• इतना सच भी ठीक नहीं!

    एक महिला अपने बीमार पति को डॉक्टर के पास ले गई।

    पूरी जांच करने के उपरांत डॉक्टर ने महिला को अलग कमरे में ले जाकर बताया,"तुम्हारे पति गंभीर अवसाद से ग्रसित हैं। यदि तुमने मेरे निर्देशों का पालन नहीं किया तो वह निश्चित ही मर जायेंगे।"

    "रोज सुबह उन्हें पौष्टिक नाश्ता दो। हर समय खुश दिखो। दोपहर और रात का भोजन स्वादिष्ट और सुपाच्य होना चाहिये।"

    "अपनी समस्याओं की चर्चा उनके सामने कभी मत करो। इससे उन्हें और ज्यादा तनाव होगा। कोई भी उन्हें सताये या चिढ़ाये नहीं।"

    "यदि 6 महीने तक तुमने यह सब कर लिया तो मैं समझता हूं तुम्हारे पति पूरी तरह स्वस्थ हो जायेंगे।"

    "घर जाते समय, पति ने पत्‍‌नी से पूछा", डॉक्टर ने क्या कहा?

    "यही कि तुम बहुत जल्दी मरने वाले हो", पत्‍‌नी ने जवाब दिया।
  • कुछ मज़ेदार हो जाये!

    नेता: हाँ। अब सही समय आ गया है।

    जनता: क्या आप देश को लूट खाओगे?

    नेता: बिल्कुल नहीं।

    जनता: हमारे लिए काम करोगे?

    नेता: हाँ। बहुत।

    जनता: मंहगाई बढ़ाओगे?

    नेता: इसके बारे में तो सोचो भी मत।

    जनता: आप हमे जॉब दिलाने में मदद करोगे?

    नेता: हाँ। बिल्कुल करेंगे।

    जनता: क्या आप देश मे घोटाला करोगे?

    नेता: पागल हो गए हो क्या बिलकुल नहीं।

    जनता: क्या हम आप पर भरोसा कर सकते हैं?

    नेता: हाँ।

    जनता: नेता जी...

    चुनाव जीत कर नेता जी वापस आये।

    अब आप नीचे से ऊपर पढ़ो।
  • मरने के बाद भी!

    पत्नी अपने पति के श्राद्ध पर, खीर और पूरी बना कर छत पर खाना ले गई।

    एक कौआ आया और खाने पर चक्कर लगाकर वापस उड़ गया। ऐसा उसने तीन चार बार किया।

    पत्नी परेशान हो गई। अचानक ही पड़ोसन भी खाना लेकर छत पर आ गई। इतने में वही कौआ आया और उसकी पूरी लेकर उड़ गया।

    पत्नी गुस्से में खाना फ़ेंक कर चिल्लाई, "जीते जी तो ठीक मरने के बाद भी उस कलमुंही का पीछा नहीं छोड़ रहे हो?"
  • डेढ होशियारी!

    एक पैसेंजर ट्रेन इंदौर से भीलवाडा की तरफ रवाना होनी थी। रात दस बजे सभी डिब्बे खचाखच भर गए. हमारे एडमिन जी भी चढ़ तो गए, पर जब उन्हें बैठने तक की जगह नहीं मिली तो उन्हें एक उपाय सूझा।

    उन्होंने "सांप, सांप, सांप" चिल्लाना शुरू कर दिया। यात्री लोग डर के मारे सामान सहित उतर कर दूसरे डिब्बों में चले गए। वे ठाठ से ऊपर वाली सीट पर बिस्तर लगा कर लेट गए। दिन भर के थके थे सो जल्दी ही नींद भी आ गई।

    सवेरा हुआ, "चाय, चाय" की आवाज पर वे उठे चाय ली और चाय वाले से पूछा कि कौन सा स्टेशन आया है?

    तो चाय वाले ने बताया, "इंदौर है।"

    फिर पूछा, `इंदौर से तो रात को चले थे?`

    चाय वाला बोला, `इस डिब्बे में सांप निकल आया था, इसलिए इस डिब्बे को यहीं काट दिया था।`