• शराबियों की नयी तकनीक!

    पुलिस ने एक आदमी को पकड़ा जिसने यक़ीनन काफी शराब पी रखी थी।

    उसके कदम, आवाज, सब कुछ लडखडा रहे थे पर उसकी सांस में शराब की महक या बदबू बिलकुल नही थी!

    मशीन से भी चेक किया, शराब साबित नहीं हुई! पर दरोगा को विश्वास था, कि इसने पी तो जरुर है।

    आखिर उसे छोडते हुए दरोगा ने कहा, "देख, मैं जानता हूं कि तुमने शराब पी है, पर हम पकड नहीं पाए!"

    फिर दरोगा ने उसको 2000/- रूपये देते हुए कहा, "कम से कम ये तो बता दो कि चक्कर क्या है?"

    शराबी हंस कर बोला, कि जनाब, मैंने पाइप लगा कर "नीचे" (Enema) से पी थी, इसलिये, मुँह में कोई महक या बदबू नहीं आई आपको!"

    जब वो जाने लगा, तो दरोगा ने उसे फिर रोका और 5000/- रुपये देते हुए कहा, कि देख भाई, यह राज और किसी को न बताना!"

    शराबी की समझ में नहीं आया! उसने पूछा, "जनाब, किसी और को न बताने में आपको को क्या फायदा है?"

    दरोगा रुआंसी शक्ल बनाते हुए बोला, "भाई अभी तक तो हमें शराबियों का सिर्फ मुँह सूंघना पडता है!"
  • इंजीनियर बनने के कुछ प्रमुख कारण!

    आखिर मैंने अपने कैरियर के लिए IT Industry ही क्यों चुनी? इसके कुछ प्रमुख कारण हैं जो इस प्रकार हैं:

    मुझे सोना पसंद नहीं है।

    मैंने अपने बचपन में बहुत मज़े किये हैं।

    मुझे तनावपूर्ण जीवन पसंद है।

    मैं अपने आप से बदला लेना चाहता था।

    मैं अपने सामाजिक रिश्ते-नाते तोडना चाहता था।

    मुझे छुट्टियों पर भी काम करना पसंद है।

    मैं अपने सारे दोस्त खोना चाहता था।

    मैं अपना पारिवारिक जीवन सुखमय और आनंदमय ढंग से नहीं बिताना चाहता था।

    मैं जागते हुए सपने देखना पसंद करता हूँ।

    मैं 'गीता' में विश्वास रखता हूँ - कर्म कर फल की चिंता मत कर।
  • होनहार छात्र!

    एक बार एक इंजीनियरिंग कॉलेज के सभी शिक्षकों को एक हवाई जहाज़ में बैठाया गया, जब सभी शिक्षक बैठ गए तो पायलट ने बड़ी ही ख़ुशी से घोषणा की;

    पायलट: आप सभी गणमान्य शिक्षकों को यह जानकर खुशी होगी कि जिस प्लेन में आप बैठे हैं उसे आप ही के कॉलेज के विद्यार्थियों ने बनाया है!

    बस फिर क्या था इतना सुनने की देर थी कि सभी शिक्षक इस डर से की कहीं उड़ान भरते ही विमान दुर्घटनाग्रस्त ना हो जाए तुरंत नीचे उतर गए, परन्तु प्रिंसिपल साहब बैठे रहे, यह देख पायलट उनके पास गया और उनसे पूछा;

    पायलट: सर, आप क्यों नहीं उतरे?

    प्रिंसिपल: मुझे अपने कालेज के शिक्षकों के निकम्मेपन और उससे भी ज्यादा अपने विद्यार्थियों की नालायकी पर भरोसा है, देख लेना यह प्लेन स्टार्ट ही नहीं होगा!
  • अपने घर में ही डाका!

    एक मनचले लड़के ने फ़ोन घुमाया।

    लड़का(फ़ोन पर): हेल्लो, चमेली केसी है तू?

    लड़की: कौन?

    लड़का: तेरा आशिक़ बोल रहा हूँ, मेरी छम्मक-छल्लो।

    लड़की: तू चिंटू बोल रहा है क्या?

    लड़का: अरे वाह, मेरा नाम इतनी जल्दी पहचान गयी।

    लड़की: तेरे पापा का नाम बंसीलाल ही है ना?

    लड़का: हां, बिलकुल सही।

    लड़की: और तेरे दादा का नाम रामलाल है?

    लड़का: अरे लगता है तू मेरी दीवानी हो गयी है, मेरी पूरी जानकारी रखी हुई है।

    लड़की: अबे हरामजादे, मैं तेरी बहन बोल रही हूँ, गलती से तुमने घर का नंबर लगा दिया है। तू घर आ फिर बताती हूँ तुम्हें।