• हर तरफ युवतियां!

    अगर बारिश हो तो
    बारिश में नहाती युवतियां;

    अगर गर्मी हो तो
    धूप में तपती युवतियां;

    अगर एग्जाम हो तो
    परीक्षा देती युवतियां;

    अगर ट्रैफिक हो तो
    जाम में फंसी युवतियां;

    अगर मौसम अच्छा हो तो
    मौसम का लुत्फ उठाती युवतियां;

    साला अखबार वालों को पता नहीं कभी हम लड़के नजर क्यों नही आते।
  • कहीं शुरू न हो जाये!

    एक बार संता शाम को घर आया, टी. वी. चालू किया और सोफे पर बैठते ही जीतो से बोला, "इससे पहले की शुरू हो जाये जल्दी से मेरे लिए चाय लेकर आओ।"

    जीतो को कुछ अजीब लगा पर वो चाय बना कर ले आई।

    चाय पीते-पीते संता दोबारा जीतो से बोला, "इससे पहले शुरू हो जाये, मेरे लिए कुछ खाने के लिए भी लेकर आओ।"

    जीतो को थोड़ा गुस्सा आया पर उसने संता को कुछ खाने के लिए भी दे दिया और वापस अपने काम में लग गयी।

    थोड़ी देर बाद संता दोबारा बोला, "इससे पहले की शुरू हो जाये, यह बर्तन उठाओ यहाँ से।"

    जीतो का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया और संता पर चिल्लाते हुए बोली, "मैं तुम्हारी कोई नौकरानी नहीं हूँ, जो मुझ पर इस तरह अपना हुकुम चला रहे हो। जब से आओ कुछ न कुछ हुकुम किये जा रहे हो जैसे यहाँ कोई तुम्हारा गुलाम है।"

    संता उठा और गहरी सांस लेते हुए बोला, "लो शुरू हो गया।"
  • पत्नी के बदलते रंग!

    शादी के बाद पत्नी कैसे बदलती है, जरा गौर कीजिए:

    पहले साल: मैंने कहा जी खाना खा लीजिए, आपने काफी देर से कुछ नहीं खाया।

    दूसरे साल: जी खाना तैयार है, लगा दूं।

    तीसरे साल: खाना बन चुका है, जब खाना हो तब बता देना।

    चौथे साल: खाना बनाकर रख दिया है, मैं बाजार जा रही हूं, खुद ही निकालकर खा लेना।

    पांचवे साल: मैं कहती हूं आज मुझसे खाना नहीं बनेगा, होटल से ले आओ।

    छठे साल: जब देखो खाना, खाना और खाना, अभी सुबह ही तो खाया था।
  • कैलकुलेटर का लफड़ा!

    एक डॉक्टर के पास एक बेहाल मरीज़ गया।

    मरीज़: डॉ. साहब पेट में बहुत दर्द हो रहा है।

    डॉ: अच्छा, ये बताओ आखिरी बार खाना कब खाया था..??

    मरीज़: खाना तो रोज ही खाता हूँ।

    डॉ: अच्छा-अच्छा, (2 ऊँगली उठाते हुए ) आखिरी बार कब गए थे..??

    मरीज़: जाता तो रोज ही हूँ पर होता नहीं है।

    डॉकटर समझ गए कि कब्ज़ है। अन्दर बहुत सारी बोतलें पड़ी थी उस में से एक उठा लाये और साथ ही केल्क्युलेटर भी लेते आये।

    फिर पूछा, "घर कितना दूर है तुम्हारा..??"

    मरीज़: 1 किलोमीटर।

    डॉक्टर ने केलकुलेटर पे कुछ हिसाब किया और फिर बोतल में से चार चम्मच दवाई निकाल कर एक कटोरी में डाली।

    डॉ: गाडी से आये हो या चल कर..??

    मरीज़: चल कर।

    डॉ: जाते वक्त भाग के जाना।

    डॉक्टर ने फिर से केलकुलेटर पे हिसाब किया फिर थोड़ी दवाई कटोरी में से बाहर निकाल ली।

    डॉ: घर कौन सी मंज़िल पे है..??

    मरीज़: तीसरी मंज़िल पे।

    डॉक्टर ने फिर से केलकुलेटर पे हिसाब किया फिर थोड़ी दवाई कटोरी में से और बाहर निकाल ली।

    डॉ: लिफ्ट है या सीढियाँ चढ़ के जाओगे..??

    मरीज़: सीढियां।

    डॉक्टर ने फिर से केलकुलेटर पे हिसाब किया फिर थोड़ी दवाई कटोरी में से और बाहर निकाल ली।

    डॉ: अब आखिरी सवाल का जवाब दो।

    घर के मुख्य दरवाजे से टॉयलेट कितना दूर है..??

    मरीज़: करीब 20 फुट।

    डॉक्टर ने फिर से केलकुलेटर पे हिसाब किया फिर थोड़ी दवाई कटोरी में से और बाहर निकाल ली।

    डॉ: अब मेरी फीस दे दो मुझे पहले फिर ये दवाई पियो और फटाफट घर चले जाओ, कहीं रुकना नहीं और फिर मुझे फोन करना। मरीज़ ने वैसा ही किया।

    आधे घंटे बाद मरीज़ का फोन आया और एकदम ढीली आवाज में बोला, "डॉक्टर साहब, दवाई तो बहुत अच्छी थी आपकी

    पर आप अपना केलकुलेटर ठीक करवा लेना।
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    हम 10 फुट से हार गये।