• मोदी चालीसा!

    जय नरेन्द्र ग्यान गुन सागर |
    जय मोदी तिहुँ लोक उजागर ||

    राष्ट्रदूत अतुलित बलधामा |
    दामोदर पुत्र नरेन्दर नामा ||

    तुम उपकार राष्ट्र पर कीन्हा |
    कच्छ संवारि स्वर्ग सम कीन्हा ||

    माया, मुलायम थर थर काँपैं |
    काँग्रेस को चिंता व्यापै ||

    नासहि सपा मिटैं बसपाई |
    खिलै कमल फूलैं भजपाई ||

    साधु संत के तुम रखबारे |
    असुर निकंदन राष्ट्रदुलारे ||

    संत रसायन तुम्हरे पासा |
    सदा रहहु भारत के दासा ||

    भारत विश्वगुरु बन जावै |
    जब मोदी दिल्ली मैं आवै ||

    चीन पाक दोउ निकट न आवै |
    जब मोदी को नाम सुनावै ||

    नासहिं दुष्ट और अपराधा |
    भ्रष्टाचार मिटावहिं बाधा ||

    करहि विकास स्वर्ग सम सुंदर |
    बनहि राम को सुंदर मंदिर ||

    असुर निवारि सुरन्ह कौ थापैं |
    राहुल सोनिया कबहुँ न व्यापै ||

    मोदी मंत्र एक सम जाना |
    करहि विकास राष्ट्र सनमाना ||

    भारत राष्ट्र पराक्रमशाली |
    होहि सिद्ध यह शंशय नाही ||

    || जय मोदी ||
  • भारत और महाभारत!

    दुर्योधन और राहुल गांधी - दोनों ही अयोग्य होने पर भी सिर्फ राजपरिवार में पैदा होने के कारन शासन पर अपना अधिकार समझते हैं।

    भीष्म और आडवाणी - कभी भी सत्तारूढ़ नही हो सके फिर भी सबसे ज्यादा सम्मान मिला। उसके बाद भी जीवन के अंतिम पड़ाव पे सबसे ज्यादा असहाय दिखते हैं।

    अर्जुन और नरेंद्र मोदी - दोनों योग्यता से धर्मं के मार्ग पर चलते हुए शीर्ष पर पहुचे जहाँ उनको एहसास हुआ की धर्म का पालन कर पाना कितना कठिन होता है।

    कर्ण और मनमोहन सिंह - बुद्धिमान और योग्य होते हुए भी अधर्म का पक्ष लेने के कारण जीवन में वांछित सफलता न पा सके।

    जयद्रथ और केजरीवाल - दोनों अति महत्वाकांक्षी एक ने अर्जुन का विरोध किया दूसरे ने मोदी का। हालांकि इनको राज्य तो प्राप्त हुआ लेकिन घटिया राजनीतिक सोच के कारण बाद में इनकी बुराई ही हुयी।

    शकुनि और दिग्विजय - दोनों ही अपने स्वार्थ के लिए अयोग्य मालिको की जीवनभर चाटुकारिता करते रहे।

    धृतराष्ट्र और सोनिया - अपने पुत्र प्रेम में अंधे है।

    श्रीकृष्ण और कलाम - भारत में दोनों को बहुत सम्मान दिया जाता है परन्तु न उनकी शिक्षाओं को कोई मानता है और न उनके बताये रास्ते का अनुसरण करता है।
  • लड़कों को रिजेक्ट करते वक्त लड़कियों के 10 बहाने

    1. तुम तो मेरे भाई जैसे हो- प्यार का इजहार करते ही लड़कों के दिलों दिमाग में रक्षा बंधन का एहसास लाने वाला जो बहाना सबसे पहले आता है, वो है- तुम तो मेरे भाई जैसे हो। मैंने तुम्हें कभी इस नजर से नहीं देखा। मैं तो तुम्हें भाई मानती थी और तुम...छी छी। यह बहाना लड़कों में धिक्कार भाव को अनचाहा जन्म देता है। बहाना सुनते ही आशिक को कई दिन सदमे से निकलने में लग जाते हैं।

    2. प्यार माई फुट- जिस तरह भूत है या नहीं, इसको लेकर काफी संशय है, ठीक उसी तरह कुछ सुंदरियों को प्यार के अस्तित्व पर शक रहता है। ऐसे में कोई मासूम दिल किसी सुंदरी से प्यार करने की गुस्ताखी कर बैठता है तो पहला जवाब आता है। 'प्यार माई फुट', मुझे प्यार में यकीन नहीं है। हालांकि यह बहाना आज के दौर में वीसीआर कैसेट की तरह हो गयाहै, जिसका इस्तेमाल कम ही होता है।

    3. अपनी शक्ल देखी है क्या- जब बात दिल की चल रही हो और शक्ल बीच में आ जाए तो समझ लीजिए कि आपका मामला अमुक इश्क के मंदिर में फिट नहीं होगा।

    लड़कियां प्यार का इजहार करते वक्त अक्सर गुस्से में यह कह देती हैं कि 'अपनी शक्ल देखी है क्या'। ऐसे में उन लड़कों का दिल सबसे ज्यादा टूटता है, जो महीने में कई बार छिप-छिप कर फेशियल करवाते हैं। 4. सारे लड़के एक जैसे होते हैं- वो लड़कियां जिन्हें प्यार में लड़के धोखा दे देते हैं, ऐसी लड़कियां लड़कों को लेकर एक बुरी छवि बना लेती हैं और हर बार करीब आने वाले लड़के को इस पुरस्कार से नवाजती हैं कि 'सारे लड़के एक जैसे होते हैं'। हालांकि यह बहाना 'शक्ल देखी है' वाले बहाने की काट करता है।

