• जन - धन में खाता!

    एक दिन सुबह-सुबह बैंक में एक आदमी आया और बैंक मैनेजर से बोला, "जन धन में खाता खुलवाना है।"
    बैंक मैनेजर: खुलवा लो।
    आदमी: क्या ये जीरो बैलेंस में खुलता है?
    बैंक मैनेजर (मन ही मन में, साला पता है फिर भी पूछ रहा है): हाँ जी फ्री में खुलवा लो।
    आदमी: इसमें सरकार कितना पैसा डालेगी?
    बैंक मैनेजर: जी अभी तो कुछ पता नहीं।
    आदमी: तो मैं ये खाता क्यों खुलवाऊँ?
    बैंक मैनेजर: जी मत खुलवाओ।
    आदमी: फिर भी सरकार कुछ तो देगी?
    बैंक मैनेजर: आपको फ्री में एटीएम दे देंगे।
    आदमी: जब उसमे पैसा ही नहीं होगा तो एटीएम का क्या करूँगा?
    बैंक मैनेजर: पैसे डलवाओ भैया तुम्हारा खाता है।
    आदमी: मेरे पास पैसा होता तो मैं पहले नहीं खुलवा लेता, तुम खाता खोल रहे हो तो तुम डालो न पैसे।
    बैंक मैनेजर: अरे भाई सरकार खुलवा रही है।
    आदमी: तो ये सरकारी बैंक नहीं है?
    बैंक मैनेजर: अरे भाई सरकार तुम्हारा बीमा फ्री में कर रही है, पूरे एक लाख का।
    आदमी (खुश होते हुए): अच्छा तो ये एक लाख मुझे कब मिलेंगे?
    बैंक मैनेजर (गुस्से में): जब तुम मर जाओगे तब तुम्हारी बीवी को मिलेंगे।
    आदमी (अचम्भे से): तो तुम लोग मुझे मारना चाहते हो और मेरी बीवी से तुम्हारा क्या मतलब है?
    बैंक मैनेजर: अरे भाई ये हम नहीं सरकार चाहती है।
    आदमी (बीच में बात काटते हुए): तुम्हारा मतलब सरकार मुझे मारना चाहती है?
    बैंक मैनेजर: अरे यार मुझे नहीं पता, तुमको खाता खुलवाना है या नहीं?
    आदमी: नहीं पता का क्या मतलब? मुझे पूरी बात बताओ।
    बैंक मैनेजर: अरे अभी तो मुझे भी पूरी बात नहीं पता, मोदी जी ने कहा कि खाता खोलो तो हम खोल रहे हैं।
    आदमी: अरे नहीं पता तो यहाँ क्यों बैठे हो?
    बैंक मैनेजर ने अपना सिर पकड़ लिया और आदमी जन धन के पोस्टर को देखते हुए बोला, "अच्छा ये 5000 रुपये का ओवरड्राफ्ट क्या है?"
    बैंक मैनेजर: मतलब तुम अपने खाते से 5000 निकाल सकते हो।
    आदमी (बीच में बात काटते हुए): ये हुई ना बात, ये लो आधार कार्ड, 2 फोटो और निकालो 5000 रुपये।
    बैंक मैनेजर: अरे यार ये तो 6 महीने बाद मिलेंगे।
    आदमी: मतलब मेरे 5000 का इस्तेमाल 6 महीने तक तुम लोग करोगे?
    बैंक मैनेजर: भैया ये रुपये ही 6 महीने बाद आएंगे।
    आदमी: झूठ मत बोलो, पहले बोला कि कुछ नहीं मिलेगा, फिर कहा एटीएम मिलेगा, फिर बोला बीमा मिलेगा, फिर बोलते हो 5000 रुपये मिलेंगे, फिर कहते हो कि नहीं मिलेंगे, तुम्हे कुछ पता भी है?
    बैंक मैनेजर: अरे मेरे बाप कानून की कसम, भारत माँ की कसम, मैं सच कह रहा हूँ, मोदी जी ने अभी कुछ नहीं बताया है, तुम चले जाओ, खुदा की कसम, तुम जाओ, मेरी सैलरी इतनी नहीं है कि एक साथ ब्रेन हैमरेज और हार्ट अटैक दोनों का इलाज करवा सकूँ।
  • ख़ुशी मिलती है!

