• नियम तोड़ा है!

    एक आदमी एक खुली सड़क पर बहुत तेजी से गाड़ी चला रहा था तभी पुलिस वाले ने उसे रोक दिया और गाड़ी से बाहर आने को कहा,"क्या आपको इस बात का एहसास है कि आप 60 kmph क्षेत्र में 90 kmph की रफ़्तार से गाड़ी चला रहे है आपने स्पीड लिमिट के नियम को तोड़ा है।"

    गाड़ी वाले ने कहा,"सर ऐसा कभी नहीं हो सकता मैंने कोई स्पीड लिमिट का नियम नहीं तोड़ा है मैं तो धीरे से गाड़ी चला रहा था।"

    गाड़ी के अन्दर से उसकी पत्नी ने कहा, "आप ने तोड़ा है मैं कब से तुम्हें कह रही हूँ कि गाड़ी की स्पीड कम रखो।"

    पुलिस वाले ने कहा, "मैंने एक चीज और नोट की कि तुमने सीट बेल्ट भी नहीं पहन रखी थी जब तुमने मुझे देखा तब तुम ने इसे बांधा।"

    आदमी बोला, "नहीं सर ये सच नहीं मैं हमेशा ही अपनी सीट बेल्ट पहनता हूँ।"

    अन्दर से पत्नी ने कहा नहीं मैं तुम्हें हमेशा कहती हूँ कि बेल्ट पहन लो पर तुम नहीं पहनते।

    गाड़ी वाले ने गुस्से में गाली देते हुए कहा, "क्या तुम थोड़ी देर के लिए अपना फटा हुआ मुहं बंद नहीं रख सकती।"

    पुलिसवाला उस आदमी के पत्नी के प्रति ऐसे व्यवहार को देखकर चकित रह गया, इसलिए वो उसकी पत्नी की तरफ घूम गया और पूछने लगा,"मैडम क्या आपके साथ हमेशा ये ऐसा ही व्यवहार करते हैं?"

    उसकी पत्नी ने कहा ने कहा,"जी नहीं! सर बस जब शराब पी लेते हैं तभी।"
  • आलू हूँ आलू!

    तीन अपराधी जेल से भाग गए एक मद्रासी एक गुजराती और एक पंजाबी।

    जेल से भागने के बाद वे काफी दूर निकल आये थे जब उन्हें लगा कि काफी दूर आ गए है तो तीनों एक जगह आराम करने लगे तभी उन्हें दूर कुछ लोग आते हुए नजर आये उन्होंने आपस में कहा, "हो नो हो ये पुलिस वाले है जो हमारा पीछा कर रहे है।"

    वे तीनों अफरातफरी में ऊपर पहाड़ी की तरफ चढ़ने लगे अभी थोड़ा दूर ही गए थे कि उन्हें वहां एक झोपड़ा नजर आया और वे तीनों उस में घुस गए।

    पुलिस उनका पीछा करते करते वहां भी पहुँच गयी तो तीनों ने अपने आप को बड़ी बड़ी बोरियों छुपा लिया, पुलिस वाले ने सिपाई से कहा देखो तो जरा इन बोरियों में क्या है?

    सिपाई ने पहली बोरी को टटोला और एक जोर की लात मार दी, उस बोरी में मद्रासी था उसने ... बाऊं.....बाऊं की आवाज की।

    सिपाई ने कहा, "साहब इसमें कुत्ता है।"

    दूसरी बोरी पर भी लात मारी तो उसमें गुजराती था, उसने मिं...आऊं मिं...आऊं की आवाज की।

    सिपाई ने कहा,"इसमें तो बिल्ली है साहब।"

    फिर उसने तीसरी बोरी पर लात मारी जिसमें पंजाबी था उसने एक.. दो..तीन..चार लातें मारी पर उसमें से कोई आवाज नहीं आयी उसने फिर उस पर लातें मारनी शुरू कर दी और अंत में जब लातें सहन नहीं हुई तो बोरी के अन्दर से पंजाबी ने कहा, "आलू हूँ साले आलू।"
  • सांभा की मौत!

    गब्बर: अरे ओ सांभा?

    सांभा: जी सरदार।

    गब्बर: कितने आदमी थे रे?

    सांभा: 2 सरदार।

    सरदार: मुझे गिनती नहीं आती, 2 कितने होते हैं?

    सांभा: सरदार, 2 एक के बाद आता है।

    गब्बर: और 2 के पहले?

    सांभा: 2 के पहले 1 आता है।

    गब्बर: तो बीच में कौन आता है?

    सांभा: बीच में कोई नहीं आता।

    गब्बर: तो फिर दोनों एक साथ क्यों नहीं आते?

    सांभा: 2 एक के बाद ही आ सकता है, क्योंकि 2 एक से बाद आता है।

    गब्बर: 2 एक से बाद आता है, कितना बड़ा है वो?

    सांभा: 2 एक से बाद आता है।

    गब्बर: अगर 2 एक से बाद है तो एक-एक से कितना बड़ा है?

    सांभा: सरदार, मैंने तुम्हारा नमक खाया है, मुझे गोली मार दो, पर मेरा दिमाग तो मत खाओ!
  • माँ की कैसी ममता?

    बच्चे की पैदाइश के बाद डिलीवरी रूम से निकले एक घंटा बीत जाने पर औरत को अभी-अभी होश आया!

    बदन में ताक़त बिलकुल ख़त्म हो गयी थी! करवट लेना तो दूर की बात हिलने में भी बेपनाह दिक्कत हो रही थी!

    उसने बड़ी मुश्किल से दाहिने हाथ को हरकत दी, कुछ टटोला, हाथ को कुछ महसूस नहीं हुआ फिर बाएँ हाथ को हरकत देने की कोशिश की! कुछ नहीं हाथ लगा! वह बेचैन हो गई!

    ख्याल आया कहीं नीचे लुढ़क के गिर तो नहीं गया! ओह खुदाया!

    हिम्मत जुटा कर बमुश्किल पलंग के नीचे देखा, नीचे भी नहीं... मन में घबराहट होने लगी! माथे पर पसीने की बूंदें नुमाया हो गयी!

    दूर खड़ी नर्स को इशारे से बुलाया... होंठ हिले पर अल्फ़ाज़ नहीं निकल सके!

    नर्स ने औरत की घबराहट महसूस कर ली! उसकी आँखें भी नम हो गयीं! आखिर वह भी माँ थी, और माँ की तड़प को कैसे ना समझ पाती?

    दौड़ कर इन्क्यूबेटर रूम से नवजात बच्चे को लाकर उस माँ के हाथों में थमाते हुए कहा, "मैं समझ सकती हूँ बहन! लो जी भर के देख लो!"

    औरत अपनी तमाम हिम्मत जुटा कर माथा पोछते हुए बोली, "बहुत शुक्रिया, लेकिन मैं तो अपना मोबाइल ढूँढ़ रही थी! फेसबुक पर स्टेटस लगाना है कि मैं माँ बन गयी हूँ!"

    सचमुच इस दुनिया का अब कुछ नहीं हो सकता!