• क्या ये दिल मांगे मोर?

    संता पेप्सी लेकर सामने रख के उदास बैठा था।

    बंता वहां आया और आते ही संता की पेप्सी पी गया और पूछा, "यार तू उदास क्यों है?"

    संता बोला,"यार आज का दिन ही बुरा है।"

    सुबह -सुबह बीवी से झगड़ा हो गया।

    रास्ते में कार खराब हो गई।

    ऑफिस लेट पहुंचा तो बॉस ने नौकरी से निकाल दिया।

    और अब जब जिंदगी से तंग आकर मैंने आत्महत्या करने के लिए पेप्सी में जहर मिलाया तो वो भी तू पी गया अब बता मैं उदास ना होऊं तो क्या करूँ?
  • सबसे तेज क्या?

    एक बार कक्षा छठी में चार बालकों को परीक्षा में समान अंक मिले। अब प्रश्न खडा हुआ कि किसे प्रथम रैंक दिया जाये। स्कूल प्रबन्धन ने तय किया कि प्राचार्य चारों से एक सवाल पूछेंगे, जो बच्चा उसका सबसे सटीक जवाब देगा उसे प्रथम घोषित किया जायेगा। चारों बच्चे हाजिर हुए, प्राचार्य ने सवाल पूछा, "दुनिया में सबसे तेज क्या होता है?"

    पहले बच्चे ने कहा, "मुझे लगता है विचार`सबसे तेज होता है, क्योंकि दिमाग में कोई भी विचार तेजी से आता है, इससे तेज कोई नहीं।"

    प्राचार्य ने कहा, "ठीक है, बिलकुल सही जवाब है।"

    दूसरे बच्चे ने कहा, "मुझे लगता है पलक झपकना सबसे तेज होता है, हमें पता भी नहीं चलता और पलकें झपक जाती हैं और अक्सर कहा जाता है, पलक झपकते कार्य हो गया।"

    प्राचार्य बोले, "बहुत खूब, बच्चे दिमाग लगा रहे हैं।"

    तीसरे बच्चे ने कहा, "बिजली, क्योंकि मेरे यहाँ गैरेज, जो कि सौ फ़ुट दूर है, में जब बत्ती जलानी होती है, हम घर में एक बटन दबाते हैं, और तत्काल वहाँ रोशनी हो जाती है, तो मुझे लगता है बिजली सबसे तेज होती है।"

    अब बारी आई चौथे बच्चे की। सभी लोग ध्यान से सुन रहे थे, क्योंकि लगभग सभी तेज बातों का उल्लेख तीनों बच्चे पहले ही कर चुके थे।

    चौथे बच्चे ने कहा, "सबसे तेज होते हैं दस्त।"

    यह सुन सभी चौंक गए। प्राचार्य ने कहा, "साबित करो कैसे?"

    बच्चा बोला, "कल मुझे दस्त हो गए थे, रात के दो बजे की बात है, जब तक कि मैं कुछ विचार कर पाता, या पलक झपकाता या कोई बिजली का स्विच दबाता, दस्त अपना काम कर चुका था।

    कहने की जरूरत नहीं कि इस असाधारण सोच वाले बालक को ही प्रथम घोषित किया गया।
  • समझदार कुत्ता!

    रात के समय एक दुकानदार अपनी दुकान बन्द ही कर रहा था कि एक कुत्ता दुकान में आया । उसके मुँह में एक थैली थी। जिसमें सामान की लिस्ट और पैसे थे। दुकानदार ने पैसे लेकर सामान उस थैली में भर दिया। कुत्ते ने थैली मुॅंह मे उठा ली और चला गया।

    दुकानदार आश्चर्यचकित होके कुत्ते के पीछे पीछे गया ये देखने की इतने समझदार कुत्ते का मालिक कौन है।

    कुत्ता बस स्टाॅप पर खडा रहा। थोडी देर बाद एक बस आई जिसमें चढ गया। कंडक्टर के पास आते ही अपनी गर्दन आगे कर दी। उस के गले के बेल्ट में पैसे और उसका पता भी था। कंडक्टर ने पैसे लेकर टिकट कुत्ते के गले के बेल्ट मे रख दिया। अपना स्टाॅप आते ही कुत्ता आगे के दरवाजे पे चला गया और पूॅंछ हिलाकर कंडक्टर को इशारा कर दिया। बस के रुकतेही उतरकर चल दिया।

    दुकानदार भी पीछे पीछे चल रहा था।

    कुत्ते ने घर का दरवाजा अपने पैरोंसे 2-3 बार खटखटाया।

    अन्दर से उसका मालिक आया और लाठी से उसकी पीटाई कर दी।

    दुकानदार ने मालिक से इसका कारण पूछा ।

    मालिक बोला `साले ने मेरी नीन्द खराब कर दी। चाबी साथ लेके नहीं जा सकता था गधा।'

    जीवन की भी यही सच्चाई है। लोगों की अपेक्षाओं का कोई अन्त नहीं है।
  • अच्छा शिक्षक!

    एक बार गणित के शिक्षक ने पप्पू को बुलाया और अपनी कापी चेक कराने के लिए कहा।

    पप्पू: मास्टरजी मैंने तो होमवर्क किया ही नहीं।

    मास्टर: तुम्हारा तो पढने में मन ही नहीं लगता, अब बताओ की होमवर्क ना करने का तुम्हारे पास क्या बहाना है?

    पप्पू: जी मास्टर जी वो कल आपने जो गुणा-भाग समझाया था ना वो मुझे समझ नहीं आया।

    मास्टर: नालायक तुम्हे वह सामान्य सा गुणा-भाग समझ नहीं आया, मैं जब तुम्हारी उम्र का था तो 15-15 अंकों वाला गुणा-भाग चुटकियों में कर देता था।

    पप्पू: कर देते होंगे मास्टर जी, क्योंकि आपको पक्का कोई अच्छा टीचर पढाता होगे।