• कहानी से सबक!

    स्कूल में टीचर ने चौथी क्लास के बच्चों को होमवर्क दिया।

    "कोई स्टोरी सोच के आना और फिर क्लास को बताना कि उससे हमें क्या सबक मिलता है?"

    अगले दिन एक बच्चे ने क्लास में स्टोरी सुनाई:
    "मेरा बापू कारगिल की जंग में लड़ा। उस के हेलीकॉप्टर को दुश्मनों ने मार गिराया। वो दारू की एक बोतल के साथ पहले ही हेलिकॉप्टर से कूद गया लेकिन बार्डर के पार दुश्मनों के इलाके में जा गिरा। जहां कि उस को घेरने के लिए दुश्मनों की फौज दौड पड़ी।

    बापू ने गटागट दारू की बोतल पीकर खाली की और अपनी बंदूक संभाल ली। दुश्मन के सौ फौजियों ने आ कर उसे घेर लिया तो उसने तड़ातड़ गोलियां चला कर दुश्मन के सत्तर फौजी मार ड़ाले। फिर उसकी गोलियां खत्म हो गयीं तो उसने बंदूक पर लगी किर्च से दुश्मन के बीस फौजी मार गिराये। तब उसने बंदूक फेंक दी और निहत्थे ही बाकी के दस और दुश्मन फौजी मार गिराये और फिर टहलता हुआ बार्डर पार कर के अपने इलाके में आ गया।"

    टीचर भौंचक्का सा उसका मुँह देखने लगा, फिर वैसा ही भौंचक्का सा बोला, "कहानी बढिया है, लेकिन इस से हमें सबक तो कोई नहीं मिलता।"

    "मिलता है न।" बच्चा शान से बोला।

    "क्या सबक मिलता है?" टीचर ने पूछा।

    "यही कि बापू टुन्न हो तो उस से पंगा नहीं लेने का।"
  • पुरुष!

    भगवान की ऐसी रचना जो बचपन से ही त्याग और समझौता करना सीखता है।

    वह अपने चॉकलेटस का त्याग करता है अपने दांत बचाने के लिये।

    वह अपने सपनो का त्याग कर माता-पिता की खुशी के लिये उनके अनुसार कैरियर चुनता है।

    वह अपनी पूरी पॉकेट-मनी गर्लफ़्रेंड के लिये गिफ़्ट खरीदने में लगाता है।

    वह अपनी पूरी जवानी बीवी-बच्चों के लिये कमाने में लगाता है।

    वह अपना भविष्य बनाने के लिये लोन लेता है और बाकी की ज़िंदगी उस लोन को चुकाने में लगाता है।

    इन सबके बावज़ूद वह पूरी ज़िंदगी पत्नी, माँ और बॉस से डांट सुनने में लगाता है।

    पूरी ज़िंदगी पत्नी, माँ, बॉस और सास उस पर कंट्रोल करने की कोशिश करते हैं।

    उसकी पूरी ज़िंदगी दूसरों के लिये ही बीतती है।

    इसलिए हमेशा एक पुरुष का सम्मान करें|
  • सिंधी का दिमाग!

    एक लड़का अण्डो से भरी टोकरी साइकिल पर रख कर जा रहा था कि अचानक साइकिल पत्थर से टकरा गयी और अण्डो वाली टोकरी गिर गयी और सभी अण्डे टूट गए।

    भीड़ इकठी हो गयी और सभी चिलाये: देख कर चलो भाई, कितनी गन्दगी कर दी?

    भीड़ में से एक काका बोले, "इतना चिल्लाने से अच्छा है यह सोचो इसका मालिक इसकी क्या हालात करेगा? पगार में से पैसे काट लेगा। इसकी कुछ मदद करो, लो मेरी तरफ से 10/- रूपये।"

    सभी ने सहानभूति जताते हुए 10 -10 रूपये दिए।

    लड़का खुश हो गया, क्योंकि मिली हुई रकम अण्डों की कीमत से ज्यादा थी।

    सभी के चले जाने के बाद एक व्यक्ति लड़के से बोला, "बेटे अगर काका ना होते तो मालिक को तू क्या जवाब देता?"

    लड़का: वो काका ही मालिक है और वो सिंधी है।
  • माँ की होशियारी!

    माँ का फ़ोन आया, "बेटा, इस मंगलवार को छुट्टी लेकर घर आ जाना, कुछ जरूरी काम है।"

    "मम्मी, ऑफिस में बहुत काम है, बॉस छुट्टी नहीं देगा।" आँखों से अंगारे बरसाते हुए रावण जैसे प्रतीत हो रहे बॉस की तरफ देखकर मैं जल्दी से फुसफुसाया।

    "वो एक रिश्ता आया था तुम्हारे लिये, बड़ी सुंदर लड़की है, सोच रही थी कि एक बार तुम दोनों मिल लेेते तो..."

    "अरे माँ, बस इतनी सी बात, तुम कहो और मैं ना आऊँ, ऐसा हो सकता है भला?" मन में फूट रहे लड्डूओं की आवाज छिपाते हुए मैंने जवाब दिया।

    बॉस को किसी तरह टोपी पहनाकर, तत्काल कोटा में रिजर्वेशन कराने के बाद सोमवार की रात घर पर पहुँचा।

    माँ ने कुछ ज्यादा बात नहीं की, बस खाना परोसा और दूसरे दिन जल्दी उठ जाने को कहा।

    सुबह के 4 बजे तक तो नींद आँखों से कोसों दूर थी, फिर आँख लगी तो सुबह 7 बजे मोबाइल के अलार्म के साथ ही नींद खुली।

    माँ ने चाय देते हुए कहा, "बाथरूम में कपड़े रखे हैं, बदलकर आ जाओ।"

    बाथरूम में पुरानी टी-शर्ट और शॉर्ट्स देखकर दिमाग ठनका, बाहर आकर पूछा तो माँ ने मनोरम मुस्कान बिखेरते हुए कहा, "घर की सफाई का बोलती तो तू काम का बहाना बनाकर टाल देता, चल अब जल्दी से ये लंबा वाला झाड़ू उठा और दीवार के कोने साफ कर, बहुत जाले हो गये हैं।