• सपने का मतलब!

    रात में एक चोर घर में घुसा। कमरे का दरवाजा खोला तो बरामदे पर एक बूढ़ी औरत सो रही थी। खटपट से उसकी आंख खुल गई। चोर ने घबरा कर देखा तो वह लेटे लेटे बोली, ''बेटा, तुम देखने से किसी अच्छे घर के लगते हो, लगता है किसी परेशानी से मजबूर होकर इस रास्ते पर लग गए हो। चलो कोई बात नहीं। अलमारी के तीसरे बक्से में एक तिजोरी है। इस का सारा माल तुम चुपचाप ले जाना। मगर पहले मेरे पास आकर बैठो, मैंने अभी-अभी एक ख्वाब देखा है। वह सुनकर जरा मुझे इसका मतलब तो बता दो।"

    चोर उस बूढ़ी औरत की रहमदिली से बड़ा अभिभूत हुआ और चुपचाप उसके पास जाकर बैठ गया।

    बुढ़िया ने अपना सपना सुनाना शुरु किया, ''बेटा, मैंने देखा कि मैं एक रेगिस्तान में खो गइ हूँ। ऐसे में एक चील मेरे पास आई और उसने 3 बार जोर जोर से बोला अभिलाष! अभिलाष! अभिलाष! बस फिर ख्वाब खत्म हो गया और मेरी आँख खुल गई। जरा बताओ तो इसका क्या मतलब हुआ?''

    चोर सोच में पड़ गया। इतने में बराबर वाले कमरे से बुढ़िया का नौजवान बेटा अभिलाष अपना नाम ज़ोर ज़ोर से सुनकर उठ गया और अंदर आकर चोर की जमकर धुनाई कर दी।

    बुढ़िया बोली, ''बस करो अब यह अपने किए की सजा भुगत चुका है।"

    चोर बोला, "नहीं-नहीं, मुझे और मारो सालों, ताकि मुझे आगे याद रहे कि मैं चोर हूँ, सपनों का मतलब बताने वाला नहीं।"
  • पति - पत्नी और कुत्ता!

    एक नया नया शादीशुदा जोड़ा एक बाग में टहल रहा था।

    अचानक एक बड़ा सा कुत्ता उनकी तरफ झपटा, दोनों को ही लगा कि ये उन्हें काट लेगा।

    बचने का कोई रास्ता न देख पति ने तुरंत अपनी पत्नी को गोद में ऊपर तक उठा लिया ताकि कुत्ता काटे तो उसे काटे न कि उसकी पत्नी को।

    कुत्ता बिलकुल नज़दीक आकर रुका, कुछ देर तो भौंका और फिर पीछे की तरफ भाग गया।

    पति ने चैन की सांस ली और इस उम्मीद में पत्नी को गोद से उतारा कि पत्नी उसे गले लगाएगी और प्यारा सा छोटा सा किस करेगी।

    तभी उसकी तमाम उम्मीदों पर पानी फेरती उसकी बीवी चिल्लाई,
    "मैंने आज तक लोगों को कुत्ते को भगाने के लिए पत्थर या डंडा फेंकते तो देखा था पर ऐसा आदमी पहली बार देख रही हूँ जो कुत्ते को भगाने के लिए अपनी बीवी को फ़ेंकने को तैयार था।"

    शिक्षा: बीवियों से कभी तारीफ की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
  • गहराई की सच्चाई!

    एक बार संता और बंता एक कोयले की खदान में नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जाते हैं तो मैनेजर पहले बंता को बुलाता है और उसका इंटरव्यू लेता है।

    मैनेजर: क्या तुमने इस से पहले भी कभी खदान में काम किया है?

    बंता: जी हाँ।

    मैनेजर: अच्छा तो मुझे यह बताओ की उसकी गहराई कितनी थी?

    बंता: जी 20 फुट।

    बंता की बात सुन मैनेजर को गुस्सा आ जाता है तो वह उस से कहता है, "क्या बकवास कर रहे हो 20 फुट गहरी भी कोई खदान होती है, तुम झूठ बोल रहे हो इसीलिए मेरे कमरे से बहार निकल जाओ।"

    मैनेजर की बात सुन बंता बहार आ जाता है और संता को अन्दर हुई सारी बात बताता है और कहता है, "अगर मैनेजर अन्दर तुमसे खदान की गहराई के बारे में पूछे तो ज्यादा से ज्यादा बताना।"

    उसके बाद संता की बारी आती है तो मैनेजर फिर उस से वही सवाल पूछता है।

    मैनेजर: क्या तुमने इस से पहले कभी खदान में काम किया है?

    संता: जी हाँ।

    मैनेजर: अच्छा तो उस खदान की गहराई कितनी थी?

    संता: जी 20,000 हज़ार फुट।

    मैनेजर: बहुत बढ़िया तो एक बात और बताओ कि इतनी गहराई में काम करते वक्त तुम किस तरह की लाईटों का प्रयोग करते थे?

    संता: जी मुझे कभी लाईटों की ज़रूरत नहीं पड़ी क्योंकि मेरी दिन की शिफ्ट होती थी।
  • जन्मदिन का तोहफ़ा!

    क्यों बीवी के जन्मदिन का तोहफ़ा हर साल का सबसे बड़ा सवाल होता है?
    आईये जानते हैं:

    तोहफे में घड़ी दी।
    बीवी: समय देखने से क्या मिलेगा... मेरा समय तो तभी से खराब हो गया जब मैंने तुमसे शादी की थी।

    तोहफे में गहने दिए।
    बीवी: फालतू पैसों की बर्बादी करी... पुरानी डिजाइन के है। वैसे भी मैं कौन सा कुछ पहन पाती हूँ, आखिरी बार तो तुम्हारी बहन की शादी में 2 महीने पहले पहने थे।

    तोहफे में मोबाइल दिया।
    बीवी: मेरे पास तो पहले से है, और वैसे भी तुम्हारे वाला ज्यादा अच्छा है।
    मैं: ठीक है, तो मैं बदल कर मेरे जैसा ला देता हूँ।
    बीवी: रहने दो, महंगा होगा। वैसे भी मुझे उसके फंक्शन्स समझ नहीं आते।

    तोहफे में परफ्यूम दिया।
    बीवी: ये नहीं नहाने वालों के चोचले हैं... और ये मुझे देकर साबित क्या करना चाहते हो?

    तोहफे में रेशमी साड़ी दी।
    बीवी: ये कौन पहनता है आजकल? कभी कभार किसी त्योहार या शादी ब्याह में पहनेंगे फिर रखी रहेगी।

    तोहफे में सूट दिया।
    बीवी: फिर पैसों की बर्बादी... इतने सारे सूट पड़े पड़े सड़ रहे हैं। इसको भी रखने का सर दर्द ले आए।

    तोहफे में फूलों का गुलदस्ता दिया।
    बीवी: ये फूल पत्ती में क्यों पैसे बहा आए? इससे अच्छे फूल तो बाहर गमले में लगे है।
    मैं बाहर गमले से फूल ले आया।
    बीवी: ये क्यों तोड़ दिया? दिखने में कितने अच्छे लगते थे और वैसे भी मैंने इसे कल सुबह की पूजा के लिए छोड़ा था।

    तोहफे में कुछ नहीं दिया।
    बीवी: आज क्या दिन है?
    मैं: सोमवार
    बीवी: ऊहुँ... तारीख?
    मैं: 17 अगस्त।
    बीवी: तो?
    मैं: तो, हैप्पी बर्थडे।
    बीवी: बस, मेरा तोहफ़ा कहाँ है?