• ज्यादा समझदारी के नुक्सान!

    एक बार दो दोस्त गोरखपुर से दिल्ली जा रहे थे।

    डिब्बे में भीड़ ज्यादा थी तो उन्हें सीट नहीं मिल रही थी तो सीट के लिए उन्हें शरारत सूझी।

    उन्होंने अपने बैग से रबड़ का एक सांप निकाला और चुपके से डिब्बे में छोड़ दिया और चिल्लाने लगे।

    सांप... सांप!

    थोड़ी देर में डिब्बा खाली हो गया और उन्होंने जल्दी से बिस्तर जमाकर जगह रोक ली।

    सुबह जब आंख खुली, तो पांच बजे थे और गाड़ी किसी स्टेशन पर खड़ी थी।

    उन्होंने खिड़की से बाहर झांककर रेलवे के कर्मचारी से पूछा: यह कौन सा स्टेशन है?

    जवाब मिला: गोरखपुर।

    उन्होंने पूछा: क्या गाड़ी दिल्ली नहीं गई?

    कर्मचारी बोला: गाड़ी दिल्ली गई, लेकिन गाड़ी में सांप निकलने के कारण इस डिब्बे को काट दिया गया।
  • तीन ठेकेदार!

    तीन भवन निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों की मौत के बाद वे तीनों स्वर्ग के दरवाजे पर मिले पहला पाकिस्तान का था दूसरा चीन का और तीसरा भारत का।

    जैसे ही वे स्वर्ग के अंदर जाने लगे दूत ने उन्हें रोका और कहा,"अन्दर जाने से पहले आप तीनों को मैं बता दूँ कि अन्दर जाने वाले इस गेट की मरम्मत करनी है तो आप तीनों ही मुझे थोड़ा सा अनुमान लगाकर बताएं कि इस पर कितना खर्चा आ सकता है।"

    सबसे पहले पाकिस्तानी ठेकेदार ने गेट को देखा और सोच कर बोला, "मेरे ख्याल से इसमें जितनी मरम्मत होनी है उस हिसाब से तो पूरा खर्चा 9000 रूपए आना चाहिए।"

    दूत ने उसे पूछा,"कि ये किस तरह से इतना अनुमान लगाया आपने ठेकेदार ने कहा 3000 रूपए का मैटीरीअल, 3000 रूपए मजदूर के और 3000 का मुनाफा।"

    दूत ने चीन के ठेकेदार को कहा कि, "तुम अपना अनुमान लगाओ।"

    थोड़ी देर उसने भी गेट को देखा और बोला, "33000 रूपए दूत ने कहा ये किस तरह हुआ।"

    चीन का ठेकेदार बोला, "11000 का मैटीरीअल, 11000 मजदूरों के और 11000 का मुनाफा।"

    जब दूत ने भारत के ठेकेदार को पूछा तो उसने बिना किसी निरीक्षण के झट से कह दिया 29000 रूपए।

    दूत ने पूछा, "किस हिसाब से आपने ये अनुमान लगाया।"

    ठेकेदार बोला, "10000 आपके 10000 मेरे और.....

    9000 रूपए पाकिस्तानी ठेकेदार को दे देते है वह 9000 में बहुत अच्छा काम कर लेगा।"
  • पहला वकील!

    एक बार एक पुजारी और वकील मर गए और दोनों स्वर्ग के दरवाजे पर खड़े हो गए, यमदूत ने उन दोनों को अन्दर भेजा और दोनों अन्दर चले गए।

    अन्दर एक और यमदूत खड़ा था जो उन दोनों को उनके कक्ष तक ले गया।

    पहले पुजारी को उसके कक्ष तक छोड़ा जो एक छोटा सा कमरा था जिसमें एक बिस्तर और छोटा सा डैस्क लगा था पुजारी ने यमदूत को धन्यवाद कहा और यमदूत वकील को लेकर उसके कक्ष कि तरफ चल पड़ा।

    जब वो दूसरे कक्ष के पास पहुँचा तो ये एक बहुत बड़ा कमरा था जिसमे डबल बेड, एक बड़ी अलमारी, किताबों से भरा हुआ रैक और एक सुन्दर औरत और भी बाकि सभी प्रकार की सुविधाओं से वो कमरा भरा हुआ था।

    वकील ने कहा कि मुझे यह समझ नहीं आया कि आपने पुजारी को एक छोटा सा कमरा दिया और मुझे सारी सुविधाओं से भरा ये इतना बड़ा कमरा?

    इस पर यमदूत बोला,"साहब हमारे पास यहाँ स्वर्ग में बहुत से पुजारी है पर वकील आप पहले हैं इसलिए।"
  • जाट से होशियारी मंहगी!

    एक जाट के पड़ोस में बनिया रहता था। बनिया की बीवी गुजर गई। जाट ने सोचा बनिया के पास बहुत पैसे हैं, कुछ आमदनी की जाये।

    जाट छाती पीटता हुआ बनिये के घर जा कर रोते हुए कहने लगा, "मेरा तुम्हारी बीवी से बहुत प्यार था। मैं उसके बिना कैसे जीऊंगा, मुझे भी इसके साथ जला आओ।"

    बनिया हाथ जोड़ कर बोला, "चौधरी दूर- दूर से रिस्तेदार आने वाले हैं। ऐसे मत कर। बहुत बेइज्जती होगी।"

    जाट: ठीक है, एक लाख रुपए दे दे, मैं चुपचाप चला जाऊंगा।

    बनिये ने एक लाख रुपए दे दिए और जाट खुशी खुशी अपने घर चला गया।

    कुछ दिन बाद जाट की घरवाली मर गई। बनिये ने सोचा अब मौका आया है जाट से ब्याज समेत पैसे वापिस लाऊंगा।

    बनिया रोता हुआ जाट के घर जा कर बोला, "मेरा और तुम्हारी घरवाली का बहुत प्यार था। मैं भी इसके साथ मरूंगा, मने भी इसके साथ फूँक आओ।"

    यह सुनकर जाट अपने लड़कों से बोला, "छोरो, थारी माँ कहे तो करै थी कि मेरा एक बनिये तै प्यार है। अच्छा तो ये ही है वो बनिया, फूँक आओ इस ने भी अपनी माँ के साथ।"

    बनिया: चौधरी माफ कर दे। मैं तो मजाक कर रहा था।

    जाट: ठीक है, दो लाख रुपये ले आ, वरना लड़के तनै फूकण नै तैयार खड़े हैं।