• थप्पड़ और निंदा!

    संता ने बंता को थप्पड़ मार दिया।
    बंता ने तुरंत कड़े शब्दों में इसकी निंदा कर दी।

    संता ने बंता को फिर थप्पड़ मारा।
    बंता ने और कड़े शब्दों में इसकी निंदा कर दी।

    संता ने बंता को फिर से थप्पड़ मारा।
    बंता ने और कड़े शब्दों में इसकी निंदा की और इन हरकतों से बाज आने की चेतावनी जारी कर दिया।

    संता ने बंता को फिर थप्पड़ मारा।
    बंता ने इसे निंदनीय कृत्य निरूपित किया और कहा कि यह हमला संता के हताशा का परिचायक है।

    संता ने बंता को फिर से थप्पड़ मारा।
    अबकी बार बंता ने अपने चारों ओर सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश जारी कर दिया, और दो टूक शब्दों में संता को बता दिया कि यह हमला कायराना हरकत है।

    संता ने बंता को फिर से थप्पड़ मारा।
    अबकी बार बंता ने फौरन मीटिंग बुला कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश जारी कर दिया और संता को उचित समय पर कार्यवाही की चेतावनी दी।

    संता ने बंता को फिर से थप्पड़ मारा।
    अबकी बार बंता अपने सुरक्षा कर्मियों को संता के घर के चारों तरफ तैनात की हमले के लिए तैयार रहने का निर्देश देता है।

    संता माहौल को भांप कर बंता को शांति वार्ता के लिए नियंत्रण देता है।

    अगले दिन बंता संता की बीवी के लिए सूट का कपड़ा, शाल तथा बच्चों के लिए मिठाई लेकर शांतिवार्ता के लिए पहुंच जाता है, वार्ता सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न होती है।

    बंता सीना फुलाकर वापस आ जाता है।

    अगले दिन बंता को फिर थप्पड़ पड़ता है और मेरे पास घटना का वर्णन करने के लिए शब्द खत्म हो गये, लेकिन सिलसिला जारी है।
  • यह कैसी फितरत?

    एक आदमी एक गाड़ी के ऐक्सिडेंट का चश्मदीद गवाह था। उसे अदालत बुलाया गया। वकील और गवाह के बीच सवाल-जवाब का सिलसिला शुरू हुआ।

    वकीलः क्या तुमने सच में ऐक्सिडेंट देखा?

    गवाहः जी हां।

    वकीलः जब ऐक्सिडेंट हुआ, तो तुम उस जगह से कितनी दूरी पर खड़े थे?

    गवाहः 30 फुट और सवा 6 इंच।

    वकीलः क्या तुम बता सकते हो कि तुम इस दूरी को इतनी प्रमाणिकता से कैसे कह सकते हो?

    गवाहः क्योंकि जब ऐक्सिडेंट हुआ, तो मैंने उसी वक्त उस दूरी को इंच टेप से नाप लिया था। मैं जानता था कि कोर्ट में कोई बेवकूफ वकील इस प्रश्न को जरूर पूछेगा।
  • यह कैसी गोली है?

    एक आदमी नाई की दुकान पर दाढ़ी बनवाने गया। जब नाई उसके चेहरे पर ब्रश से बढ़िया क्रीम से उतना ही बढ़िया झाग बना रहा था तो उस आदमी ने अपने चेहरे के पिचके गालों की ओर इशारा करते हुए बोला, "मेरे गालों के इस गड्ढे के कारण दाढ़ी बढ़िया नहीं बन पाती और कुछ बाल छूट जाते हैं।"

    आगे से नाई बोला, "कोई बात नहीं, मेरे पास इसका इलाज है।" उसने पास के दराज में से लकड़ी की एक छोटी से गोली निकाली और उसे देते हुए बोला, "इसे अपने मुँह में मसूड़ों और गाल के बीच रख लो।"

    उस आदमी ने वह गोली मुँह में रख ली जिससे उसका गाल फूल गया और नाई ने उसकी अब तक की सबसे शानदार, सबसे बढ़िया दाढ़ी बनाई।

    गोली उसके मुह में ही फंसी हुई थी, इसलिए उस आदमी ने कठिनाई से बोलते हुए पूछा, "यदि यह गोली गलती से उसके पेट में चली जाए तो?"

    नाई बोला, "कोई बात नहीं। कल लेते आना, जैसे कि बहुत से लोग अब तक लेते आए हैं।"
  • उल्टा-पुल्टा!

    एक बार एक आदमी के घोड़े को कब्ज़ हो गयी तो वह जानवरों के डॉक्टर के पास गया बोला, "डॉक्टर साहब मेरे घोड़े को बहुत ही बुरी तरह से कब्ज़ हो गयी है, जिस वजह से वह ठीक तरह से शौच भी नहीं जा पा रहा है।"

    आदमी की बात सुन कर डॉक्टर ने उसे एक गोली दी और बोला, "यह लो यह पेट साफ़ करने की गोली है, तुम इसे पशुओं को दवाई देने वाली नली में रख कर इसका एक सिरा घोड़े के मुंह में डाल देना और दूसरी तरफ से फूंक मार देना ताकि गोली घोड़े के पेट में चली जाए, और कुछ देर बाद ही तुम देखोगे की घोड़े के शौच एकदम सामान्य हो जायेंगे और उसका पेट भी बिल्कुल साफ़ हो जाएगा।"

    डॉक्टर की बात सुन आदमी दवाई लेकर घर चला गया।

    कुछ देर बाद जब डॉक्टर अपने चिकित्सालय में बैठा था तो आदमी बदहवास सा अपना पेट पकडे डॉक्टर के पास आया, जिसे देख कर डॉक्टर ने उस से पूछा, "अरे भाई क्या हुआ तुम्हारी तो हालत बड़ी ही खराब लग रही है?"

    आदमी: अरे डॉक्टर साहब क्या बताऊँ ये सब घोड़े को दवाई देने के चक्कर में हो गया।

    डॉक्टर: वो कैसे?

    आदमी: अरे डॉक्टर साहब आपने घोड़े को दवाई देने का जो तरीका बताया था, मैंने बिल्कुल वैसा ही किया बस किस्मत ही खराब थी की मेरे से पहले घोड़े ने फूँक मार दी।