• बॉलीवुड और नोटबंदी!

    आइये जानिए कि नोटबंदी के बाद अभिनेता कैसे नोट बदलेंगे:

    दिलीप कुमार: ए भाईईईई! ए भाईईईई!! अरे कोई गाड़ी रोको। ए भाईईईई मेरे नोट बदल दो भाईईईई।।।

    अमिताभ बच्चन: मैं नोट बदल लाऊंगा मां। मैं नोट बदल लाऊंगा। लेकिन पहले उसे पकड़ कर लाओ जिसने मेरी नोट पर यह लिख दिया कि "सोनम गुप्ता बेवफा है।"

    शत्रुघ्न सिन्हा: खामोशशशशशश। बैंक मैनेजर कहाँ है? आए तो कह देना छैनू आया था।

    ए के हंगल (भीड़ देखकर हिलते डुलते वापस होते हुए): इतनी लंबी लाइन क्यों है भाई?

    शाहरुख खान: ककककककककिरन। बड़े बड़े नोटों को बदलने के लिए छोटे छोटे नोटों को लेना पड़ता है सेनोरिटा।

    राजकुमार: नोट बदलेंगे, जरूर बदलेंगे। लेकिन बैंक भी हमारा होगा, नोट भी हमारी होगी और तारीख भी हमारी ही होगी।

    अजीत को नोट बदलने में कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने बड़े आराम से बैंक मैनेजर को फोन घुमाया और कहा, "देखो बरखुरदार... तुम्हारी बेटी हमारे कब्जे में है।"

    धर्मेन्द्र (क्रोध में दांत पीसते हुए): कमीने, कुत्ते मैं गिन गिन के नोट बदलूंगा।

    मीना कुमारी (सिसकते हुए): ऐ खुदा! परवरदिगार!! मैं क्या करूं? कहाँ जाऊं?

    राखी (भगवान के चरणों में सिर पटक कर चिल्लाते हुए): मेरे 500 और 2000 के नये नोट आयेंगे।

    प्रेम चोपड़ा: मैं वो बला हूँ जो 500 का नकली नोट देकर 2000 की असली नोट लेता हूँ।

    गब्बर सिंह: अरे ओओओओ बैंकर, लाइन में कितने आदमी थे?

    हेमा मालिनी: नहींहींहींहीं मुझे छुट्टे दो। मैं 2000 के नोट का क्या करूंगी? मैं तो चिल्लर पे भी नाचूंगी।

    अमरीश पुरी: मुझे नये नोट मिल गये। हा हा हा हा हा हा हा हा... मोगैम्बो खुश हुआ।

    राजेश खन्ना: बाबू मोशाय... ये दुनिया रंग रंगीली है... कल ब्ल्यू और हरी नोट थी... आज गुलाबी है रे।
  • एक मैनेजर पति और उसकी पत्नी की कहानी!

    पत्नी - रात का खाना आज बाहर करेगें।

    पति - ठीक है ... हम किसी साधारण रेस्तरां में चलते हैं।

    पत्नी - नहीं, रॉयल पैलेस होटल में चलते हैं।

    पति - (एक मिनट के लिए मौन) ठीक है, 7 बजे चलते हैं।

    ठीक सात बजे पति-पत्नी अपनी कार में घर से निकले। रास्ते में -

    पति - जानती हो एक बार मैंने अपनी बहन के साथ पानीपूरी प्रतिस्पर्धा की थी। मैंने 30 पानी पूरी खाई और उसे हरा दिया।

    पत्नी - क्या यह इतना मुश्किल है?

    पति - मुझे पानी-पूरी प्रतियोगिता में परास्त करना बहुत मुश्किल है।

    पत्नी - मैं आसानी से आपको हरा सकती हूँ।

    पति - रहने दो ये तुम्हारे बस का नहीं।

    पत्नी - हमसे प्रतियोगिता करने चलिये।

    पति - तो आप अपने आप को हारा हुआ देखना चाहती हैं?

