• आत्महत्या के उपाय!

    अगर आप मरना चाहते हैं लेकिन आप मरने हेतु कुछ नए कारण व तरीके अपनाने के शौक़ीन हैं तो इन्हें अपनाए:

    1. अपने लैपटॉप में Win-XP ऑपरेटिंग सिस्टम डाले, BSNL का ब्रॉडबैंड लगाए और इन्टरनेट एक्स्प्लोरर ब्राउज़र पर IRCTC की वेबसाइट पर तत्काल टिकट बुक करने का प्रयास करें, यकीन मानिए आप आत्महत्या कर लेंगे।

    2. किसी म्यूजिक स्टोर से अनु मालिक व अल्ताफ राजा के गानों की CD ले आइये और उन्हें रात भर एक बंद कमरे में बैठ कर लगातार सुने, 100% गारंटी है सुबह आपकी लाश मिलेगी।

    3. रविवार के दिन आराम से घर में बैठ कर सुबह 9 बजे से शाम के 5 बजे तक सोनी टीवी पर नॉनस्टॉप दिखाया जाने वाला शो "CID" देखें, सोमवार को आपके जनाजे में हम भी शिरकत करेंगे।

    4. अगर आप तड़प-तड़प कर मरना चाहते हैं तो इन्टरनेट से दिग्विजय सिंह के सभी भाषणों को डाउनलोड कीजिये और रोज रात को कोई एक भाषण सुनिए, कसम दिग्गी राजा की आप तड़प-तड़प के मरेंगे।

    5. अगर आप हँस-हँस के मरना चाहते हैं तो आप दो दिन लगातार बैठ कर राहुल गाँधी जी का भाषण या इंटरव्यू नॉनस्टॉप सुनते जाएँ आप बस हँसते-हँसते इस दुनिया को अलविदा कहेंगे।

    6. अगर आप झल्लाहट से मरना छाते हैं तो बाज़ार जाकर दीपक तिजोरी, आदित्य पंचोली, राहुल रॉय व उदय चोपड़ा अभिनीत फिल्मो की DVD ले आइये और खुद को एक कुर्सी पर रस्सी से बांध कर फिल्मे देखे। आपकी जान निकल जायेगी।
  • अनोखा परीक्षण!

    एक बदसूरत काला सा आदमी जुकाम की शिकायत लेकर डाक्टर के पास गया। डाक्टर ने उसे सरसरी निगाह से देखकर कहा कि वो अपने कपडे उतार दे और दोनों हाथों को जमीन पर टिका दे।

    आदमी हैरान परेशान हो गया पर उसने वैसा ही किया जैसा कि डॉक्टर ने उसे करने के लिए कहा।

    डाक्टर: ठीक है, अब जानवरों की तरह चलिए, और कमरे के दायें कोने में जाएं।

    आदमी ने यही किया।

    डाक्टर: ठीक अब बाएँ कोने में जाएं।

    आदमी उधर चला गया।

    डॉक्टर: अब इस कोने में, अब उस कोने में, अब सामने, अब बीच में।

    आदमी घबरा के उठ खड़ा हुआ और बोला, "डाक्टर साहब, कोई गंभीर बीमारी तो नहीं हो गयी मुझे?"

    डॉक्टर: अरे नहीं, मामूली जुकाम है, ये दो गोली लो सुबह तक ठीक हो जाओगे।

    आदमी: पर डॉक्टर साहब आपने ये मेरा एक घंटे तक इस तरह परीक्षण क्यों किया?

    डॉक्टर: कुछ नहीं यार, बात यह है कि मैंने एक काले रंग का सोफा ख़रीदा है, मैं देखना चाहता था इस कमरे में वो किस जगह ठीक दिखेगा।
  • कंजूसी की हद!

    एक कंजूस आदमी जिंदगी भर अपने पुत्रों को कम से कम खर्च करने की हिदायतें देता रहा था। जब वह मरणासन्न स्थिति में पहुंच गया तो पुत्र आपस में मशवरा करने लगे कि किस प्रकार पिता की इच्छा के अनुसार कम से कम खर्च में उनकी अंतिम यात्रा निपटाई जाए।

    एक ने कहा, "ऐम्बुलेंस में ले जाया जाए।"

    दूसरे ने कहा, "नहीं, ऐम्बुलेंस बहुत मंहगी होगी। ठेलागाड़ी में ले चलते हैं।"

    तीसरे ने कहा, "क्यों न साइकिल पर बांधकर ले चलें?"

    यह सब सुनकर कंजूस से रहा नहीं गया। उठकर बोला, "कुछ मत करो, मेरा कुर्ता और जूते ला दो। मैं पैदल ही चला जाऊंगा।"
  • मैंने आपको पहचाना नहीं!

    एक 45 साल की महिला बहुत बीमार हो गयी उसे तुरंत अस्पताल ले गए।

    अस्पताल में डॉक्टर ने कहा कि, "तुरंत ऑपरेशन करना पड़ेगा।"

    उसे ऑपरेशन थियेटर में ले गए अभी वो वहां लेटी ही थी कि उसे साक्षात् भगवान के दर्शन हो गए भगवान ने कहा अभी तुम्हें मरना नहीं है अभी तो तुमने 40 साल 2 महीने और 8 दिन का जीवन और जीना है। यह कहकर भगवान गायब हो गए और ऑपरेशन सफलतापूर्वक हो गया।

    महिला ने सोचा अब तो उसके पास काफी उम्र पड़ी है क्यों न अपने आप को थोड़ा सजाया संवारा जाये उसने वहीँ पर अपने साज सिंगार के लिए ब्यूटीशियन को बुलाया वजन कम करने के लिए डायटिंग शुरू कर दी।

    कई दिन तक अस्पताल में रहने के बाद जब उसे घर आना था तो उसने फिर से साज सिंगार किया और हेयर-ड्रेसर को बुलाकर अपने बालों के रंग को चेंज करवाया।

    अब वो बिलकुल बदली बदली थी जब वो अस्पताल से जाने लगी तो मन ही मन बहुत खुश थी कि उसके पास जीने के लिए अभी काफी लम्बा जीवन है।

    वो काफी अच्छा महसूस कर रही थी जैसे ही वो अस्पताल के बाहर गली को पार करने लगी सामने से आती एम्बुलेंस ने उसे जोर की टक्कर मारी और वो वहीँ गिर कर मर गयी।

    जैसे ही भगवान के पास पहुंची और कहने लगी, "मैं तो ये सोच कर काफी खुश थी कि मेरे पास जीने के लिए 40 साल से ज्यादा है यही कहकर आये थे न आप।"

    भगवान ने सहजता से पूछा: क्या हुआ? मैंने आपको पहचाना नहीं।