• फ़िल्मी डॉक्टर!

    सोचो अगर डॉक्टर फिल्म बनाते तो फिल्मों के नाम क्या होते?

    कभी खांसी कभी जुखाम।

    कहो न बुखार है।

    टीवी नंबर 1।

    हम ब्लड दे चुके सनम।

    रहना है अब हॉस्पिटल में।

    बचना अय मरीजों।

    दिल तो कमजोर है।

    एक हसीना दो किडनी।

    अजब मरीजों की गजब बीमारी।
  • पतिदेव का मुरब्बा!

    पतिदेव का मुरब्बा कैसे बनाएं:

    सामग्री:
    एक पति, कर्कश वाणी, व्यंगात्मक शब्द रचना, स्वाद के लिए धमकी की पत्तियां।

    बनाने की विधि:
    सुबह-सुबह पतिदेव के ऊपर ठण्डा पानी डालकर उन्हें जगाएं।

    जब पतिदेव अच्छी तरह धुल जाएँ तब उन्हें एक दम काली, ठण्डी, बिना शक्कर की बे-जायका चाय निगलने के लिए मजबूर करें साथ ही साथ पतिदेव को धीमे-धीमे कर्कश वचनों की आंच में पकने दें। जब वह थोड़े लाल-पीले होने लगें तो उन पर ससुराल की झूठी-सच्ची मनगढंत शब्दों की व्यंगात्मक संरचना का गरम मसाला डालिए। जब पतिदेव उबलने लगें तथा प्रेशर-कुकर की सीटी की तरह खड़खड़ाने लगें तो चुपचाप पलंग पर लेट कर सिसकियां भरने लगिए। अब पतिदेव को ठण्डा होने के लिए छोड़ दीजिए। आधे घंटे बाद जब दफ्तर जाने के लिए उन्हें देर होगी तो वह खुद ही मनाने चले आएंगे। लीजिए, तैयार हो गया पतिदेव का लजीज मुरब्बा।

    अब इन्हें या तो आप फरमाइशों की चपाती के साथ चखिए या फिर आश्वासनों के ब्रेड पर लगा कर खाइए!

    वैधानिक चेतावनी: यह व्यंजन दांपत्य जीवन के लिए हानिकारक है!!!
  • शादी क्या है?

    1. शादी एक खुली जेल है, जिसके बंधन में आजीवन रहना होता है।

    2. शादी एक ऐसी साझेदारी है, जिसमें पूँजी पति लगाता है और लाभ पत्नी को होता है।

    3. शादी एक ऐसी कहानी है, जो झील के किनारे से शुरू होकर ज्वालामुखी के पहाड़ पर समाप्त होती है।

    4. शादी एक ऐसी जोड़ी है, जिसमे प्रेम होता है, चूंकि प्रेम अंधा होता है, इसलिये यह अंधों की जोड़ी है।

    5. शादी एक ऐसा आयोजन है, जिसे महिलाएं पुरूषों को लूटने के लिए आयोजित करती हैं।

    6. शादी एक ऐसी किताब है, जिसका पहला भाग पद्य में तथा शेष गद्य में होते हैं।

    7. शादी एक ऐसा मिलन है, जो अच्छे मित्रों की तरह रहने के इरादे से शुरू किया जाता है और दिन-ब-दिन ये इरादे बदलते जाते हैं।

    8. शादी एक ऐसा प्रमाण है, जिसके बाद ही आदमी मानता है कि कुँवारे ही भले थे।

    9. शादी जीवन का एक ऐसा मोड़ है, जिसमें लड़की की सब चिंतायें समाप्त हो जाती हैं और लड़के की शुरू हो जाती हैं।

    10. शादी ही वह संस्कार है, जिसे करने के बाद आदमी को ज्ञान होता है कि नर्क पृथ्वी पर ही है।

    11. शादी एक शब्द नहीं, एक वाक्य है।

    12. शादी वो ज़ख्म है जिसमे चोट से पहले हल्दी लगायी जाती है।
  • जैसे प्रभु की इच्छा!

    घने जंगल से गुजरती हुई सड़क के किनारे एक ज्ञानी गुरु अपने चेले के साथ एक बोर्ड लगाकर बैठे हुए थे, जिस पर लिखा था,
    "ठहरिये... आपका अंत निकट है। इससे पहले कि बहुत देर हो जाये, रुकिए! हम आपका जीवन बचा सकते हैं।"

    एक कार फर्राटा भरते हुए वहाँ से गुजरी। चेले ने ड्राईवर को बोर्ड पढ़ने के लिए इशारा किया। ड्राईवर ने बोर्ड की तरफ देखा और भद्दी सी गाली दी और चेले से यह कहता हुआ निकल गया, "तुम लोग इस बियाबान जंगल में भी धंधा कर रहे हो, शर्म आनी चाहिए।"

    चेले ने असहाय नज़रों से गुरूजी की ओर देखा।

    गुरूजी बोले, "जैसे प्रभु की इच्छा।"

    कुछ ही पल बाद कार के ब्रेकों के चीखने की आवाज आई और एक जोरदार धमाका हुआ।

    कुछ देर बाद एक मिनी-ट्रक निकला। उसका ड्राईवर भी चेले को दुत्कारते हुए बिना रुके आगे चला गया।

    कुछ ही पल बाद फिर ब्रेकों के चीखने की आवाज़ और फिर धड़ाम।

    गुरूजी फिर बोले, "जैसी प्रभु की इच्छा।"

    अब चेले से रहा नहीं गया और वह बोला, "गुरूजी, प्रभु की इच्छा तो ठीक है पर कैसा रहे यदि हम इस बोर्ड पर सीधे-सीधे लिख दें कि 'आगे पुलिया टूटी हुई है'।"