• अनोखा परीक्षण!

    एक भरपूर काला आदमी जुकाम की शिकायत लेकर डाक्टर के पास गया. डाक्टर ने उसे सरसरी निगाह से देखकर कहा कि वो अपने कपडे उतार दे और दोनों हाथों को जमीन पर टिका दे!

    आदमी हैरान परेशान पर उसने यह किया!

    ठीक है-डाक्टर बोला.. ' अब जानवरों की तरह चलिए, और कमरे के दायें कोने में जाए..

    आदमी ने यही किया..

    ठीक' - डाक्टर साब बोले- अब बाएँ कोने में जाएँ..

    बंदा उधर चला गया!

    अब इस कोने में, अब उस कोने में, अब सामने, अब बीच में..

    आदमी घबरा के उठ खड़ा हुआ ...' डाक्टर साब, कोई गंभीर बीमारी तो नहीं हो गयी मुझे?

    अरे नहीं- डॉ साब बोले.. मामूली जुकाम है, ये दो गोली लो सुबह तक ठीक हो जाओगे..

    पर डॉ साब आपने ये मेरा एक घंटे तक इस तरह परीक्षण...

    कुछ नहीं यार'- डॉ साब बोले.. बात यह है कि मैंने एक काले रंग का सोफा ख़रीदा है,मैं देखना चाहता था इस कमरे में वो किस जगह ठीक दिखेगा!
  • दोस्त भी दोस्त ना रहा!

    एक अंग्रेज सिपाही, जिसकी बीवी बहुत खूबसूरत थी, को अचानक लड़ाई के मैदान से बुलावा आ गया।

    उसकी गैरमौजूदगी में उसकी बीवी कहीं किसी और से आंखे चार न कर बैठे इस डर से उसने अपनी बीवी को एक कमरे में बन्द किया और चाबी अपने एक विश्वासपात्र मित्र को देकर कहा, "मैं लड़ाई में भाग लेने जा रहा हूं। यदि मैं दस दिनों तक नहीं लौटूं तो तुम इस चाबी से ताला खोलकर उसे आजाद कर देना"।

    इतना कहकर वह सिपाही चल दिया।

    अभी वह थोड़ी ही दूर पहुंचा था कि उसने देखा उसका मित्र घोड़े पर सरपट दौड़ता हुआ उसे आवाज देता हुआ चला आ रहा है यह देख सिफाई ने उस से पूछा, "अरे क्या हुआ सब ठीक तो हैं?"

    दोस्त गुस्से से आग बबूला होकर उस पर चिल्लाते हुए बोला,"धोखेबाज! तू मुझे गलत चाबी देकर जा रहा है। इससे तो ताला खुल ही नहीं रहा।
  • परिणाम ही मायने रखते हैं!

    एक बार एक पादरी मर गया। जब वो स्वर्ग के वेटिंग लाइन में खडा था उनके आगे एक काला चश्मा, जींस, लेदर जैकेट पहन कर एक लडका खडा था।

    धरम राज लडके से: कौन हो तुम?

    लड़का: मैं एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर हूँ।

    धरम राज: ये लो सोने की शाल और अंदर आ आकर गोल्डन रूम ले लो।

    धरम राज पादरी से: तुम कौन हो?

    पादरी: मैं पादरी हूँ और 40 सालों से लोगों को भगवान के बारे में बताया करता था।

    धरम राज: ये लो सूती वस्त्र और अंदर आ जाओ।

    पादरी: प्रभु, ये गलत है ये तेज गति से गाड़ी चलाने वाले को सोने की शाल और जिसने पूरा जीवन भगवान का ज्ञान दिया उसे सूती वस्त्र। ऐसा क्यों?

    धरम राज: परिणाम मेरे बच्चे परिणाम... जब तुम ज्ञान देते थे सभी भक्त सोते रहते थे लेकिन जब यह आटो रिक्शा तेज चलाता था तब लोग सच्चे मन से भगवान को याद करते थे।

    हमेशा परफॉरमेंस देखी जाती है पोज़िशन नहीं।
  • पक्का भारतीय होने के लक्षण:

    1. होटल में खाने के बाद मुट्ठी भर सौंफ खाना।

    2. हवाई यात्रा के बाद बैग से टैग नहीं उतारना।

    3. सब्जी लेने के बाद मुफ़्त धनिये की मांग करना।

    4. दीवाली पर मिले गिफ्ट को रिश्तेदार को सरका देना।

    5. छह साल के बच्चे को 3 साल का बता कर आधा टिकट लेना।

    6. रिमोट से लेकर मोबाइल तक का पीठ ठोंक कर चलाना।

    7. शादी के कार्ड से गणेश जी उतारकर फ्रिज पर चिपकाना।

    8. मोलभाव करते वक्त पिछली दुकान का हवाला देना।

    9. गोलगप्पे खाने के बाद मुफ़्त में सुखी पापड़ी की जिद करना।

    10. नई कार लेने के बाद छह महीने तक सीट की पन्नी नहीं उतारना।