• होनहार बेटा बनाम नालायक बेटा!

    पापा: बेटा आगे का क्या प्लान है?

    होनहार बेटा: बस दसवीं में 98% आ जाये फिर 2 साल की मेहनत और आईआईटी।

    उसके बाद एक साल की और मेहनत फिर आईआईएम तब 20 लाख का जॉब पैकेज .......लाइफ हैप्पी।

    नालायक बेटा: बस दसवीं पास हो जाये फिर "रोडीज" में से बाइक जीत के आऊंगा।

    "स्पलिटविल्ला" में से आपकी बहु फिर "इमोशनल अत्याचार" से उसे प्रमाणित करवाऊंगा।

    अच्छी रही तो ठीक, नही तो...
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    प्रोसेस रिपीट।
  • चेला, गुरु पे भारी!

    एक गुरु और चेला समंदर के किनारे टहल रहे थे। वहाँ उन्होंने एक बोर्ड देखा जिस पर लिखा था -
    "डूबते हुए को बचाने वाले को 500 रुपये का इनाम दिया जाएगा।"

    बोर्ड पढ़ते ही गुरु को एक आईडिया सूझा। उसने चेले से कहा, "मैं समंदर में कूद जाता हूँ और मदद के लिए चिल्लाता हूँ... तुम मुझे बचा लेना। जो 500 रुपये मिलेंगे उसमें से 100 तुझे दूंगा, ठीक है?"

    चेला: केवल 100? 50% करिये ना?

    गुरु: 100 रुपये से एक पैसा ज्यादा नहीं दूंगा। आईडिया मेरा है कि तेरा? चुपचाप जैसा मैं कहता हूँ वैसा कर।

    और गुरू समंदर में कूद कर मदद के लिए चिल्लाने लगा।

    चेला आराम से बैठकर देखता रहा। उसे यूँ बैठे देखकर गुरू बोला, "अबे अब आता क्यों नहीं मुझे बचाने? मुझे सचमुच तैरना नहीं आता।"

    चेला: गुरू जी आपने बोर्ड ध्यान से नहीं पढ़ा। नीचे लिखा है - "लाश निकालने वाले को 5000 रुपये का इनाम दिया जाएगा।"
  • गर्व की बात!

    हिंदी भाषी राज्यों में, दुकानों आदि के जितने भी बोर्ड दिखाई देते हैं, उनमें लिखे हुए पूरे बोर्ड में एक आधा शब्द तो अंग्रेजी का जरूर रहता है। जैसे:

    संजय सर्विस स्टेशन
    अजय मेडिकल स्टोर
    विजय कॉपी सेंटर
    जय बुक शॉप
    संजना माॅल
    बबलू हेयर कटिंग
    शिवा बार एंड होटल
    गणेश लॉज
    ज्योति हॉस्पिटल आदि।

    सिर्फ एक ही बोर्ड ऐसा नजर आया जो हमेशा पूर्ण हिंदी में ही लिखा हुआ होता है जिससे हिंदी भाषी होने का अभिमान महसूस किया जा सकता है एवं हमें भारतीय होने का गर्व महसूस होता है।

    "ठेका देशी शराब"!
  • दामाद और ससुराल दौरा!

    सभी माननीय दामादों की ससुराल दौरे से जुड़ी आवश्यक जानकारी जनहित में जारी

    पहली बार:
    पूरी, 2 सब्ज़ी, चिकन या मटन ( दामाद जी की इच्छानुसार ), फिश फ्राई, रायता,सलाद, मिठाई और अंत में जबरदस्ती दो मिठाई।

    दूसरी बार:
    पूरी, 1 सब्ज़ी, चिकन ( बिना दामाद जी को पूछे),गोभी फ्राई, सलाद, मिठाई

    तीसरी बार:
    पराठा-सब्ज़ी, भिंडी फ्राई, प्याज-टमाटर काट कर और हलवा

    चौथी बार:
    पराठा-आलू का भुजिया सब्ज़ी, प्याज-टमाटर काट कर, और खाना परोसते हुए पूछा जाएगा कि चिकन बनाएँ क्या?

    पांचवी बार
    जल्दी मे लगते हैं, खाना भी खायेंगे क्या?

    छठी बार:
    अरे बाद में बैठिये पहले मुन्नू को स्कूल छोड़ आएये और लौटते समय सब्ज़ी लेते आना फिर खाना बनेगा।