट सकते हैं।
    अपने दिल का दर्द बाँटने के लिए आपके पास एक सच्चा साथी होता है। (किन्तु सच्चाई तो यह है कि जिसके पास गर्लफ्रेंड होती है उसका ही दिमाग हमेशा खराब रहता है।)

    3. आपकी हर बात मानने वाला कोई आपके पास होता है।
    गर्लफ्रेंड बनाने से आपके पास ऐसा इंसान आ जाता है जो आपकी हर एक बात मानता है। (किन्तु सबसे बड़ा सच तो यह है कि होता इसके बिल्कुल उल्ट है और हमेशा लड़के ही दबते हैं।)

    4. आपके बिगड़ने का खतरा नहीं रहता।
    लड़कों के घर वालों को हमेशा यही चिंता रहती है कि उनका लड़का कहीं बिगड़ न जाये। असल में जब एक बार किसी लड़के की गर्लफ्रेंड बन जाये तो बिगड़ने के लिए और कुछ नहीं रहता।

    5. फेसबुक पर आपके पोस्ट धनाधन पसंद किये जाते हैं।
    जी हाँ, यदि आपके पास गर्लफ्रेंड हो तो आप कुछ भी पोस्ट करें सबसे पहले आपकी गर्लफ्रेंड उसे पसंद करेगी और टिप्पणी करेगी और लड़की को देख कर हर कोई आपकी पोस्ट को पसंद करने आएगा, उस पर टिप्पणी करेगा।
  • पति - पत्नी और झगड़ा!

    पति: डार्लिंग कल सुबह क्या तुम मेरे साथ योग क्लास में चलना चाहोगी?

    पत्नी: तुम कहना क्या चाहते हो, मैं क्या मोटी हो गयी हूँ?

    पति: अरे ऐसी बात नहीं है, नहीं जाना चाहती तो मत चलो।

    पत्नी: तुम्हारा मतलब मैं आलसी हूँ।

    पति: तुम ऐसे गुस्सा क्यों कर रही हो?

    पत्नी: अब तुम्हें लग रहा है कि मैं हमेशा झगड़ती रहती हूँ।

    पति: अरे मैंने ऐसा कब बोला?

    पत्नी: अच्छा, मतलब अब मैं झूठ बोल रही हूँ।

    पति: अच्छा बाबा, मैं भी नहीं जाता।

    पत्नी: अब समझी मैं, दरअसल तुम खुद मुझे ले जाना नहीं चाहते थे और अब बहाने बना रहे हो। तुम्हारा तो हमेशा से यही काम है। सारी गलती मेरी ही है।

    पत्नी बस लगातार पति को कोसती रही और पति बेचारा चुपचाप बैठा सारी रात यह सोचता रहा कि आखिर उसने ऐसा क्या पूछ लिया जो उसकी यह हालत कर दी गयी।
  • जन - धन में खाता!

    एक दिन सुबह-सुबह बैंक में एक आदमी आया और बैंक मैनेजर से बोला, "जन धन में खाता खुलवाना है।"
    बैंक मैनेजर: खुलवा लो।
    आदमी: क्या ये जीरो बैलेंस में खुलता है?
    बैंक मैनेजर (मन ही मन में, साला पता है फिर भी पूछ रहा है): हाँ जी फ्री में खुलवा लो।
    आदमी: इसमें सरकार कितना पैसा डालेगी?
    बैंक मैनेजर: जी अभी तो कुछ पता नहीं।
    आदमी: तो मैं ये खाता क्यों खुलवाऊँ?
    बैंक मैनेजर: जी मत खुलवाओ।
    आदमी: फिर भी सरकार कुछ तो देगी?
    बैंक मैनेजर: आपको फ्री में एटीएम दे देंगे।
    आदमी: जब उसमे पैसा ही नहीं होगा तो एटीएम का क्या करूँगा?
    बैंक मैनेजर: पैसे डलवाओ भैया तुम्हारा खाता है।
    आदमी: मेरे पास पैसा होता तो मैं पहले नहीं खुलवा लेता, तुम खाता खोल रहे हो तो तुम डालो न पैसे।
    बैंक मैनेजर: अरे भाई सरकार खुलवा रही है।
    आदमी: तो ये सरकारी बैंक नहीं है?
    बैंक मैनेजर: अरे भाई सरकार तुम्हारा बीमा फ्री में कर रही है, पूरे एक लाख का।
    आदमी (खुश होते हुए): अच्छा तो ये एक लाख मुझे कब मिलेंगे?
    बैंक मैनेजर (गुस्से में): जब तुम मर जाओगे तब तुम्हारी बीवी को मिलेंगे।
    आदमी (अचम्भे से): तो तुम लोग मुझे मारना चाहते हो और मेरी बीवी से तुम्हारा क्या मतलब है?
    बैंक मैनेजर: अरे भाई ये हम नहीं सरकार चाहती है।
    आदमी (बीच में बात काटते हुए): तुम्हारा मतलब सरकार मुझे मारना चाहती है?
    बैंक मैनेजर: अरे यार मुझे नहीं पता, तुमको खाता खुलवाना है या नहीं?
    आदमी: नहीं पता का क्या मतलब? मुझे पूरी बात बताओ।
    बैंक मैनेजर: अरे अभी तो मुझे भी पूरी बात नहीं पता, मोदी जी ने कहा कि खाता खोलो तो हम खोल रहे हैं।
    आदमी: अरे नहीं पता तो यहाँ क्यों बैठे हो?
    बैंक मैनेजर ने अपना सिर पकड़ लिया और आदमी जन धन के पोस्टर को देखते हुए बोला, "अच्छा ये 5000 रुपये का ओवरड्राफ्ट क्या है?"
    बैंक मैनेजर: मतलब तुम अपने खाते से 5000 निकाल सकते हो।
    आदमी (बीच में बात काटते हुए): ये हुई ना बात, ये लो आधार कार्ड, 2 फोटो और निकालो 5000 रुपये।
    बैंक मैनेजर: अरे यार ये तो 6 महीने बाद मिलेंगे।
    आदमी: मतलब मेरे 5000 का इस्तेमाल 6 महीने तक तुम लोग करोगे?
    बैंक मैनेजर: भैया ये रुपये ही 6 महीने बाद आएंगे।
    आदमी: झूठ मत बोलो, पहले बोला कि कुछ नहीं मिलेगा, फिर कहा एटीएम मिलेगा, फिर बोला बीमा मिलेगा, फिर बोलते हो 5000 रुपये मिलेंगे, फिर कहते हो कि नहीं मिलेंगे, तुम्हे कुछ पता भी है?
    बैंक मैनेजर: अरे मेरे बाप कानून की कसम, भारत माँ की कसम, मैं सच कह रहा हूँ, मोदी जी ने अभी कुछ नहीं बताया है, तुम चले जाओ, खुदा की कसम, तुम जाओ, मेरी सैलरी इतनी नहीं है कि एक साथ ब्रेन हैमरेज और हार्ट अटैक दोनों का इलाज करवा सकूँ।