    एक आदमी ने एक वकील के ऑफिस में फ़ोन किया और वकील का नाम लेकर कहा कि मैं अपने वकील से बात करना चाहता हूँ।

    रिसेप्शन वाले ने कहा, "जी माफ़ कीजिये, पिछले हफ्ते ही उनका देहांत हो गया।"

    अगले दिन फिर से उस आदमी ने उसी तरह पूछा, "जी, क्या मैं अपने वकील के साथ बात कर सकता हूँ?"

    रिसेप्शन वाले ने फिर से वही बात कही कि माफ़ कीजिये उनका पिछले हफ्ते देहांत हो गया।

    अगले दिन फिर से उस आदमी ने फोन किया, "क्या मैं अपने वकील से बात कर सकता हूँ?"

    रिसेप्शन वाले ने उस दिन दुखी होकर उसे पूछ ही लिया, "सर आज ये आपका तीसरा दिन है, लगातार मैं आपको बता रहा हूँ कि आपके वकील मर चुके हैं। आप फिर भी बार-बार फोन करके क्यों पूछ रहे हैं?"

    उस आदमी ने बड़ी सहजता से जवाब दिया, "क्योंकि यह सुनकर मुझे बहुत ख़ुशी मिलती है कि अब मेरे पैसे बच जायेंगे।"
  • व्हाट्सएप्प और फेसबुक की बातचीत में अंतर

    फेसबुक पर:

    पत्नी ने अपना स्टेटस अपडेट किया: जानू कब से इंतज़ार कर रही हूँ, कब आओगे, तुम्हारी बहुत याद आ रही है।
    10 दोस्तों ने स्टेटस को Like किया।

    पति ने भी जवाब में अपना स्टेटस अपडेट किया: मेरा हमेशा साथ देने के लिए शुक्रिया, मैं बहुत खुशकिस्मत हूँ जो मुझे तुम मिल गयी। मैं जल्द ही वापस आ रहा हूँ।
    15 लोगों ने स्टेटस को Like किया। सास और साली ने Comment किया।

    व्हाट्सएप्प पर:

    पत्नी: कब से इंतज़ार कर रही हूँ, घर कब आओगे?

    पति: अभी कुछ पता नहीं, दिमाग मत चाटो। जब देखो परेशान करती रहती हो, पता नहीं कहाँ से पल्ले पड़ गयी हो।
  • शादी के बाद पति - पत्नी!

    शादी के बाद पत्नी कैसे बदलती है, जरा गौर कीजिए:

    पहले साल: मैंने कहा जी खाना खा लीजिए, आपने काफी देर से कुछ खाया नहीं।
    दूसरे साल: जी खाना तैयार है, लगा दूं?
    तीसरे साल: खाना बन चुका है, जब खाना हो तब बता देना।
    चौथे साल: खाना बनाकर रख दिया है, मैं बाजार जा रही हूं, खुद ही निकाल कर खा लेना।
    पांचवे साल: मैं कहती हूं आज मुझ से खाना नहीं बनेगा, होटल से ले आओ।
    छठे साल: जब देखो खाना, खाना और खाना, अभी सुबह ही तो खाया था।

    शादी के बाद पति कैसे बदलते हैं, जरा गौर कीजिए:

    पहले साल: जानू संभलकर उधर गड्ढा है।
    दूसरे साल: अरे यार देख के उधर गड्ढा है।
    तीसरे साल: दिखता नहीं उधर गड्ढा है।
    चौथे साल: अंधी है क्या गड्ढा नहीं दिखता।
    पांचवे साल: अरे उधर - किधर मरने जा रही है गड्ढा तो इधर है।

    मुस्कुराते रहिये!