• संता की ख़ुशी का कारण!

    एक बार संता बार में बैठकर कागज पर कुछ गुणा-भाग कर रहा था और पागलों की तरह हँस रहा था। तभी वहां बंता आया और उसने संता से पूछा, "क्या हुआ संता, तुम इतने खुश क्यों हो?"

    संता (हँसते-हँसते): ओ यार, आजकल मेरी पत्नी डाइटिंग पर है और पिछले 4 दिनों में उसने 5 किलो वजन घटा लिया है।

    बंता: तो फिर इसमें इतना हँसने वाली क्या बात है?

    संता: ओ यार, अभी-अभी मैंने सारा हिसाब लगाया है कि अगले 4 महीनों में वह पूरी तरह से गायब हो जाएगी।
  • संता का तोता!

    बंता: अरे यार संता तुम जो तोता लाये थे, कैसा है वो?

    संता: क्या बताऊँ यार कल हमारा तोता पेट्रोल पी गया।

    बंता: अरे, फिर क्या हुआ?

    संता: होना क्या था तड़पा, चीखा, फड़फड़ाया, उड़ा तो छत से जा कर टकराया, फिर कई बार कमरे में गोल- गोल उड़ा और कई बार चारों दीवारों से टकराया।

    बंता: फिर?

    संता: फिर उड़ कर हॉल में पहुंच गया। वहां भी अंधों की तरह खूब टककरें मारीं। फिर किचन में पहुंच गया। वहां तो बहुत ही तड़पा, कई बर्तन फोड़ दिए। फिर बैडरूम में पहुंचा तो सीधा जाकर ड्रेसिंग टेबल के शीशे से टकराया। शीशा चकनाचूर हो गया और उन्ही टुकड़ों में वो भी फर्श पर ढेर हो गया।

    बंता: ओह, फिर मर गया?

    संता: नहीं मरा तो नहीं पर मुझे लगता है पेट्रोल ख़त्म हो गया होगा।
  • भारत का योगदान!

    एक अमेरिकन भारत घूमने आया तो यहाँ अपने हिंदुस्तानी मित्र से पूछ बैठा, "भाई साहब बताइये अगर आपका भारत महान है तो सँसार के इतने अविष्कारों में आपके देश का क्या योगदान है?"

    हिंदुस्तानी: अरे अमरीकन सुन... सँसार की पहली फायर प्रूफ लेडी भारत में हुई, नाम था "होलिका" आग में जलती नही थी, इसीलिए उस वक्त फायर ब्रिगेड चलती नही थी।

    सँसार की पहली वाटर प्रूफ बिल्डिँग भारत में हुई... नाम था भगवान विष्णु का "शेषनाग"... काम तो ऐसे जैसे "विशेषनाग"।

    दुनिया के पहले पत्रकार भारत में हुए... "नारद जी" जो किसी राजव्यवस्था से नही डरते थे... तीनों लोक की सनसनी खेज रिपोर्टिँग करते थे।

    दुनिया के पहले कमेंटेटर "सँजय" हुए, जिन्होंने नया इतिहास बनाया... महाभारत के युद्ध का आँखो देखा हाल अँधे "ध्रतराष्ट" को उन्ही ने सुनाया।

    दादागिरी करना भी दुनिया को हमने सिखाया क्योंकि वर्षो पहले हमारे "शनिदेव" ने ऐसा आतँक मचाया.. कि "हफ्ता" वसूली का रिवाज उन्ही के शिष्यो ने चलाया.. आज भी उनके शिष्य हर शनिवार को आते हैं और उनका फोटो दिखाकर हफ्ता ले जाते हैं।

    अमेरिकन बोला, "दोस्त फालतू की बातें मत बनाओ, कोई ढँग का आविष्कार हो तो बताओ। जैसे हमने इँसान की किडनी बदल दी, बाईपास सर्जरी कर दी आदि।

    हिंदुस्तानी बोला, "अरे अमरीकन, सर्जरी का क्या खूब याद दिलाया, अरे सर्जरी का आइडिया ही दुनिया को हमने बताया था। तू ही बता "गणेश जी" का ऑपरेशन क्या तेरे बाप से करवाया था।"

    अमरीकन हडबडाया.. गुस्से में बडबडाया। देखते ही देखते चलता फिरता नजर आया। तब से पूरी दुनिया को हम पर मान है। दुनिया में मुल्क कितने ही हो पर सबमें मेरा "भारत" महान है।
  • संता की नेकी!

    एक औरत सड़क पर गोद में अपने बच्चे को लेकर रोये जा रही थी, तभी वहाँ से संता गुज़र रहा था। संता ने उसके रोने का कारण पूछा।

    औरत बोली, "बच्चा बहुत बीमार है और दवा के लिए पैसे नहीं हैं।"

    संता ने जेब से 1000 का नोट दिया और कहा कि जाओ जाकर दवाई ले आओ और बच्चे के लिए कुछ खाना और दूध भी ले लेना, बाकी जो बचे मुझे लाकर लौटा देना मैं यहीं खडा हूँ।

    थोड़ी देर बाद औरत आई और 800 रूपये लौटाती हुई बोली कि 100 रुपये डाक्टर ने लिए, 60 रुपये का खाना और 40 रुपये का दूध आया है।

    संता बहुत खुश हुआ और सोचने लगा कि 'नेकी कभी बेकार नहीं जाती। डाक्टर को फीस भी मिल गई, बच्चे को दवा, दूध और खाना भी मिल गया।
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    और मेरा नकली नोट भी चल गया।