• खोज और अविष्कार!

    आदमी और औरत की खोजें और अविष्कार!

    आदमी ने रंग की खोज की, और चित्रकला का अविष्कार किया महिला ने रंग की खोज की, और मेक-अप का अविष्कार किया!!

    आदमी ने शब्द की खोज की, और भाषा का अविष्कार किया औरत ने भाषा का खोज की, और गप्पों का अविष्कार किया!!

    आदमी ने जुए की खोज की, और कार्डस का अविष्कार किया औरतों ने कार्डस की खोज की, और टोने, टोटके और चुगलियों का अविष्कार किया!!

    आदमी ने खेती बाड़ी की खोज की, और भोजन का अविष्कार किया औरतों ने भोजन की खोज की, और डायटिंग का अविष्कार किया!!

    आदमी ने दोस्ती की खोज की, और प्यार का अविष्कार किया औरत ने प्यार की खोज की, और विवाह का अविष्कार किया!!

    आदमी ने व्यापार की खोज की, और पैसों का अविष्कार किया औरत ने पैसों की खोज की, और खरीददारी का अविष्कार किया!!

    वैसे तो आदमी ने बहुत सारी चीजों की खोज कर ली. .. जबकि औरत अभी भी खरीददारी में ही फंसी हुई है!
  • बंता की होशियारी!

    बंता मछलियाँ पकड़ने में काफी माहिर था और बड़ी बड़ी मछलियाँ पकड़ने के लिए मशहूर था, एक दिन वो बड़ी सी मछली पकड़कर टोकरी में लेकर घर की तरफ आ रहा था तभी मत्स्य अधिकारी ने उसे रोका और पूछा क्या तुम्हारे पास मछली पकड़ने का लाइसेंस है!

    बंता ने जवाब दिया: लाइसेंस? कैसा लाइसेंस? लाइसेंस की तो कोई जरुरत ही नहीं है ये तो मेरी पालतू मछली है!

    पालतू मछली? मत्स्य अधिकारी ने पूछा!

    बंता ने जवाब दिया: जी हाँ सर 'पालतू' हर रात को मैं इसे इस झील में डाल देता हूँ और थोड़ी देर के बाद मैं एक सीटी बजाता हूँ और ये कूदकर झील के किनारे पर आ जाती हैं और टोकरी में डालकर घर ले जाता हूँ!

    ये तो तुम मेरा सरेआम बेवकूफ बना रहे हो मछली ऐसा कर ही नहीं सकती!

    बंता ने अधिकारी से कहा: आप ये चाहते हैं कि मैं आपको ये सब करके दिखाऊँ!

    मत्स्य अधिकारी ने उत्सुकता से कहा: बिल्कुल जरुर देखना चाहूँगा!

    बंता ने मछली को पानी में डुबो दिया और वहीँ खड़ा हो गया थोड़ी देर वहीँ रुकने के बाद मत्स्य अधिकारी ने बंता से कहा: फिर?

    बंता: फिर क्या?

    अधिकारी ने पूछा: तो तुम अपनी मछली को वापिस नहीं बुला रहे हो!

    बंता ने कहा: मछली?... कौन सी मछली?
  • अजीब कानून!

    एक बार संता शिकार करने चला गया उसने जाते ही एक कबूतर को मार दिया वह कबूतर जाकर एक खेत में गिरा, जब वह बाड़ा पार करके उस कबूतर के पास पहुंचा तभी एक किसान वहां आया और संता को पूछने लगा कि वह उसकी प्रोपर्टी में क्या कर रहा है?

    संता ने कबूतर को दिखाते हुए कहा कि मैंने इस कबूतर को मारा और ये मर कर यहाँ गिर गया मैं इसे लेने आया हूँ!

    किसान ने कहा ये कबूतर मेरा है क्योंकि ये मेरे खेत में पड़ा है!

    संता ने कहा क्या तुम जानते हो तुम किससे बात कर रहे हो?

    किसान ने जवाब दिया नहीं मैं नहीं जानता और मुझे इससे भी कुछ नहीं लेना है कि तुम कौन हो!

    संता ने कहा मैं लुधिआना का एक बहुत मशहूर वकील हूँ, और अगर तुमने मुझे इस कबूतर को ले जाने से रोका तो मैं तुम पर ऐसा मुकदमा चलाऊंगा कि तुम्हें तुम्हारी जमीन जायदाद से बेदखल कर दूंगा और तुम्हें एक पल में रास्ते का भिखारी बना दूंगा!

    किसान ने कहा हमारे भटिंडा मैं तो बस एक ही कानून चलता है लात मारने वाला!

    संता ने कहा मैंने तो कभी इसके बारे में नहीं सुना!

    किसान ने कहा मैं तुम्हें तीन लातें मारता हूँ अगर तुम वापिस उठकर तीन लातें मुझे मार पाओगे तो तुम इस कबूतर को ले जाना!

    संता ने कहा ये ठीक है उसने उस किसान को देखा कि वह तो बिल्कुल कमजोर सा है तो इसकी लातों से उसे क्या फर्क पड़ने वाला ये सोचकर उसने कहा ठीक है मारो!

    किसान ने बड़ी बेरहमी से संता को पहली लात टांगों के बीच में मारी जिससे संता मुहं के बल झुक गया!

    किसान ने दूसरी लात संता के मुहं पर मारी जिसके पड़ते ही वह जमीन पर गिर गया!

    तीसरी लात किसान ने संता की पसलियों पर मारी बड़ी देर बाद संता उठा और जब वह लात मारने के लायक हुआ तो संता ने कहा अब मेरी बारी है!

    किसान ने कहा, चलो छोड़ो यार! ये कबूतर तुम ही रखो!
  • ज़्यादा ख़ुशी भी जानलेवा है।

    90 वर्षीय एक सज्जन की दस करोड़ की लाटरी लग गई। इतनी बड़ी खबर सुनकर कहीं दादाजी खुशी से मर न जाएं, यह सोचकर उनके घरवालों ने उन्हें तुरंत जानकारी नहीं दी। सबने तय किया कि पहले एक डॉक्टर को बुलवाया जाए फिर उसकी मौजूदगी में उन्हें यह समाचार दिया जाए ताकि दिल का दौरा पड़ने की हालत में वह स्थिति को संभाल सके।

    शहर के जानेमाने दिल के डॉक्टर से संपर्क किया गया।

    डॉक्टर साहब ने घरवालों को आश्वस्त किया और कहा, "आप लोग चिंता ना करें, दादाजी को यह समाचार मैं खुद दूंगा और उन्हें कुछ नहीं होगा, यह मेरी गारंटी है।"

    डॉक्टर साहब दादाजी के पास गए कुछ देर इधर उधर की बातें कीं फिर बोले, "दादाजी, मैं आपको एक शुभ समाचार देना चाहता हूं। आपके नाम दस करोड़ की लाटरी निकली हैं।"

    दादाजी बोले, "अच्छा! लेकिन मैं इस उम्र में इतने पैसों का क्या करूंगा पर अब तूने यह खबर सुनाई है तो जा, आधी रकम मैंने तुझे दी।"

    यह सुन डॉक्टर साहब धम् से जमीन पर गिरे और उनके प्राण पखेरू उड़ गए।