• एक पति का पत्नी को मैसेज!

    मेरी प्यारी बेगम।

    सवाल कुछ भी हो।

    जवाब तुम ही हो।

    रास्ता कोई भी हो।

    मंजिल तुम ही हो।

    दुःख कितना ही हो।

    ख़ुशी तुम ही हो।

    अरमान कितना ही हो।

    आरजू तुम ही हो।

    गुस्सा जितना भी हो।

    प्यार तुम ही हो।

    ख्वाब कोई भी हो।

    ताबीर तुम ही हो।

    "यानी ऐसा समझो कि सारे फसाद की जड़ तुम हो और सिर्फ तुम ही हो।"
  • जैकेट का खेल!

    एक दिन एक औरत अपने प्रेमी के साथ घर में थी कि अचानक से उसके पति ने बाहर आवाज़ लगा दी। औरत ने अपने प्रेमी को जल्दी जल्दी अलमारी में छिपा दिया।

    पति घर में दाखिल हुआ और पूछा, "क्या हुआ, दरवाज़ा खोलने में इतना समय क्यों लगा दिया?"

    औरत ने घबराते हुए जवाब दिया, "नहीं वो मैं अलमारी में कपडे रख रही थी।"

    थोड़ी देर बाद औरत ने पति कहा,"चलो खाना खा लेते हैं।"

    जब वे खाना खा रहे थे तो पति को अलमारी में कोई आवाज सुनाई दी, तो उस ने अपनी पत्नी से पूछा,"ये क्या है डार्लिंग?"

    औरत: कुछ नही जैकेट होगी।

    कुछ समय बाद फिर उसे वही आवाज सुनाई दी, पति ने फिर चिढ़कर कहा, "अरे ये फिर से आवाज हुई?"

    औरत: कुछ नही जैकेट है।

    थोड़ी देर बाद पति को फिर वही आवाज सुनाई दी, तो वो गुस्से में उठकर बोला, "मैं ही देखता हूँ ये क्या है और अगर ये जैकेट नही हुई न तो तुम्हें बहुत पछताना पड़ेगा।"

    औरत पूरी तरह से घबरा गयी।

    पति ने जैसे ही अलमारी का दरवाजा खोला तो एक आदमी उसकी ओर पिस्तौल ताने खड़ा था। पति ने चुपचाप अलमारी का दरवाजा बंद किया और बोला, "अरे डार्लिंग सच में जैकेट ही है।"
  • वकील से शादी!

    एक लड़की ने सिर्फ एक वकील से शादी करने में रूचि दिखाई। जब उस लड़की से पूछा गया कि तुम एक वकील पति ही क्यों चाहती हो तो उसने ये उत्तर दिए:

    वो कमरे में घुसने के पहले और कमरे से निकलते समय सर झुकाता है।

    वो हर शब्द बोलने से पहले Your Honour (श्रीमान) या My Lord (मेरे स्वामी/ईश्वर) कहता है।

    उसे पुरुष होने का कोई घमण्ड नहीं होता, क्योंकि वो गाऊन पहनता है।

    वो उस BAR (बार) में जाता है जहां शराब नहीं परोसी जाती।

    और सबसे महत्वपूर्ण बात ये कि वो कभी भी किसी निर्णय पर निर्णय देने वाले के सामने कोई प्रश्न नहीं उठाता, चाहे वो निर्णय उसके खिलाफ ही क्यों न हो। एक पत्नि को इससे ज्यादा क्या चाहिए?
  • मछली पकड़ने का लाइसेंस!

    बंता मछलियाँ पकड़ने में काफी माहिर था और बड़ी बड़ी मछलियाँ पकड़ने के लिए मशहूर था, एक दिन वो बड़ी सी मछली पकड़कर टोकरी में लेकर घर की तरफ आ रहा था तभी मत्स्य अधिकारी ने उसे रोका और पूछा क्या तुम्हारे पास मछली पकड़ने का लाइसेंस है!

    बंता ने जवाब दिया लाइसेंस? कैसा लाइसेंस?

    लाइसेंस की तो कोई जरुरत ही नहीं है ये तो मेरी पालतू मछली है!

    पालतू मछली? मत्स्य अधिकारी ने पूछा!

    बंता ने जवाब दिया जी हाँ सर 'पालतू' हर रात को मैं इसे इस झील में डाल देता हूँ और थोड़ी देर के बाद मैं एक सीटी बजाता हूँ और ये कूदकर झील के किनारे पर आ जाती हैं और टोकरी में डालकर घर ले जाता हूँ!

    ये तो तुम मेरा सरेआम बेवकूफ बना रहे हो मछली ऐसा कर ही नहीं सकती!

    बंता ने अधिकारी से कहा कि आप ये चाहते हैं कि मैं आपको ये सब करके दिखाऊँ!

    मत्स्य अधिकारी ने उत्सुकता से कहा कि बिल्कुल जरुर देखना चाहूँगा!

    बंता ने मछली को पानी में डुबो दिया और वहीँ खड़ा हो गया थोड़ी देर वहीँ रुकने के बाद मत्स्य अधिकारी ने बंता से कहा: फिर?

    बंता: फिर क्या?

    अधिकारी ने पूछा तो तुम अपनी मछली को वापिस नहीं बुला रहे हो!

    बंता ने कहा: मछली?... कौन सी मछली?