• वकील साहब आये हैं!

    एक बार एक पुजारी और वकील मर गए और दोनों स्वर्ग के दरवाजे पर खड़े हो गए, यमदूत ने उन दोनों को अन्दर भेजा और दोनों अन्दर चले गए।

    अन्दर एक और यमदूत खड़ा था जो उन दोनों को उनके कक्ष तक ले गया।

    पहले पुजारी को उसके कक्ष तक छोड़ा जो एक छोटा सा कमरा था जिसमें एक बिस्तर और छोटा सा डैस्क लगा था पुजारी ने यमदूत को धन्यवाद कहा और यमदूत वकील को लेकर उसके कक्ष कि तरफ चल पड़ा।

    जब वो दूसरे कक्ष के पास पहुँचा तो ये एक बहुत बड़ा कमरा था जिसमे डबल बेड, एक बड़ी अलमारी, किताबों से भरा हुआ रैक और एक सुन्दर औरत और भी बाकि सभी प्रकार की सुविधाओं से वो कमरा भरा हुआ था।

    वकील ने कहा कि मुझे यह समझ नहीं आया कि आपने पुजारी को एक छोटा सा कमरा दिया और मुझे सारी सुविधाओं से भरा ये इतना बड़ा कमरा?

    इस पर यमदूत बोला,"साहब हमारे पास यहाँ स्वर्ग में बहुत से पुजारी है पर वकील आप पहले हैं इसलिए।"
  • शराब चढ़ गयी!

    एक व्यापारी एक शराबखाने में गया वह बार में बैठा और उसने एक स्कॉच का पैग मंगवाया पैग पीने के बाद उसने अपनी कमीज की जेब में देखा, और उसने स्कॉच का एक और पैग मंगवाया।

    उसने इसे पीने के बाद फिर अपनी जेब में देखा और एक और स्कॉच का ऑर्डर किया।

    आखिर बार वाले ने पूछ ही लिया, "अरे दोस्त! मैं तुम्हें पूरी रात शराब पिलाऊंगा पर तुम मुझे बस इतना बता दो की जब तुम ड्रिंक मँगा रहे हो, उससे पहले अपनी जेब में क्या देख रहे हो?"

    तो उस शराबी ने कहा,"मैं अपनी पत्नी की फोटो को देख रहा हूँ, जब वो मुझे अच्छी दिखने लगेगी, तब मैं समझूंगा की अब घर जाने का समय हो गया है।"
  • दुःख भरी दास्तान!

    कल पापा ने मुझे बिजली बिल के रुपये दिए लेकिन मैंने उन पैसों को लाटरी में लगा दिया।

    फिर घर आया तो पापा ने पूछा कि बिल भर दिया तो मैंने डरते हुए पापा को बता दिया कि मैंने पैसे लाटरी में लगा दिया। हम लाटरी में गाड़ी जीत सकते हैं।

    पापा ने बहुत मारा लेकिन जब पापा ने अगले दिन सुबह दरवाजा खोला तो सामने एक नयी महिंद्रा बोलेरो गाडी खड़ी थी। सब की आँखों में आँसू थे सबसे ज्यादा मेरे थे।

    क्योंकि वो गाडी बिजली विभाग से थी, वो घर की बिजली लाइन काटने आए थे।

    पापा ने फिर बहुत मारा।
  • फूफा हूं!

    कॉलेज में एक लड़की ने दाखिला लिया तो सारे लड़के-लड़कियों ने उसे चिढ़ाने के लिए बुआ कहना शुरू कर दिया।

    कुछ दिनों तक तो उस बेचारी ने सहन किया।

    अंत में उसने तंग आकर प्रिंसिपल से शिकायत कर दी।

    लड़की की बात सुन कर प्रिंसिपल को बड़ा क्रोध आया तो वह क्लास रूम में पहुंचे और बोले, "जो भी इसे बुआ कहता है वह तुरन्त खड़ा हो जाये।

    एक-एक करके सारी क्लास खड़ी हो गई।

    केवल पप्पू बैठा रहा तो प्रिंसिपल ने बड़ी हैरानी के साथ उस से पूछा, "क्यों पप्पू तुम क्यों बैठे हो?"

    क्या तुम इसे बुआ नहीं कहते?

    पप्पू ने ठंडी सांस भरकर कहा, "सर! मैं इस क्लास का फूफा हूं।"