• आज का राशिफल:

    1 मेष - आज भी बैंक की लाइन में धक्के खाएगा

    2 वृषभ - 2000 का नया नोट गुम हो जाएगा

    3.मिथुन- बीवी से गुप्त धन मिलेगा

    4 कर्क - बैंक की लाइन में पहलवान से झगड़ा होगा

    5 सिंह - मैनेजर धक्के देकर बैंक से बाहर निकालेगा

    6 कन्या - 2000 का नया नोट आकस्मिक फट जाएगा।

    7 तुला - बैंक की लाइन में खड़े खड़े स्वास्थ्य खराब होगा।

    8 वृश्चिक - एटीएम धोखा देगी

    9 धनु,- मकान और प्रतिष्ठान पर पुलिस की रेड पड़ेगी।

    10 मकर - खुल्ला मांगने वाले परेशान करेंगे।

    11. कुम्भ - पाप का घड़ा फूटेगा।

    12. मीन - लाइन में खड़े खड़े प्रेम प्रसंग बढ़ेगा।
  • डॉक्टर बेटे!

    एक जाट के 4 जवान छोरे थे। जाट चाह रहा था कि उनकी जल्द से जल्द शादी हो जाये। इसी के चलते उसने अपने किसी नज़दीकी से रिश्ते की बात चलाई।

    रिश्ते की बात करने लड़की वाले जाट के घर आये। सब कुछ देख परख के लड़की के पिता ने जाट से पूछा, "चौधरी साहब, लड़के क्या करते हैं?"

    चौधरी: मुझे लगता है ये चारों के चारों डॉक्टर हैं।

    लड़की का पिता: लगता है क्या मतलब? आपको इन के बारे में कुछ नहीं पता क्या? ये बात तो जँची नहीं चौधरी साहब।

    चौधरी: जँच तो मेरे भी ना रही पर बात यह है कि, मैं इन चारों से कुछ भी पूछ लूँ तो फौरन कहते हैं, "तेरे को क्या बीमारी है?"
  • संता और बंता का बिजनेस!

    संता और बंता कोई बिजनेस शुरू करने कि सोच रहे थे बहुत चर्चा के बाद उन्होंने ये फैसला किया कि होटल का बिजनेस शुरू करते है!

    उन्होंने होटल चलाने के लिए पहले एक अच्छी सी जगह देखी और फिर स्टाफ और अन्य सामग्री जो होटल के लिए आवश्यक होती है सब का प्रबंध किया फिर होटल का उदघाटन किया और काम शुरू कर दिया वो ग्राहकों का इन्तजार करने लगे एक दिन दो दिन... लगातार ऐसे ही 7 दिन बीत गए पर उनके पास कोई ग्राहक नहीं आया... जानते है क्यों?

    क्योंकि होटल के प्रवेशद्वार पर लिखा था 'आगंतुकों का' आना मना है (विजिटर्स नॉट अलाउड)!

    होटल का बिजनेस असफल होने के बाद उन्होंने फिर नया बिजनेस शुरू किया ऑटो गैराज का!

    उन्होंने गैराज को बहुत बढ़िया सजाया, गाड़ियों के स्पेयर पार्ट और दूसरे यंत्र एकत्रित कर, उन्होंने जल्दी ही गैराज का काम शुरू कर दिया वो चाहते थे कि उनके गैराज के बाहर बहुत सी गाड़ियाँ आये पर लगातार 7 दिन तक उनके गैराज में एक भी गाड़ी नहीं आयी... जानते है क्यों?

    क्योंकि उनका गैराज बिल्डिंग की पहली मंजिल पर था!
  • मोदी चालीसा!

    जय नरेन्द्र ग्यान गुन सागर |
    जय मोदी तिहुँ लोक उजागर ||

    राष्ट्रदूत अतुलित बलधामा |
    दामोदर पुत्र नरेन्दर नामा ||

    तुम उपकार राष्ट्र पर कीन्हा |
    कच्छ संवारि स्वर्ग सम कीन्हा ||

    माया, मुलायम थर थर काँपैं |
    काँग्रेस को चिंता व्यापै ||

    नासहि सपा मिटैं बसपाई |
    खिलै कमल फूलैं भजपाई ||

    साधु संत के तुम रखबारे |
    असुर निकंदन राष्ट्रदुलारे ||

    संत रसायन तुम्हरे पासा |
    सदा रहहु भारत के दासा ||

    भारत विश्वगुरु बन जावै |
    जब मोदी दिल्ली मैं आवै ||

    चीन पाक दोउ निकट न आवै |
    जब मोदी को नाम सुनावै ||

    नासहिं दुष्ट और अपराधा |
    भ्रष्टाचार मिटावहिं बाधा ||

    करहि विकास स्वर्ग सम सुंदर |
    बनहि राम को सुंदर मंदिर ||

    असुर निवारि सुरन्ह कौ थापैं |
    राहुल सोनिया कबहुँ न व्यापै ||

    मोदी मंत्र एक सम जाना |
    करहि विकास राष्ट्र सनमाना ||

    भारत राष्ट्र पराक्रमशाली |
    होहि सिद्ध यह शंशय नाही ||

    || जय मोदी ||