• ज्यादा समझदारी भी अच्छी नहीं!

    एक कंपनी का मालिक अपनी एक फैक्टरी में विजिट करने गया।

    वहाँ उसने देखा कि सारे कर्मचारी तो काम कर रहे थे लेकिन एक युवक एक कोने में आराम से खड़ा मोबाइल पर मैसेज पढ़ रहा था और मुस्कुरा रहा था।

    मालिक को यह देखकर और भी हैरत हुई कि उसके आने के बावजूद भी युवक अपने काम पर लगने की बजाये ढीठता पूर्ण तरीके से वैसे ही खड़ा रहा।

    मालिक को गुस्सा आ गया। उसने युवक को बुलाया और पूछा, "तुम्हें हर महीने कितनी तनख्वाह मिलती है?"

    युवक: "6000 रुपये सर!"

    मालिक ने जेब से 18000 रुपये निकाले और युवक को देते हुए बोला, "ये पकड़ो तुम्हारी 3 महीने की एडवांस तनख्वाह और दफा हो जाओ यहाँ से, तुम्हारे जैसे कामचोरों के लिए मेरी कंपनी में कोई जगह नहीं है।"

    युवक ने शांतिपूर्वक रुपये लिए और मुस्कुराता हुआ चला गया।

    अब मालिक ने वहाँ काम कर रहे लोगों से पूछा, "अब कोई मुझे बताएगा कि ये आदमी कौन था और क्या काम करता था?"

    बड़ी मुश्किल से अपनी हँसी दबाते हुए एक कर्मचारी ने बताया, "सर, वो तो पिज्जा डिलीवरी करने वाला लड़का था। दरअसल आज सुपरवाइजर साहब अपना लंच बॉक्स लाना भूल गए थे।"
  • मार्कीट में नया!

    एक बार एक बच्चे के जन्म पे उसके सारे रिश्तेदातर अस्पताल में थे। तभी नर्स बाहर आई और बोली, "माँ बच्चा दोनों ठीक है।" फिर नर्स ने बच्चा उसके पिता को दिया।

    बच्चे के पिता ने अपनी बहन को दिया।

    बहन ने अपने पति को दिया।

    उसने नानी को दिया।

    नानी ने नाना को दिया।

    नाना ने बच्चे को चाचा को दिया।

    चाचा ने चाची को दिया।

    चाची ने बच्चे को दादी को दिया और दादी ने दादा को दिया।

    तभी बच्चे ने घबराकर पूछा, "दादा जी ये आप लोग क्या कर रहे हो?"

    दादा जी बोले, "बेटा ये सब Whatsapp रोग से ग्रस्त हैं, तू मार्कीट में नया है ना, इसलिये तुझे "Forward" कर रहे हैं।
  • यह कैसी इंसानियत?

    एक चोर एक अमीर आदमी के घर में चोरी करने के लिए जाता है।

    जब वह चोर तिजोरी के पास पहुंचता तो उसने देखा कि तिजोरी पर लिखा था, तिजोरी को तोड़ने की जरुरत नहीं है।

    452 नंबर प्रेस करके सामने वाला बटन दबाओ, तिजोरी अपने आप ही खुल जायेगी।

    उस चोर ने जैसे ही बटन दबाया जोर से अलार्म बजा और पुलिस आ गई।

    चोर जाते-जाते सेठ से बोला, तुम्हारी वजह से आज से मेरा इंसानियत से विश्वास उठ गया है।
  • यमराज से मस्ती!

    यमलोक के दरवाजे पर दस्तक हुई तो यमराज ने जाकर दरवाजा खोला।

    उन्होंने बाहर झांका तो एक मानव को सामने खड़ा पाया। यमराज ने कुछ बोलने के लिए मुंह खोला ही था कि वह एकाएक गायब हो गया।

    यमराज चौंके और फिर दरवाज़ा बंद कर लिया। यमराज अभी वापस मुड़े ही थे कि फिर दस्तक हुई। उन्होंने फिर दरवाजा खोला। उसी मानव को फिर सामने मौजूद पाया, लेकिन वह आया और फिर गायब हो गया।

    ऐसा तीन-चार बार हुआ तो यमराज अपना धैर्य खो बैठे और अबकी बार उसे पकड़ ही लिया और पूछा, "क्या बात है भाई, क्या ये आना-जाना लगा रखा है। मुझसे पंगा ले रहे हो?"

    मानव ने बड़ी सहजता पूर्वक जवाब दिया, "अरे नहीं महाराज, दरअसल मैं तो वैंटीलेटर पर हूं और यह डॉक्टर लोग ही हैं जो आपसे मस्ती कर रहे हैं।"