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हमेशा बोलना ज़रूरी नहीं!

कार वाले को ट्रैफिक पुलिस ने रोका और पूछा: क्यों, आपने कार के सामने की बत्तियाँ क्यों नहीं जलाई हैं?

कार वाला: बात यह है कि हवालदार साहब, अभी-अभी गाड़ी एक ट्रक से टकरा गई और दोनों ही बत्तियाँ फूट गई।

ट्रैफिक पुलिस वाले: अच्छा तुम्हारा लाइसेंस कहाँ है?

कार वाला: वह अभी निकालना है।

ट्रैफिक पुलिस: ठीक है, एक साथ दो अपराध करने के कारण मुझे आपको गिरफ्तार करना पड़ेगा।

तभी कार वाले की पत्नी बोली: रुकिए हवालदार साहब। इनकी बातों पर ध्यान मत दीजिए। जब यह अधिक पी लेते हैं तो ऐसी ही बातें करते हैं।

परमात्मा का शुक्र है!

ज़िंदगी में पहली बार तीन मित्र किसी के यहाँ मातम के लिए गए। जब कुछ देर चुप बैठे हो गई तो मरने वाले के बाप से पूछा: आखिर आपके बेटे की मौत हुई कैसे?

जवाब मिला: उससे गलती से बंदूक का घोड़ा दब गया था, गोली लगी और मर गया।

तभी दुसरे ने पूछा: गोली कहाँ लगी थी?

जवाब मिला: आँख के नीचे।

तभी तीसरा मित्र बोला: परमात्मा का शुक्र है, गोली आँख के नीचे ही लगी वरना आँख चली जाती।

फ़ालतू की बकवास!

एक सिनेमा घर में कोई किशोर किशोरी लगभग आधा समय आपस में ही बातें करते रहे।

उनके पास बैठे दर्शकों को यह बहुत बुरा लग रहा था। जब एक दर्शक से रहा ना गया तो बोल उठा, "क्या तोते की तरह टांय-टांय लगा रखी है, कभी चुप ही नहीं होते।"

इस पर किशोर ने बिगड़कर कहा, "क्या आप हमारे बारे में कह रहे हैं?"

उत्तर मिला: जी नहीं, फ़िल्म वालों को कह रहा हूँ। शुरू से ही बकवास करे जा रहे हैं। आपकी बातों का एक भी शब्द सुनने नहीं दिया।'

चूँकि मैं एक पुरुष हूँ!

चूँकि मैं एक पुरुष हूँ, जब मैं अपनी कार की चाबी कार के अंदर भूल जाता हूँ तो मैं बजाये इसके कि सर्विस सेंटर वालों को बुलाऊँ मैं खुद ही कपडे सुखाने वाले हेंगर के तार से कार का दरवाज़ा खोलने की तब तक कोशिश करता रहूँगा जब तक कि दरवाज़े का ताला पूरी तरह से खराब नहीं हो जाता या मैं पूरी तरह से पस्त नहीं हो जाता।

चूँकि मैं एक पुरुष हूँ, अगर मेरी कार ठीक से स्टार्ट नहीं होती तो मैं उसका बोनट खोल कर उसके इंजन में तांक-झांक करता हूँ। इस बीच कहीं से कोई दूसरा पुरुष प्रकट होता है और वो भी इंजन में इधर-उधर हाथ लगा कर देखता है, फिर हममें से कोई एक बोलता है कि मैं इन चीज़ों को बड़े आराम से ठीक कर लेता था पर आज कल सारी चीज़ें कम्प्युटराइज़ आ रहीं हैं तो पता ही नहीं चलता कि कहाँ से शुरू करूँ और फिर आखिरकार हम मैकेनिक का इंतज़ार करते हैं।

चूँकि मैं एक पुरुष हूँ, अत: घर में अगर कोई उपकरण खराब हो जाता है तो मैं उसे तुरंत खोल कर ठीक करने बैठ जाता हूँ। जबकि मेरे पुराने अनुभवों में मेरे द्वारा खोले गए उपकरण कभी ठीक नहीं हुए बल्कि हमेशा मैकेनिक ने उसे ठीक करने के लिए दोगुणा पैसे वसूलें हैं क्योंकि छोटी सी खराबी को मैं बहुत बड़ा देता हूँ।

चूँकि मैं एक पुरुष हूँ, अत: टीवी देखते हुए रिमोट कंट्रोल हमेशा मेरे हाथ में ही होना चाहिए। हाँ, यह अलग बात है कि मुझे चैनल बदलने के लिए इज़ाज़त लेनी पड़ती है।

चूँकि मैं एक पुरुष हूँ, इसलिए मुझे किसी से रास्ता पूछने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि मैं समझता हूँ कि मैं कभी रास्ता भूल ही नहीं सकता। चाहे इस चक्कर में मैं कितना भी खो जाऊं।

चूँकि मैं एक पुरुष हूँ और यह इक्कीसवीं सदी है अत: घेरलू कार्य में मैं तुम्हारा बराबर का हाथ बटाऊंगा। तुम कपडे धोना, खाना बनाना, घर की सफाई करना और घर के लिए शॉपिंग करना बाकी का सारा काम मैं अख़बार पढ़ते या टीवी देखते निपटाऊंगा!

Quotes

​​जितना कठिन आप काम करते जाते है, उतना ही वह आपके सामने आत्मसमर्पण करता जाता है।

Trivia

Leonardo da Vinci invented scissors.

Graffiti

Gravity isn't easy, but it's the law.