• जैसे को तैसा!

    एक बार एक डॉक्टर रात को सोया हुआ था। रात को अचानक डॉक्टर की नींद खुली उसने देखा कि उसका टॉयलेट पूरी तरह से ब्लॉक हो गया है।

    उसने अपनी पत्नी से कहा, "मैं अभी प्लम्बर को बुलाता हूं।"

    पत्नी ने पूछा, "तुम प्लम्बर को रात को तीन बजे बुलाओगे?"

    डॉक्टर: हाँ क्यों नहीं, मैं तो बुलाऊंगा। हम भी तो जाते हैं रात को अगर कोई मरीज बीमार हो जाये।

    उसने प्लम्बर को फोन किया, शिकायत की और उसे रात को ही आने को कहा। प्लम्बर ने सुबह आने को कहा तो डॉक्टर ने फिर से वही बात कही, "अगर मैं रात को मरीज देखने जा सकता हूं तो तुम क्यों नहीं आ सकते?"

    रात को करीब 3:30 बजे प्लम्बर आंखों को मसलता हुआ पहुंचा। डॉक्टर ने उसे टॉयलेट दिखाया।

    प्लम्बर बाहर गया, वहां कुछ गोलियां पड़ी हुई थी। उसने दो गोलियां उठा कर टॉयलेट में डाल दी और डॉक्टर से कहा, "अगर कोई फर्क नहीं पड़े तो सुबह फिर से मुझे कॉल कर लेना।
  • सौ जमात की पढ़ाई!

    एक बै शगाई आले लड़का देखण आ रे थे।

    लड़की के बाप ने लड़के के दादा ते पुछेया: चौधरी शाब, छोरा कौथी (किस) जमात में पढ़ै सै?

    ताऊ: भाई, न्यूं तै बेरा ना अक कौथी में पढ़ै सै, पर छोरा पूरी सौ जमात पढ़ रहया सै।

    "सौ जमात? न्यूं किक्कर चौधरी?"

    "भाई आठ जमात तै म्हारे गाम के श्कूल (Middle School) में पाश करी। फेर बड्डे श्कूल (High School) में दस जमात (Matric) पाश करी। अठारह जमातां तो यो हो गी।"

    "ओर बाकी?"

    "भाई रे, बाकी ब्याशी (B.Sc) जमातां उसनै हिशार के जाट कालेज ते पाश करी। न्यू हो गया पूरा सैंकड़ा।"
  • जीवन रक्षक!

    एक लड़का एक कोचिंग सेंटर में प्री-मेडिकल-टेस्ट की तैयारी कर रहा था।

    फिजिक्स उस लड़के को बिलकुल समझ में नहीं आता था और सारे लेक्चर उसके सिर के ऊपर से निकल जाते थे।

    एक दिन उसने टीचर से पूछा, "सर, हम लोग यहाँ डॉक्टर बनने की तैयारी करने आए हैं वैज्ञानिक बनने की नहीं, फिर हमें फिजिक्स क्यों पढ़ना पड़ता है?"

    टीचर ने मुस्कुरा कर कहा, "फिजिक्स मेडिकल साइंस के लिए बड़ा उपयोगी विषय है। यह लोगों की ज़िन्दगी बचाने में मदद करता है।"

    लड़के ने हलके से व्यंग्यात्मक अंदाज़ में कहा, "अच्छा, वो कैसे सर? ज़रा हमें भी तो बताईये कि फिजिक्स से लोगों की जिंदगी कैसे बचाई जा सकती है?"

    टीचर ने जवाब दिया, "तुम जैसे गधों को मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने से रोक कर।"
  • हो गया पोपट!

    एक आदमी एक दस साल के लड़के के साथ नाई की दुकान पर पहुंचा और बोला कि उसे पास ही कहीं जरुरी काम से जाना है। इसलिये वो पहले उसकी कटिंग कर दें। नाई ने उसकी कटिंग कर दी तो उसने बालक को अपने स्थान पर कुर्सी पर बिठाया, उसके सिर पर प्यार से हाथ फ़ेरा और कहा, "आराम से कटिंग कराना, अंकल को तंग न करना।" इतना कहकर वो वहां से चला गया।

    नाई ने लड़के की कटिंग की, उसे कुर्सी से उतारा और कहा, "तू उधर बैठ जा, बेटा, तेरे डैडी अभी आते होंगे।"

    लड़का: वो मेरे डैडी थोड़े ही थे।

    नाई: तो अंकल होंगे, बेटा।

    लड़का: नहीं।

    नाई: तो कौन थे वो?

    लड़के: मुझे क्या पता कौन थे, मैं तो गली में खेल रहा था कि वो आकर बोले कि फ़्री में कटिंग करायेगा? मैंने कहा, "कराऊंगा" और मैं उसके साथ यहां चला आया।