• पुलिस का सच!

    कॉन्स्टेबल छुट्टी की दरख़्वास्त लेकर थानाध्यक्ष के पास गया और बोला , "सर, मेरी पत्नी गर्भवती है और घरेलू कामकाज करने में असमर्थ है। ऐसे में मेरा उसके साथ होना बहुत ज़रूरी है।"

    थानाध्यक्ष ने कहा, "अरे, क्या बात करते हो। कल शाम को ही तो तुम्हारी बीवी का फोन आया था। वह कह रही थी कि तुम जब भी घर जाते हो तो घर का कोई कामकाज नहीं करते बल्कि सारा दिन दोस्तों के साथ आवारागर्दी करते हो और रोज़ दारू पीकर हंगामा करते हो। उसने ख़ासतौर से गुज़ारिश की थी कि तुम्हे किसी भी हालत में छुट्टी न दी जाए। इसलिए तुम्हारी छुट्टी नामंज़ूर की जाती है।"

    कॉन्स्टेबल उदास हो गया और "ठीक है सर" कहकर जाने लगा।

    दरवाज़े के पास पहुँचकर वह रुका, मुड़ा और फिर वापिस आकर धीरे - से बोला, "सर, मुझे कुछ और भी कहना है।"

    थानाध्यक्ष: "हाँ, बोलो!"

    कॉन्स्टेबल: सर, आपको नहीं लगता कि दुनिया में पुलिस सबसे बड़ी झूठी है और मक्कार है?

    थानाध्यक्ष: क्या मतलब तुम्हारा?

    कॉन्स्टेबल: सर, मेरी तो अभी शादी ही नहीं हुई!
  • प्याज़ के रुलाने का कारण!

    जब भगवान सारी सब्जियों को उनके गुण और सुगंध बांट रहे थे तब प्याज चुपचाप उदास होकर पीछे खड़ी हो गई। सब चले गए प्याज नहीं गई। वहीँ खड़ी रही। तब विष्णुजी ने पूछा, "क्या हुआ तुम क्यों नही जाती?"

    तब प्याज रोते हुए बोली, "आपने सबको सुगंध और सुंदरता जैसे गुण दिए पर मुझे बदबू दी। जो मुझे खाएगा उसका मुँह बदबू देगा। मेरे साथ ही यह व्यवहार क्यों?"

    तब भगवान को प्याज पर दया आ गई। उन्होने कहा, "मैं तुम्हे अपने शुभ चिन्ह देता हूँ। यदि तुम्हें खड़ा काटा जायेगा तो तुम्हारा रूप शंखाकार होगा और यदि आड़ा काटा गया तो चक्र का रूप होगा। यही नहीं सारी सब्जियों को तुम्हारा साथ लेना होगा, तभी वे स्वादिष्ट लगेंगी और अंत में तुम्हे काटने पर लोगों के वैसे ही आंसू निकलेंगे जैसे आज तुम्हारे निकले हैं। जब जब धरती पर मंहगाई बढ़ेगी तुम सबको रुलाओगी।

    दोस्तों इसीलिए प्याज आज इतना रुला रही है उसे वरदान जो प्राप्त है।

    परम ज्ञानी गुरु बाबा बकवास नंद के प्रवचनों से साभार!
  • बड़ा अंतर!

    लड़की का फेसबुक पे स्टेटस - वो बेवफा निकला।

    कमेंट्स लड़कों के:
    1. डिअर, वो आपके लायक था ही नहीं।
    2. तुम कहाँ वो साला बन्दर कहाँ।
    3. हमने तो पहले ही कहा, सब मेरे जैसे नहीं होते।
    4. कभी हमें अजमा के देखो, पता चलेगा भरोसा क्या है।
    5. जो भी हुआ अच्छा ही हुआ, चिंता मत करो जानू।
    लड़के का फेसबुक पे स्टेटस - वो बेवफा निकली।

    कमेंट्स नजदीकी दोस्तों के:

    1. साले, तेरी शकल ही गधे जैसी है।
    2. तेरे से बस आज तक कोई पटी है?
    3. तुझ जैसो से भी लड़की पटेगी।
    4. उससे तेरी नामर्दी का पता चल गया होगा।
    5. तेरे से कुछ नहीं होगा बच्चे, चल अब उसका नम्बर मुझे दे।
  • ज़िन्दगी के पड़ाव!

    विभिन्न आयु के छात्रो का सबसे अच्छा सामूहिक उदाहरण:

    पहली से तीसरी कक्षा तक: मुझे तो पूरा पर्चा आता था।

    चौथी से छटी कक्षा तक: यार 8 नंबर वाला प्रश्न तो बहुत मुश्किल था मैंने सिर्फ उसे ही छोड़ा है।

    सातवी से दसवी कक्षा तक: मैंने तो सिर्फ मुख्य ही प्रश्न किये हैं।

    ग्यारवी कक्षा में: मुझे लगता है पास होने के लिए चार पाठ पढ़ना बहुत है।

    बाहरवीं कक्षा: कल पेपर कौन सा है यार।

    और कॉलेज के दिनों में: सालों बता तो देते आज पेपर है, मैं तो पेन भी नहीं लाया।