• प्रेम पत्र!

    एक सुन्दर युवती दवाईयों की एक दुकान के सामने काफी देर तक खडी थी। भीड़ छटने का इंतज़ार कर रही थी। दुकान का मालिक उसे शक की नजर से घूर रहा था।

    बहुत देर बाद जब दुकान मे कोई ग्राहक नही बचा, तो वह लड़की दुकान मे आयी।

    एक सेल्समन को धीरे से एक किनारे बुलाया।

    दुकान मालिक अब और भी ज्यादा चौकन्ना हो गया।

    लड़की ने धीरे से एक कागज़ सेल्समन की ओर बढाया और धीरे से फुसफुसायी,

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    "भैया, मेरी एक डॉक्टर के साथ शादी तय हो गयी है। आज उनकी पहली चिठ्ठी आयी है। थोडा पढ़कर सुनायेंगे क्या?
  • दामाद और ससुराल दौरा!

    सभी माननीय दामादों की ससुराल दौरे से जुड़ी आवश्यक जानकारी जनहित में जारी

    पहली बार:
    पूरी, 2 सब्ज़ी, चिकन या मटन ( दामाद जी की इच्छानुसार ), फिश फ्राई, रायता,सलाद, मिठाई और अंत में जबरदस्ती दो मिठाई।

    दूसरी बार:
    पूरी, 1 सब्ज़ी, चिकन ( बिना दामाद जी को पूछे),गोभी फ्राई, सलाद, मिठाई

    तीसरी बार:
    पराठा-सब्ज़ी, भिंडी फ्राई, प्याज-टमाटर काट कर और हलवा

    चौथी बार:
    पराठा-आलू का भुजिया सब्ज़ी, प्याज-टमाटर काट कर, और खाना परोसते हुए पूछा जाएगा कि चिकन बनाएँ क्या?

    पांचवी बार
    जल्दी मे लगते हैं, खाना भी खायेंगे क्या?

    छठी बार:
    अरे बाद में बैठिये पहले मुन्नू को स्कूल छोड़ आएये और लौटते समय सब्ज़ी लेते आना फिर खाना बनेगा।
  • चौधरी का हिसाब!

    एक बै एक चौधरी साहब की लाटरी लाग गी, अर लाटरी भी थोड़ी नहीं, पूरे 50 करोड़ की लागी। पूरे गोहान्ड मै रुक्का पङग्या अर मीडिया आले चौधरी कै पाच्छै पाच्छै चक्कर काटैं। एक मीडिया आला चौधरी कै मुह आगै माईक लगा कै बोल्या, 'चौधरी साहब। आप नै के बेरा लाग्या के इस नम्बर पै ऐ लाटरी लागै गी?"

    चौधरी: जब मैं पहली रात नै सोया तो मन्नै सूपने मैं 8 दिख्या। अर दूसरी रात नै सोया तो सूपने मै 9 दिख्या। मन्नै 8 अर 9 की गुणा करकै 53 नम्बर पै लाटरी लगा दी।
    मीडिया आला ( अचम्भे मै ): रै चौधरी साहब। यो के कर्या आप नै। 8 अर 9 की गुणा तो 72 होव सै।

    चौधरी: रै बावलीबूच। तेरै हिसाब तै चालदा तो लाग ली थी लाटरी।
  • केलकुलेटर का धोखा!

    एक डॉक्टर के पास एक बेहाल मरीज़ गया।

    मरीज़: डॉ. साहब पेट में बहुत दर्द हो रहा है।

    डॉ: अच्छा, ये बताओ आखिरी बार खाना कब खाया था?

    मरीज़: खाना तो रोज ही खाता हूँ।

    डॉ: अच्छा-अच्छा, (2 ऊँगली उठाते हुए ) आखिरी बार कब गए थे?

    मरीज़: जाता तो रोज ही हूँ पर होता नहीं है।

    डॉकटर समझ गए कि कब्ज़ है। अन्दर बहुत सारी बोतलें पड़ी थी उस में से एक उठा लाये और साथ ही केल्क्युलेटर भी लेते आये। फिर पूछा, "घर कितना दूर है तुम्हारा?"

    मरीज़: 1 किलोमीटर।

    डॉक्टर ने केलकुलेटर पे कुछ हिसाब किया और फिर बोतल में से चार चम्मच दवाई निकाल कर एक कटोरी में डाली।

    डॉ: गाडी से आये हो या चल कर?

    मरीज़: चल कर।

    डॉ: जाते वक्त भाग के जाना।

    डॉक्टर ने फिर से केलकुलेटर पे हिसाब किया फिर थोड़ी दवाई कटोरी में से बाहर निकाल ली।

    डॉ: घर कौन सी मंज़िल पे है?

    मरीज़: तीसरी मंज़िल पे।

    डॉक्टर ने फिर से केलकुलेटर पे हिसाब किया फिर थोड़ी दवाई कटोरी में से और बाहर निकाल ली।

    डॉ: लिफ्ट है या सीढियाँ चढ़ के जाओगे?

    मरीज़: सीढियां।

    डॉक्टर ने फिर से केलकुलेटर पे हिसाब किया फिर थोड़ी दवाई कटोरी में से और बाहर निकाल ली।

    डॉ: अब आखिरी सवाल का जवाब दो। घर के मुख्य दरवाजे से टॉयलेट कितना दूर है?

    मरीज़: करीब 20 फुट।

    डॉक्टर ने फिर से केलकुलेटर पे हिसाब किया फिर थोड़ी दवाई कटोरी में से और बाहर निकाल ली।

    डॉ: अब मेरी फीस दे दो मुझे पहले फिर ये दवाई पियो और फटाफट घर चले जाओ, कहीं रुकना नहीं और फिर मुझे फोन करना।

    मरीज़ ने वैसा ही किया। आधे घंटे बाद मरीज़ का फोन आया और एकदम ढीली आवाज में बोला, "डॉक्टर साहब, दवाई तो बहुत अच्छी थी आपकी पर आप अपना केलकुलेटर ठीक करवा लेना। हम 10 फुट से हार गये।