    पत्नी - चलिये देखते हैं।

    वे दोनों एक पानी-पूरी स्टॉल पर रुके और खाना शुरू कर दिए ।

    25 पानी पूरी के बाद पति ने खाना छोड़ दिया।

    पत्नी का भी पेट भर गया था, लेकिन उसने पति को हराने के लिए एक और खा लिया और चिल्लाई , `तुम हार गये।`

    बिल 50 रुपये आया। और पत्नी वापस घर आते हुए शर्त जीतने की खुशी में खुश थी।

    कहानी से नैतिक शिक्षा:

    `एक प्रबंधक का मुख्य उद्देश्य न्यूनतम निवेश के साथ कर्मचारी को संतुष्ट करना होता है। कम निवेश पर मजबूत वापसी सुनिश्चित!`
  • तीन सवाल!

    एक बार एक लड़के ने एक बुजुर्ग से पूछा, "बाबा, जब एक दिन दुनिया से जाना है तो फिर लोग पैसे के पीछे क्यों भागते हैं?"

    "जब जमीन जायदाद जेवर यहीं रह जाते हैं तो लोग इनको अपनी जिंदगी क्यों बनाते हैं?"

    "जब रिश्ते निभाने की बारी आती है तो दोस्त ही दुश्मनी क्यों निभाते हैं?"

    बुजुर्ग ने गौर से तीनों सवाल सुने। फिर उसने माचिस की डिब्बी से तीन तीलियां निकालीं। दो तीलियां उसने फेंक दीं और एक तीली को आधा तोड़कर उसका ऊपर वाला भाग फेंक दिया। उसके बाद नीचे वाले भाग को नुकीला बनाकर अपना दांत कुरेदते हुए बोला,

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    "चल भाग यहाँ से, मुंझे नहीं पता।"
  • पति का गम!

    पत्नी को किसी किटी पार्टी में जाना था तो उसने अपने पति से पूछा, "सुनो जी मैं कौन सी साड़ी पहनूं? ये नीली वाली या लाल वाली?

    पति: नीली वाली पहन लो।

    पत्नी: लेकिन नीली वाली तो मैंने परसो भी पहनी थी।

    पति: अच्छा तो फिर लाल ही पहन लो।

    पत्नी: अच्छा अब यह बताओ, लाल साड़ी के साथ सैंडल कौन से अच्छे लगेंगे? ये फूल वाले या प्लेन?

    पति: प्लेन वाले।

    पत्नी: अरे मैं पार्टी में जा रही हूँ, किसी कथा में नहीं। थोड़ी तड़क -भड़क तो दिखनी चाहिए ना।

    पति: ताे ठीक है फूल वाले पहन लो।

    पत्नी: अच्छा बिंदी कौन सी अच्छी लगेगी? ओवल या ये बड़ी या ये छोटी सी?

    पति: मेरे ख्याल से तो ओवल ठीक रहेगी।

    पत्नी: तुम्हें फैशन का जरा भी आइडिया नहीं है। मैंने जो साड़ी पहनी है ना, उसके साथ तो ये छोटी ही अच्छी लगेगी।

    पति: तो ठीक है, छोटी बिंदी ही लगा लो।

    पत्नी: अच्छा, पर्स कौन सा जमेगा? यह क्लच या बड़ा हैंडबैग।

    पति: क्लच ले लो।

    पत्नी: अाजकल तो बड़े हैंडबैग का फैशन है।

    पति: ताे अरे बाबा, वही ले जाओ, मुझे क्या करना है। बस पार्टी को एंजॉय करना।

    पत्नी जब पार्टी से लौटकर आई तो बड़े गुस्से में थी।

    पति: अरे क्या हुआ?

    पत्नी: तुम एक भी काम ढंग से नहीं कर सकते क्या?

    पति: क्यों मैंने क्या गलत कर दिया?

    पत्नी: पार्टी में सब मेरा मजाक उड़ा रहे थे कि कैसी साड़ी पहनकर आ गई, कैसी बिंदी लगाई है, पर्स और सैंडल पर भी कमेंट पास कर रहे थे।

    पति: तो इसमें मेरा क्या दोष है?

    पत्नी: सब मैंने तुमसे ही पूछ कर किया था न? ढंग से नहीं बता सकते थे क्या? इससे तो अच्छा था कि मैं खुद ही डिसाइड कर लेती।