    5. मां-बाप को धोखा- बॉर्नवीटा और भगवान कृष्ण को गुरु मानते हुए लड़के अपने रपटते दिल की बात जैसे ही लड़कियों के सामने रखते हैं, फट से जैसे जवाब आता है, मैं अपने मां-बाप-परिवार को धोखा नहीं दे सकती। इस बहाने को सुनते ही लड़कों के मन में ख्याल आता है कि प्यार मांगा है तुम्हीं से।।घर की रजिस्ट्री के कागज नहीं मांगे हैं।

    6. करियर जरूरी है भई- प्यार करने के बाद करियर चौपट हो जाता है। इस अटूट सत्य का ज्ञान लड़कों के प्यार का इजहार करते ही लड़कियां दे देती हैं। इजहार करने वाले लड़कों को यह ज्ञान तब मिलता है, जब वो अपनी ट्यूशन फीस से कई मर्तबा ग्रीटिंग कार्ड खरीदने में खर्च कर चुके होते हैं।

    7. मेरी उम्र ही क्या है- प्यार करने के लिए वोटर कार्ड जरूरी होता है क्या। यही सवाल सोचते हुए लड़कों ने घंटों पार्क में बिता दिए होंगे, जब किसी खूबसूरत प्रेमिका ने यह कहा होगा कि मेरी अभी उम्र ही क्या है। तुम मुझसे उम्र में बड़े या छोटे हो।

    8. बाबा जी का ठुल्लू- प्यार को कबूल न करने के बहानों में इस बहाने का एंट्री जल्दी ही हुई है। पर जिस तेजी से इसने एकतरफा इश्क की बगिया में पांव पसारे हैं, ऐसा मालूम होता है कि आने वाला कल इसी बहाने का है।

    9. मेरा ब्वॉयफ्रेंड है- मेरा ब्वॉयफ्रेंड है।।बस ये सुनते ही लड़कों के दिमाग और जुबां पर यही सवाल आ जाता है कि मुझमें क्या कमी है। इस बहाने को कुंठा पैदा करने कीश्रेणी में अव्वल दर्जा प्राप्त है। इस बहाने के कान में घुसते ही लड़के आसमान की ओरदेखते हुए कल्पनाओं के सागर में उतरकर अपनी तुलना उस लड़के से करने लगते हैं, जिसका जिक्र बहाने के तौर पर या सच्चाई बताते हुए लड़कियां कर देती हैं।

    10. मैं उस तरह की लड़की नहीं हूं- महिलाओं को बांटने की रणनीति के तहत ही इस बहाने का जन्म हुआ था। लड़कों को कई मर्तबा 3 जादुई शब्द सुनने को मिल जाते हैं। मैं बाकी लड़कियों जैसी नहीं हूं। ऐसे में प्यार का इजहार करने वाले के मन में भी यह शक और खोज करने की इच्छा पैदा हो जाती है कि मैं अब उस तरह की लड़की कहां से लाऊं।प्यार का मजा तब ही है, जब कई बार इंकार हो, तकरार हो, कभी कभार मार भी हो। तो ऐसे में अगर कोई लड़का किसी लड़की से सच्ची मोहब्बत करता है, तो वो इन बहानों से न घबराए और प्यार को साबित करने की कोशिश करते रहे। लेकिन सीमाओं का ध्यान रहे, डर फिल्म के शाहरुख खान बनोगे तो भैया वही हाल होगा जो शाहरुख का कि।।कि। करते हुए फिल्म के आखिरमें हुआ था। बाकी प्यार सच्चा है तो राहत इंदौरी के तोड़े गए इस शेर को दिमाग में बैठा लीजिए, 'फूलों की दुकानें खोलो, खुशबू का व्यापार करो, मल्लाहों का चक्कर छोड़ो, तैर कर नदियां पार करो'।
  • कबीर के आधुनिक दोहे!

    यदि कबीर जिन्दा होते तो आजकल के दोहे यह होते:

    नयी सदी से मिल रही, दर्द भरी सौगात;
    बेटा कहता बाप से, तेरी क्या औकात;

    पानी आँखों का मरा, मरी शर्म औ लाज;
    कहे बहू अब सास से, घर में मेरा राज;

    भाई भी करता नहीं, भाई पर विश्वास;
    बहन पराई हो गयी, साली खासमखास;

    मंदिर में पूजा करें, घर में करें कलेश;
    बापू तो बोझा लगे, पत्थर लगे गणेश;

    बचे कहाँ अब शेष हैं, दया, धरम, ईमान;
    पत्थर के भगवान हैं, पत्थर दिल इंसान;

    पत्थर के भगवान को, लगते छप्पन भोग;
    मर जाते फुटपाथ पर, भूखे, प्यासे लोग;

    फैला है पाखंड का, अन्धकार सब ओर;
    पापी करते जागरण, मचा-मचा कर शोर;

    पहन मुखौटा धरम का, करते दिन भर पाप;
    भंडारे करते फिरें, घर में भूखा बाप।