• चोट का राज़!

    एक बार संता को सिर में चोट लग गयी तो उसे लहुलुहान हालत में अस्पताल लाया गया जो देख कर भर्ती काउंटर पर खड़े डॉक्टर ने उस से चंद सवाल पूछने शुरू किये।

    डॉक्टर: नाम?

    संता: जी संता।

    डॉक्टर: पिता का नाम?

    संता: करनैल।

    डॉक्टर: जन्म की तारीख?

    संता: 1 मार्च।

    डॉक्टर: शादीशुदा?

    संता: जी नहीं, कार एक्सीडेंट।
  • नर्क और स्वर्ग!

    एक बार संता की प्रेमिका ने संता से बड़े ही रूमानी अंदाज़ में कहा।

    प्रेमिका: जानू एक बात पूछूं तो क्या तुम उसका सही-सही जवाब दोगे?

    संता: हाँ-हाँ पूछो।

    प्रेमिका: अच्छा तो बताओ, अगर जोड़ियां स्वर्ग में बनती हैं तो शादी भी वहीं क्यों नहीं हो जाती?

    संता कुछ देर सोचता रहा और बोला,"अरे बेवकूफ अगर वहां भी शादियां होने लगीं तो स्वर्ग, नर्क नहीं बन जाएगा क्या?"
  • संता का हौंसला!

    एक बार संता की पत्नी बीमार हुई तो संता ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया।

    कुछ देर तक ऑपरेशन थियेटर में संता की पत्नी का मुआयना करने के बाद जब डॉक्टर बाहर आया तो संता ने डॉक्टर से पूछा , "क्या हुआ डॉक्टर साहब सब ठीक तो है ना?"

    डॉक्टर: संता एक बहुत ही बुरी खबर है।

    संता: क्या हुआ डॉक्टर साहब?

    डॉक्टर: तुम्हारी पत्नी अब बस पांच घंटों की ही मेहमान है।

    संता : कोई बात नहीं डॉक्टर साहब अब जहां पांच साल बर्दाश्त किया है तो पांच घंटे और सही।
  • महिलाओं की खूबसूरती का बखान!

    कुदरत ने औरतों को हसीन बनाया;
    खूबसूरती दी;
    चाँद सा चेहरा दिया;
    हिरनी सी आँखे;
    मोरनी सी चाल;
    रेशम जैसे बाल!
    कोयल जैसे मीठी आव़ाज!
    फूलों सी मासुमियत दी;
    गुलाब से होंठ;
    शहद सी मिठास दी;
    प्यार भरा दिल दिया;
    फिर जुबान दी;
    और फिर इन सबका सत्यानाश हो गया।
    जब भी इन्होंने अपना मुंह खोला, बस हर वक़्त टे टे टे टे टे टे टे टे टे...