• नयी पड़ोसन!

    एक नवविवाहित जोड़ा शादी के बाद रहने के लिए शहर में आया वहां उन्होंने एक कमरा लिया और नए पड़ोसियों के साथ रहने लगे।

    एक सुबह महिला ने देखा कि उनकी पड़ोसन ने कपड़े धोकर बाहर सुखाने के लिए डालें है।

    उसने कपड़ों की तरफ देखा और कहा,"लगता है इसे कपड़े साफ़ करना नही आते देखो कितने गंदे रखे हैं उसे कपड़े धोने का अच्छा साबुन इस्तेमाल करना चाहिए उसके पति ने भी देखा और उस वक्त चुप ही रहा।"

    इसके बाद लगातार दो तीन सप्ताह तक वह महिला उसी प्रकार उस महिला के बारे में बोलती रही।

    फिर एक महीने बाद एक सुबह जब महिला ने देखा तो हैरानी के साथ अपने पति से कहने लगी, "देखो लगता है आज इसने अच्छे साबुन का इस्तेमाल किया है और अब इसे कपड़े धोने भी आ गए है, मुझे हैरानी है कि इसे ये सब किसने सिखाया होगा?"

    उसके पति ने कहा, "आज सुबह मैं जल्दी उठ गया था और मैंने अपने कमरे की खिड़कियाँ साफ़ की है।"
  • पहला खत!

    एक सुन्दर युवती दवाईयों की एक दुकान के सामने काफी देर तक खडी थी। भीड़ छटने का इंतज़ार कर रही थी। दुकान का मालिक उसे शक की नजर से घूर रहा था।

    बहुत देर बाद जब दुकान मे कोई ग्राहक नही बचा, तो वह लड़की दुकान मे आयी।

    एक सेल्समन को धीरे से एक किनारे बुलाया।

    दुकान मालिक अब और भी ज्यादा चौकन्ना हो गया।

    लड़की ने धीरे से एक कागज़ सेल्समन की ओर बढाया और धीरे से फुसफुसायी,
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    "भैया, मेरी एक डॉक्टर के साथ शादी तय हो गयी है। आज उनकी पहली चिठ्ठी आयी है। थोडा पढ़कर सुनायेंगे क्या?
  • लम्बी दूरी!

    एक बार संता को एक लड़की से प्यार हो गया। वो रोज़ उसे ऑफिस, जहाँ को काम करती, ले जाने और वापस घर छोड़ के आने लगा।

    एक दिन रास्ते में लड़की बेहद उदास हो कर बोली, "कल लड़के वाले मुझे देखने आये थे।"

    संता: फिर?

    लड़की: मुझे पसंद कर गए।

    संता बेहद दुखी होते हुए बोला, "अब?"

    लड़की रोन लगी और रोते - रोते बोली, "अगले महीने की शादी तय हो गई, उनका घर लक्ष्मी नगर है।"

    संता गहरी सोच में पड़ गया।

    लड़की: अब क्या करना है, सोचो जल्दी।

    संता: सोच ही तो रहा हूँ। अब लक्ष्मी नगर से तुम्हें ऑफिस छोड़ने के लिए मुझे रिंग रोड़ लेनी पड़ेगी, फिर 3 किलोमीटर बाद यू - टर्न, उसके बाद वन वे के कारण राजगुरु रोड़, फिर वो मुखर्जी नगर वाला फ्लाई ओवर... ओये नहीं मेरे बस की बात नहीं है, तू अपने पति को ही बोल कोई इन्तेजाम करे, मुझे बहुत लम्बा पड़ेगा।"
  • यमराज से मस्ती!

    यमलोक के दरवाजे पर दस्तक हुई तो यमराज ने जाकर दरवाजा खोला।

    उन्होंने बाहर झांका तो एक मानव को सामने खड़ा पाया। यमराज ने कुछ बोलने के लिए मुंह खोला ही था कि वह एकाएक गायब हो गया।

    यमराज चौंके और फिर दरवाज़ा बंद कर लिया। यमराज अभी वापस मुड़े ही थे कि फिर दस्तक हुई। उन्होंने फिर दरवाजा खोला। उसी मानव को फिर सामने मौजूद पाया, लेकिन वह आया और फिर गायब हो गया।

    ऐसा तीन-चार बार हुआ तो यमराज अपना धैर्य खो बैठे और अबकी बार उसे पकड़ ही लिया और पूछा, "क्या बात है भाई, क्या ये आना-जाना लगा रखा है। मुझसे पंगा ले रहे हो?"

    मानव ने बड़ी सहजता पूर्वक जवाब दिया, "अरे नहीं महाराज, दरअसल मैं तो वैंटीलेटर पर हूं और यह डॉक्टर लोग ही हैं जो आपसे मस्ती कर रहे हैं।"