• सही उपयोग!

    एक बार एक पजामा पहने हुए भारतीय से एक अंग्रेज बोला, "अाप लोग चीजों का सही उपयोग नहीं करते।"

    भारतीय: चीजों का सही उपयोग अगर हम नहीं करते तो कोई भी नहीं करता।
    अंग्रेज: यह अाप कैसे कह सकते हो?

    भारतीय: मैं समझाता हूँ। इस पजामे को देखो, मैं इसे करीब एक साल से पहन रहा हूंं। अब इसके बाद श्रीमति जी इसको काटकर मेरे बेटे राजू के साइज़ का बना देगी।

    फिर राजू इसे एक साल पहनेगा। उसके बाद श्रीमति जी इसको काट-छांट कर तकियों के कवर बना देगी।

    फिर एक साल बाद उन कवर का झाड़ू पोछे में इस्तेमाल किया जायेगा।

    अंग्रेज बोला, "फिर फेंक देते होंगे?"

    भारतीय ने फिर कहा, "नहीं-नहीं इसके बाद 6 महीने तक मैं इस से अपने जूते साफ़ करूंगा और अगले 6 महीने तक बाइक का साइलेंसर चमकाऊँगा। बाद में उसे हाथ से बनाई जाने वाली गेंद में काम में ले लेंगे और अंत में कोयले की सिगडी (चूल्हा) सुलगाने के काम में लेंगे और फिर उस सिगड़ी (चूल्हे) की राख बर्तन मांजने के काम में लेंगे।"

    इतना सुनने के बाद अंग्रेज बेहोश होकर गिर गया और उसे होश आने पर एहसास हुआ कि आखिर अंग्रेज भारत छोड़कर जाने पर क्यों मजबूर हुए।
  • युद्ध और शांति!

    एक सामाजिक अध्ययन का अध्यापक कक्षा में 'युद्ध और शांति' विषय पर पढ़ा रहा था, जब चैप्टर समाप्त हुआ तो अध्यापक ने बच्चों से पूछा, "तो तुम में से कितने लोग हैं जो युद्ध का विरोध करते हैं?"

    सभी ने बिना किसी झिझक के हाथ उठा दिए।

    अध्यापक ने फिर पूछा, "आप में से कोई मुझे कारण देकर बता सकता है कि आप युद्ध का विरोध क्यों करते हैं?"

    कक्षा में सबसे पीछे बैठे हुए बच्चों ने सुस्ताते हुए अपने हाथ ऊपर उठाये और उन में से पप्पू खड़ा हो गया।

    पप्पू ने कहा सर मैं बताता हूँ, "मैं युद्ध पसंद नही करता क्योंकि युद्ध से इतिहास बनते है और मुझे इतिहास (विषय) बिल्कुल पसंद नही।"
  • कोई इसकी भी सुन लो!

    एक आदमी सड़क पर बेहोश हो गया। उसके इर्द-गिर्द भीड़ जमा हो गई, हर कोई उसे होश में लाने के लिए सलाहें देने लगा। भीड़ में से एक बुढ़िया बोली, "बेचारे को थोड़ी ब्रांडी दे दो।"

    कोई बोला, "इसके मुंह पर पानी के छींटे मारो।"

    "इसे ब्रांडी दो।" बुढिया फिर बोली।

    "इसे पंखा करो।" कोई बोला।

    "इसे ब्रांडी दो।" बुढिया बोली।

    "इसे अस्पताल ले जाओ।" किसी ने कहा।

    "इसे ब्रांडी दो।" बुढिया फिर बोली।

    तभी बेहोश पड़ा आदमी उठकर बैठ गया और जोर से चिल्लाया, "आप सब लोग अपनी बकवास बंद कीजिये और उस बेचारी बुढिया की भी कोई सुन लो।"
  • पक्का भारतीय होने के लक्षण:

    1. होटल में खाने के बाद मुट्ठी भर सौंफ खाना।

    2. हवाई यात्रा के बाद बैग से टैग नहीं उतारना।

    3. सब्जी लेने के बाद मुफ़्त धनिये की मांग करना।

    4. दीवाली पर मिले गिफ्ट को रिश्तेदार को सरका देना।

    5. छह साल के बच्चे को 3 साल का बता कर आधा टिकट लेना।

    6. रिमोट से लेकर मोबाइल तक का पीठ ठोंक कर चलाना।

    7. शादी के कार्ड से गणेश जी उतारकर फ्रिज पर चिपकाना।

    8. मोलभाव करते वक्त पिछली दुकान का हवाला देना।

    9. गोलगप्पे खाने के बाद मुफ़्त में सुखी पापड़ी की जिद करना।

    10. नई कार लेने के बाद छह महीने तक सीट की पन्नी नहीं उतारना।