• गलतफहमी!

    एक औरत हाथ में हथौड़ा लिये अपने बेटे के स्कूल में पहुंची और चपरासी से पूछ्ने लगी, "शुक्ला सर की क्लास कौन सी है?"

    "क्यों पूछ रही हैं?" हथौड़े को देखकर चपरासी ने डरते हुए पूछा।

    "अरे वो मेरे बेटे के क्लास टीचर है।" हथौड़ा हिलाते हुए वो औरत उतावलेपन से बोली।

    चपरासी ने दौड़कर शुक्ला सर को खबर दी, कि एक औरत हाथ में हथौड़ा लिये आपको ढूंढ रही है। शुक्ला सर के छक्के छूट गये। वो दौड़कर प्रिसिंपल की शरण में पहुंचे। प्रिंसिपल तत्काल उस औरत के पास पहुंचा और विनय पूर्वक बोला, "कृपया करके आप शांत हो जाईये।"

    "मै शांत ही हूं।" वो औरत बोली।

    प्रिंसिपल: आप मुझे बताईये कि बात क्या है?

    औरत: बात कुछ भी नही हैं। मैं बस शुक्ला सर की क्लास में जाना चाहती हूं।

    प्रिंसिपल: लेकिन क्यों?

    औरत: क्यों, क्योंकि मुझे वहाँ उस बेंच की कील ठोकनी है, जिस पर मेरा बेटा बैठता है। क़ल वो स्कूल से तीसरी पेंट फ़ाड़ कर आया है।
  • औरत के कान!

    एक आदमी ने दुर्घटना में दोनों कान खो दिए, कोई भी प्लास्टिक सर्जन उसका समाधान नहीं कर पाया, उसने किसी से सुना कि स्वीडन में कोई सर्जन है जो इसे ठीक कर सकता है और वो उसके पास गया।

    नए सर्जन ने उस कि जांच की, थोड़ी देर सोचा और फिर कहा, मैं तुम्हें ठीक कर दूंगा।

    ओप्रशन के बाद पट्टियां खोली गयी, टांके भी खोल दिए गए और वो वापिस अपने होटल चला गया।

    अगली सुबह उसने बहुत गुस्से में सर्जन को फ़ोन किया और जोर से चिल्लाया कमीने तुमने मुझ में औरत का कान लगाया है।

    सर्जन ने कहा, तो क्या हुआ कान तो कान है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, औरत का हो या मर्द का।

    ऐसा नहीं है, आप गलत बोल रहे हैं, मैं सुन तो सब कुछ सकता हूँ, पर समझ में कुछ भी नहीं आ रहा है।
  • मिल गया जवाब?

    एक बूढ़े आदमी ने सोचा कि उसकी बीवी को शायद सुनना कम हो गया है। यह चेक करने के लिए एक दिन वो उसके पीछे गया और बोला, "जानू, क्या तुम मुझे सुन रही हो?"

    कोई जवाब नहीं आया। वो थोडा सा और आगे गया और फिर बोला, "जानू, क्या तुम मुझे सुन रही हो?"

    इस बार भी कोई जवाब नहीं आया। वो बिलकुल उसके करीब चला गया और बोला, "जानू, क्या तुम मुझे सुन रही हो?"

    बूढी चिल्लाते हुए बोली, "साले बहरे, तीसरी बार हाँ बोल रही हूँ। अब फिर पूछा तो तेरा सिर फोड़ दूंगी।"
  • पत्नी और कामवाली!

    अगर आप पत्नी और कामवाली बाई के बीच के वार्तालाप पर गौर करें तो काफी सारे "वन-लाइनर्स" ऐसे होते हैं मानो एक प्रेमिका अपने प्रेमी से बात कर रही हो।

    जैसे कि...

    सुनो, कल टाइम से आ जाना हाँ।

    कल दो बार आ जाना, देखो मैं इंतज़ार करूंगी, धोखा मत दे देना ऐन टाइम पे।

    मैं कब से तुम्हारा इंतज़ार कर रही थी। आज बहुत देर कर दी, कल थोड़ा जल्दी आ जाना।

    और सबसे क्लासिक, "देखो जब भी छोड़ना हो तो पहले से बता देना, एकदम से मत छोड़ना ताकि मैं दूसरा इंतजाम कर सकूं।"