• रॉंग नंबर

    एक बार एक आदमी का तबादला दूसरे शहर में हो गया तो वह अपना कार्यभार संभालने शहर पहुँच गया।

    वहां पहुँच कर उसने देखा कि उसे कंपनी ने रहने के लिए एक फ्लैट भी दे दिया है। यह देख उसने तुरंत अपनी पत्नी को इसके बारे में सूचना देने के इरादे से अपने मोबाइल पे मैसेज लिखा, परन्तु गलती से उसे गलत नंबर पर भेज दिया।

    जिस औरत को वह मैसेज मिला वह अपने पति का अंतिम संस्कार करके लौट रही थी। मैसेज पढ़ते ही वह औरत बेहोश हो गयी और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा क्योंकि मैसेज में लिखा था:

    प्रिय,
    मैं सही-सलामत पहुंच गया हूं और यहां रहने के लिए अच्छी जगह भी मिल गई है। तुम बिलकुल चिंता मत करना बस 2-4 दिन में ही तुमको भी बुला लूंगा।

    तुम्हारा पति!
  • मन्नत मांगो जन्नत नहीं!

    एक बार एक आदमी की अपनी पत्नी से बहुत घमासान लड़ाई हो गयी तो वह गुस्से में घर छोड़ कर चला गया और जंगल में समाधि लगा कर बैठ गया।

    कईं महीनो की घोर तपस्या के बाद भगवान् उस पर प्रसन्न होकर उसके समक्ष प्रकट हुए और उससे बोले।

    भगवान्: आँखे खोलो वत्स।

    आवाज़ सुन कर उस आदमी ने आँखे खोली तो अपने सामने भगवान् को देख वह आदमी भगवान् से बोला, " हे प्रभु मेरे दुखों का निवारण करो।"

    भगवान्: बोलो वत्स तुम्हारी क्या इच्छा है।

    आदमी: प्रभु मैं अपनी पत्नी से बहुत परेशान हूँ और मैं चाहता हूँ या तो आप उसे गूंगा कर दो या मुझे फिर से कुंवारा बना दो।

    भगवान: वत्स मैंने तुम्हे मन्नत मांगने को बोला था जन्नत मांगने को नहीं।
  • सच्चा प्यार!

    एक बार तीन दोस्त थे। तीनो को एक ही लड़की पसंद आ गयी तो तीनो ने फैंसला किया कि वे तीनो एक साथ लड़की को प्रोपोज़ करेंगे और लड़की का फैंसला आखिरी फैंसला होगा।

    तीनों दोस्त लड़की के पास पहुंचे।

    पहला दोस्त: मैं तुम्हारे लिए अपनी जान दे सकता हूँ।

    लड़की : वो तो सब कहते हैं।

    दूसरा दोस्त: मैं तुम्हारे लिए चाँद तारे तोड़ सकता हूँ।

    लड़की: पुराना डायलाग है।

    तीसरा दोस्त बड़ी हिम्मत करके लड़की के पास आया और बोला, "मैं तुम्हारी ACTIVA में रोज 3 लीटर पेट्रोल डलवाऊंगा।"

    यह सुन कर लड़की की आँखों में आँसू आ गए और बोली, "पागल इतना चाहता है मुझ को।"
  • गुटर-गुं

    एक बार एक आदमी अपनी प्रेमिका के साथ पार्क में बाहों में बाहें डाल कर बैठा हुआ था और कुछ बड़ी ही रूमानी बातें कर रहा था कि तभी अचानक वहां एक हवलदार आया और बोला, "आपको शर्म नहीं आती आप एक समझदार व्यक्ति होकर खुलेआम पार्क में ऐसी हरकत कर रहे हैं"।

    आदमी: देखिये हवालदार साहब आप गलत समझ रहे हैं, जैसा आप सोच रहे हैं वैसा कुछ भी नहीं है।

    हवलदार: तो कैसा है?

    आदमी: जी हम दोनों शादीशुदा हैं।

    हवालदार: अगर तुम शादीशुदा हो तो फिर अपनी ये प्यार भरी गुटरगूं अपने घर पर क्यों नहीं करते।

    आदमी: हवालदार साहब कर तो लें पर वहां मेरी पत्नी और और इसके पति को शायद अच्छा नहीं लगेगा।