• उम्र का चक्र!

    एक औरत और उसका बेटा बस स्टॉप पर खड़े बस का इंतज़ार कर रहे थे तो औरत अपने बेटे से बोली," बेटा अगर बस में कंडक्टर तुमसे तुम्हारी उम्र पूछे तो कहना कि तुम पांच साल के हो। इससे तुम्हारा किराया माफ़ हो जाएगा और तुम बस में मुफ्त सफ़र कर सकोगे।"

    थोड़ी देर बाद जब बस आई और वो दोनों जब बस में चढ़े तो कंडक्टर ने बच्चे से उसकी उम्र पूछी।

    यह सुन बच्चा बड़े ही गर्व से बोला, "मैं 5 साल का हूँ।"

    क्योंकि कंडक्टर का भी उतनी ही उम्र का एक बेटा था तो कंडक्टर भी मुस्कुरा कर बोला, "और आप 6 साल के कब हो जाओगे?"

    बच्चा बड़ी मासूमियत से बोला, "जैसे ही मैं इस बस से उतरूंगा।"
  • पक्का भारतीय होने के लक्षण!

    1. होटल में खाने के बाद मुट्ठी भर सौंफ खाना।

    2. हवाई यात्रा के बाद बैग से टैग नहीं उतारना।

    3. सब्जी लेने के बाद मुफ़्त धनिये की मांग करना।

    4. दीवाली पर मिले गिफ्ट को रिश्तेदार को सरका देना।

    5. छह साल के बच्चे को 3 साल का बता कर आधा टिकट लेना।

    6. रिमोट से लेकर मोबाइल तक का पीठ ठोंक कर चलाना।

    7. शादी के कार्ड से गणेश जी उतारकर फ्रिज पर चिपकाना।

    8. मोलभाव करते वक्त पिछली दुकान का हवाला देना।

    9. गोलगप्पे खाने के बाद मुफ़्त में सुखी पापड़ी की जिद करना।

    10. नई कार लेने के बाद छह महीने तक सीट की पन्नी नहीं उतारना।
  • देहाती की नम्रता!

    गॉंव का एक आदमी पहली बार अपने गाँव से कहीं बाहर जाने के लिए बस में सवार हुआ।

    कंडक्टर ने ठीक ड्राइवर के पास वाली सीट पर उसे बैठा दिया।

    बस चलते समय वह आदमी बड़े आश्चर्य से इतनी विशाल बस को चलाते ड्राइवर को ही देखता रहा।

    एक घंटे बाद चाय पानी के लिए एक ढाबे के सामने बस रुकी और ड्राइवर भी चाय पीने चला गया।

    वापस लौटा तो देखा कि गियर चेंज करने वाली रॉड गायब थी।

    वो गुस्से से चिल्लाया, "यहाँ लगी गियर रॉड किसने निकाली?"

    उसके पास की सीट पर बैठा वो देहाती आदमी बड़ी नम्रता से बोला, "साहब नाराज क्यों होते हो, रास्ते भर मैं कब से देख रहा हूँ कि, आप बस चलाते चलाते बार बार ये रॉड निकालने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन निकाल नही पाए बस आप हिला ही पाए... मैंने अपनी पूरी ताकत से निकाल दी। ये लो।"

    . ड्राईवर अभी कोमा में है और होश आते ही फिर बेहोश होने की सम्भावना है।
  • स्मार्ट वकील!

    वैलेंटाइन डे के पहले दिन गिफ्ट शॉप पर वकील साहब मिल गए। वो 40 कार्ड ले रहे थे। सब पर उन्होंने भेजने वाले की जगह लिखा -

    `तुम्हारी जान !! पहचान गए ना? शाम को मिलो। लव यू।`

    पूछने पर बताया - पिछले वैलेंटाइन डे पर आस पास की कालोनी में ऐसे ही 20 कार्ड भेजे थे। कुछ ही दिन में तलाक के चार केस मिल गए थे। इस बार 40 कार्ड भेज रहा हूँ।

    धन्धे में सब जायज है।