• प्यार क्या होता है?

    एक लड़की ने शर्माते हुए अपने पूछा, "ये प्यार क्या होता है?"

    लड़के ने सोचा कि लड़की पर अपना इम्प्रैशन ज़माने का यही मौका है तो उसने जवाब दिया, "प्यार का रिश्ता दो इंसानों में वही होता है जो सीमेंट और रेत के बीच पानी का होता है।

    जैसे कि...

    लड़का = सीमेंट है, लड़की = रेत और प्यार = पानी, अब अगर सीमेंट और रेत को आपस में मिला दिया जाए तो वो स्ट्रांग नहीं होंगे लेकिन अगर इसमें पानी भी मिला दिया जाए तो कोई इनको जुदा नहीं कर सकता।"

    लड़के का यह जवाब सुन लड़की हँसते हुए बोली, "कमीने तू शक्ल से ही मजदूर लगता है।"
  • कहानी से सबक!

    स्कूल में टीचर ने चौथी क्लास के बच्चों को होमवर्क दिया।
    "कोई स्टोरी सोच के आना और फिर क्लास को बताना कि उससे हमें क्या सबक मिलता है?"

    अगले दिन एक बच्चे ने क्लास में स्टोरी सुनाई:
    "मेरा बापू कारगिल की जंग में लड़ा। उस के हेलीकॉप्टर को दुश्मनों ने मार गिराया। वो दारू की एक बोतल के साथ पहले ही हेलिकॉप्टर से कूद गया लेकिन बार्डर के पार दुश्मनों के इलाके में जा गिरा। जहां कि उस को घेरने के लिए दुश्मनों की फौज दौड पड़ी।

    बापू ने गटागट दारू की बोतल पीकर खाली की और अपनी बंदूक संभाल ली। दुश्मन के सौ फौजियों ने आ कर उसे घेर लिया तो उसने तड़ातड़ गोलियां चला कर दुश्मन के सत्तर फौजी मार ड़ाले। फिर उसकी गोलियां खत्म हो गयीं तो उसने बंदूक पर लगी किर्च से दुश्मन के बीस फौजी मार गिराये। तब उसने बंदूक फेंक दी और निहत्थे ही बाकी के दस और दुश्मन फौजी मार गिराये और फिर टहलता हुआ बार्डर पार कर के अपने इलाके में आ गया।"

    टीचर भौंचक्का सा उसका मुँह देखने लगा, फिर वैसा ही भौंचक्का सा बोला, "कहानी बढिया है, लेकिन इस से हमें सबक तो कोई नहीं मिलता।"

    "मिलता है न।" बच्चा शान से बोला।

    "क्या सबक मिलता है?" टीचर ने पूछा।

    "यही कि बापू टुन्न हो तो उस से पंगा नहीं लेने का।"
  • जैसे प्रभु की इच्छा!

    घने जंगल से गुजरती हुई सड़क के किनारे एक ज्ञानी गुरु अपने चेले के साथ एक बोर्ड लगाकर बैठे हुए थे, जिस पर लिखा था,
    "ठहरिये... आपका अंत निकट है। इससे पहले कि बहुत देर हो जाये, रुकिए! हम आपका जीवन बचा सकते हैं।"

    एक कार फर्राटा भरते हुए वहाँ से गुजरी। चेले ने ड्राईवर को बोर्ड पढ़ने के लिए इशारा किया। ड्राईवर ने बोर्ड की तरफ देखा और भद्दी सी गाली दी और चेले से यह कहता हुआ निकल गया, "तुम लोग इस बियाबान जंगल में भी धंधा कर रहे हो, शर्म आनी चाहिए।"

    चेले ने असहाय नज़रों से गुरूजी की ओर देखा।

    गुरूजी बोले, "जैसे प्रभु की इच्छा।"

    कुछ ही पल बाद कार के ब्रेकों के चीखने की आवाज आई और एक जोरदार धमाका हुआ।

    कुछ देर बाद एक मिनी-ट्रक निकला। उसका ड्राईवर भी चेले को दुत्कारते हुए बिना रुके आगे चला गया।

    कुछ ही पल बाद फिर ब्रेकों के चीखने की आवाज़ और फिर धड़ाम।

    गुरूजी फिर बोले, "जैसी प्रभु की इच्छा।"

    अब चेले से रहा नहीं गया और वह बोला, "गुरूजी, प्रभु की इच्छा तो ठीक है पर कैसा रहे यदि हम इस बोर्ड पर सीधे-सीधे लिख दें कि 'आगे पुलिया टूटी हुई है'।"
  • यमराज से मस्ती!

    यमलोक के दरवाजे पर दस्तक हुई तो यमराज ने जाकर दरवाजा खोला।

    उन्होंने बाहर झांका तो एक मानव को सामने खड़ा पाया। यमराज ने कुछ बोलने के लिए मुंह खोला ही था कि वह एकाएक गायब हो गया।

    यमराज चौंके और फिर दरवाज़ा बंद कर लिया। यमराज अभी वापस मुड़े ही थे कि फिर दस्तक हुई। उन्होंने फिर दरवाजा खोला। उसी मानव को फिर सामने मौजूद पाया, लेकिन वह आया और फिर गायब हो गया।

    ऐसा तीन-चार बार हुआ तो यमराज अपना धैर्य खो बैठे और अबकी बार उसे पकड़ ही लिया और पूछा, "क्या बात है भाई, क्या ये आना-जाना लगा रखा है। मुझसे पंगा ले रहे हो?"

    मानव ने बड़ी सहजता पूर्वक जवाब दिया, "अरे नहीं महाराज, दरअसल मैं तो वैंटीलेटर पर हूं और यह डॉक्टर लोग ही हैं जो आपसे मस्ती कर रहे हैं।"