• ठण्ड में स्नान के तरीके!

    ठण्ड बड रही है। अब स्नान के निम्न प्रकार को इस्तेमाल किया जा सकता है।

    1. कंकडी स्नान: इस स्नान में पानी की बूंदों को अपने ऊपर छिडकते हुए, मुँह धोया जा सकता है।
    2. नल नमस्कार स्नान: इस में आप नल को नमस्ते कर लें स्नान माना जायेगा।
    3. जल स्मरण स्नान: यह उच्च कोटि का स्नान है, इसको रजाई के अन्दर रहते हुए पानी से नहाने को याद कर लो नहाया हुआ माना जायेगा।
    4. स्पर्शानूभूति स्नान: इस स्नान में नहाये हुए व्यक्ति को छूकर 'त्वं स्नानम्, मम् स्नानम्' कहने से स्नान माना जायेगा।

    इसके अलावा शीतकाल को देखते हुए आधुनिक स्नान भी हैं, जैसे:

    1. Online Bath: कंप्यूटर पर गंगा के संगम की फोटो निकाल कर उस पर 3 बार माउस क्लिक करें और फेसबुक पर उसे Background Photo के रूप में लगाएं।
    2. Mirror Bath: दर्पण में अपनी छवि को देखकर एक-एक कर तीन मग पानी शीशे पर फेंकें और हर बार "ओह्हहा" करें।
    3. Virtual Bath: सूरज की ओर पीठ कर अपनी छाया पर लोटे से पानी की धार गिराएँ और जोर-जोर से "हर-हर गंगे" चिल्लाएं।

    यकीनन ताजगी महसूस होगी।
  • कहाँ पकड़ें?

    एक M.R.(Medical Representative) एक डॉक्टर की बेटी से प्यार करता था। एक दिन हिम्मत करके उसने डॉक्टर से उसकी बेटी का हाथ माँगा पर डॉक्टर ने इनकार कर दिया।

    कुछ दिनों बाद डॉक्टर ने अपनी बेटी की शादी एक डॉक्टर लड़के से करवा दी। परन्तु शादी के कुछ ही दिनों बाद वह डॉक्टर लड़का मर गया।

    M.R. ने फिर डॉक्टर के सामने उसकी लड़की से शादी का प्रस्ताव रखा लेकिन डॉक्टर ने फिर मना कर दिया।

    कुछ महीनों बाद डॉक्टर ने अपनी बेटी की शादी एक इंजीनियर से करवा दी लेकिन कुछ दिनों बाद इंजीनियर भी मर गया।

    M. R. ने फिर शादी की इच्छा प्रकट की लेकिन डॉक्टर नहीं माना।

    फिर डॉक्टर ने अपनी बेटी की शादी एक टीचर से करवा दी लेकिन कुछ दिनों में वह भी भगवान को प्यारा हो गया।

    अंत में डॉक्टर ने खिसियाकर अपनी बेटी की शादी उसी M. R. से करवा दी।

    महीना गुजर गया, छह महीने गुजर गए, धीरे धीरे साल भी गुजर गया लेकिन M. R. नहीं मरा।

    इसी इंतज़ार में एक दिन डॉक्टर साहब खुद ही गुजर गए और यमराज के पास पहुंचे। जाते ही उन्होंने यमराज से पूछा, `आपने मुझसे मेरे तीन दामादों को छीन लिया लेकिन यह M. R. क्यों नहीं मरा ?`

    यमराज गुस्से से बोले, `तो हम क्या करें ? वह जहाँ की कहकर जाता है वहाँ मिलता ही नहीं है। TP (Tour Program) में लिखा होता है सिवनी जा रहा हूँ, पर जाता है बालाघाट ! TP में लिखा होता है भोपाल, पर जाता है जबलपुर ! हम तो अब तक यही सोच रहे हैं कि इसे पकड़ें तो कहाँ पकड़ें ?"
  • नयी मधुशाला!

    सब्जी ले आने को घर से चलता है जब घरवाला किस दुकान जाऊँ असमंजस में है वह भोला भाला,
    दो हजार का नोट देख कर उसको सब गाली देंगे और इसी असमंजस में वह पहुँच गया फ़िर मधुशाला;

    लाल गुलाबी नोट देख कर डरता है लेने वाला सोच रहा है दिल ही दिल में नहीं चलेगा यह साला,
    बिना दूध की चाय हमेशा से उसको कड़वी लगती यही सोच कर पहुँच गया वह सुबह सवेरे मधुशाला;

    थके हुए क़दमों से देखो आया सोहन का साला पीछे पीछे चलीं आ रहीं जाकिर की बूढ़ी खाला,
    रोज बैंक से डंडे खाकर लिए व्यथित मन लौट रहे कार्ड स्वाईप करने वाले तो घर ले आते मधुशाला;

    पैसा लेकर राम भरोसे घूम रहे बन मतवाला रुपए उसके पास देख कर बता रहे सब धन काला,
    खाद डालनी थी खेतों में राम भरोसे चिंतित हैं भक्त कह रहे छोड़ो ये सब हो आओ तुम मधुशाला,
    खुली हुई है मधुशाला;

    इन थोड़े नोटों से कितना प्यार करूँ पी लूं हाला आने के ही साथ आ गया है इनको लेने वाला,
    पाँच हजार मकान किराया लेने को आईं आंटी है उधार अब पंद्रह दिन से मेरी जीवन मधुशाला;

    यम बनकर बाज़ार आएगा हफ्ता जो आने वाला फिर न होश में आ पाएगा अर्थतंत्र पी कर हाला,
    यह अंतिम बेहोशी, अंतिम साकी, अंतिम प्याला है ज़रा संभल कर पीना इसको यह है देशी मधुशाला।
  • दो शिकारी!

    दो शिकारी एक हेलीकाप्टर किराए पर लेकर घने जंगलों में शिकार करने गए। दिन भर की मेहनत के बाद उन्होंने दो जंगली भैंसों का शिकार कर लिया।

    चलते वक़्त हेलीकाप्टर का पायलट बोला, "एक समस्या है। हेलीकाप्टर इतना वजन लेकर नहीं उड़ सकता... हम एक ही भैंसे को साथ ले जा सकते हैं।`

    एक शिकारी बोला, "कैसी बात कर रहे हो भाई? पिछले महीने हम जिस हेलिकॉप्टर से आये थे उसका पायलट तो बड़े आराम से दो भैंसों को लेकर गया था।`

    शिकारी की बात सुनकर पायलट ने दो मिनट कुछ सोचा, फिर बोला, `ऐसी बात है तो ठीक है... दोनों को लाद लेते हैं।`

    दोनों भैंसों को लादने के बाद पायलट ने हेलिकॉप्टर उड़ाया लेकिन अधिक वजन होने के कारण वह नियंत्रण से बाहर होने लगा और थोड़ी दूर जाकर आख़िरकार क्रैश हो गया। खुशकिस्मती से तीनों को मामूली चोटें ही आईं, जान बच गई।

    हेलिकॉप्टर के मलबे से निकलते हुए एक शिकारी ने दूसरे से पूछा, `यार, कुछ अंदाजा है कि हम कहाँ पर हैं?`

    `पिछले महीने हमारा हेलिकॉप्टर जिस जगह क्रैश हुआ था... उससे दो मील दक्षिण में।" दूसरे शिकारी ने अपने मोबाइल में जीपीएस देखते हुए बताया।