• पत्नी की शायरी!

    पत्नी जब मायके जाती है और फिर जब पति कि याद आती है तो कैसे रोमांटिक मैसेज भेजती है:

    "मेरी मोहब्ब्त को अपने दिल में ढूंढ लेना;
    और हाँ, आटे को अच्छी तरह गूँथ लेना!

    मिल जाए अगर प्यार तो खोना नहीं;
    प्याज़ काटते वक्त बिलकुल रोना नहीं!

    मुझसे रूठ जाने का बहाना अच्छा है;
    थोड़ी देर और पकाओ आलू अभी कच्चा है!

    मिलकर फिर खुशियों को बाँटना है;
    टमाटर जरा बारीक़ ही काटना है!

    लोग हमारी मोहब्ब्त से जल न जाएं;
    चावल टाइम पे देख लेना कहीं गल न जाएं!

    कैसी लगी हमारी ग़जल बता देना;
    नमक कम लगे तो और मिला लेना!
  • कहानी से सबक!

    स्कूल में टीचर ने चौथी क्लास के बच्चों को होमवर्क दिया।

    "कोई स्टोरी सोच के आना और फिर क्लास को बताना कि उससे हमें क्या सबक मिलता है?"

    अगले दिन एक बच्चे ने क्लास में स्टोरी सुनाई:
    "मेरा बापू कारगिल की जंग में लड़ा। उस के हेलीकॉप्टर को दुश्मनों ने मार गिराया। वो दारू की एक बोतल के साथ पहले ही हेलिकॉप्टर से कूद गया लेकिन बार्डर के पार दुश्मनों के इलाके में जा गिरा। जहां कि उस को घेरने के लिए दुश्मनों की फौज दौड पड़ी।

    बापू ने गटागट दारू की बोतल पीकर खाली की और अपनी बंदूक संभाल ली। दुश्मन के सौ फौजियों ने आ कर उसे घेर लिया तो उसने तड़ातड़ गोलियां चला कर दुश्मन के सत्तर फौजी मार ड़ाले। फिर उसकी गोलियां खत्म हो गयीं तो उसने बंदूक पर लगी किर्च से दुश्मन के बीस फौजी मार गिराये। तब उसने बंदूक फेंक दी और निहत्थे ही बाकी के दस और दुश्मन फौजी मार गिराये और फिर टहलता हुआ बार्डर पार कर के अपने इलाके में आ गया।"

    टीचर भौंचक्का सा उसका मुँह देखने लगा, फिर वैसा ही भौंचक्का सा बोला, "कहानी बढिया है, लेकिन इस से हमें सबक तो कोई नहीं मिलता।"

    "मिलता है न।" बच्चा शान से बोला।

    "क्या सबक मिलता है?" टीचर ने पूछा।

    "यही कि बापू टुन्न हो तो उस से पंगा नहीं लेने का।"
  • काम वाला फ़ोन!

    फ़ोन का बहुत अधिक बिल आने पर एक आदमी ने अपने घर के सभी लोगों को बुलाया और कहने लगा।

    आदमी: देखो, मुझे इस बात पर बिल्कुल भी यकीन नही हो रहा है कि फ़ोन का इतना अधिक बिल कैसे आ सकता है? जबकि मैं तो सारे फ़ोन अपने ऑफिस के फ़ोन से करता हूँ।

    पत्नी: बिल्कुल, मैं भी! मैं तो कभी भी इस फ़ोन से फ़ोन नही करती क्योंकि मेरे पास तो अपना ऑफिस वाला फ़ोन है।

    बेटा: मुझे तो मेरी कंपनी वालों ने बिल्कुल नया फ़ोन दिया है मैं तो उसी से फ़ोन करता हूँ।

    नौकरानी: तो इसमें दिक्कत क्या है साहब? सभी अपने काम वाले फ़ोन से ही फ़ोन करते हैं।
  • चिकन - मटन या मटर पनीर!

    एक आदमी को चिकन - मटन खाने का बहुत शौंक था और वो हर शुक्रवार को चिकन और मटन बनाता था लेकिन जिस मोहल्ले में वो रहता था वहां उसके सभी पडोसी कठोर किस्म के कैथोलिक थे और उन्हे उनके धर्म गुरु ने शुक्रवार के दिन चिकन और मटन खाने के लिए मना किया था। लेकिन अपने पडोसी के घर से आने वाली चिकन और मटनकी खुशबू उन को बहुत विचलित करती थी। इसलिए उन्होने आखिर अपने धर्म गुरु से इस बारे में बात की।

    धर्म गुरु उस आदमी से मिलने के लिए उसके घर आया और उसने उसे भी धर्म परिवर्तन करने की सलाह दी। उस धर्मगुरुके और अपने पडोसियोंके बहुत मनाने और समझाने बुझाने के बाद आदमी रविवार को चर्च में उनकी प्रार्थना सुनने चला गया। फिर अचानक उस धर्म गुरु ने आदमी के शरीर पर पवित्र पानी छिडका और कहा, ''तुम जनम से जो थे और जो भी बन कर बडे हुए उसे भूल जाओ, अब तुम कैथोलिक हो।"

    उस आदमी के सभी पडोसी बहुत खुश थे - लेकिन सिर्फ अगला शुक्रवार आने तक ही।

    अगले शुक्रवार की रात फिर से आदमी के घर से चिकन और मटन कबाब की खुशबू सारे मोहल्ले में फैल गई। पडोसियों ने तुरंत धर्म गुरु को बुलाया। धर्म गुरु जब आदमी के घर के पिछवाडे से उसके घर में दाखिल हुए और उसे डांटने के लिए तैयार ही थे, तब वे अचानक रुक गए और आश्चर्य से आदमी की तरफ देखने लगे।

    वो आदमी छोटी सी पानी की बोतल पकडकर खडा था। उसने वह पानी चिकन और मटन पर छिड़का और बोला, "तुम जनम से चाहे चिकन और मटन थे, और चिकन और मटन बन कर ही बडे हो गए, लेकिन अब मटर और पनीर हो।"