• भावुक हो गया ताऊ!

    एक बार ताऊ फिल्म देखण गया, फिल्म का नाम था बॉबी, अर गाणा चाल रया था, "मैं मायके चली जाऊंगी"।

    Dimple: मैं मायके चली जाऊंगी, तुम देखते रहियो।

    ताऊ: न्यू क्यूकर चली ज्यागी, यो तेरी टांग ने तोड़ देगा।

    Rishi Kapoor: मैं दूजा ब्याह रचाउंगा

    ताऊ: येह्ह्ह्ह बात .. छोरे ने कट्या रोग

    Dimple: मैं कुवें में गिर जाउंगी।

    ताऊ: छोरे बहकाए में मत आ ज्याइये .. पाखण्ड कर रिह सै।

    Rishi Kapoor: मैं रस्सी से खिंचवाऊंगा।

    ताऊ: अरे क्या ने खिंचवावे सै..... आगे फेर सेधेगी।

    Dimple: मैं पेड़ पर चढ़ जाउंगी।

    ताऊ: टंगी रहन्दे सासु की नै।

    Rishi Kapoor: मैं आरी से कटवाऊंगा

    ताऊ: अरे तू भी मैंने तो किमे नकली सा ए लाग्या... खामखाँ अपनी बुआ नै सिर पै चढ़ा रया सै।

    Dimple: मैं मायके नहीं जाउंगी, मैं मायके नहीं जाउंगी।

    ताऊ: तावलिये होश ठिकाणे आगे
  • दिव्य ज्ञान!

    नेता का बेटा अपने पिता से बोला, "पापा मुझे भी राजनीति में आना हैं, मुझे कुछ टिप्स दो।"

    नेता: बेटा, राजनीति के तीन कठोर नियम होते हैं।

    "चलो पहला नियम समझाता हूँ", यह कहकर नेता जी ने बेटे को छत पर भेज दिया और ख़ुद नीचे आकर खड़े हो गए।

    नेता जी: छत से नीचे कूद जाओ।

    बेटा" पापा, इतनी ऊंचाई से कुदूंगा तो हाथ पैर टूट जायेंगे।

    नेता जी: बेझिझक कूद जा, मैं हूँ ना, पकड़ लूँगा।

    लड़के ने हिम्मत की और कूद गया, पर नेताजी नीचे से हट गए।

    बेटा धड़ाम से ओंधे मुंह गिरा और कराहते हुए बोला, "आपने तो कहा था मुझे पकड़ोगे, फिर हट क्यों गए?"

    नेता जी: ये हैं पहला सबक "राजनीति में अपने बाप का भी भरोसा मत करो।"
  • फ़िल्मी डॉक्टर!

    सोचो अगर डॉक्टर फिल्म बनाते तो फिल्मों के नाम क्या होते?

    कभी खांसी कभी जुखाम।

    कहो न बुखार है।

    टीवी नंबर 1।

    हम ब्लड दे चुके सनम।

    रहना है अब हॉस्पिटल में।

    बचना अय मरीजों।

    दिल तो कमजोर है।

    एक हसीना दो किडनी।

    अजब मरीजों की गजब बीमारी।
  • पतिदेव का मुरब्बा!

    पतिदेव का मुरब्बा कैसे बनाएं:

    सामग्री:
    एक पति, कर्कश वाणी, व्यंगात्मक शब्द रचना, स्वाद के लिए धमकी की पत्तियां।

    बनाने की विधि:
    सुबह-सुबह पतिदेव के ऊपर ठण्डा पानी डालकर उन्हें जगाएं।

    जब पतिदेव अच्छी तरह धुल जाएँ तब उन्हें एक दम काली, ठण्डी, बिना शक्कर की बे-जायका चाय निगलने के लिए मजबूर करें साथ ही साथ पतिदेव को धीमे-धीमे कर्कश वचनों की आंच में पकने दें। जब वह थोड़े लाल-पीले होने लगें तो उन पर ससुराल की झूठी-सच्ची मनगढंत शब्दों की व्यंगात्मक संरचना का गरम मसाला डालिए। जब पतिदेव उबलने लगें तथा प्रेशर-कुकर की सीटी की तरह खड़खड़ाने लगें तो चुपचाप पलंग पर लेट कर सिसकियां भरने लगिए। अब पतिदेव को ठण्डा होने के लिए छोड़ दीजिए। आधे घंटे बाद जब दफ्तर जाने के लिए उन्हें देर होगी तो वह खुद ही मनाने चले आएंगे। लीजिए, तैयार हो गया पतिदेव का लजीज मुरब्बा।

    अब इन्हें या तो आप फरमाइशों की चपाती के साथ चखिए या फिर आश्वासनों के ब्रेड पर लगा कर खाइए!

    वैधानिक चेतावनी: यह व्यंजन दांपत्य जीवन के लिए हानिकारक है!!!