• बॉस का आदेश!

    एक बार कुछ लड़कियां शहर से गाँव घूमने आई थी। जब वो वापस लौट रही थी तो रास्ते में जिस बस में वे सफर कर रहीं थी, कुछ डाकुओं ने उस बस को घेर लिया। बस लूटने वाले दो डाकुओं ने पिस्तौल दिखाकर बस जंगल में रुकवा ली, तो सभी मुसाफिरों में सन्नाटा छा गया।

    एक डाकू ने अपने साथी से कहा, "हम पुरुषों को लूटेंगे और सभी औरतों को अपने साथ ले जाएँगे।"

    दूसरा डाकू जो पहले वाले से कमजोर था बोला, "नहीं, हम सारा सामान लूटेंगे, औरतों को कुछ नहीं कहेंगे।"

    यह सुन पीछे की सीट पर बैठी लड़कियों ने आपस में खुसुर - फुसुर की और फिर उनमे से एक दूसरे डाकू से बोली, "ऐ, तुम अपने बॉस का आदेश मानो। जैसा वो कह रहा है वैसा करो।"
  • आदमी तो आदमी ही हैं!

    एक व्यक्ति मरकर ऊपर पहुँचा तो स्वर्ग के द्वार पर उसे स्वयं चित्रगुप्त मिले।

    चित्रगुप्त बोले, "तुम एक शर्त पर भीतर आ सकते हो।"

    व्यक्ति: कौन सी शर्त प्रभु?

    चित्रगुप्त: तुम्हें एक शब्द जो कि फिरंगी जुबान का है, की स्पैलिंग ठीक-ठीक बतानी होगी।

    व्यक्ति: कौन सा शब्द है प्रभु?

    चित्रगुप्त: 'लव'।

    व्यक्ति: एल-ओ-वी-ई।

    चित्रगुप्त: बहुत अच्छा, तुम भीतर आ सकते हो।

    वो व्यक्ति भीतर दाखिल हो रहा था तभी चित्रगुप्त का मोबाइल बज उठा।

    चित्रगुप्त: हमें भगवान् बुला रहे है, तुम एक मिनट द्वार पर निगाह रखना हम अभी लौट के आते हैं।

    व्यक्ति: जो आज्ञा प्रभु।

    चित्रगुप्त: हमारी अनुपस्थिति में अगर कोई और प्राणी यहाँ पहुँच जाए तो उसको प्रवेश देने से पहले उससे भी 'लव' शब्द की स्पैलिंग जरुर पूछना, अगर वो भी तुम्हारी तरह स्पैलिंग ठीक बताये तो ही उसे भीतर आने देना। नहीं तो उसे सामने के द्वार से नर्क भेज देना।

    व्यक्ति: ठीक है।

    इतना कह कर चित्रगुप्त चले गए और वो व्यक्ति द्वार पर पहरा देने लगा। तभी एक स्त्री वहाँ पहुँची। वो व्यक्ति ये देखकर बहुत हैरान हुआ कि वो उसकी बीवी थी।

    वो बोला, "अरे, तुम यहाँ कैसे पहुँच गयी?"

    बीवी: तुम्हारे अंतिम संस्कार के बाद जब मैं श्मशान घाट से लौट रही थी तब बस ने मुझे कुचल दिया, उसके बाद जब मुझे होश आया तो मैं यहाँ खड़ी थी। अब हटो मुझे भीतर आने दो।

    व्यक्ति: ऐसे नहीं, भगवान के यहाँ के नियम के अनुसार पहले तुम्हें एक शब्द की स्पैलिंग ठीक-ठीक बतानी होगी, तभी तुम यहाँ अन्दर आ सकती हो। नहीं तो तुम्हें सामने के द्वार से नर्क जाना होगा।

    बीवी: कौन सा शब्द?
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    व्यक्ति: 'चेकोस्लोवाकिया'।
  • पड़ोसन!

    एक नवविवाहित जोड़ा शादी के बाद रहने के लिए शहर में आया वहां उन्होंने एक कमरा लिया और नए पड़ोसियों के साथ रहने लगे।

    एक सुबह महिला ने देखा कि उनकी पड़ोसन ने कपड़े धोकर बाहर सुखाने के लिए डालें है।

    उसने कपड़ों की तरफ देखा और कहा,"लगता है इसे कपड़े साफ़ करना नही आते देखो कितने गंदे रखे हैं उसे कपड़े धोने का अच्छा साबुन इस्तेमाल करना चाहिए उसके पति ने भी देखा और उस वक्त चुप ही रहा।"

    इसके बाद लगातार दो तीन सप्ताह तक वह महिला उसी प्रकार उस महिला के बारे में बोलती रही।

    फिर एक महीने बाद एक सुबह जब महिला ने देखा तो हैरानी के साथ अपने पति से कहने लगी, "देखो लगता है आज इसने अच्छे साबुन का इस्तेमाल किया है और अब इसे कपड़े धोने भी आ गए है, मुझे हैरानी है कि इसे ये सब किसने सिखाया होगा?"

    उसके पति ने कहा, "आज सुबह मैं जल्दी उठ गया था और मैंने अपने कमरे की खिड़कियाँ साफ़ की है।"
  • मेरे पास दिमाग है!

    संता और बंता गढ्ढा खोद रहे थे बंता ने संता से पूछा अरे भाई हम दोनों ही काम कर रहे है और ये तीसरा आदमी वहां छाया में बैठकर आराम कर रहा है!

    संता ने कहा शायद उसे काम नही आता इसलिए वह वहां जाकर बैठ गया है, मैं उसे पूछकर आता हूँ!

    संता उस आदमी के पास गया और उसे पूछा अरे भाई तुम काम क्यों नही कर रहे हो?

    उस आदमी ने कहा क्योंकि मेरे पास दिमाग है!

    संता ने पूछा वो कैसे?

    वह आदमी पेड़ के साथ खड़ा हो गया और कहने लगा मेरे मुहं पर मुक्का मारो जितनी जोर से तुम मार सकते हो!

    संता ने मुक्का बनाया और पूरे जोर से उस आदमी को मारा वह आदमी थोड़ा सा एक तरफ को हो गया और संता का मुक्का सीधा पेड़ पर लगा उसे हाथ में बहुत दर्द हुआ!

    संता ने कहा अच्छा अब मुझे पता चला कि तुम काम क्यों नही कर रहे!

    वह वापिस बंता के पास गया बंता ने उसे पूछा तो अब बताओ हम दोनों ही काम क्यों कर रहे है?

    संता ने कहा क्योंकि उसके पास दिमाग है!

    बंता ने पूछा वह कैसे?

    संता इधर-उधर पेड़ देखने लगा पर उसे पेड़ नजर नही आया उसने अपने हाथ को अपने मुहं के सामने रख दिया और बंता से कहा मेरे हाथ पर अपना मुक्का मारो जितनी जोर से तुम मार सकते हो!