• ज़माना बदल गया!

    एक बार एक बूढी महिला अपने घर के आँगन मैं बैठी स्वेटर बुन रही थी कि तभी अचानक एक आदमी उसकी आँख बचाते हुए उसकी कुर्सी के नीचे बम रख कर भाग गया।

    आदमी को इतनी जल्दी में भागते हुए देख, कुछ लोगों को शक हुआ तो उन्होंने आँगन में झाँक कर देखा तो उनकी नज़र बुढिया की कुर्सी के नीचे रखे बम पर पड़ी।

    यह देख कर उन लोगों ने बुढिया को आगाह करने के लिए घर के बाहर से ही चिल्लाना शुरू कर दिया "बुढिया बम है, बुढिया बम है।"

    यह शोर-गुल सुन कर बुढिया एक पल के लिए चौंकी और फिर शर्माते हुए बोली, " अरे अब वो बात कहाँ, बम तो मैं जवानी में होती थी।"
  • पाक-साफ़ चोर!

    एक रात मुल्ला नसरुद्दीन का गधा चोरी हो गया। अगले दिन मुल्ला ने गधे के बारे में पड़ोसियों से पूछताछ की।

    चोरी की खबर सुनकर पड़ोसियों ने मुल्ला को लताड़ना शुरू कर दिया। एक ने कहा, "तुमने रात को अस्तबल का दरवाज़ा खुला क्यों छोड़ दिया?"

    दूसरे ने कहा, "तुमने रात को चौकसी क्यों नहीं बरती। तुम होशियार रहते तो चोर गधा नहीं चुरा पाता!"

    तीसरे ने कहा, "तुम घोड़े बेचकर सोते हो, तभी तुम्हें कुछ सुनाई नहीं दिया जब चोर अस्तबल की कुंडी सरकाकर गधा ले गया।"

    यह सब सुनकर मुल्ला ने फनफनाते हुए कहा, "ठीक है भाइयों! जैसा कि आप सभी सही फरमाते हैं, सारा कसूर मेरा है और चोर बेचारा तो पूरा पाक-साफ़ है।"
  • नादानी ने मरवा दिया!

    एक लोहार काफी बूढ़ा हो गया था उसने सोचा कि उसे अपने साथ किसी आदमी को काम पर रख लेना चाहिए।

    तब उसने संता को बुलाया और अपने साथ काम पर रख लिया संता उससे हर काम से पहले उसके बारे में पूछ लेता।

    बूढ़ा काफी चिढ़चिढ़ा और सख्त स्वभाव का था उसने संता को कहा कि वह ज्यादा सवाल मत पूछा करे जो उसे कहा जाये उसे चुपचाप किया करे।

    एक दिन लोहार ने जलती हुई भट्टी से लोहा निकाला और और सन्दान पर रख दिया उसने हथौड़ा उठाया और संता को पकड़ाया और कहा जब मैं अपना सिर हिलाऊँ तो इसे पूरे जोर से मार देना।

    और बस तब से शहर के लोग किसी नए लोहार की तलाश में है।
  • मर्द तो मर्द है!

    एक व्यक्ति मरकर ऊपर पहुँचा तो स्वर्ग के द्वार पर उसे स्वयं चित्रगुप्त मिले।

    चित्रगुप्त बोले, "तुम एक शर्त पर भीतर आ सकते हो।"

    व्यक्ति: कौन सी शर्त प्रभु?

    चित्रगुप्त: तुम्हें एक शब्द जो कि फिरंगी जुबान का है, की स्पैलिंग ठीक-ठीक बतानी होगी।

    व्यक्ति: कौन सा शब्द है प्रभु?

    चित्रगुप्त: 'लव'।

    व्यक्ति: एल-ओ-वी-ई।

    चित्रगुप्त: बहुत अच्छा, तुम भीतर आ सकते हो।

    वो व्यक्ति भीतर दाखिल हो रहा था तभी चित्रगुप्त का मोबाइल बज उठा।

    चित्रगुप्त: हमें भगवान् बुला रहे है, तुम एक मिनट द्वार पर निगाह रखना हम अभी लौट के आते हैं।

    व्यक्ति: जो आज्ञा प्रभु।

    चित्रगुप्त: हमारी अनुपस्थिति में अगर कोई और प्राणी यहाँ पहुँच जाए तो उसको प्रवेश देने से पहले उससे भी 'लव' शब्द की स्पैलिंग जरुर पूछना, अगर वो भी तुम्हारी तरह स्पैलिंग ठीक बताये तो ही उसे भीतर आने देना। नहीं तो उसे सामने के द्वार से नर्क भेज देना।

    व्यक्ति: ठीक है।

    इतना कह कर चित्रगुप्त चले गए और वो व्यक्ति द्वार पर पहरा देने लगा। तभी एक स्त्री वहाँ पहुँची। वो व्यक्ति ये देखकर बहुत हैरान हुआ कि वो उसकी बीवी थी।

    वो बोला, "अरे, तुम यहाँ कैसे पहुँच गयी?"

    बीवी: तुम्हारे अंतिम संस्कार के बाद जब मैं श्मशान घाट से लौट रही थी तब बस ने मुझे कुचल दिया, उसके बाद जब मुझे होश आया तो मैं यहाँ खड़ी थी। अब हटो मुझे भीतर आने दो।

    व्यक्ति: ऐसे नहीं, भगवान के यहाँ के नियम के अनुसार पहले तुम्हें एक शब्द की स्पैलिंग ठीक-ठीक बतानी होगी, तभी तुम यहाँ अन्दर आ सकती हो। नहीं तो तुम्हें सामने के द्वार से नर्क जाना होगा।

    बीवी: कौन सा शब्द?
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    व्यक्ति: 'चेकोस्लोवाकिया'।