• ख़बरों के टुकड़े!

    कई दुकानदार अख़बारों को काट कर लिफाफे बना लेते हैं लेकिन कई बार जोड़ लगाते समय दो अखबारों की खबरें इस तरह जुड़ जाती हैं कि उनके मतलब कुछ और के और ही बन जाते हैं।

    कुछ नमूनें देखें:

    1. अमरीका के राष्ट्रपति... कानपुर के पास चोरी की भैंसों समेत गिरफ्तार

    2. अमरीकी फौजों द्वारा इराक की जेलों में... चमेली बाई के साथ भंगड़े की क्लासें 23 जुलाई से शुरू

    3. अफगानिस्तान की जेलों में छिपे लादेन को... पंजाब सरकार की ओर से बुढ़ापा पेंशन देने का ऐलान

    3. मुख्यमंत्री के घर पर... भैंस ने छ: टाँगों वाले बच्चे को जन्म दिया

    4. अपने हरमन प्यारे नेता को वोट डालकर... मर्दाना ताकत हासिल करें

    5. अटल बिहारी वाजपेयी ने ज़ोर देकर कहा... एक सुन्दर और सुशील कन्या की ज़रूरत

    6. तिहाड़ जेल से छ: कैदी फरार... भारत को ओलंपिक्स में सोने के तमगे की उम्मीद

    7. क्या आपकी नज़र कमज़ोर है? आज ही आयें... ठेका देशी शराब

    8. बे-औलाद दंपत्ति परेशान न हों... 7 तारीख को आ रहे हैं लालू प्रसाद आपके शहर में
  • पागल लड़की!

    वो छत पर खड़ी थी। बाल खुले और बिखरे कभी मुँह इधर कभी उधर, बार-बार सामने निहारती दिन दुनियाँ से बेखबर, मुझे बहुत दया आ रही थी।

    इतनी कम उम्र में पागल होना। पूरी जिंदगी पड़ी है। क्या होगा? कैसे होगा? मुझे उसके पिता की चिंता सताने लगी।

    बेचारा दिन रात मेहनत करके परिवार पालता है। ऊपर से इस पागल लड़की को कैसे संभालेगा?

    धीरे-धीरे पागलपन और बढ़ गया।अब तो वह मुंडेर पर बैठ गयी थी। मैं घबराया, मैंने अपनी बिटिया को बुलाया और अपनी चिंता से अवगत कराया ।

    बिटिया बोली, "अरे पापा वो पागल नहीं हैं, वो तो सैल्फी ले रही है।"
  • वैक्यूम क्लीनर!

    एक औरत ने दरवाजा खोला तो दरवाजे पर उसने देखा कि सामने एक आदमी है जो एक वैक्यूम क्लीनर को हाथ में उठाये हुए है!

    गुड मॉर्निंग मैडम! मेरा नाम बंता है मैं आपका थोड़ा समय लेना चाहूँगा, मैं आपको एक बिल्कुल नया, उच्च गुणवत्ता और बहुत शक्तियुक्त वैक्यूम क्लीनर दिखाना चाहता हूँ!

    औरत ने कहा चले जाओ यहाँ से! मेरे पास इतने पैसे नही है और वह मुड़कर दरवाजा बंद करने लगी!

    बंता ने जल्दी से दरवाजे के बीच में अपनी टांग को रखा और दरवाजे को खोलते हुए बोला देखिये मैडम मेरी बात तो सुनिए बस एक बार मैं आपको इसका नमूना न दिखा दूँ और यह कहते हुए उसने पास में पड़ा हुआ घोड़े की लीद से भरा हुआ डिब्बा फर्श पर उड़ेल दिया सारे फर्श पर लीद को उड़ेल कर उस औरत से बोला:

    मैडम देखिएगा अगर ये वैक्यूम क्लीनर इसको पूरा साफ़ नही कर पाया तो मैं बचे हुए मल को अपने मुहं से चाटकर साफ़ करूँगा!

    औरत थोड़ी देर चुप रही फिर कहा मुझे लगता है आज तुम्हारी भूख अच्छी तरह से शांत हो जाएगी .......क्योंकि आज सुबह से शाम तक बिजली बंद है!
  • भारत का नया राष्ट्रगीत

    आओ बच्चों तुम्हे दिखायें,
    शैतानी शैतान की।

    नेताओं से बहुत दुखी है,
    जनता हिन्दुस्तान की।

    बड़े-बड़े नेता शामिल हैं,
    घोटालों की थाली में।

    सूटकेश भर के चलते हैं,
    अपने यहाँ दलाली में।

    देश-धर्म की नहीं है चिंता,
    चिन्ता निज सन्तान की।

    नेताओं से बहुत दुखी है,
    जनता हिन्दुस्तान की।

    चोर-लुटेरे भी अब देखो,
    सांसद और विधायक हैं।

    सुरा-सुन्दरी के प्रेमी ये,
    सचमुच के खलनायक हैं।

    भिखमंगों में गिनती कर दी,
    भारत देश महान की।

    नेताओं से बहुत दुखी है,
    जनता हिन्दुस्तान की।

    जनता के आवंटित धन को,
    आधा मन्त्री खाते हैं।

    बाकी में अफसर-ठेकेदार,
    मिलकर मौज उड़ाते हैं।

    लूट-खसोट मचा रखी है,
    सरकारी अनुदान की।

    नेताओं से बहुत दुखी है,
    जनता हिन्दुस्तान की।

    थर्ड क्लास अफसर बन जाता,
    फर्स्ट क्लास चपरासी है।

    होशियार बच्चों के मन में,
    छायी आज उदासी है।

    गंवार सारे मंत्री बन गये,
    मेधावी आज खलासी है।

    आओ बच्चों तुम्हें दिखायें,
    शैतानी शैतान की।

    नेताओं से बहुत दुखी है,
    जनता हिन्दुस्तान की।