• पति का गम!

    पत्नी को किसी किटी पार्टी में जाना था तो उसने अपने पति से पूछा, "सुनो जी मैं कौन सी साड़ी पहनूं? ये नीली वाली या लाल वाली?

    पति: नीली वाली पहन लो।

    पत्नी: लेकिन नीली वाली तो मैंने परसो भी पहनी थी।

    पति: अच्छा तो फिर लाल ही पहन लो।

    पत्नी: अच्छा अब यह बताओ, लाल साड़ी के साथ सैंडल कौन से अच्छे लगेंगे? ये फूल वाले या प्लेन?

    पति: प्लेन वाले।

    पत्नी: अरे मैं पार्टी में जा रही हूँ, किसी कथा में नहीं। थोड़ी तड़क -भड़क तो दिखनी चाहिए ना।

    पति: ताे ठीक है फूल वाले पहन लो।

    पत्नी: अच्छा बिंदी कौन सी अच्छी लगेगी? ओवल या ये बड़ी या ये छोटी सी?

    पति: मेरे ख्याल से तो ओवल ठीक रहेगी।

    पत्नी: तुम्हें फैशन का जरा भी आइडिया नहीं है। मैंने जो साड़ी पहनी है ना, उसके साथ तो ये छोटी ही अच्छी लगेगी।

    पति: तो ठीक है, छोटी बिंदी ही लगा लो।

    पत्नी: अच्छा, पर्स कौन सा जमेगा? यह क्लच या बड़ा हैंडबैग।

    पति: क्लच ले लो।

    पत्नी: अाजकल तो बड़े हैंडबैग का फैशन है।

    पति: ताे अरे बाबा, वही ले जाओ, मुझे क्या करना है। बस पार्टी को एंजॉय करना।

    पत्नी जब पार्टी से लौटकर आई तो बड़े गुस्से में थी।

    पति: अरे क्या हुआ?

    पत्नी: तुम एक भी काम ढंग से नहीं कर सकते क्या?

    पति: क्यों मैंने क्या गलत कर दिया?

    पत्नी: पार्टी में सब मेरा मजाक उड़ा रहे थे कि कैसी साड़ी पहनकर आ गई, कैसी बिंदी लगाई है, पर्स और सैंडल पर भी कमेंट पास कर रहे थे।

    पति: तो इसमें मेरा क्या दोष है?

    पत्नी: सब मैंने तुमसे ही पूछ कर किया था न? ढंग से नहीं बता सकते थे क्या? इससे तो अच्छा था कि मैं खुद ही डिसाइड कर लेती।
  • बुजुर्गों का कहना!

    एक बुज़ुर्ग फ़रमाते हैं,

    मैने तीन लोगों से ज़्यादा बदनसीब किसी को नही पाया!

    पहला वो जो पुराने कपड़े पहनता है, जबकि उसके पास नये कपड़े हैं!

    दूसरा वो शख़्स जिस के पास घर में भरपूर खाना हो, और वो फिर भी भूखा रहे!

    फिर वो बुज़ुर्ग चुप हो गये, यहाँ तक कि उनकी आँखों में आँसू आ गये!

    किसी ने पुछा के तीसरा शख़्स कौन है हमें बताएँ...

    बुजुर्ग बोले, "तीसरा वो शख़्स है जो सेहत और पैसा होने के बावजूद सिर्फ एक ही बीवी पर गुज़ारा कर रहा हो!

    इतना सुनते ही महफिल में कई लोगों के ज़ोर ज़ोर से रोने की आवाज़ें गूँज उठी!
  • सम्पूर्ण इस्तेमाल!

    एक बार एक पजामा पहने हुए हिन्दुस्तानी से एक अंग्रेज ने पूछा, "आप का यह देशी पैंट (पजामा) कितने दिन चल जाता है?

    हिन्दुस्तानी ने जवाब दिया, "कुछ ख़ास नहीं, मै इसे एक साल पहनता हूँ। उसके बाद श्रीमति जी इसको काट कर राजू के साइज़ का बना देती है। फिर राजू इसे एक साल पहनता है। उसके बाद श्रीमति जी इसको काट छांट कर तकियों के कवर बना लेती है। फिर एक साल बाद उन कवर का झाडू पोछे में इस्तेमाल करते हैं।"

    अंग्रेज बोला, "फिर फेंक देते होंगे?"

    हिन्दुस्तानी ने फिर कहा, "नहीं-नहीं इसके बाद 6 महीने तक मै इस से अपने जूते साफ़ करता हूँ और अगले 6 महीने तक बाइक का साइलेंसर चमकाता हूँ। बाद में मारदडी की हाथ से बनायीं जाने वाली गेंद में काम लेते हैं और अंत में कोयले की सिगडी (चूल्हा) सुलगाने के काम में लेते हैं और सिगड़ी (चुल्हे) की राख बर्तन मांजने के काम में लेते हैं।"

    इतना सुनते ही अंग्रेज रफू चक्कर हो गया।

    किसी भी चीज का सम्पूर्ण इस्तेमाल कोई हम हिन्दुस्तानियों से सीखे। हमें हिंदुस्तानी होने पर गर्व है।
  • जीवन रक्षक फिजिक्स!

    एक लड़का एक कोचिंग सेंटर में प्री-मेडिकल-टेस्ट की तैयारी कर रहा था।

    फिजिक्स उस लड़के को बिलकुल समझ में नहीं आता था और सारे लेक्चर उसके सिर के ऊपर से निकल जाते थे।

    एक दिन उसने टीचर से पूछा, "सर, हम लोग यहाँ डॉक्टर बनने की तैयारी करने आए हैं वैज्ञानिक बनने की नहीं, फिर हमें फिजिक्स क्यों पढ़ना पड़ता है?"

    टीचर ने मुस्कुरा कर कहा, "फिजिक्स मेडिकल साइंस के लिए बड़ा उपयोगी विषय है। यह लोगों की ज़िन्दगी बचाने में मदद करता है।"

    लड़के ने हलके से व्यंग्यात्मक अंदाज़ में कहा, "अच्छा, वो कैसे सर? ज़रा हमें भी तो बताईये कि फिजिक्स से लोगों की जिंदगी कैसे बचाई जा सकती है?"

    टीचर ने जवाब दिया, "तुम जैसे गधों को मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने से रोक कर।"